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Breaking News: Iran vs US War में फंसा अमेरिका, जानिए तेहरान को हराना सुपरपावर USA के लिए नामुमकिन क्यों है! जानिए क्या हैं वे भौगोलिक और सैन्य कारण जिनकी वजह से वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
अमेरिका और ईरान (US-Iran Tension) के बीच जारी तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी जहाजों और ड्रोनों पर बढ़ते हमलों के बाद यह सवाल हर जगह पूछा जा रहा है कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका ईरान को युद्ध में हरा सकती है? लेकिन सैन्य विशेषज्ञों और भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान पर पूर्ण विजय पाना अमेरिका के लिए लगभग असंभव है।

ईरान की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, पहाड़ी इलाके, विशाल भूभाग और उसकी भूमिगत मिसाइल सिटीज (Missile Cities) उसे किसी भी सीधे अमेरिकी हवाई या जमीनी हमले के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा ढांचा प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नेटवर्क, अत्याधुनिक ड्रोन क्षमताएं और बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक किसी भी हमलावर देश के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं।

इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण उसे वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति को ठप करने की ताकत देता है। अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध की घोषणा करता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद विनाशकारी असर पड़ेगा, जिसके कारण वॉशिंगटन के लिए यह जंग जीतना नामुमकिन और नुकसानदेह साबित हो सकता है।

About the Story:
Amid rising geopolitical tensions between the US and Iran in the Middle East and the Strait of Hormuz, geopolitical analysts explain why defeating Iran militarily remains near impossible for the United States. Factors like Iran's mountainous geography, underground missile arsenals, proxy network, IRGC drone warfare, and control over crucial global energy transit routes pose severe challenges for US military strategy.

#IranUSConflict #USIranWar #MiddleEastCrisis #WorldNews

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~HT.410~PR.514~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:09क्या मेरिक और इस्राइल के सारे दावे सेल हो चुके हैं क्या आखिरकार सूपर पावर यूएस को एरान के सामने
00:16जुकने पर मजबूर होना पड़ रहा है ये वो बड़े सवाल हैं जो अच्पूरी दुनिया की जबान पर है
00:22क्योंकि वेस्ट एशिया की जंग एक ऐसे मोड परा चुकी है जहां आठ महीने की तबाही के बाद अब इरान
00:28ने दुनिया के सबसे बड़े चोप पॉइंट यानि श्रेट ओफ होर्मूस को खोलने का एक आखरी और बेहद शक्ती शाली
00:36मौका अमेरिका को दे दिया है
00:38सवाल ये उठता है कि आखर ये सब अच्छानक क्यों हुआ क्यारान इस जंग में पहले से जादा ताकतवर मजबूत
00:45और आत्म विश्वास से भरा हुआ खड़ा है कि अब वो टाइम लाइन डिसाइड कर रहा है कि कब ये
00:52जंग कैसे चलेगी
00:53आखिर अबास अराक्ची ने बगदाद की जमीन से अमेरिका को क्या ललकार दी है और क्यों तहरान ये कह रहा
01:00है कि अगर यूएस में थोड़ी भी मानदारी बच्ची है तो साथ दिन के अंदर होर्मूस की जील को दुबारा
