00:00शारदीय दुर्गा पुजा के समापन पर बुद्ववार को देवघर में बंगाली परंपरा के नुसार सिंदूर खेला कायजुन किया गया।
00:06इस दोरान महलाओं ने पारंपरिक रिती दिवाजों के साथ मा दुर्गे की पुजार चना की और एक दूसरे को सिंदूर
00:11लगा कर इस परंपरा को का उत्सा के साथ मनाया।
00:21दूसरे को सिंदूर लगा कर मा दुर्गे को विदाई दी इस दोरान सभी ने प्राटना की कि मा दूर्गा अगले
00:26वरस इसी तरह सुख सांती और खुस्यां लेकर आये।
00:30पारंपरिक बंगाली परिधान धार्मिक आस्था और आस्थ उस्ताह के बीच आयजे सिंदूर खेला ने दूर्गा पुजार के हंते में कि
00:36शेश बना दिया।
00:41अबरा भच्छर आसी खूब इंजोई कोरी आरामा दे अनेक भालो लगे सिंदूर्गा अबरा सिंदूर्गा चिरे को तम जाई इना एजोनों
00:52कि बीच्छे सवाइब।
01:03अबरा भच्छे सिंदूर्गा पुजार्गा पुजार्गा अबरा नेक भालो लगे अर एक जोने आमना जामों अबस्ताहि था कि शेव अबस्ताते याशी।
01:25अबरा जाहर हाथ भेंगे वेजे ताओ छुटी छुटी एशे चे वोई सिंदूर्गा अनेका।
01:43देवघर से इटीवी भालत के लिए हितेश कुमार चौधरी