00:02दोस्तों जब प्रशान्त भुशन रिजीम चेंज की बात करते हैं तो उसका क्या मतलब होता है और जब यही बात
00:08नरेंद्र मोदी करते हैं तो उसका अलग मतलब क्यों निकाला जाता है और मोदी जी की बात पर ताली बजाने
00:15वाले राजनास सिंग प्रशान्त भुशन की बा
00:38नमस्कार सलाम बेबाग भाशा में आपका स्वागत है मैं हूं मुकुल सरन
00:42मुक्हे चुनाव आयुक्त ज्यानेश कुमार के स्तिफिय की मांग अब रिजीम चेंज की लड़ाई में बदलती दिखाई दे रहे हैं
00:49और इसी पर हंगामा है रिजीम चेंज यानि सकता परिवर्तन कौन चाता है क्यों चाता है कैसे चाता है किस
00:56तरह से चाता है और क्यों नहीं चाहना चाहिए यही सवाल है
01:00पहले आप देश के जाने माने वाकील प्रिशान्त भूशन को सुनिए कि उन्होंने क्या कहा
01:05जरूर रेजीम चेंज होगा, हाँ हम लोग चाहते हैं रेजीम चेंज हो, हम सब चाहते हैं रेजीम चेंज हो, क्या
01:13उच में गलती है, भाजपा ने बार बार बार रांदोलन करें रेजीम चेंज के जिए, और कहते हैं कि ये
01:20लोग रेजीम चेंज की साधिश करने हैं, रेजी
01:35कानून बना हुआ है यह गैर सम्वेधानिक है और इसको जब तक कि कोई हिंसा के लिए लोगों को प्रोथाहित
01:47नहीं करता या पब्लिक डिसॉडर के लिए प्रोथाहित नहीं करता सिर्फ सरकार के खिलाफ डिस अफेक्शन क्रियेट करना कोई ओफेंस
01:56नहीं होता हमारे सम्व
01:58और इसलिए अब ये सच्मुच रेजीम चेंज की लड़ाई है प्रशान्त भुशन नहीं ये बाद 15 अक्टूबर को दिल्ली के
02:07प्रेस क्लब आफ इंडिया में सीजेपी और अन्य संगठनों की प्रेस कॉन्फरेंस में कही जिसमें भी जीद देख के नेहा
02:13बोरा और अन्य
02:14लोग शामिल थे रिजीम चेंज शब्द सुनते ही सरकार बॉखला गई और बचाओ के लिए रक्षा मंत्री राजना सिंग को
02:21आगे कर दिया और उन्हों ने लखनों में एक प्रेस कॉन्फरेंस में यह बयान दिया
02:26साफियो रिजीम चेंज जैसे शब्दों का प्रियुक्त की आजाराई से अखपश्ट हो जाता है यह उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के
02:35लिए नहीं है यह उनकी लड़ाई यह सायार के लिए नहीं है यह उनकी लड़ाई ज्यानिज कुमार के लिए नहीं
02:44है
03:03राजना सिंग इस सब के लिए कॉंग्रेस खासकर राहुल गांदी को जिम्मेदार ठहराते है
03:37राजना सिंग कांग्रेस और देश के युवाव पर हमला करते समय अपने नेता देश के प्रधान मंतरी
03:44कि नरेंद्र मोदी का उस समय का बयान भाशन भूल जाते हैं जब वे गुजरात के मुख्य मंतरी थे और
03:49दिल्ली की कुर्सी पर निगह गड़ाए हुए थे
03:52यह दिल्ली की सल्तनत के अंत का आरम भूल चुका है देश के नवजवान इस बात को लेकर के आगे
03:59बढ़ें यह समय की मांग है यह जिल्म के सामने जंग ही एक रास्ता है दोस्तों
04:08जिल्म के सामने जुकना इस देश की मिट्टी में नहीं है दोस्तों इस देश की मिट्टी जुल्म के सामने जुकने
04:16का रास्ता को दिखा की नहीं है इस देश की मिट्टी जुल्म के सामने जंग करने का रास्ता दिखाती है
04:23बायो बनाए आवाज ठमने वाली नहीं आवाज
04:37रिजीम चेंज को जनता किस तरह लेती है और सत्तादारी धल किस तरह लेते हैं हर सत्तादारी को रिजीम चेंज
04:44शब सुनते ही कपकपी छूटने लगती है उसे अपनी कुर्सी जाने का डर सताने लगता है जबकि किसी भी लोकतंत्र
04:51में हर राजनेतिक धल का एक ही उद्दि�
05:05कर सके प्रशान भूशन भी रिजीन चेंज लोगतांत्रिक तरीके से ही चाहते हैं अरजक्ता से नहीं सुनिए
05:13सिबल सुसाइटी और्गनाइजेशन की स्टूडेंट्स के अगवाही में और हम स्टूडेंट्स को ये श्रे देते हैं स्टूडेंट्स को और यूथ
05:21और्गनाइजेशन को ये श्रे देते हैं और उनकी अगवाही में ये लड़ाई लड़ी जाएगी वो हमारे लीडर होंग
05:48तो आपने पूरी बात सुनी तो बताइए इसमें इतना घबराने और तिल्म लाने की ज़रूरत क्या है
05:54और राजनाज जी मोदी जी आप भी रिजीम चेंज करके ही गद्धी पर बैठे हैं आगे कोई और बैठेगा
06:01तो शांत रहकर देश की जंता खासकर युवाओ की बात सुनिए समझिए उनके सवालों का हल कीजिए
06:09बांगलादेश का राज अलापने से कुछ नहीं होगा इसमें सिर्फ आपकी बाखलाट और डर ही दिखाई दे रहा है
06:15तो सोचेगा जरूर और आप लोग हमारे दोस्तों हमारे दर्शकों आप भी सोचेगा और कमेंट करके बताईएगा कि आप क्या
06:24सोचते हैं
06:25शुक्रिया