00:00कि कुर्सी पर भले ही सब इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर बैढ़ता था लेकिन फैसला कहीं और से आता था
00:11कि 2012 से 17 के बीच 815 दंगे उत्तर प्रदेश में हुए हर दंगा किसी गरीब की धुकान किसी मजदूर
00:21की दिहाड़ी और किसी बच्चे की पढ़ाई को जला करके जाता था
00:26मत्रा का जहार बाग का कांड रहा हो जब कज्चा करने वाले को सत्ता का संग्रक्षण मिला और उत्तर प्रदेश
00:38के पुलिस अधिक्सक मुकल दिवेदी और थाना ध्यक्स संतो स्याबों को प्राण गवाना पड़ा
00:48हमने 2017 में आते ही पुलिस के हातों की उस रास्मितिक बेड़ी को तोड़ करके फेंगा
00:59हमने उत्तर प्रदेश पुलिस से एक ही बात कही थी
01:05कि गरीब बेड़ी ब्यातारी और बहन बेटी के संबान की सुरक्सा करो
01:15लेकिन समाज में आतंक पहलाने वाले किसी अपराधी किसी माफिया किसी दंगाई
01:25कि प्रति जिरो टॉल लेंस की नीती रहनी चाहिए