Skip to playerSkip to main content
Papankusha Ekadashi Vrat Parana Time 2026:एकादशी व्रत का पूर्ण पुण्य फल तभी प्राप्त होता है जब उसका पारण शास्त्रसम्मत विधि और सही समय पर किया जाए। यदि आपने भी पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा है, तो पारण के नियमों को जानना आपके लिए अत्यंत आवश्यक है। आज के इस वीडियो में हम जानेंगे पापांकुशा एकादशी पारण की सबसे सटीक विधि, हरि वासर के नियम और पारण समय.

Papankusha Ekadashi Vrat Parana Time 2026: The full spiritual merit of the Ekadashi fast is attained only when the *parana* is performed according to scriptural guidelines and at the correct time. If you have observed the Papankusha Ekadashi fast, it is essential for you to be aware of the rules for *parana*. In today’s video, we will explore the most accurate method for performing the Papankusha Ekadashi *parana*, the rules regarding *Hari Vasara*, and the appropriate timing for breaking the fast.

#PapankushaEkadashi #PapankushaEkadashi2026 #EkadashiParana #EkadashiVrat #ParanaTime2026 #PapankushaEkadashiParana #HariVasara #LordVishnu #VishnuBhagwan #EkadashiPuja #HinduFestival #VratRules #एकादशी #पापांकुशाएकादशी #एकादशीपारण #व्रतपारण

~HT.178~PR.114~ED.120~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:13एकादशी का व्रत भगवान विष्णू को समर्पित है।
00:30जीवन के कस्ट दूर होने और पूने फल की प्राप्ति होती है।
00:33ऐसे में अगर आप ये व्रत रख रहे हैं तो इसका सही विधी से पारण करना और सही समय पर
00:38पारण करना बेहत जरूरी है।
00:40तभी इस व्रत का फल पून मिलेगा।
00:42ऐसे में चली आपको बताते हैं पापांकुशा एकादशी व्रत पारण कैसे करें और किस समय करें।
00:50पापांकुशा एकादशी के व्रत का पारण 23 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
00:55इसके लिए शुब समय है सुभा 6 बचकर 27 मिनट से लेकर सुभा 8 बचकर 42 मिनट तर।
01:00वहीं बात करें एकादशी पारण विधी की।
01:03तो पापांकुशा एकादशी के अगले दिन यानिकी दुआदशी के दिन भ्रमोरत में उठकर इसनान करें और सुचवस्त्र पहने।
01:09तांबे के लोटे में जल और रोली मिला कर सूरेदेव को अर्ग दे।
01:14उजय स्थान पर भगवान विष्णू के सामने गाई के घी का दीपक और धूब जलाएं।
01:19उन्हें पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
01:22विष्णू सहस्तर नाम का पाट करें, आर्ती करें।
01:25इसके बाद हाद जोड कर व्रत के दोरान हुई किसी भी अंजानी भूल के लिए शमायाच ना करें।
01:30भोजन ग्रहन करने से पहले किसी योग ये ब्रामन या जरुतमन व्यक्ति को अन्यवस्तर तिल दान दक्षन जरूर दें।
01:37या तुलसी दल को जल के साथ ग्रहन करके अपना व्रत खोले। इसके बाद आप साथविक भोजन ग्रहन करें।
01:43तो इस विधी से आप पापांकुशाई कादिशी का व्रत खोल सकते हैं।
01:47उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी। फिलहल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेरिंग चैनल
01:52को सब्सक्राइब करना ना भूले।

Recommended