00:00Rusi Tel पर भारत को 100% tariff से राहत जरूर मिल गई है
00:04लेकिन कहानी में एक नया twist है
00:06Trump ने फिलहाल tariff का खत्रा टाल दिया
00:09लेकिन अब उसी सस्ते Rusi Tel के लिए
00:12भारत को चीन से मुकाबला करना पड़ेगा
00:14तो क्या भारत के तेल खरीद पर संकट सच में टल गया
00:18अब और महंगे तेल की बारी है
00:21क्यों ये सवाल उठ रहा है
00:23क्योंकि यहाँ पर इंट्री हो गई है चाइना की
00:26देखिए रूस से सस्ता तेल खरीदने पर
00:28अमेरिका की तरफ से 100% तक tariff लगाने का खत्रा फिलहाल के लिए टल गया
00:33भारत के लिए ये बहुत बड़ी रहात है
00:35क्योंकि आज भारत की crude imports में रूस का हिस्सा एक तिहाई से ज्यादा है
00:40लेकिन खुश होने से पहले एक नई problem सामने आके खड़ी हो गई है वो है चाइना
00:44क्योंकि tariff का खत्रा कम हुआ है पर रूसी तेल की supply पर अब चीन के competition बढ़ रहा है
00:50तो भारत को असल में कितनी रहात मिली और आगे क्या देखना चाहिए
00:54ये पूरा गड़त समझने की जरूरत है
00:57लेकिन सबसे पहले तो ये समझ लीजिए कि exactly खबर क्या है
01:01और हम क्यों कह रहे हैं कि ट्रंप की तरफ से भारत को राहत मिल गई है
01:05लेकिए अमेरिकी राश्पती डॉनल्ड ट्रंप ने लिंट से ग्राहम सांक्शनिंग रशिया और इरान आक्ट के तहत आने वाले सांक्शन्स, रेस्रिक्शन्स
01:13और ड्यूटीज को फिलहाल वेव कर दिया
01:16इस कानून का मकसद था कि रूस पर दबाव बनाया जाए
01:19इस के तहे हैं तो उन पांच सबसे बड़े देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता था जो रूसी क्रूड ओयल
01:25या नाच्रल गैस खरीदते हैं और इसमें भारत और चाइना दोनों शामिल थे
01:29टैरिफ की जो लिमिट थी जो सीमा थी वो 100% था
01:33यानि अगर भारत रूसी तेल खरीदता रहता तो भारत को अमेरिका को जाने वाले सामान यानि गुड्स पर 100%
01:39तक अडिशनल टैरिफ लगता
01:41ये सर्फ ओयल सेक्टर की बाद थी नहीं ये पूरे इंडिया-उस ट्रेड रिलेशन्चिप पर असर डाल सकता था
01:47लेकिन 16 अक्टूबर को ट्रंप ने एक्जेक्यूटिव वार्टर जारी किया और ग्राहम आक्ट के सिक्षन 112 और 113 के तहट
01:55आने वाले डूटीज को वेव उफ कर दिया
01:57यानि ये राहत अभी के लिए है पर्मनेंट नहीं है ये भी याद रखिएगा
02:03पूरी तरीके से इस थाई पर्मनेंट रहत नहीं मिली अभी भारत को पर एक बड़ी राहत मानके चलेंगे इसको
02:08अब सवाल यह है कि भारत के लिए रूसी तेल इतना important क्यों है क्यों इतनी बड़ी राहत मानके हम
02:14चल रहे हैं
02:15क्योंकि भारत अपने crude oil requirement का लगभग 88% इंपोर्ट करता है
02:21सरकारी आकडों के मुताबिक वितवश 2025 में ये dependence 88.3% थी और वितवश 2026 में 88.7%
02:30तक पहुची
02:30मरलब देश का petrol, diesel, jet fuel सब कुछ global crude prices और global supply पर dependent है
02:36इसलिए जब रूस से discounted crude मिलता है तो उसका असर सिर्फ oil companies पर नहीं बलकि inflation पर, transport
02:43cost पर और आम आदमी की यानि हमारी और आपकी जेब पर भी पड़ता है
02:48अब रूस यूक्रेन युद के बाद यूरप ने रूसी तेल से दूरी बनाई और रूस ने अपना तेल एश्या की
02:55तरफ मोड दिया
02:55भारत ने ये मौका इस्तिमाल किया और discounted Russian crude खरीदना शुरू कर दिया
