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00:37और जंगल की दुनिया को समझने का एक अनोखा आफसर है यहां का वातावरन, हर यारी, वनेजियों की मौज़ुद्गी और
00:46सफारी का नमाओ आपकी यात्राव को और यारकर बना सकता है
00:50तो वीडियो को अंतर जरूर देखिए क्योंकि आज की इस यात्राव में हम आपको दिखाने वाले हैं वोरे वाड़ा पार्के
00:57की खुशूर्ती और यहां के कुछ ऐसे नजारे जिने देखकर आप भी प्रकृति के और करीब महसुच करेंगे
01:04चलिए शुरू करते हैं हमारी आज की यात्रा नमस्कार दोस्तों स्वागात है आपका हमारे यूटूब चैनल इंडियन टुरिजम पर
01:25आज हम मौझूद है नाक्पूर के गोरे वाड़ा छेत्र में जहां इस्तित है माला साइप ठापे इंटरनेशनल जुलाजिकल पार्क यहां
01:35पार्क मर्द भारत के परमुख वन जिव रेटन इस्तोलों में गिना जाता है इसका विजाल वन जिव सर्रक्षर और वन
01:53जिव सर
01:54समझने और लोगों में प्रकृति के प्रति जापुता बढ़ने पर भी ध्यान दिया जाता है इस तरह की जगहों में
02:02आने पर बच्चों और बड़ों को यह समझने का मौका मिलता है कि जंगल केवल पेड़ पौधों का समय नहीं
02:09बलकि एक पूरी जीवन दुनिया है एक ऐ
02:16पर जाती प्रकृति के संतुलन में अपना योगदान देती है दोस्तों किसी भी यात्र कि सुवार उसके पहले द्रिश्य से
02:32होती है और यहां पहुचते ही हमें इस जगह को करीब से देखने की उत्सुकता होने लगती है आप सामने
02:40के पार्क के प्रविश्द्वार और आस
02:42पास के द्रिश्द्व से देख सकते हैं यहां आने वाले परेटों को के लिए सबसे खास बात है सहर की
02:49रोजमर्ण की भागदोर से कुछ समय निकाल कर प्रकृति और वन्यजियों के बारे में चानना परिवार के साथ धुमना हो
02:57बच्चों को नई चीज़े दिखानी हो या
02:59पिर कैमरे में यादकार पल कैट करने हो ऐसी जगें एक अलग अन्हों देती है लेकिन दोस्तों वन्यजियों पार्क में
03:08धुमते से में यह बात हमेशा याद रखने चाहिए कि हम यहां केवल मनुरंजन के लिए नहीं आए हैं हम
03:15एक ऐसी दुनिया को देखने आए हैं जहा
03:17हर जीव को सम्मान और सुलक्षा की जरूगत है इसलिए पार्क की नियमों का पालन करना कच्रा इधर उदर ना
03:25फेकना और जानवरों को परेशान ना करना हमारी जिम्मेदारी है
03:36टिकेट लिए कर जब आप अंदर की तरफ एंटर करते हैं तो अंदर की तरफ एंटर करते ही कुछ ऐसा
03:41नजारा आपको देखने मिलता है जो आपको यह अनवाओ कराचा है कि आप कुछ अलब जगा पर आए हैं
03:54आपके बस की इंतजाल के लिए आपको यहां पर वेट करना होता है आप इस टिकेट पर आपका सीट नमबर
04:00और बस नमबर दिया होता है जिसमें आप यहां का वत्वरन का अनम्द देंगे और जंगल सब करेंगे
04:17अब जरा इन प्रकृतिक नजारों को देखिए पिड़ पौधे खुला वाता वरन और जंगल की सांती हमें रोजमर्ण की सोड
04:26से दूर ले जाती है
04:27सहर में हम अक्सर प्रकृति को बहुत कम समय दे पाते हैं लेकिन जब हम किसी वन शेतर में जाते
04:34हैं तो भासूस होता है कि प्रकृति की अपनी एक अलब गती है
04:38यहां हर पेड, हर जारी और हर छोड़ा बड़ा जीव इस प्राश्चितिक तंद्र का हिस्सा है