01:06खोला जा सकता है
01:07आईए इस पूरे जियो पॉलिटिकल खेल इरान की बढ़ती ताकत और अमेरिका की मजबूरियों की असली कहानी को एक एक
01:15करके समझते हैं इसकी सते से तह तक जाते हैं
01:19सबसे पहले ये समझना जुरूरी है कि क्या ये पूरा विवाद कहां से शुरू होता है आज इसकी स्थिती क्या
01:25है पिछले आठ महीनों से एरान और युनाइटिट स्टेट्स के बीच एक भयंकर और खूनी जंग चल रही है
01:31दुनिया ये सोच रही थी कि आर्थिक प्रतिबंदों और लगतार हमलों के बाद इरान घुटने टेक देगा लेकिन ग्राउंड रियालिटी
01:38इसके बिल्कुल विपरीत है
01:39इरान ने ना सिर्फ अपनी सेन्य ताकत का लोहा मनवाया बलकि श्रेट ओफ होर्मूस को बंद करके पूरी दुनिया की
01:46एनरजी सप्लाई और ट्रेड को हिला कर रख दिया
01:49यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग पांचवा है साओल और एल एंजी ट्रेड गुजरता है
01:54जब यह रास्ता बंद हुआ तो अमेरिका और उसके पच्चिनी साथी देशों की आर्थिक आलत खराब होने लगी
02:00और आखिरकार वाशिंटन को समझा गया कि बिना इरान की शर्तों के इस संकट से निकलना मुश्किल है और इस
02:07जंग को और खीचना तो असंभव है
02:09मिट टर्म इलेक्शन के डर से डॉनल्ड टरंप ने जंग को बीक्ष में रोक दिया लेकिन यहीं पर हतोड़ा मारने
02:16का मौका मिला है इरान को
02:18अब बात करते हैं इस वक्की सबसे बड़ी ख़बर की
02:21Organization of Islamic Corporation यानी OIC की मीटिंग के दौरान इरान के फॉरण मिनिस्टर अबास अराक्ची ने दुनिया के सामने
02:29एक बहुत बड़ा बयान दिया है
02:31उन्होंने साफ तोर पर कहा है कि इरान का वो प्रस्ताव जिसके सहत साथ दिन के अंदर शेट और फोर्मूस
02:36को खोला जा सकता है अभी भी टेबल पर मौझूद है
02:40तहरान ने वाशिंटन के जवाब की समीक्षा की है लेकिन अराक्ची ने बिना किसी लफ्स के अमेरिका की नियत पर
02:46बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
02:48उनका साफ कहना है कि अगर यूएस में थोड़ी भी मानदारी और सच्चाई है तो रास्ता बिलकुल साफ है
02:53लेकिन इस शांती प्रस्ताफ के पहले इरान के तरफ से कुछ बेहत सक्त और स्पष्ट शर्ते रखी गई है
03:00इरान ने कहा है कि अगर अमेरिका चाहता है कि ये जंग थमें और जहाजरानी फिर से शुरू हो तो
03:05सबसे पहले इरान के बंद्रोहों पर लगे यूएस की नाका बंदी यानि ब्लॉकेट को हटाना होगा
03:11इसके अलावा एरानियन ओयल एक्सपोर्स पर से सारे अमेरिकन प्रतिबंद यानि सांक्शन्स तुरंथ अटाने होगे और रीजनल फ्रंस पर चल
03:18रही दुष्मनी को हमेशा के लिए खतम करना होगा
03:21तेहरान कई यतेवर बताते हैं कि अब इरान किसी भी दबाव या इंटिमिडेशन के आगे जुकने वाला नहीं है
03:27यहाँ पर एक बहुत बड़ा रोध यानि स्टिकिंग पॉइंट भी सामने आया है
03:30अमेरिका और इसके नेता जैसे यूएस वाइस प्रेजिडेंट जेडी वांस ने पिछले दुनों कहा था कि उनके एरान को अपनी
03:36यूरेनियम इंडिच्मिंट कपासिटी में एक मीनिंगफुल यानि अर्थपून कमी करनी होगी
03:41तब ही बात आगे बढ़ेगी यूएस चाहता है कि शुरुवाद से ही इरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा हो लेकिन
03:48इरान इस दाफ को तुरंत खारित कर दीता है
03:50इरान का साफ कहना है कि पहले बाद शेट ओफ ओर्मूस के खोलने और जलमार की सुरक्षा पर होगी ना
03:56कि अमेरिका के शर्तों पर न्यूक्लियर प्रोग्राम को दबाने की
04:00अराक्ची ने OIC के मन से अमेरिका को आड़े हातों लेते हुए कहा कि वाशिंटन ने हमेशा से कूटमीत यानि
