00:00महा नौमी पर मा दुर्गा की पूजा होती है कन्या पूजन होता है और घरों में पक्वान बनते हैं लेकिन
00:07इस धार में कुछ सो के पीछे कारोबार की एक बड़ी तस्वीर भी छिपी है किसी के लिए यह फूल
00:12और पूजा समाकरी बेचने का बड़ा मौका है तो किसी के लि
00:29दिवाली तक चलने बाला खरिदारी का दौर देश की कारोबार को कितनी मजबूती दे सकता है और सबसे बड़ा सवाल
00:36यह कि कुल कारोबार कितने लाक करूर की होती है ? इस साल त्योहरी कारोबार लेकर ब्यापारी committee काफि
00:52देश में कारोबार साथ करोडर के पहुंच सकता है संगठन ने पिछले साल के लगभग 6.05
01:01माँद पर्सेंट की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है हाला कि यह स्वार्फ तेवारी शीचन का अनुमान है अन्युए
01:09say today.
01:19Do not mind or mind?
01:22This can be seen by a side.
01:23I see that you can find the booking Yes.
01:25But the marketing and marketing, the marketing, the marketing.
01:28The marketing, the marketing and marketing.
01:32To make it the marketing and marketing, working on the online online community,
01:47कीमति sinners समान्ये बनी. कण्या पूजन के लिए फल मिठाई,हलवा,pूडी,चने,और दूसरीखादे-स आमागरी
01:55kharidaari bhi hooti hai.
01:56Isse ful bikretao, kirana ducandaro, halwaayoio
01:59or bikari karovaariyoko ahtirikht bikari ka moka
02:02milta hai.
02:03Kai perivar ghar pa rprasat tiyar karate hai
02:05jabki kuch log wajar se tiyar mitaai
02:08aur khadde samaguri khadde tiyate hai.
02:10Ista tari tiyuar ka asar keval pooja samaguri
02:12taq simit nahi rehta,
02:13bealki khadde karovaari ki kai kadiyo
02:16tak pahuncta hai.
02:17Nauratrii ve mahanoami ke dauran
02:18paramparik, kapdho, sariyog, kurtto
02:20और बच्चों के कपड़ों के साथ साथ फैसन से जुरी चीजों की मांग भी कारोबारियों के लिए एहम रहती है
02:26पूजा पारिवारिक कारेक्रमों और तेवारों में शामिल होने के लिए लोग नए कपड़े खरीते हैं इसके अलामा सजावटी समान गिफ्ट
02:34आइटम्स और
02:35घरेलू उपयोग की चीजों की विक्री भी तेवारी सीजन में बढ़ जाती है दिली के जनपत की गुजराती लेन इसका
02:42एक उधारन है यहां नवरात्री के धोरान पारंपरिक चनिया चोली घागरा दुपटे और आभुशन खरीदने के लिए ग्रहक पहुंचते हैं
02:49टा�
03:01साल बैरिकेटिंग से ग्रहकों की आवाचाही प्रभावित होने और दुकंदारों को नुकसान पहुंचनी की बात सामने आई है यह उधारन
03:08बताता है कि तेवहार के दौरान मांग होने के बावचूत कारोबार की कमाई बाचार तक ग्रहकों की पहुंच दुकान की
03:14लोके�
03:29सान पूल कारोबार लगबग 6.05 लाग करोर रुपए था इसमें करीब 5.40 लाग करोर रुपए सामान की विक्री
03:37से और 65,000 करोर रुपए स्थेवाओं से आये थी इस बार स्थेवाओं से कारोबार में 20-25 परसेंट प्रिधी
03:43का शुरुवाती आनुमान भी चताया गया है इ
03:55इसमें महानौमी के साथ दुर्गापूचा, दशहरा, करवाचोथ, धन्तेरस और दिवाली जैसे त्यवारों से जुड़ी खरीदारी शामिल है इसलिए पूरे आकड़े
04:03को किसी एक दिन की विक्री या किसी एक कारोबार की कमाई मानना सही नहीं होगा त्यवार के दवरान
04:09कारोबार बढ़ने का असर केवल दुकानों पर समान बेचने वालों तक सीमित नहीं रहता बलकि समान की पैकेजिंग, गुदामों, माल
04:16भुलाई, डिलेवरी, कैब सेवाओं, होटल, रिस्टोरेंट, कैटरिंग और सजावट से जुड़े कारोबारों को भी अत्रिक्त काम
04:22मिल सकता है, उधारन के लिए किसी दुकान पर विक्री बढ़ती है तो वहाँ ज्यादा समान मंगाने की ज़रूरत पर
04:27सकती है, समान पहुचाने वाले ट्रांसपोर्टरों, पैकेजिंग करने वाले ग्रह को तक और पहुचाने वाले डिलेवरी करमचारियों को भी काम
04:35मिलत
04:35है, इसी तरह पूजा पंडालों और समुदाई कारेक्रमों में लाइटिंग, टेंट, फूलों की सजावत और खान पान की सेवाओं की
04:42मांग बढ़ सकती है, ओनलाइन खरीदारी ने भी इस मार्केट को एक तरह का नया आयाम दिया है, कैश्करों के
04:48आकड़ों पर अधारित
05:05कारोबार नहीं, बाजार में ग्रहकों की भीर और विक्री बढ़ने से कारोबारियों को फायदा मिल सकता है, लेकिन ज्यादा विक्री
05:11का मतलब हमेश्चा ज्यादा मुनाफ़ा नहीं होता, दुकान का किराया, करमचारियों की लागत, माल खरीदने का खर्च और बचा हु�
05:18टॉक भी कमाई तै करते हैं, फुलो और मिठाई जैसे सामान में विक्री का सही अनुमान लगाना खास तोर पर
05:24जरूरी है, क्योंकि बिना विकास सामान खराब होने से नुकसान हो सकते हैं, इसी तरह गरहक अगर छूट के इंतचार
05:29में खरीदारी टालते हैं या केबल जर�
05:31पूरी समान खरीदते हैं, तो कारोबारियों की उमीदों के मुकाबले विक्री कम रह सकती है, इसलिए महानौमी का असर समझने
05:38के लिए केवल मार्केट की रहुनत नहीं, बलकि दुकंदारों की वास्तु एक विक्री, लागत और मुनाफिक को भी देखना चरूरी
05:44है, कुल
06:01पूर्चे का असली फायदा कितना होगा, या ग्रहकों की खरीदारी स्थानिये वजार की स्थिती और कारोबारियों की लागत पर निर्भर
06:07करेगा, हाला कि आपको क्या लगता है, पिछले साल से इस बार रेवेन्यू कितना बढ़ने बाला है, और दुकंदारों की
06:12कमाई कि
06:13इतनी बढ़ सकती है, अपनी राय कमेंट सक्षन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट्स से
06:18जोड़ी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के साथ