00:00बीबी जी, बाद आजमाईशें हक मिलने की नहीं, हक देने वालों की होती हैं।
00:29कब तक खामुश रहेंगे हारिस? कल भी बात अधूरी रह गई थी।
00:35बात नहीं है, फैसला दूरा रेखे था।
00:41फैसला तो अपने दा के हात मे था हैं।
00:44नहीं भा�बी, फैसला तो हमेशा ताकटवर के हात मे होता है।
00:49हम तुम पर कोई दबाव नहीं डाल रहे निदा?
00:52बास दफाह हामूशी भी दबाव होती है।
00:55हम सिर्फ ये चाहते हैं कि ये घर बिखरे ना
00:59घर हग देने से नहीं भाबी
01:01हग छीनने से बिखरता है
01:09निदा तुम हर बात का गलत मतलब निकाल रही हूँ
01:11अगर मतलब गलत होता तो दिल इतना दुखता