00:00इंद्रप्रस्थ पांडवों की शान कैसे राख में मिल गया?
00:04क्या था इस महानदरी के पतन का असली कारण?
00:07क्या यह सिर्फ हस्तिनापुर की चाल थी या कोई गहरा रहस्य छिपा था?
00:11जब पांडवों को वनवास मिला, किसने दिया उन्हें बचाने का बचन?
00:15या श्री कृष्ण ने स्वयन इंद्रप्रस्थ की रक्षा का भार उठाया था?
00:19वनवास के दौरान पांडवों को मिली एक गुप्त भविश्यवानी, यह भविश्यवानी थी देववानी, जो भविश्य की राह दिखाएगी.
00:27देववानी ने बताया कि इंद्रप्रस्थ का विनाश एक चक्र है, यह चक्र पांडवों के कर्मों और नेती से जुड़ा था.
00:33श्री कृष्ण ने उन्हें सिखाया कि हर अंत एक नई शुरुआत है.
00:37इस देववानी ने पांडवों को भविश्य के लिए तयार किया. इंद्रप्रस्थ का पतन केवल अंत नहीं, बल्कि एक महान युद्ध
00:45की प्रस्तावना थी. और इस तरह नेती का पहिया घूमता रहा. कर्म और धर्म के पतपर. महाभारत के ऐसे ही
00:52अंसुने रहस्यों को �
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