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US President Donald Trump has temporarily waived duties under the Lindsey Graham Sanctioning Russia and Iran Act, easing the threat of tariffs of up to 100% on countries buying Russian crude oil. The move offers temporary relief to India, which depends on imports for nearly 88% of its crude oil requirements. But India faces a new challenge as China increases its purchases of Russian oil, intensifying competition for supplies. In this video, we explain how Trump's decision could affect India's energy security, petroleum exports and India-US trade talks. We also examine whether Russian Urals crude is still cheaper than Brent and why India needs to diversify its oil suppliers while protecting its economic interests.

रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत को 100% तक अमेरिकी टैरिफ के खतरे से फिलहाल राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Lindsey Graham Sanctioning Russia and Iran Act के तहत आने वाले कुछ duties को फिलहाल waive कर दिया है। लेकिन क्या भारत की मुश्किलें सच में कम हो गई हैं? भारत अपनी जरूरत का करीब 88% crude oil आयात करता है और रूसी तेल उसकी energy security के लिए अहम रहा है। अब चीन की बढ़ती खरीद, रूसी तेल की supply और discount में बदलाव भारत के लिए नई चुनौती बन सकते हैं।


#RussiaOil #DonaldTrump #IndiaChina #CrudeOil #IndiaUSRelations #GoodReturns

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~HT.178~GR.474~GR.472~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00Rusi Tel पर भारत को 100% tariff से राहत जरूर मिल गई है
00:04लेकिन कहानी में एक नया twist है
00:06Trump ने फिलहाल tariff का खत्रा टाल दिया
00:09लेकिन अब उसी सस्ते Rusi Tel के लिए
00:12भारत को चीन से मुकाबला करना पड़ेगा
00:14तो क्या भारत के तेल खरीद पर संकट सच में टल गया
00:18अब और महंगे तेल की बारी है
00:21क्यों ये सवाल उठ रहा है
00:23क्योंकि यहाँ पर इंट्री हो गई है चाइना की
00:26देखिए रूस से सस्ता तेल खरीदने पर
00:28अमेरिका की तरफ से 100% तक tariff लगाने का खत्रा फिलहाल के लिए टल गया
00:33भारत के लिए ये बहुत बड़ी रहात है
00:35क्योंकि आज भारत की crude imports में रूस का हिस्सा एक तिहाई से ज्यादा है
00:40लेकिन खुश होने से पहले एक नई problem सामने आके खड़ी हो गई है वो है चाइना
00:44क्योंकि tariff का खत्रा कम हुआ है पर रूसी तेल की supply पर अब चीन के competition बढ़ रहा है
00:50तो भारत को असल में कितनी रहात मिली और आगे क्या देखना चाहिए
00:54ये पूरा गड़त समझने की जरूरत है
00:57लेकिन सबसे पहले तो ये समझ लीजिए कि exactly खबर क्या है
01:01और हम क्यों कह रहे हैं कि ट्रंप की तरफ से भारत को राहत मिल गई है
01:05लेकिए अमेरिकी राश्पती डॉनल्ड ट्रंप ने लिंट से ग्राहम सांक्शनिंग रशिया और इरान आक्ट के तहत आने वाले सांक्शन्स, रेस्रिक्शन्स
01:13और ड्यूटीज को फिलहाल वेव कर दिया
01:16इस कानून का मकसद था कि रूस पर दबाव बनाया जाए
01:19इस के तहे हैं तो उन पांच सबसे बड़े देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता था जो रूसी क्रूड ओयल
01:25या नाच्रल गैस खरीदते हैं और इसमें भारत और चाइना दोनों शामिल थे
01:29टैरिफ की जो लिमिट थी जो सीमा थी वो 100% था
01:33यानि अगर भारत रूसी तेल खरीदता रहता तो भारत को अमेरिका को जाने वाले सामान यानि गुड्स पर 100%
01:39तक अडिशनल टैरिफ लगता
01:41ये सर्फ ओयल सेक्टर की बाद थी नहीं ये पूरे इंडिया-उस ट्रेड रिलेशन्चिप पर असर डाल सकता था
01:47लेकिन 16 अक्टूबर को ट्रंप ने एक्जेक्यूटिव वार्टर जारी किया और ग्राहम आक्ट के सिक्षन 112 और 113 के तहट
