00:00Nodatr Me Ma Durgha Ke Vibhinya Swarupo Ki Aradhana Ki Jati Hai Lekin Nodatr Jo Ho Ta Hai
00:05Tantra Or Mantra Saadhana Ka Bhi Visej Sumayi Ho Ta Hai
00:09Patna Me Bhi Tantra Saadhanai Chal Rhei Hai
00:13Or Hum Mare Saath Kuch Yuhatantriq Hai
00:16Or Vidae Narayan Jhaji Hai
00:20Jho Jyoti Sastra Ke Bhi Jahnkar Hai
00:23Or Bhojpuri Hindi Sahitri Ke Bhi Bhi Bharaj Jahnkar Hai
00:27Yoga Ke Bhi Jahnkar Hai
00:28Jee Nodatr Me Jho Tantra Saadhana Ki Jho Prakriya Chal Bhi
00:33Kaisa Aakko Hua Ki Nahin Tantra Saadhana Kiya Jaya
00:36Or Kis Prakar Ka Yai Tantra Saadhana
00:39Tantra Saadhana Mai Mai Nahin Ho
00:40Mai Toh Uuska Ang Hoon Eek
00:42Mai Yog Saadhana Mai Hoon
00:43Or Yog Saadhana Tantra Saadhana Ka Aadhar Hai
00:48To Aadhar Rup Me Mai Is Sanstha Se Jura Hua Hoon
00:52Or Ye Phrasashtra Thakur Jho Hai
00:54यह हमारे बिहार राज के सारे 12-14 करोर जितना पॉपलेशन हो
01:00उसमें अपने आयूबर्ग के एक मात्र युबा हैं
01:04जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम से स्नातक की सिक्षा लेते हुए भी
01:10सांसारिक चका चौंद का रत्ती भर एक छीचा भी अपने कैरेक्टर पर नहीं परने दिया
01:17और बच्पन से लगातार तंत्र को समर्कित रहा हुए आपकी दक्षकों को तंत्र मंत्र साधना आपके जीवन सेली के ही
01:28चीजों में चलने वाली साधना है
01:30पहले इस चीज को समझना होगा कि वेती कोई अलग चीज नहीं है नॉर्मल आप घंटी भी बजाते हैं वह
01:35भी तंत्री है क्योंकि सब चीज किसी ना किसी चीज से जुड़ा हुआ है और भावती की जितनी उपासना होती
01:40है तंत्र के ही माध्यम से होती है क्योंकि अगम नि
01:58नौश्स विक्तिक में और आए उसक्राब सिंबॉल है तंत्रगार पुर्स क्योंकि आप तंत्री हुच्ति उसे जालों को निर्मानित करते हैं
02:02उसी जालों में बिना घ़चे हुई उस
02:37foreign
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03:275.
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03:37we have to go back and see what we can do
03:41and we can do that
03:44we can do that
03:46we can do that
03:47we can do that
03:50we can do that
03:53we can do that
03:59That's why we wrote about the poetry of my mother.
04:01We said, what is it?
04:03It's about the poetry of my mother.
04:04We didn't write about it.
04:06We didn't try to write about it.
04:08We wrote about it two days ago.
04:11How do we know about mother's mother?
04:13How much is mother's mother?
04:15So listen to you.
04:29ुईसन भगती जगाई, भवनी माई, कोई सेके करियं विदाई, फाचा कार जालो रे, घर के लाखिया से,
04:52माई माती छोड़ के जाई, भवनी माई, माई माती छोड़ के जाई,
05:06सेई बीचार नारा उड़ आचो पावर माई, छोड़ के न जाई माई,
05:21सरो साती रहुए ज्यान के जोती जगावेली,
05:41सरधा दियाई, भवनी माई, देवेली सरधा दियाई,
05:54कोरा मोक गतिया, तु गतिया, बना बेली,
06:02रहुए हे लची मी माई, भवनी माई, कई से के करी हम बिलाई,
06:17काला के संकत रहुए काली बने के काटेली,
06:26औरी ना कवन, औरी ना कवन उपाई, भवनी माई,
06:38औरी ना कवन उपाई, कच्चराना सरना दिहीं, दोरोगा भवानी,
06:54सिबका के घरे बास जाई, भवनी माई, सिबका के घरे बास जाई,
07:08गीत के माध्यम से सुना अपने की कैसे,
07:11नौडात्र में जब नौ दिन माध दुरगा की अराजना की जाती है,
07:15और उसके बाद जब विदाई का स्च्छन आता है,
07:17तो इस प्रकार का भाविक दृष्य होता है,
07:21और कोई भी भग जब मा की अरादना करते हैं, पूजा करते हैं,
07:25तो नहीं चाहते हैं कि माविदाओं,
07:26और चाहते ही हैं कि मा की कृपा उन पर हमिसा बनी रहे,
07:29माघर में विराज माध है,
07:31तो उन पुले करके इन होने गीटे यार किया था,
07:33और इससे साथी साधरा के माध्यम से मा को प्रसन्य करने की कोशिस कर रहे हैं,
07:36इटीविभाद के लिए पटना से सहयोगी राजीव के साथ,
07:39क्रिश्न नंदन,