04:07डिप्लोमेसी को तोड़ने का काम किया है
04:09उन्होंने कहा कि अमेरिकाने अंतराश्य कानून और यूएन चार्टर की धजियां उड़ाते हुए आक्रमन, धंकियों और हत्याकान साथ-साथ आर्थिक
04:17युद्ध का रास्ता चुना है
04:19इरान के उप्विदेश मंतरी सहीद खातिबाजदे ने भी इस बात पर जोर दिया कि अगर सच में शान्ती चाहिए तो
04:26सभी मोर्चों पर लड़ाई के साथ साथ सब कुछ खतम होना चाहिए
04:30क्योंकि अगर किसी भी एक जगा लड़ाई जारी रही तो पूरा शित्र शान्त बना रहेगा और इससे उनका मतलब लेबिनन
04:37के हिजबुला पर कर रहे हमलों पर था
04:39जब हम इस पूरी स्थित्थी को देखते हैं तो बाद पिल्कुल साफ हो जाती है कि आज का एरान वो
04:44पुराना एरान नहीं है
04:45एक तरफ जहां अमेरिका और उसके साथ ही अपने नए हाल निकालने की कोशिश कर रही है
04:50वहीं दूसरी तरफ एरान ने एक ऐसी मजबूच तित्थी बना ली है जहांसे वो अपनी शर्तों पर बात करने के
04:56लिए पूरी तरह सक्षम है
04:57एरान ने दुनिया को ये दिखा दिया है कि अगर शांती चाहिए तो उसे सम्मान और बराबरी के अधार पर
05:03ही पाना होगा
05:20और इस तरह की कहराई वाली इंटरनाशनल खबरों के लिए ऐसे ही वान इंडिया के साथ बने रही है
05:36इसराइल में चुनाव से ठीक पहले इरान के साथ तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है
05:41प्रधान मंतरी बेंजमिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि इरान और उसके शेत्रिय सहयोगी 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव
05:48से पहले इसराइल को निशाना बनाने या चुनावी महौल को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं
05:54इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंतरी पीट हेगसेत की इसराइल की अगोशित यात्रा ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं
06:01हेगसेत ने नेतन्याहू से मुलाकात की है और दोनों की बीच इरान से जुड़े सुरक्षा खत्रों पर चर्चा हुई है
06:07ऐसे में सवाल है कि क्या इसराइल के चुनाव से पहले पश्चे मेश्या में एक बार फिर सैने टकराव का
06:12खत्रा बढ़ रहा है
06:13दरसल इसराइल के प्रधान मंतरी बेंजमिन नेतन्याहू ने इरान को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई हैं
06:19इसराइली प्रसारक I24 News से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि उनके देश की खूफियो जानकारियों में
06:27ऐसे संकेत मिले हैं जिनके आधार पर चुनाव से पहले इरान या उसके सहयोगियों की तरफ से किसी तरह की
06:33दखल अंदाजी की आशंका जताई ज
06:35रही है नेतन्याहू ने कहा कि चुनाव में हस्तक शेप करने की कोशिश हो सकती है और कम से कम
06:40संकेत इसी और इशारा कर रहे हैं उनका आरोब है कि इरान ऐसा माहूल बनाने की कोशिश कर सकता है
06:46जिससे इसराइल की सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की सैन्नी उपलबधियो
07:02के लिए कोई अभ्यान शुरू कर दिया है फिलहाल ये इसराइली प्रधानमंत्री की और से जताई गई आशंका है जिसकी
07:08स्वतंत्र पुष्टी होना जरूरी है अब सवाल ये है कि नेतन्याहु चुनाव से ठीक पहले इरान को लेकर इतनी चिंता
07:15क्यूं जता रहे हैं इसकी
07:16एक बड़ी वजह इसराइल और इरान के बीच लंबे समय से जारी संगर्ष है दोनों देशों के बीच टकराव केवल
07:22सीधे सैन्ने हमलों तक सीमित नहीं रहा है परमानू कारिक्रम, शेत्रिय प्रभाव, मिसायल ख्षमता और इरान समर्थित सशस्त्र संगठनों की