03:01नतीजा ये हुआ कि युद से पहले भारत के total crude import में रूस की हिस्सदारी सिर्फ एक से दो
03:07फीसिदी के करीब थी
03:09अब ये कई महीनों तक एक तेहाई से ज्यादा रही है
03:12और जुलाई 2026 में ये record पाचास दिशमलव आट तीन फीसिदी तक पहुँच कई थी
03:18तो ट्रम के इस waiver से भारत को तीन बड़े फायदे मिल सकते हैं
03:22जो अभी फिलहाल temporary मान के चल सकते हैं लेकिन फायदे बड़े हैं
03:26पहला फायदा है energy security का
03:28बादिया refineries रूसी यूरल्स crude पर भरोसा करती है
03:32इस साल भारत औस सतन लगभग 18,00,000 बैरल्स पर डे रूसी सी बोन क्रूट खरीद रहा है
03:38जो उसे दुनिया का सबसे बड़ा buyer बनाता है सबसे बड़ा खरीदार
03:42अगर 100% tariff लग जाता तो refineries को रूसी क्रूट खरीदने में hesitation आता
03:48अब वो risk फिलहाल के लिए कम हो गया है
03:51दूसरा फाइदा है exports पर रहत का
03:54Graham Act का खत्रा सिर्फ रूसी तेल तक limit नहीं था
03:57इसके तेहत रूसी क्रूट खरीदने वाले देशों के exports पर 100% tariff का provision था
04:04प्रावधान था
04:05भारत के लिए ये बड़ी बात है क्योंकि petroleum products भारत के major export items में से एक है
04:11विद्वर्श 2026 के पहली शमाही में भारत ने 19.9 billion dollar के petroleum products एक्सपोर्ट किये
04:18हाला कि पिछले साल की तुलना में value 10.1% के गिरावट के साथ आई
04:23तीसरा बड़ा फाइदा
04:25इंडिया-U.S. freight talks
04:26रूसी देल को लेकर tariff का खत्रा इतलने से इंडिया-U.S. freight negotiations के लिए जगह बन सकती है
04:32फिलाल ये talks प्लाटो पे है
04:34ये भारत के लिए diplomatic breathing space है क्योंकि अब रूसी क्रूट खरीद को लेकर सीधा tariff retaliation का डर
04:40कुछ कम हो चुका है
04:42यहाँ एक ज़रूरी बात समझनी ज़रूरी है कि यह permanent relief नहीं है
04:46हम आपको शुरू आज से यह बता रहे है
04:47Executive Order में यह साफ कहा गया है कि waiver तब तक लागू रहेगा
04:52जब तक President, Secretary of State, Treasury और Trade Representative यह तैना करें कि आगे कोई action लेना है या
04:59नहीं
05:00यानि Trump चाहें तो इससे कभी भी वापस ले सकते हैं भारत के लिए यह policy uncertainty है क्योंकि refineries
05:08को महीनों पहले की planning करने होती है
05:11crude cargo book करना होता है और export contracts lock करना होता है
05:15इसलिए यह खबर भारत को राहत के साथ जरूर आई लेकिन भारत की tension खत्म अभी नहीं हुई
05:21असली risk अब भी बाकी है बस वो tariff से थोड़ा shift होकर supply और कीमत की तरफ बढ़ गया
05:28है supply और price की तरफ बढ़ गया है
05:30अब आते हैं इस पूरी कहानी के सबसे interesting किरदार पर सबसे interesting हिस्से पर और वो है चीन
05:37चाइना दुनिया का सबसे बड़ा crude importer और रूस के total crude exports में चीन की हिस्सेदारी लगभग 50 फीस
05:46दी जबकि भारत की लगभग 37 फीस दी
05:49यानि रूस का सबसे बड़ा customer अब भी चाइना है
06:07यह लगातार दूसरा महीना था जब import कम हुए और यह अप्रेल के बाद का सबसे नचला स्तर था
