00:10प्रांस के पारिस और अन्य शहरों में हुए दंगो के बाद से कुछ हिसों में कर्फियू लगा दिया गया है।
00:30इन उपायों को सक्ती से लागू करने के लिए भारी संख्या में पूलिस बलों को तैनात किया गया है।
00:36उदर राष्ट्रपती इमानुवल मैकरों ने ग्रियमंत्री का इस्तीफे का प्रस्ताव ठुकरा दिया।
00:41ग्रियमंत्री ने अपनी तरफ से इन विरोध प्रदशनों को सही डंक से नमाप पाने की वज़े से अपना इस्तीफा दिया
00:48था जिसे राष्ट्रपती इमानुवल मैकरों ने ठुकरा दिया है।
00:58तो फ्रांस में चल रहे ही इंसा के मामले पर डॉनल्ड ट्रम्प का बयान सामने आया है।
01:03अगर अमेरिका के राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प की मानें तो पैरिस जल्दी एक मुस्लिम शेहर के रूप में तबदील हो जाएगा।
01:10उन्होंने इसके लिए फ्रांस की इंमिग्रेशन पॉलिसी को जिम्मेदार ठहराया है।
01:15साथ ही डॉनल्ड ट्रम्प ने ये भी दावा कर दिया है कि अगर फ्रांस के राष्ट्रपती इम्मानुल मैकरॉन ने इमिग्रेशन
01:21पर उनकी सलाम मानी होती तो इस तरह की हिंसा और अशांती के हालाथ से बच सकते थे।
01:31ग्रांस के बचलिस को जान।
02:03और इस पर ज्यादा चर्चक लिए सीधर करते हमारे सी योगी आशितोष मिश्टा का आशितोष डॉनल्ड ट्रॉम्प के मुताविक तो
02:10उन्होंने सला भी दी थी जो मैक्रों नहीं मानी अपने मिट्टम
02:14मिट्टम को देखते हुए उन्होंने ये भी डरा दिया लोगों को बोल करकी कि अगर आप लोग ध्यान नहीं रखेंगे
02:20तो फ्रांच जैसा हाल भी हो सकता है तो साफ तोर पर इस मौके का इस्तेमाल डॉनल्ड ट्रॉम्प अपनी पॉपिलारिटी
02:26और अपने मिट्टम मिट्
02:42कर सकते हैं उदारण के तोर पर आप देखें बेंजमीन नितन्याओ कह रहे हैं कि इरान को अगर जवाब देना
02:48है तो हमें एक जूट होना पड़ेगा जबकि 17 तारीक को वहां चुनाव है तो ट्रॉम्प को पता है कि
02:52आप मिट्टम क्यों आगे बढ़ रहे हैं तो उनको भ
02:55देखें कि जो फ्रांस है वो दीरे देरे मुस्लिम डेश इसलामिक डेश बन जाएगा और आपको भी यहां पर और
03:00उसके लिए सीदे सीदे वो इमिग्रेशन पॉलिसी पर
03:02इमिग्रेशन पॉलिसी में क्या जितने लोग आए हैं, क्या वो सारे इसलामिक देशों के ही हैं, ज्यादा तर उसमें मुस्लामिक
03:07मुलकों से हैं, जिस तरह वहाँ पर उनको पर्जिक्विशन जहेलना पड़ा, या स्थिर्ता सिविल वार के चलते उन्हें भागना पड़ा,
03:13तो वो डर दिखाने बेचने की कोशिश जरूर करें, लेकिन क्या फ्रांस में इमिग्रेंट, इलीगल इमिग्रेंट ही इसकी बड़ी बज़े
03:19हैं, क्या फ्रांस की सडकों पर जो प्रवासी आए हैं, सारे वही इस दंगे फसाद में शामिल हैं, दरसल यह
03:25सब शुरू हु�
03:36तो आदमी आवाज निकालता है, चीकता है, और कुछ वैसा ही देखने को मिला था, अगर ऐसा नहीं होता, तो
03:41किसने सोचा था कि ला रिपबलिका जो सेंटरल पैरिस का सबसे आइकॉनिक जग है, वहां से कर्फियों की नौबत आ
03:47जाएगी, बॉर्डों में कर्फियों लग
04:06करनसी को लेकर, लेकिन आप जो ट्रेड कर रहे हैं, वो डॉलर्स को मकाबले कर रहे हैं, तो धीरे धीरे
04:10आपकी मुद्रा जो है, वो कमजोर होने लगीगी, दूसरा, जब आपको सप्लाई चेन बाधित करना और यह देखते हुए, उनकी
04:15कीमतों पर इस्थिरता रहा है, त
04:31तो आप तिराना में देख रहे हैं कि उगर प्रदर्शन शूरू हो गए, अलबेनिया में भी इसी की नौबत आ
04:35चुकी है, अलबेनिया में हलाकि उस विवस्ता में सिर्फ जो डुमेस्टिक फैक्टर, उसमें बहुत सारी चीज़ें कि कॉन्फिक्ट आफ इंट्रेस
04:43का आ �
04:43कि वहाँ पर अब सरकार तक बात चली गई है, और कैसे आपने पूरे देश को पंगु बना रखा है,
