00:13एकादशी का व्रत भगवान विष्णू को समर्पित है।
00:30जीवन के कस्ट दूर होने और पूने फल की प्राप्ति होती है।
00:33ऐसे में अगर आप ये व्रत रख रहे हैं तो इसका सही विधी से पारण करना और सही समय पर
00:38पारण करना बेहत जरूरी है।
00:40तभी इस व्रत का फल पून मिलेगा।
00:42ऐसे में चली आपको बताते हैं पापांकुशा एकादशी व्रत पारण कैसे करें और किस समय करें।
00:50पापांकुशा एकादशी के व्रत का पारण 23 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
00:55इसके लिए शुब समय है सुभा 6 बचकर 27 मिनट से लेकर सुभा 8 बचकर 42 मिनट तर।
01:00वहीं बात करें एकादशी पारण विधी की।
01:03तो पापांकुशा एकादशी के अगले दिन यानिकी दुआदशी के दिन भ्रमोरत में उठकर इसनान करें और सुचवस्त्र पहने।
01:09तांबे के लोटे में जल और रोली मिला कर सूरेदेव को अर्ग दे।
01:14उजय स्थान पर भगवान विष्णू के सामने गाई के घी का दीपक और धूब जलाएं।
01:19उन्हें पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
01:22विष्णू सहस्तर नाम का पाट करें, आर्ती करें।
01:25इसके बाद हाद जोड कर व्रत के दोरान हुई किसी भी अंजानी भूल के लिए शमायाच ना करें।
01:30भोजन ग्रहन करने से पहले किसी योग ये ब्रामन या जरुतमन व्यक्ति को अन्यवस्तर तिल दान दक्षन जरूर दें।
01:37या तुलसी दल को जल के साथ ग्रहन करके अपना व्रत खोले। इसके बाद आप साथविक भोजन ग्रहन करें।
01:43तो इस विधी से आप पापांकुशाई कादिशी का व्रत खोल सकते हैं।
01:47उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी। फिलहल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेरिंग चैनल
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