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17 अक्टूबर 2026 को फ्रांस की सड़कों पर उतरे साढ़े पांच लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने पेरिस, लिमोज और ल्योन में भारी आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की। जानिए आखिर स्कूलों की बदहाली से शुरू हुआ यह प्रदर्शन कैसे पूरे देश के लिए गृहयुद्ध जैसा संकट बन गया!

A massive wave of protests and violent riots hit France on October 17, 2026, with over 550,000 to 800,000 citizens taking to the streets across Paris, Limoges, Marseille, and Lyon. Originally triggered by poor conditions in secondary schools (Lycées) and a lack of teachers, the movement quickly expanded to address rising inflation, cost-of-living crises, and government economic policies. Historic buildings were torched, stores looted, and over 1,800 people arrested as anti-riot police clashed with demonstrators.

#FranceRiots #ParisProtest #EmmanuelMacron #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~ED.110~GR.538~VG.HM~

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00:08प्रांस के सड़कों पर उत्रे साढ़े पांच लाख लोग दुकानों में लूग पार्ट, सरकारी इमारतों में आगजनी और पोलस के
00:15साथ इन सचछड़ पे
00:1617 अक्टूबर 2026 को फ्रांस में जो कुछ हुआ उसमें पूरे देश में कानु विवस्था और सरकार की नीतियों पर
00:23गंभी सवाल खड़े कर दिये राज़दानी पैरिस सिलेकार, लिमोज, मार्सोई और लियूं जैसे शहरों तक बड़े प्रदशन हुए
00:31एदिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी गई, दुकानों को ढूट लिया गया और दंगारोधी पुलस को भीड नियंत्र करने
00:38के लिए आसुगैस और पानी की बहुचालों का इस्तिमाल करना पड़ा लगतार करना पड़ा
00:43लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे एहम बात ये है कि विरूत की शुरुआत स्कूलों की बदहाली और शक्षकों की
00:49कमी से हुई थी और इसके बाद बढ़ती महंगाई, जीवन यापन की लागत और सारफजनिक सेवाओं को लेकर असंतूश ने
00:56आंदोलन का दायरा पढ़ा �
00:57लिया, फ्रांस के ग्रिमंतुराले की शुरुआती आंखडों के मताबिक करीब 5.5 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए जबकि ट्रेड
01:03यूनियन सी जीटी ने ये संख्या लगवक आठ लाख बताई, हिंसा के बीश गिरफ्तारियों और पुलिस करीमियों के घायलप
01:29स्कूलों की बधाली से शुरू हुआ विरूत प्रदर्शन
01:51सितंबर के आखरी दिनों से देश के सैंकडो हाई स्कूल के प्रविश्टवार बंद किये जाने लगे चातरों की मांग थी
01:57कि स्कूलों में पार्याप्त करमचारी न्युक किये जाएं, खराब बुनियारी सुविधाओं को सुधारा जाए और शुक्षा ववस्था में निवीश को
02:04बढ़ा दिया जाए
02:05यानि सांदूलन का शुरुवाती मुद्धा शुक्षा ववस्था थी, चातर बहतर स्कूल और पढ़ाई के लिकिये ज़रूरी सुविधाएं माग रहे थी
02:12लेकिन जल्दी विरूद का दायरा बढ़ने लगा स्कूनों के समस्याओं के साथ जीवन यापन की बढ़ती लागत, सारवजनिक सेवाओं में
02:19गिरावट और आर्थिक असमानता जैसे मुद्धे साथ जुड़ते गए
02:23जब चात्रों के साथ दूसरे सामाजिक समूर भी शामिल होने लगे तो यापन दूलन केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं
02:29रहा
02:29सरकार की आर्थिक और सारवजनिक खर्थ से जुड़ी नीतियां भी सवाल के घेरे में आए सवालों के घेरे में नजर
02:36आने लगे
02:36फ्रांस सरकार ने प्रदेशन कारियों की मांगों के जवाब में कुछ कदम उठाने की कूशिश की आठ अक्टूबर को शिक्षा
02:42मंत्री एडिवार ग्रिफे ने तीन हजार अतिरिकता अस्थाइस शिक्षपों को न्यूक्त करने का वादा भी दिया
02:48अलगी इसके बवजुद प्रदेशन जारी रहे चात्रों और दूसरे प्रदेशन कारी समोहों की मांगों को लेकर असंतोश बना रहा और
02:54सड़क पर हिंसा जैसा महाल नजर आया
02:57चात्रों के साथ ट्रेड यूनियन और येलो वेस्ट आंदूलन
03:01इस अंदूलन के बड़ा रूप लेने की एक प्रमुख वज़ा है ट्रेड यूनियनों और दूसरे विरोधी समोहों का इसमें शामिल
03:07हो जाना
03:07फ्रांस की प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने बहतर वेतन, पैंशन और कामकाजी परिस्तीतियों से जुड़ी मांगे उठाई
