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  • 2 days ago
झारखंड के PVTG समुदायों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, सरकारी योजनाएं ठीक से नहीं पहुंच पा रही हैं. रिपोर्ट- चंदन भट्टाचार्य.

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00:04गहने जंगल उचे पहाड और इन जंगलों के बीच बसी छोटी छोटी बस्तिया यही घर है जहारखन की उन जंजातियों
00:12का जिने विशेश रूप से कमजोर जंजातिय समु का दर्जा मिला है
00:17सरकार की योजनाओं की लंबी फहरीस्त है लेकिन सवाल यह है कि इन योजनाओं की रोशनी इन बस्तियों तक कितनी
00:26पहुँची है
00:27जार्खन में 32 जंजातिय समू है
00:30इनमें असूर, बिरहोर, बिरजिया, कोरवा, माल पहाडिया, परहिया, सौरिया, पहाडिया और सवर यह 8 PVTG समुदाई है
00:412011 की जनगरना के आधार पर इनके आवादी करीब 3,00,000,000 बताई जाती है
00:47लेकिन चिंता इस बात की है कि कई समुदाईों के आवादी घट रही है
00:52और इनके सामने शिक्षा, स्वास्त, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की चुनोती आज भी कायम है
00:59इन बस्तियों में जिन्दगी आसान नहीं है
01:03कहीं स्कूल तक पहुँचने के लिए लंबा रास्ता तरह करना पड़ता है
01:07तो कहीं अस्पताल तक पहुँचना ही बड़ी चुनोती है
01:10सड़क पेजल और इंटरनेट जैसे सुविधाई भी कई इलाकों में पूरी तरह नहीं पहुँच पाई है
01:16इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और परिवारों के स्वास्त पर पढ़ता है
01:55असर बच्चा के बाद सबसे बड़ा सवाल स्वास्त और पोशन का है
02:16दुर्गम इलाकों में स्वास्त केंद्रों से दुरी, कुपोशन और एनेमिया जैसी समश्याई इन शमुदायों के लिए बड़ी चुनोती है
02:25ऐसे में सरकार की योजनाई उमीद जरूर जगाती है
02:29दाकिया योजना के जरिये पात्र परिवारों तक रासन पहुचाने की वेवस्ता है
02:34बिरसा आवास योजना के तहत घर और पीम जन्मन के जरिये सडक विजली पानी आवास और संचार जैसी सुविधाओं को
02:44Pvtg वस्तियों तक पहुचाने का लक्ष है
02:47But the land of the land is not a one thing.
02:53These questions are called the Vishishak and the Sivicharan Malto.
03:17He has worked for 18.000 thousand people in India.
03:22But his status is the same.
03:26The reason he is not the standard of law is because of this.
03:33He has not been the same as the standard of law and the law that is not.
03:34The question of the law is the same as the rule of law and the law law.
03:43He is not the same as the law of law.
03:47नई पिढ़ी के सामने रोजगार और शिक्षा के जोर्रत है तो दूसरी तरफ अपनी भासा, सर्श्कृती और परंपरा को बचाय
03:56रखने की चुनोते भी हैं।
03:58हलाकि तस्वीर का दूसरा पहलू भी है, सरकारी योजनाओं के जरिये कई इलाकों में बदलाव आया है, आवाश, राशन, सिक्षा
04:07और बुनियादी सुविधाओं की पहले से वेहतर हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि सुधार की रबतार अभी उतनी
04:16नहीं है जितनी �
04:17जरूरा थेक्षिति तो इस तरह से एकदम चनी का सती के बहुत बुरी स्थिति है, हर समाच समय साथ परिवर्तित
04:24होता है, इनमें भी परिवर्तन आया, सकरात्मत परिवर्तन भी आया, कुछ नाकारत्मत बाहरी प्रभाव भी पड़े है, लेकिन इनमें जो
04:30गती होनी चाहि
04:44हैं, हमारे सरकारी आकड़ों में आठ बोला जाता है कि आठ प्रभी थीजनाय हैं, बजट है, सरकारी दावे हैं, और
05:03दूसरी तरप ऐसी बस्तिया हैं, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं के पहुच नहीं है
05:08및 पूलकि बिकास के साथ अपनी पहचान और अस्तित्तों को बचाये रखने की भी है
05:19आदिम जनजातियों की आवादी का हर आंकड़ा एक बड़ी कहानी कहता है
05:24सवाल सिर्प यह नहीं है कि सरकार ने कितनी योजनाए बनाई है
05:29Zawal yah ky, un yoznao ka kito asar un gharo tak pohuncha
05:33jahun ay bu umeed ki najar sarokar ki or hai
05:37Vikas ki raphtar badhe, yoznao ki nigrani mjbuut ho
05:41aur sangrakshan ka saath adhikar sunishchit ho
05:44Tabhi jharakhand ki in behat samvedan shil janjatiyo ka vhavishw ki tazwira budd legi
05:51Chandaan Bhattacharya ETV Bharat, Rachee

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