01:55आने वाले डूटीज को वेव उफ कर दिया
01:57यानि ये राहत अभी के लिए है पर्मनेंट नहीं है ये भी याद रखिएगा
02:03पूरी तरीके से इस थाई पर्मनेंट रहत नहीं मिली अभी भारत को पर एक बड़ी राहत मानके चलेंगे इसको
02:08अब सवाल यह है कि भारत के लिए रूसी तेल इतना important क्यों है क्यों इतनी बड़ी राहत मानके हम
02:14चल रहे हैं
02:15क्योंकि भारत अपने crude oil requirement का लगभग 88% इंपोर्ट करता है
02:21सरकारी आकडों के मुताबिक वितवश 2025 में ये dependence 88.3% थी और वितवश 2026 में 88.7%
02:30तक पहुची
02:30मरलब देश का petrol, diesel, jet fuel सब कुछ global crude prices और global supply पर dependent है
02:36इसलिए जब रूस से discounted crude मिलता है तो उसका असर सिर्फ oil companies पर नहीं बलकि inflation पर, transport
02:43cost पर और आम आदमी की यानि हमारी और आपकी जेब पर भी पड़ता है
02:48अब रूस यूक्रेन युद के बाद यूरप ने रूसी तेल से दूरी बनाई और रूस ने अपना तेल एश्या की
02:55तरफ मोड दिया
02:55भारत ने ये मौका इस्तिमाल किया और discounted Russian crude खरीदना शुरू कर दिया
03:01नतीजा ये हुआ कि युद से पहले भारत के total crude import में रूस की हिस्सदारी सिर्फ एक से दो
03:07फीसिदी के करीब थी
03:09अब ये कई महीनों तक एक तेहाई से ज्यादा रही है
03:12और जुलाई 2026 में ये record पाचास दिशमलव आट तीन फीसिदी तक पहुँच कई थी
03:18तो ट्रम के इस waiver से भारत को तीन बड़े फायदे मिल सकते हैं
03:22जो अभी फिलहाल temporary मान के चल सकते हैं लेकिन फायदे बड़े हैं
03:26पहला फायदा है energy security का
03:28बादिया refineries रूसी यूरल्स crude पर भरोसा करती है
03:32इस साल भारत औस सतन लगभग 18,00,000 बैरल्स पर डे रूसी सी बोन क्रूट खरीद रहा है
03:38जो उसे दुनिया का सबसे बड़ा buyer बनाता है सबसे बड़ा खरीदार
03:42अगर 100% tariff लग जाता तो refineries को रूसी क्रूट खरीदने में hesitation आता
03:48अब वो risk फिलहाल के लिए कम हो गया है
03:51दूसरा फाइदा है exports पर रहत का
03:54Graham Act का खत्रा सिर्फ रूसी तेल तक limit नहीं था
03:57इसके तेहत रूसी क्रूट खरीदने वाले देशों के exports पर 100% tariff का provision था
04:04प्रावधान था
04:05भारत के लिए ये बड़ी बात है क्योंकि petroleum products भारत के major export items में से एक है
04:11विद्वर्श 2026 के पहली शमाही में भारत ने 19.9 billion dollar के petroleum products एक्सपोर्ट किये
04:18हाला कि पिछले साल की तुलना में value 10.1% के गिरावट के साथ आई
04:23तीसरा बड़ा फाइदा
04:25इंडिया-U.S. freight talks
04:26रूसी देल को लेकर tariff का खत्रा इतलने से इंडिया-U.S. freight negotiations के लिए जगह बन सकती है
04:32फिलाल ये talks प्लाटो पे है
04:34ये भारत के लिए diplomatic breathing space है क्योंकि अब रूसी क्रूट खरीद को लेकर सीधा tariff retaliation का डर
04:40कुछ कम हो चुका है
04:42यहाँ एक ज़रूरी बात समझनी ज़रूरी है कि यह permanent relief नहीं है
04:46हम आपको शुरू आज से यह बता रहे है
04:47Executive Order में यह साफ कहा गया है कि waiver तब तक लागू रहेगा
04:52जब तक President, Secretary of State, Treasury और Trade Representative यह तैना करें कि आगे कोई action लेना है या
04:59नहीं
05:00यानि Trump चाहें तो इससे कभी भी वापस ले सकते हैं भारत के लिए यह policy uncertainty है क्योंकि refineries
05:08को महीनों पहले की planning करने होती है
05:11crude cargo book करना होता है और export contracts lock करना होता है
05:15इसलिए यह खबर भारत को राहत के साथ जरूर आई लेकिन भारत की tension खत्म अभी नहीं हुई
05:21असली risk अब भी बाकी है बस वो tariff से थोड़ा shift होकर supply और कीमत की तरफ बढ़ गया