03:13सीजीटी जैसे संगठों ने जीवन यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर विरूध का समर्थन किया
03:19इससे आंदूलन में चातरों के अलावा करमचारियों और आमनागरिकों की भागिदारी तीजी से बढ़ती गई
03:24इस दोरान 2018 के यलो वेस्ट यानि की पीली जैकेट आंदूलन की यादी ताजा की गई
03:29उस आंदूलन में बड़ी संख्या में लोग इंधन की कीमतों, जीवन यापन की लाकरत और सरकार की आर्थिक नीतियों के
03:34विरूध में सड़क पर उतर आये थे
03:372026 के प्रदर्शन में भी यलो वेस्ट आंदूलन से जुड़ी प्रतिकात्मक देखने को मिली और कुछ प्रदर्शन कारियों ने पीली
03:43जैकेट पहन का सड़क पर मार्च करना शुरू कर दिया
03:46अलागि दोनों आंदूलनों को पूरी तरह एक जैसा नहीं कहा जाएगा
03:492018 में इंधन की कीमतों और आर्थिक नीतियों से जुड़ा असन तोश प्रमुक था जबकि इस बार स्कूलों की बदहाली
03:56और शक्षकों की कमी से शुरू हुआ विरूध व्यापक सामाजिव और आर्थिक मांगू के साथ जुड़ता गया
04:0217 ओक्टूबर को इसे व्यापक आसन तोश के बीच देशपर में बड़े प्रदर्शन हुए फ्रांस के ग्रिमंत्राले ने करीब पांच
04:08दर्शमलव पांच लाथ प्रदर्शन कारियों का अनुमान दिया जबकि सीचीटी ने लगवग आठ लाख लोगों के शामिल होने की
04:43पात कही।
04:45प्रदर्शन कारियों के लिए आसु गैस और पानी की बाचारों का इस्तेमाल किया। कुछ अस्थानों पर डंगा रूधी पुलर्स और
04:50प्रदर्शन कारियों के बीच चट बें तीस होती नजर आई। लेकिन हिंसा राजधानी तक सीमित रही। लिमोज शहर में अधिहास
04:57टाउन हाल में आग लगा दे गई। इमारत को भारी नुकसान पहुँचा और उसकी चट का बड़ा हिस्सा आग की
05:03चपीट में आ गया।
05:27पहुचाया गया। फ्रांस के प्रधान मंत्री सेबस्तियान लोकोरुनों ने हिंसा के आलोशना की आलोशना करती हुए सरकार दबाव में नहीं
05:34आईगी। ऐसी बात रही। रश्पती एमैनियूल मैकरून ने भी सारवजनिक इमारतों और कारोबारों पर हमला करने वालों
05:41के खिलाव कारवाई और मुकदमा चलाने की बात ही की है। गरफतारियों के आंकड़ों में भी लगतार बदलाव होता रहा।
05:47शुरुवाती सरकारी जानकारी में करीब 1200 लोगों को गरफतार किया गया। 18 अक्टूबर को रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये
05:54संख्य
05:54बढ़कर 1800 हो गई। अब इसी तरह से पुलिस कर्मियों के घायल होने के आंकड़े भी अलग-लग अपडेट में
06:00बढ़ती नजर आ रही है। इस हिंसा में सैंट एटियन में एक प्रदिशन कारी का हाथ पुलिस द्वारा इस्तेमाल किये
06:06गए स्टन ग्रेनिट से गंभी र�
06:21इंसा में शामिल नहीं थे, बड़ी संख्या में लोगों ने शांती पून तरीके से अपनी मांगे रखी जब कि कुछ
06:27समूहों ने तोड़ फोर्ड, आगजनी और रूट पार्ट की। फलाल उपलब्द रिपूर्स के अधार पर ये निश्कर्ष निकालना सही नहीं
06:34होगा
06:34कि पूरा अंदोलन किसी एक साजिश के तहत शुरू किया गया था।
07:04के लिए कटर वामपंथियों, समूहों और अपराधियों को जिमधार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग रश्वती चुनाव से पहले
07:11हिंसा के जरिये राजनातिक संदीश देना चाहते हैं। ये सरकार का आरोप है इसे किसी सिद्ध साजिश के रूप में
07:46पेश नहीं किया जाएगा।
07:47पहला सरवजनिक संपत्यों को नुकसान पहुचाने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कानून के मताबिक क्या कारवाई हो। दूसरा स्कूलों
07:55की खराब इस्थिति शिक्षकों की कमी और बढ़ती जीवन या पनलागर जैसे समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार क्या
08:01कदम
08:01उठाईगी क्योंकि हिंसा के निंदा करना और कानून विवस्ता बाहाल करना सरकार की जिम्मदारी है लेकिन शिक्षा और सरवजनिक सेवाओं
08:09से जुड़ी शिकायतों का समाधान करना भी उतना ही जरूरी है।
08:31और भी गंभीर बना दिया जो कि आप तस्वीरों विडियोज में साफ तोर पर देख पा रहे होंगे।
09:05आपके मन में क्या सवाल है कोई टपणी अगर आप करना चाहते हैं तो कॉमेंट बॉक्स आपके लिए अपनी राइवां
09:11जरूर दीचेगा।
09:14वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
09:18पूमेंट चट्छ।
09:19भ俺 जारोख रहे होट फट्रूर
09:21कर रहे हो़ां लिए बना जरूर को रहे हो� spokesो나� connects
09:23कि आपके बसे वंधनी आपके Candway
09:24अडर इंड्य।
09:25प्रभून रहे का सवाल

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