00:00ये वेडियो आप तक वैलागर और बाईकर अबुबक लाए हैं जिनका सफर मुजफ़राबाद से शुरू होता है और हमें आजाद
00:09कश्मीर में वापे पैर चनासी के जानिब ले जाता है एक ऐसा पहाड़ी मकाम जो किसी जन्नत से कम नहीं
00:20मुजफ़राबाद से पैर चनासी तक का रास्ता बजाते खुद एक मुहिम जोई है बल खाते रास्ते पूचाई के तरफ चढ़ाईया
00:30पर पहाड़ों के तंग रास्ते यहां हर किलोमीटर पर कुछ ना कुछ खुबसूरत देखने को मिलता है
00:37जैसे जैसे अबूबकर शहर से दूर होते जाते हैं शहरी मस्रूपियत की जगह पर सुकून जंगलाद पलग बोस पहाड और
00:49पहाडों की ताजा हुआ ले लेती है इस सफर का एक हसीन पहलू यहां के बदलते हुए मनाजिर है
00:57सड़क सरसबस पहाड़ियों धने जंगलाद और बिलकश वादियों के बीच से गुज़रती है जहां हर मोर पर एक नया और
01:08शांदार नजारा सामने आता है
01:11कहीं दूर तक फैले पहाड नजर आते हैं तो कहीं पहाड़ी चोटियों पर तैरते बादर एक जादूरी माहौल तखलीप करते
01:21हैं
01:22यहां का पुर्सुकून माहौल और पुदरती होस्न, मूद साइकल सवारों और फित्रत के शायदी दोनों के लिए इस सफर को
01:32इंतिहाई खुशकवार बना देता है
01:35अगरचे रास्ते के कुछ हिस्से काफी धलवान, तंग और तेज मोडों से भरे हो सकते हैं
01:43लेकिन यही चीज़े इस, सफर में मुहिंजोई का एक अलगी लुथ पैदा करती है, हर मोड पर एक नया मनजर
01:53सामने आता है
01:54जो आपको मजबूर करता है कि रम्तार कम करें और कुछ पर रुपकर उन्शांदार मनाजिर से लुथ अन्दोज हो
02:03जैसे जैसे सफर पैर, चनासी की जानिब बढ़ता है, मनाजिर और भी दिलकश होते जाते हैं
02:11सरसप्स पहाणिया, दुंद में लिप्ती चोटिया और हर तरफ खैला हुआ पुदरती होसी
02:19मुजब पराबाद से पैर, चनासी तक का ये सफर एक नाकाबिल परामोश मुहिम है
02:26जहां सड़क का हर मोर एक नया नजारा पेश करता है, हर चढ़ाई एक नया जाविया दिखाती है
02:35और यूँ ये सफर खुद अपनी मन्सिल जितना ही यादगार बन जाता है
02:41यूट्यूब पर ट्रावेल लॉग वर्ण