04:44जंगल हमें यह भी सिखाता है कि जीवन के वर टेजी से आगे बढ़ने का नाम नहीं है प्रकृति में
04:52संतुलन, धैर्या और एक दूसरे पर निर्भरता का बहुत बड़ा मात्वा है
04:57गोरेवाडा जैसे छेटों का मात्व इसी में भी बढ़ जाता है क्यांकि वन में जीव सरक्षन और प्रकृति के प्रतिव
05:06जावरता आज के समयों की बहुत महत्तपून जरूरत है
05:37दोस्तों गोरेवाडा पर्क के पर्मुकाकर स्वनों में एक है इसकी सफारी
05:41इस सफारी में अलग लग बन जीव शेतरों को देखने का उपसर मिलता है
05:46जिन में बाग, तेंद्वा, स्लाट भालो और साकारी बन जीवों से जोड़े शेतर सामिल है
05:52सफारी का रोमाच इस बात में है कि आप स्रक्षित वाहन के बीतर रहते हुए वन जीवों को उनके लिए
05:59बनाए गए
05:59खुले और प्राकर्तिक वातवन जैसे मारों में देखने का प्यास करते हैं
06:04हाला कि जंगल में जनवर को दिखना हमेशा निश्चित नहीं होता
06:08हर जीव का अपना वहवार होता है और वह अपनी इच्छा के अनुसार भूनता है
06:13इसलिए वन जीवों को देखने के दौरान धैरे रखना ज़रूरी है
06:17अगर आप शापारी के दृस से देख रहे हैं तो ध्यान दीजे कि आस पास का वाटर वन कितना मात्तपूर
06:23है
06:24केवल किसी जानवर को देख लेना ही पूरी यात्रा नहीं बलकि उसके रहने के इस्थान और उसके जीवन को समझना
06:31भी उतना ही जरूरी है
07:03और अब बात करते हैं उस सुवने जीव की जिसे देखने की उत्सुकता बहुत से लोगों के मन में रहती
07:10है
07:10बाग भाग भरत का राष्टे पसु है और अपनी ताकत सुन्दर का तथा सांदार धारियों के कारण दुन्या भर में
07:19ताचाना जाता है
07:20उसकी चाल में एक अलगी आत्मी स्वास दिखाई देता है
07:24उसकी आखे सरीर की बनावाड और सांद रहते वे भी सफर करहने का अंदाज उससे बेहत खास बनाता है
07:32लेकिन बाग केवल एक आकरसक वन जीव नहीं है
07:35वह जंगल की खादस रंकला का एक महत्तपून हिस्सा भी है
07:40बागों के सरक्षण के लिए उनके प्राकरतिक आवाज की स्रक्षा
07:44सिकार की उकलब्दता और मानाव वन जीवन संगर्स को कम करना बहुत जरूरी है
07:50जब हम बाग को देखते हैं तो हमें उसकी खुपसूरती के साथ साथ
07:55यह भी समझना चाहिए कि जंगल सुरक्षित रहेगा
07:59तब ही ऐसे वन जीव का भई से भी सुरक्षित रह सकेगा
08:33दोस्तों बाग के बाद एक और सांदर बन जीव है तेंद्वा तेंद्वा अपने फूर्ती सतरक्ता और वातावरने खुद खुद हाल
08:42लेने की छमता के लिए जाना चाता है
08:44उसके सरीर पर बने धब्बे उसे एक अलग भाचान देते हैं प्राकर्तिक वातावरन में यह धब्बे उसे छीपने और अपने
08:53आसपास के रंगों में घुलने मिलने मरत करते हैं
08:56तेंदवा को देखना हमेशा आसान नहीं होता क्योंकि वहां अकसर साल्थ और सतरक्त रहता है
09:02one zero ki dunya mein har par jatay ki ah ni visi stahin hootye hai
09:07koi taqat ke liye jana gata hai
09:09koi gaati ke liye
09:10aur koi ah ni ahliq ki jivaan salis kli hai
09:13tindwa hama yaad di laata hai ki
09:15jungle mein jiuit rehenne ke liye
09:17kira taqat ki hi nahi
09:19balki samodari, sepraktaha
09:21aur anikulon bhi jevaruri hai