06:13Reuters के मताबिक भारती रिफाइनरी को उमीद है कि October और November में रूसी supply और tight हो सकती है
06:21क्योंकि रूस के exports कम हो रहे हैं और चीन की demand मस्बूत है
06:25इसलिए भारत को महंगे alternative fruit की तरफ जाना पड़ सकता है
06:28तो यहां भी चीन एक बहुत बड़ा घातक factor बनके आ रहा है
06:32लेकिन आप सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या रूसी तेल अभी सस्ता है भारत के लिए
06:37भारत के लिए अब क्या रूसी तेल उतना महंगा हो चुका है
06:41कि भारत को tension नेनी के जरुद नहीं है चीन के बढ़ते competition से
06:44देखे शुरुआत में रूसी यूरिल्स क्रूड भारत को ब्रेंग से काफी सस्ता मिलता था
06:49लेकिन अब यह advantage काफी कम हो चुका है यह फाइदा भारत को काफी कम मिलता है
06:54विदवश 2023 में रूसी क्रूड का landed price advantage करीब 13 डॉलर प्रती बैरल था
06:59विदवश 2025 में यह घटकर सिफ 2.30 डॉलर पर बैरल रह गया
07:03जुलाई 2026 के आखिर में बारत पोर्षने वाले यूरिल्स कार्गोज और डिसकाउंट ब्रेंग से सिर्फ 1-2 डॉलर पर बैरल
07:11तक आ गया
07:11जबकि उसी महीने शुरुआत में यह 10 डॉलर से जादा था
07:14कुछ रिपोर्ट्स में तो सितंबर में यूरिल्स डिसकाउंट आवरिज 23 डॉलर पर बैरल बताये गया है
07:20लेकिन मार्केट कंडिशन बहुत तेजी से बदल रही है
07:22इसलिए सिर्फ रूसी तेल सस्ता है कहना पूरी तरह सही नहीं होगा
07:26प्राइस अड्वांटेज हर महीने बदल रहा है
07:29भारतिय रिफाइनरियों के लिए लॉजिक सिंपल है
07:32जब तक रूसी क्रूट सस्ता और अवेलिबल है खरीदो
07:35लेकिन जैसे ही डिसकाउंट कम होता है और शिपिंग और इंशुरेंस कॉस बढ़ता है
07:53वितवश 2026 के एप्रिल जानवरी में 50.1% रही है
07:56जो पिछले साल के 48.3% से ज्यादा थी
08:00यानि भारत पहले से ही मिडली सप्लाइ को रिबालन्स कर रहा है
08:04डूसरा ट्राइस डिसिप्लिन
08:06रूसी क्रूट तब भी फाइदे मंद है
08:07जब डिसकाउंट, फ्रेट और इंशुरेंस के बाद भी वो कॉम्पटेटिव रहे
08:11अगर यूरल्स ब्रेंट के करीब आ जाए
08:14तो रूसी बैरल्स का एकोनॉमिक किस कमजोर हो जाएगा
08:16तीसरा है strategic autonomy
08:18भारत को ये दिखाना होगा
08:20कि वो अपनी energy security, अपनी economic interest के हिसाब से ते करता है
08:24ना कि किसी एक देश में political pressure के हिसाब से
08:27यही वज़ा है कि ट्रॉम्प के waiver भारत के लिए एक अच्छी खबर है
08:31लेकिन भारत की असली ताकत उसकी diversified procurement strategy है
08:35वैसे कुल में लाकर के देखा जाए तो ट्रॉम्प ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक का
08:39टारिफ का खत्रा फिलफाल टाल दिया है
08:41इससे भारत की refiners, exporters और इंडिया-US freight talks तीनों को रहत मिली है
08:46लेकिन यह relief temporary है
08:48और असली चालेंज अब वो नहीं है कि भारत रूसी तेल खरीद सकता है या नहीं
08:51असली चालेंज यह है कि रूस की limited supply में से भारत को कितना मिलेगा
08:56किस कीमत पर मिलेगा और चीन उसमें से कितनी जगा ले लेगा
09:00यानि भारत के लिए अब गेम सिर्फ टारफ से बचने का नहीं है
09:03बलकि सही प्राइस पर सही ग्रूप से क्यूर करने का गेम है