05:28है supply और price की तरफ बढ़ गया है
05:30अब आते हैं इस पूरी कहानी के सबसे interesting किरदार पर सबसे interesting हिस्से पर और वो है चीन
05:37चाइना दुनिया का सबसे बड़ा crude importer और रूस के total crude exports में चीन की हिस्सेदारी लगभग 50 फीस
05:46दी जबकि भारत की लगभग 37 फीस दी
05:49यानि रूस का सबसे बड़ा customer अब भी चाइना है
06:07यह लगातार दूसरा महीना था जब import कम हुए और यह अप्रेल के बाद का सबसे नचला स्तर था
06:13Reuters के मताबिक भारती रिफाइनरी को उमीद है कि October और November में रूसी supply और tight हो सकती है
06:21क्योंकि रूस के exports कम हो रहे हैं और चीन की demand मस्बूत है
06:25इसलिए भारत को महंगे alternative fruit की तरफ जाना पड़ सकता है
06:28तो यहां भी चीन एक बहुत बड़ा घातक factor बनके आ रहा है
06:32लेकिन आप सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या रूसी तेल अभी सस्ता है भारत के लिए
06:37भारत के लिए अब क्या रूसी तेल उतना महंगा हो चुका है
06:41कि भारत को tension नेनी के जरुद नहीं है चीन के बढ़ते competition से
06:44देखे शुरुआत में रूसी यूरिल्स क्रूड भारत को ब्रेंग से काफी सस्ता मिलता था
06:49लेकिन अब यह advantage काफी कम हो चुका है यह फाइदा भारत को काफी कम मिलता है
06:54विदवश 2023 में रूसी क्रूड का landed price advantage करीब 13 डॉलर प्रती बैरल था
06:59विदवश 2025 में यह घटकर सिफ 2.30 डॉलर पर बैरल रह गया
07:03जुलाई 2026 के आखिर में बारत पोर्षने वाले यूरिल्स कार्गोज और डिसकाउंट ब्रेंग से सिर्फ 1-2 डॉलर पर बैरल
07:11तक आ गया
07:11जबकि उसी महीने शुरुआत में यह 10 डॉलर से जादा था
07:14कुछ रिपोर्ट्स में तो सितंबर में यूरिल्स डिसकाउंट आवरिज 23 डॉलर पर बैरल बताये गया है
07:20लेकिन मार्केट कंडिशन बहुत तेजी से बदल रही है
07:22इसलिए सिर्फ रूसी तेल सस्ता है कहना पूरी तरह सही नहीं होगा
07:26प्राइस अड्वांटेज हर महीने बदल रहा है
07:29भारतिय रिफाइनरियों के लिए लॉजिक सिंपल है
07:32जब तक रूसी क्रूट सस्ता और अवेलिबल है खरीदो
07:35लेकिन जैसे ही डिसकाउंट कम होता है और शिपिंग और इंशुरेंस कॉस बढ़ता है
07:53वितवश 2026 के एप्रिल जानवरी में 50.1% रही है
07:56जो पिछले साल के 48.3% से ज्यादा थी
08:00यानि भारत पहले से ही मिडली सप्लाइ को रिबालन्स कर रहा है
08:04डूसरा ट्राइस डिसिप्लिन
08:06रूसी क्रूट तब भी फाइदे मंद है
08:07जब डिसकाउंट, फ्रेट और इंशुरेंस के बाद भी वो कॉम्पटेटिव रहे
08:11अगर यूरल्स ब्रेंट के करीब आ जाए
08:14तो रूसी बैरल्स का एकोनॉमिक किस कमजोर हो जाएगा
08:16तीसरा है strategic autonomy
08:18भारत को ये दिखाना होगा
08:20कि वो अपनी energy security, अपनी economic interest के हिसाब से ते करता है
08:24ना कि किसी एक देश में political pressure के हिसाब से
08:27यही वज़ा है कि ट्रॉम्प के waiver भारत के लिए एक अच्छी खबर है
08:31लेकिन भारत की असली ताकत उसकी diversified procurement strategy है
08:35वैसे कुल में लाकर के देखा जाए तो ट्रॉम्प ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक का
08:39टारिफ का खत्रा फिलफाल टाल दिया है
08:41इससे भारत की refiners, exporters और इंडिया-US freight talks तीनों को रहत मिली है
08:46लेकिन यह relief temporary है
08:48और असली चालेंज अब वो नहीं है कि भारत रूसी तेल खरीद सकता है या नहीं
08:51असली चालेंज यह है कि रूस की limited supply में से भारत को कितना मिलेगा
08:56किस कीमत पर मिलेगा और चीन उसमें से कितनी जगा ले लेगा
09:00यानि भारत के लिए अब गेम सिर्फ टारफ से बचने का नहीं है
09:03बलकि सही प्राइस पर सही ग्रूप से क्यूर करने का गेम है

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