07:31गतिव
07:33इसे में इसराइल के चुनाव से पहले किसी भी संभावित सुरक्षा घटना का राजनीतिक और रननीतिक महत्व बढ़ जाता है।
08:02ये संगर्षों से निपटने की क्षमता पर चुनाव के दौरान चर्चा होना स्वाभाविक है। लेकिन किसी संभावित हमले की आशंका
08:09और वास्थव में किसी हमले की तैयारी किये जाने के बीच अंतर करना भी उतना ही जरूरी है। और इसी
08:15बीच नेतन्याहन ने एक और
08:16महत्वपून बात कही है। इरान से संभावित खत्रे की चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने चुनाव से पहले इरान पर पहले
08:23हमला करने के पक्षमे होने से इनकार किया है। पिछले सप्ता जब उनसे चुनाव से पहले इरान पर हमले की
08:29संभावना के बारे में प�
08:43कि अगर इस्राइल पर हमला होता है तो उसका जवाब मजबूती से दिया जाएगा। इसका मतलब ये है कि इस्राइल
08:50की तरफ से एक और संभावित खत्रे को लेकर सतरकता दिखाई जा रही है तो दूसरी और चुनाव से पहले
08:55नए सैन्य अभियान की शुरुआत को लेकर भी
08:58सावधानी बरतने की बात सामने आ रही है लेकिन कहानी में दूसरा बड़ा मोड अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ की इसराइल
09:05यात्रा से आया है
09:06अमेरिकी रक्षामंत्री सोमवार 19 अक्टूबर को इसराइल का अगोशित दौरा किया
09:10समाचार एजनसी रोइटर्स और अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजिमिन नेतन्याहु से मुलाकात
09:19की
09:19ये मुलाकात दक्षणी इसराइल के निगेव शित्र मिस्थित उफदा एर बेस पर हुई
09:24इसराइली प्रधानमंत्री कार्याले के प्रवक्ता ने बाद में बैठक की पुष्टी की
09:28उनके मुताबिक दोनों नेताओं के बीच शेत्रिय खत्रों और इनसे निपटने में अमेरिका और इसराइल की साजेदारी पर चर्चा हुई
09:34इसमें रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह की रणनीतियों से जुड़े मुद्दे शामिल थे
09:39हाला कि इस बैठक में किन विशेश सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई इसका पूरा विवरंड सार्वजनित नहीं किया गया है
09:45इसलिए ये कहना सही नहीं होगा कि दोनों नेताओं ने किसी नए हमले को अंतिम रूप दे दिया है
10:04दोनों देशों ने पहले भी इरान के खिलाफ सैन्य कारिवाई की है और शेत्र में जारी संघर्ष के कारण पश्चे
10:10मेश्या की सुरक्षा स्थिती लगातार समवेदनशील बनी हुई है
10:13इस बैठक में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का मुद्दा भी महत्वपून रहा
10:17रिपोर्ट के मुताबिक इसराइल में तैनात अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी के लिए हेगस्यत ने इसराइल का आभार जटाया
10:24बैठक के दोरान अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्ब के नेतन्याहू के संबंधों और उनके समर्थन पर भी चर्चा हुई
10:30अब यहां अमेरिका की भूमिका को समझना जरूरी है
10:33अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्ब के सामने इरान को लेकर एक बड़ा रणनीतिक सवाल है
10:38एक तरफ इस्राइल की सुरक्षा और दोनों देशों के बीच सैन्य साजेदारी है
10:42तो दूसरी तरफ किसी नए हमले के व्यापक परिनामों का सवाल है
10:45इरान की खिलाफ फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू होने की स्थिती में संगहश और फैल सकता है
10:51जिसका असर पूरे शेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थ विवस्था पर पढ़ सकता है
10:55इसी वजह से हेगसित की यात्रा पर भी नजर रखी जा रही है