04:48अब सिस्टम का इलिजिटमेट इस्तमाल करते हुए, फिर आप वो देख रहे हैं कि धीरे-धीरे बेलजियम से लेकर कि
04:53योरोप के दूसरे शेहर वे उसकी पकड़ में �
04:55ट्रम्प को ये मौका मिला है कि आप प्रवासी निति को लेकर के डुमेस्टिक का एलेक्शन कंटेस्ट कर रहे हैं
05:01कि आप इसको इसको मुद्दा बना रहे हैं, लेकिन अगर इस पर फोकस रहा तो योरोप के जो असली मसले
05:06हैं इन देशों के सेंट्रल योरोप हो या पस्�
05:23करके वो रूस से डीजल भी लेना चाहते हैं उन्होंने पहले ही वेने जुवेला पर कबजा करके अपना ओयल रिजर
05:28बना लिया है सबसे बड़ा खर्चा उर्जा का है अमेरिका ने अपने उर्जा संकट को जो सुनिश्चित कर लिया कि
05:33आप इस क्राइसिस में नहीं आएंग
05:48कि देखिए इस तरह का खत्रा आपके इहां भी हो जाएगा तो अपने आपको साधने में कोशिश कर रहे हैं
05:53बिल्कुल उर्जा का संकट खुद पैदा कीजिए और निसीहद भी दूसरों को खुद ही दीजिए टरंप का पैतरा बहुत सही
05:59है शुक्रिया इस पूरी जानका
06:18कि क्या चुनी हुई सरकार को गिराने का फैसला अब संसद में आविश्वास प्रस्ताव या फिर चुनाव में नहीं बलकि
06:23सडकों पर अराजकता के दम पर होगा क्योंकि जहां फ्रांस में कई ऐसे प्रदरशन हुए जो बिलकुल शान्ती पून्ट थे
06:31मार्च हुए बड�
07:11जिम्दार है
07:12जन्या भर में ये शहर मश्रूर हैं लेकिन पिछले 72 घंटे से यहां हिंसा जारी है
07:20इसाथ जनी को देखी इन जलती 22 पर नजर डाली ये खुद फ्रांस में भड़की हिंसा की कहानी बयातर रहे
07:26हैं
07:27इन तूटी खिलकियों और सामान लूटते नकाब पोश्ट धंगाईयों के वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहे हैं
07:35फ्रांस के कई शेहरों में कोहराम मचा है, सड़कों पर संग्राम है, जगा जगा आप जनी हो रही है
07:42पेरिस में बड़े-बड़े ब्रैंड्स के शोरूम लूटे जा रहे हैं, दंगाई तोड़ खोड़ पर आमदा है
07:50दुनिया भर में इन शेहरों की तबाही की तस्वीरे वाइरल हो रही है
07:54प्रदर्शन के नाम पर दंगाई सारवजनिक संपत्तियों को नुकसान कमचा रहे हैं
07:58CCTV कैमरों के कनेक्शन काट रहे हैं और लूट के दौरान जो हाथ में लग रहा है उसे लेकर रफूचक
08:05कर हो रहे हैं
08:07कहने को पुलिस शासन कह रहा है कि दंगाईयों को बक्षा नहीं जाएगा
08:11लेकिन जो आसामाजिक तर तो माहौल बिगाल रहे हैं उन्होंने न सिर्फ अपने चेहरों को पूरी तरह से धका हुआ
08:16है
08:17बलकि अपने हाथों को भी दस्तानों से छिपाया हुआ है काकि किसी तरह के कोई निशान छूटने न पाए
08:25फ्रांस के हालात बिगलने के बाद पी-म सेबेस्ट्रियन को केबिनेट की एक आपात बैठक बुलानी पड़ी है
08:29इस बीच राश्ट्रपती इमेनुवल मैंक्रो कई मोर्चों पर घिरते नजर आ रहे हैं
08:34वैसा उन्होंने ग्रहमंत्री की इस तीफे की पेशकश को अस्विकार कर दिया है और साफ ऐलान कर दिया है कि
08:39दंगायों को किसी भी कीमत पर बक्षा नहीं जाएगा
08:41इधर मार्सिल में आज से लोगो को इकठा होने और प्रजर्शन करने पर प्रतिबंद लगा दिया गया है
08:46अगले राश्टपदी चुनाव से छे महीने पहले हो रही सिंसा ने फ्रांस को जगजोर के रख दिया है
08:51साथ ही कम जोर्थ बस्तोर बढ़ते कर्ज की वजज से सरकार प्रदबाव भी बढ़ गया है
08:58इस बीच प्रांस के राश्पदी इम्नॉल मेंक्रो ने दो तूब कह दिया है कि जोब ही नुचान हुआ है उसकी
09:03भरपाई दंगालियो को ही कर नी होगी
09:0717 octobre, des faccieux, issus de groupuscules d'ultra-gauche, rejoints par de nombreux délinquants, se sont livrés à une
09:15violence débridée dans nos villes.
