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Regime Change क्या होता है? Rahul Gandhi और Neha Bora की मांग पर Sudhanshu Trivedi का पलटवार! जानिए क्या भारत में बांग्लादेश जैसा तख्तापलट करने की तैयारी की जा रही है और भाजपा ने इस पर क्या बड़े सवाल खड़े किए हैं।

What is Regime Change? The political row erupted in India after Opposition leaders, including Rahul Gandhi and activist Neha Bora, made references to student-led movements and government change. Countering these statements, BJP MP and spokesperson Sudhanshu Trivedi launched a scathing attack on the Congress party, accusing them of attempting to destabilize the democratically elected government through anarchic means similar to the Bangladesh political crisis. Watch this detailed news breakdown on Oneindia Hindi.

#RegimeChange #SudhanshuTrivedi #RahulGandhi #OneindiaHindi

~PR.250~GR.122~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:00लोगतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव के द्वारा गवर्मेंट चेंज शब्द होता है और जो रिजीम चेंज शब्द होता है वो शडियंत्र
00:09और हिंसक संघर्ष के द्वारा तक्ता पलट करने के यह प्रयास्त को होता है
00:25एक गद्दन के दल और विलुक्त होते हुए वामपन्ती दलों के निरंतर समाप्त होते हुए जन्समर्थन और निरंतर होते हुए
00:37नैतिक पतन से
00:38जब उन्हें अब राजनैतिक द्रिष्टी से सपलता की कोई संभावना नहीं दिख रही है तब हिंसक संघर्ष और शडियंत्र के
00:50द्वारा विदेशी शक्तियों के साथ हाथ बिलाकर तख्ता पलट किये जाने वाले
00:59रिजीम चेंज जैसे शब्दों का प्रियोग अब भारत की राजनीत में दिखाई पड़ रहा है और उसके भी नए व्याकरण
01:08करता आकर या समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि नहीं ये तो लोगतांत्रिक प्रक्रिया है
01:15हम स्पश्ट करना चाहते हैं लोगतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाओ के द्वारा गवर्मेंट चेंज शब्द होता है ओ जो रिजीम चेंज
01:24होता है वो शड्यंत्र और हिंसक संघर्ष के द्वारा
01:28तक्ता पलट करने के यहाँ प्रयास को होता है परंतु आज कॉंग्रेस इंडी गढ़बंदन वामपन्थी दनों और कुछ अन्य संग्ठनों
01:43के द्वारा जो तथा कतित विराट आंदोलन बनाने का घुश्णा की गई थी कनाट प्लेस में
01:52मुझे लगता है कि जो चंद मुठी भर लोग वहाँ पर आए तो चूंकि कनाट प्लेस के आउटर सर्किल को
02:00इंदरा चौक कहते हैं और इनर सर्किल को राजीव चौक कहते हैं तो निश्चित रूप से स्वरगी इंदरा जी और
02:07स्वरगी राजीव जी वहाँ से बैठ कर उनक
02:33जाओं जाओंगा की वहाँ जा के देख सकता है कि वह बहुता है विवेड और यह चाहुंगा की वहाँ जा
02:50के देख सकता है
02:52वीकेंड में साप्ताहंत में शाम को 6-7-8 बजे लगभग इतनी ही भीड़ आपको हमेशा कनाट प्लेस के इनर
03:00सरकिल पर मिलेगी इससे या इस पष्ट हो जाता है कि ये लोग क्यों प्रोटेस्ट ऐसी जगों पर ही करना
03:07चाहते हैं इसे हिंदी में कहावत होती है हींग लगे
03:23परन्तों मैं गंभीर पुछना चाहते हूं कि ये सारा का सारा प्रोटेस्ट इसी समय और इन्हीं करनाट प्लेस और सेंटल
03:33देली के इलाकों में क्यों किया जा रहा है
03:35यही करनाट प्लेस से लेके और चान्जी चौक तक का जो छेत्र है ये इस फेस्टिवल सीजन में तेवारों के
03:43सीजन में आर्थिक गदिविरी का सबसे बड़ा केंद पिछले वर्ष का आंकड़ा है कि नवरात्रि से लेके और छट पूजा
03:51तक यानि नवरात्रि से लेके �
03:53दीपावरी और छट पूजा तक 6 लाग करोण का कारोबार भारत में हुआ था और वो एक बहुत बड़ा कारणवला
03:59इंटर्नल कंजम्शन जिसकी वह से हम टैरिफ को अपने अंदर उस वार को सहन करने में सफल रहे।
04:23नहीं हो रहा है। मुझे लगता है देश के नौजवानों को भी या भली भाती समझना चाहिए कि मात्र 3
04:31-4 महीने पहले जो अंदोलन इस विशय को लेकर कहते थे कि केवल परिक्षा वेवस्था और इंट्रेंस इक्जाम में सुधारियूं
04:39का उद्देश है वह अब देश की �
04:41अर्थ विवस्था को ध्वस्थ करने नुकसान पहुचाने के शडियंत्र में खुले तोर पर दिखाई पड़ रहे हैं। मुझे लगता है
04:51कि बहुत इस पश्ट रूप से या समझने की आवशक्ता है कि एक तरफ आये में हमारी ग्रोफ रेट बढ़ा
04:58रहा है और 7% कर रहा
04:59है दूसरी तरफ वो सारी ताक्ते लगी हुई हैं कि भारत की अर्थवस्था की गति को कैसे अब रुद्ध किया
05:05जा सके और मैं देश के सभी युवाओं से कि शोर वहके और युवा वहके यानि टीनेजर्स एंद यंग पीपोर
05:17सबसे कहना चाहूंगा बहुत समझदारी से
05:20चलिए और सब बच्चों से चाहें वो आंदोलन में शामिली हो या अंदर भी हो उन्हें यह समझना चाहिए कि
05:30आप किसी के मोहरे मत बनिये यह सब बड़े इस्तर के अंतर राश्ट्री ये शडियंत्र और दुरभी संद्र हैं और
05:41उसका उधारन दिखा कि सिर्फ आपकी भ
05:47स्विक्ता में सब को अपील कर सके परिच्छा सुधार का और चार महीने में उससे अपने असली वार के उपर
05:55आ गए तो मैं जुवाबर्ग से ऑन दा लाइटर नोट कहना चाहूंगा कि आप लोग घ्याम रखिये ये सब बाहर
06:03से आये हुए आयतित लोग के चक्कर में मत प
06:17अगली फ्लाइट से अपने आका के पास लौट जाओ गए तो मैं इसलिए सभी देश के युवाओं से यह कहना
06:25चाहता हूं और आज
06:27दिल्ली के केंद्र में यह बात बहुत साफ हो गई कि जनाधार विहीन, आधार विहीन, तत्य विहीन, हिंसा के आधार
06:38पर देश में तक्टा पलट का खौब सजोने वालों के आखों पर से निश्यत रूप से परदा हड़ गया होगा
06:49और एगर नहीं भी हटा है
06:51तो नकाब हट गया है और देश की जनता के सामने बहुत इस्पष्ट दो टूप दूद का दूद और पानी
06:58का पानी हो गया

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