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  • 2 days ago
नालंदा का 200 साल पुराना बड़ी दुर्गा मंदिर कौमी एकता और आस्था का संगम है. मुस्लिम परिवार चढ़ाते हैं पहली सोने की नथिया. रिपोर्ट-महमूद आलम

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Transcript
00:06देश्पर में शार्दिय नवरांत्र का पावन पर बड़े ही दूप नाम से मनाया जा रहा है
00:10भक्ति के इस उस्तव के बीच बिहार के नालंदा जिले से सामरते एक सौहाद्र की एक ऐसी अद्बूत तस्वीर सामने
00:17आई है जो पूरे देश के लिए मिसाल है
00:19नालंदा के इसलामपूर से सग्दिपीट बरी महरानी मंदिर का इतिहार सुब करीब 200 वस पुराना है
00:26मगर शेत्र के इस मशूर मंदिर की सबते बरी खासियत यह है कि यहां मा के दरबार में सिर्फ यंदू
00:32का ही नहीं
00:33बलके मुस्लिम परिवारों का भी अटूटू इश्वास हैं
00:36आलम यह है कि हर साल नवरात में माता को चड़ने वाली सोने की पहली नतिया और गुप्तदान मुस्लिम परिवारों
00:43की ओर से ही भीट की जाती है
00:57इस अनोखी परंपरा के पीछे एक बेहर चमतकारी कहानी चिपी है
01:01सालों पहले मंदिर के बाहर सबजी बीचने वाली एक मी संतान मुस्लिम महिला ने मा से मनत मांगी
01:07और मा की किरपा से उसकी गूद भर गए
01:10तब ही से शुरू हुई सोनी की नथिया चुरानी की परंपरा आज की पीडी भी पूरी निस्ठा से निभा रही
01:16है
01:16सामाजिकता निभानी की वज़े से ये परिवार अपना नाम सार्वजिक नहीं करते
01:21लेकिन पूजा में बढचत कर सहयोग देते है
01:24इन्होंने दुर्गा पूजा इस्लामपूर का इतिहास जानने का प्रयास किया है
01:29सच यह है कि जैसे हमारे मित्र गवी सिंग ने कहा
01:32इस मंदिर के अस्थापना सन 1826 में होई थी
01:36आज 2026 है
01:38सीधे 200 बर्स इस मंदिर का इतिहास है
01:41लेकिन इससे पहले भी प्रतिमा अस्थापना हुआ करती थी
01:47मानता यह है
01:49कि यहां का जो संकल्प है
01:52आप जाना चाहते हैं बड़ी देवी जी किया महतता है
01:55तो यहां का जो संकल्प है कलस अस्थापन के समय
01:59हम एक मात्र साइदा ऐसे जगह है
02:12Sala 1826 S.V. May
02:14This is my takichahasi woman
02:16wers 26th May
02:19Apari to 200 Putsal
02:20passport
02:21Pulo
02:21and
02:21Vakit
02:22Saat
02:23Sada
02:25This is
02:27a
02:27which is very high,
02:31this is the need for the author.
02:34This is the author of the author of the book,
02:36who wrote,
02:36he wrote,
02:38बिक्रम संबत 1883 अर्थात इस्वी सन 1826 में इसकी साफना किया था
02:49इस मंदिर का जिसका जिनोधार 2008 में नया जो पिढ़ी हैं लोग से वादार है
02:59उन्होंने जिनोधार किया है इसके पुर्वी माता यहां बैठती रही होंगी
03:06लेकिन मंदिर का जहां तक इतिहास है वो यह रिद्धी सिद्धी बिधान के अंतरकत बनारस के बिग सिद्ध बिद्ध्वानों के
03:16द्वारा यह मंदिर की अस्थापना की गई थी
03:18जहां सभी की मनोकामनाए एक बरस के अंदर अनिबार्दी रूप से पूरुन होता है
03:26इस सिद्धी बेट की पूजन पदती भी सबसे जुदा है यहां रिद्धी सिद्धी के प्रती के रूप में दू कलश
03:32के स्थापित कर पूरी समाज की कल्यान का संकल्थ लिया जाता है
03:36मन्दिर की महिमा ऐसी है कि यहां बच्पन में सेवादार रहे सैक्रू युवाज हाइकूर्ट के जजज और अफसर बनकर देश
03:43विदेश में सिवाई दे रहे है
03:45खुर नालंदा के सांसत कौशलेंद्र कुमार भी बच्पन में यहां सेवादार थे
03:49इसके ठीक सामने श्री राम जान की आयुद्ध्या ठाकुर बारेस्थ से थे जिसकी कारण आयुद्ध्या के लोग इसलामपूर को छोटी
03:57आयुद्ध्या भी कहते है
04:44हिंद्धु मुसलिमे इकता कि यहां पावन नगरी आजपूरे देश को
04:48समता और आपसी प्रीम का संदेश दे रही है
04:51नालंदा से इटिव भारत के लिए महमूद आलम की रिपोर्ट

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