09:17Des commerces ont été pillés, des bâtiments publics, des magasins, des mairies ont été attaqués et pour certains détruits.
09:26Et plusieurs centaines de policiers et de gendarmes ont été blessés.
09:31En regardant ces images, nous nous sommes tous demandé, qu'on t'il dans la tête ?
09:35Comment des Français peuvent faire cela à la France ?
09:39ये हिंसा बवाल कई हफ्तों से चल रहे चात्रों के प्रदर्शनों के बाद हुआ है,
09:44जिसके दौरान बीच-बीच में सलको पर हिंसा भी देखने को मिली.
09:48स्कूलों में आववस्था, बुनियादी धांचों की कमी और करप्शन को लेकर एक मुद्दा इतना ज़्यादा बढ़ गया कि एक जन
09:54अंदोलन में तबदील हो चुका है.
09:56फ्रांस में अगले छे महीने के बाद चुनाव है, और उससे पहले ये मुद्दा इतना बढ़ गया है कि विपक्षी
10:01पार्टियों को लगता है कि इसी के बेसिस पर वो चुनाव रड़ेंगे.
10:03खास बात ये भी कि अब तक इस मामले पर 1800 से ज़ादा लोगों की गिरफतारी हो चुकिया, पूरे फ्रांस
10:09के अंदर कई शेरों में आगजेनी प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन फिर भी सरकार जो है कोई से रोक पाने
10:14में नाकाफी हो रहे हैं.
10:16फ्रांस में करीब 6 लाग से ज़ादा लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, अब तक हिंसा करने वाले 2000 से ज़ादा
10:21दंगाईयों को पुलिस ने गरफतार कर लिया है, हिंसा में सैकडों लोग गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं,
10:27जिसमें 1000 से ज़ादा पुलिस कर्मी भी �
10:31फ्रांस के कई शहरों में कहने को महगाई और वेरोजगारी के खिलाफ देश व्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं, दंगाई छोटी
10:39दुकानों और स्टोर से भी रोजमर्रा का सामान लेकर भाग रहे हैं, बीच सलक गारियों को आग लगाई जा रही
10:44है और पुलिस को हालात प
10:46पर काबू करने में खासी मशक्कत करनी पल रही है, परिस समेट फ्रांस की जिन मशूर जगों को देखने के
10:53लिए दुनिया भर से लानी आते हैं, वहाँ खौफ का साया पसरा हुआ है, जो रास्टुपती मैक्रों की टेंशन बढ़ा
10:58रहा है, परिस से शुरू हुआ जिए क
11:14अंदोलन देश भर में फैल गया, और धीरे धीरे इसमें महगाई और बेरोजगारी का मुद्दा भी जुल गया, दरसल फ्रांस
11:20में महगाई आस्मान छू रही है, और अमेरिका इरान युद्ध की वज़ा से इंधन की कीमते भी बढ़ रही है,
11:25एक अनुमान के मताबिक शन
11:44प्रदर्शन कारियों ने टाउन हॉल में आग लगा दी, जिससे 143 साल पुरानी इमारत लगभग पूरी तरह तबाह हो गई
11:50है, जगा जगा प्रदर्शन कारियों और पुलिस के बीच हालात तनाव पूर्ण बने हुए हैं, आज तक भी रहो
12:11फ्रांस से आई हिंसा की तस्वीरों ने पूरी दुनिया को जग जोड कर रख दिया, क्योंकि फ्रांस के लोगों ने
12:17ही अपने शहर में आजजनी और लूट पार्ट की, अब सवाल यही है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा की वज़ख
12:23क्या है, क्यों लोग अरादिक्ता पर
12:25उतारू हो गए, अचानक शांती पूर्ण प्रदर्शन आजजनी और हिंसा में कैसे बदल गया, दरसल 18 सितंबर को शिक्षा व्यवस्था
12:35में सुधार को लेकर पेरिस के उपनगर क्रेतेई में चात्र सडकों पर उत्रे, सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की
12:41मां�
12:42लेकिन 18 सितंबर को शुरू हुआ आंगोलन, 17 अक्टूबर को अराज़क्ता में बदल गया
12:49वजह नमबर एक, फ्रांस के स्कूलों की बदहाली, आंगोलन की सबसे बड़ी वजह बनी
