00:00रामितिन दिली का आईपी एक्सेंशन मेदान में समारों में शिरकत की और प्रतिकात्मक तौर पर तीर चला कर रामित देहन
00:07किया।
00:07इस मौखे पर अपने संबोधन पीयर ने सभी दलों से एक साथ रहने की अपील की।
00:11उन्हें का कि देश को बारते वाले लोग देश की दुश्मन हैं। उन्शात्रो को पैचान कर उन्हें परास करना होगा।
00:18सभी राजनितिक दल राष्ट हित के लिए एक साथ खड़े हो।
00:25हमें इसी भावना पर चलना होगा।
00:29हमें देश के दुश्मनों के साथ मिलकर लड़ना होगा।
00:35देश के मान सम्मान को चोट पहुँचाने वाली ताकतें।
00:40समाज को बांटने वाले लोग हमारी संस्कृति से नफ्रत करने वाले की मान सिखता।
00:49ये देश के दुश्मन है।
00:53आज विजिया दस्वी के शुप परवपर हमें अपना संकल्प फिर दोहरा ना है।
01:02हमें माभारती के स्ट्वों को पहचानना होगा।
01:10उन्हें परास करना होगा।
01:18और राष्ट्र प्रथम का संकल्प लेते हुए
01:24सबको एक साथ आना होगा।
01:28लंका दूर थी लेकिन संकल्प अडिक था।
01:33इसलिए राम जी ने जनता की सामुहिक शक्ति को जगाया।
01:41जन भागीदारी को अपना संबल बनाया।
01:45उपलब्द संसाधनों को जोडा।
01:50और और संभव लगने वाले लक्ष को संभव बनाया।
01:57यही सफलता का मूल मंत्र है।
02:01अपनी शक्ति पर विश्वात, अपने सामर्थ पर भरोसा, अपने संसाधनों का सही उप्योग और अपने लक्ष के प्रती अटूट संकल्प
02:19आज हमें भी इसी मंत्र को लेकर आगे बढ़ला है।
02:26तो ऐसे राम राज्य की स्थापना की जो आज भी शू सासन का गवनेंस का मानदंड माना जाता है।
02:41राम राज जर्धात ऐसा सासन जहां किसी के प्रती भेदभाव नहीं हो।
02:50जहां सबको न्याय मिले जहां सबको समान अउसर मिले जहां सत्ता का उद्देश शासन करना नहीं जन कल्यार का हो।
03:09लता है कि भी शू समी करना अथ-चेवत्न