10:59हाला कि बैठक के सभी विवरंड सार्विजनिक नहीं है
11:01लेकिन इसकी पुष्टी और इरान पर चर्चा की जानकारी ये बताती है
11:05कि दोनों देशों के लिए शेत्रिय सुरक्षा अभी भी प्रात्मिक मुद्दा बनी हुई है
11:10इरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच
11:13हॉर्मुस जल्डमरू मध्य को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है
11:17इरान ने रणनीतिक रूप से बेहत महत्वकोन इस समुद्री रास्ते को खोलने के लिए अपना साथ दिन का प्रस्ताफ फिर
11:24सामने रखा है
11:25हालाकि तहरान ने साफ कर दिया है कि इसके लिए अमेरिका को उसकी शर्ते माननी होंगी
11:30इरान ने एक तरफ बातचीत का रास्ता खुला रखा है तो दूसरी तरफ किसी भी नए हमले का पहले से
11:36ज्याधा विनाशकारी जवाब देने की चेतावनी भी दी है
11:38इरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग्ची ने रविवार को कहा कि हॉर्मुस जल्डमरू मध्य को दुबारा खूलने का प्रस्ताव
11:46अब भी मौजूद है
11:47बगदाद में इसलामिक सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान इरान की सरकारी समाचार एजनसी आया रहने से
11:54बादचीत में उन्होंने बताया कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा है जिसकी समीक्षा तहरान कर रहा है
12:01इरान की योजना के मुताबिक अगर अमेरिका उसकी शर्ते मान लेता है तो छटे दिन हॉर्मुस जलडमरू मध्य को फिर
12:07से खोला जा सकता है
12:08इसके बाद साथवे दिन बादचीत दुबारा शुरू करने का प्रस्ताव है ताकि संघर्ष खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ा
12:14जा सके
12:15अराक्ची ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए इरान की मांगे स्पष्ट है उनके मुताबिक ये कोई असाधारन शर्ते
12:21नहीं है बलकि पिछली बादचीत और समझोता ग्यापन के दौरान अमेरिका की ओर से की गई प्रतिबधताओं से जुड़ी है
12:28उन्होंने ये भी
12:29इस पष्ट किया कि इरान धमकियों के आगे जुटने वाला नहीं है लेकिन कूटनीती के जरिये समधान निकालने के लिए
12:34तयार है हाला कि दोनों देशों की बीच स्थाई समझोते की रहा आसान नहीं दिख रही 28 फरवरी को अमेरिका
12:41और इसराइल की ओर से इरान पर हमले क
12:56को युद्ध विराम हुआ इसके बाद 18 जून को इरान और अमेरिका की बीच युद्ध समाप्त करने की दिशा में
13:02समझोता ग्यापन पर हस्ताक्षर किये जाने की बात सामने आई परमानुकारिक्रम और प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्धों पर अंतिम समझोते
13:09के ल
13:25ज्यादा विनाशकारी योजना तयार की है उनका संदेश साफ था कि अगर नया टकराव शुरू हुआ तो उसका स्वरूप पहले
13:31से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है वहीं इरानी संसत के स्पीकर मुहमद बाकिर कालिबाफ ने पश्चिमी देशों की सरकारों
13:38निवेश फं
13:53नामक एक नए इक्षेत्रिय निकाय की योजना भी घोशित की यानि इरान और अमेरिका के बीच टकराव अब केवल मिजाईलों
13:59सैन्य ठिकानों और समुदरी रास्तों तक सीमित नहीं है परमाणू कारिक्रम आर्थिक प्रतिबंद और डिजिटल तक्नीक भी संगर्ष का ह
14:06इस्सा बनते जा रहे हैं अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका इरान की शर्तों पर विचार करके
14:12बाचीत का रास्ता खोलेगा और हॉर्मस जल्डमरू मध्य को फिर से सामान्य बनाने में मदद करेगा या दोनों देशों की
14:18सख्त चेतावनिया पश्ची मेशि
14:35है

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