12:54आंगोलन की शुरुआत, स्कूलों में तीचरों और बजट की कमी से हुई
12:58चात्रों का आरोप है कि स्कूलों में तीचरों की कमी है और यही बज़े है कि एक क्लास में जरूरत
13:03से ज्यादब अच्छी है
13:04लेकिन मौदूदा सरकार की तरफ से स्कूलों की बद्धाली पर कोई ध्यान नहीं दिया गया
13:09बजट बढ़ने के बजाए घटा दिया गया
13:11लेहाजा चात्रों को अपनी मागों के साथ सब्कों पर उतरड़ा पड़ा
13:2518 सितंबर को अंदूलन शुरू हुआ और धीरे धीरे फ्रांस के कई हिस्सों में पहुँच गया
13:30इसी के साथ फ्रांस में बढ़ती महगाई और दूसरे बुद्धे जोड़ते गए
13:34चात्रों के साथ साथ सरकार के कावकाज से असंतुष्ट लोग भी अपनी मागों के साथ प्रदेशन से जुड़ गए
13:42वजह नमबर दो प्रदेशन से मांगे बनवाने का भरोसा
13:46लोगों को लगा कि प्रोदेशन के जरिये सरकार पर दबाव बना कर अपनी मांगे बनवाई जा सकती है
13:51क्योंकि माई 1968 में चाफरों से शुरू हुए आंगोलन से सभी वर्थ के लोग जुड़ गए थे
13:57अपनी मांगे बनवाने के लिए लाखों कर्मचारियों ने हर्ताल की नतीजा सरकार को जुकना पड़ा था
14:03ठीक ऐसे ही उन्नीस सो पेच्चानवे में पेंशन सुधारों के खिलाफ आंगोलन हुआ और सरकार को अपनी पेंशन सुधार बीदी
14:10को वापस लेना पड़ा था
14:29अंगोलन के हिंसक होने को फ्रांस के सियासी दलों से जोड़ कर भी देखा जा रहा है
14:33कुछ लोग मानते हैं कि 2027 राशपती चुनाव के चलते सियासी दलों की तरफ से अंगोलन का समर्थन और विरोध
14:41किया गया
14:41प्रदेशन को लेकर अपने अपने सियासी बाइने तलाशे गए
14:46वजह नमबर तीन
14:482027 का ग्राशपती चुनाव
14:50अगले साल फ्रांस में ग्राशपती का चुनाव होना है
14:53इमैनुवल मैक्रो हैट्रिक के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे
14:56लेकिन 2024 के संसदी चुनाव में किसी गड़ बंधन और दल को पूर बहुमत नहीं मिलने से
15:02सियासी टकराव की सिती है
15:04नतीजा ये हुआ कि मौझूदा सरकार के लिए बजट और दूसरी दीतियों को संसद में मन्जूरी दिलाना मुश्किल है
15:10बजट और सरकारी हर्च में कटाउती के चलते राज़नीतिक गलों के बीच खीशतान जारी है
15:16इसका असर ये हुआ कि बजट में कटाउती से सरकार की तरफ से मिलने वाली सारजनिक सोविधाओं पर फैस्टे अटक
15:22गए
15:22लहाजा विपक्ष को परदर्शन की आर्ड में 2027 राजपती चुनाव के लिए चुनावी एजंडा सेट करने का मौका बिल गया
15:31परदर्शन को लेकर सियासी टकराव आज भी जारी है
15:34प्रधान मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्णू और वामपंधी रेता जियान लुक मिलेंचो के बीच चातर आंदुलन को लेकर दीखी बयान बाजी हुई
15:41थी
15:42प्रधान मंत्री लेकोर्णू आरोब लगा चुके हैं कि मिलेंचो की पार्टी ने सिर्फ प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया बल्कि आंदुलन
15:49को भरकाने का काम किया है
15:51दूसरी तरफ राइट विंग की नेता मरीन ले पेन के प्रवासी और इस्ताम विरोधी बयानों को भी हिंसा से जोड़
15:58कर देखा जा रहा है
15:59दरसल मरीन ले पेन फ्रांस की दक्षिर पंथी पार्टी नाशनल बैली की बड़ी नेता है
16:04उनका मानना है कि प्रदेशन के लिए खुस पैठिये और रेफ के कट्टर नेता जिम्मेदार है
16:09पेन की मांग है कि उपद्रव्यों की पहचान कर सभी खुस पैठियों को तुरंट डिपोर्ट किया जाए
16:14बड़ी बात ये है कि फ्रांस में हुई हिस्सा को अमरीकी राजपती ने खुस पैठियों के लिए मौजुदा सरकार की
16:20उदार नीती और इसलाम को जिम्मेदार ठेहराया है