- 12 minutes ago
Mujhay Jeenay Do - Episode 11 Cine Pulse
Mujhay Jeenay Do is a social drama series uploaded on the YouTube channel Cine Pulse. It deals with social issues like child marriage and domestic abuse in a rural setting. It follows Saira, a young girl forced into an early marriage.
Director: Angeline Malik
Writer: Shahid Nizami
Producer: Angelic Film
Cast:
Hania Amir as Saira: Naseeb's first wife and Shahab's love interest
Raeed Muhammad Alam as Shahab (Shaboo): Saira's love interest
Gohar Rasheed as Naseeb: Saira and Shahina's husband
Nadia Jamil as Yasemine: Shahab's mother
Mehreen Raheel as Shahina: Naseeb's second wife
Sarmad Khoosat as Mehmood Alam: Shahina's ex-husband
Iffat Rahim as Saeeda: Shahab's step mother
Salman Shahid as Khuda Baksh: Saira's father (dead)
Minsa Malik as Sitara: Mehmood's daughter
Omair Rana as Iftikhar: Shahab's father
Hassan Mir as Kashif
Khalid Butt as the village's molvi sahab
Sabeena Syed as Bushra
Ali Tahir
Kashaf Ahmed
Usama Khan
Minsah Ahmed
Samama Arham
Meqaan Raza
Rashid Mehmood
Umar Khan
Iqra Inayat
Hamza Ishtiaq
Mujhay Jeenay Do is a social drama series uploaded on the YouTube channel Cine Pulse. It deals with social issues like child marriage and domestic abuse in a rural setting. It follows Saira, a young girl forced into an early marriage.
Director: Angeline Malik
Writer: Shahid Nizami
Producer: Angelic Film
Cast:
Hania Amir as Saira: Naseeb's first wife and Shahab's love interest
Raeed Muhammad Alam as Shahab (Shaboo): Saira's love interest
Gohar Rasheed as Naseeb: Saira and Shahina's husband
Nadia Jamil as Yasemine: Shahab's mother
Mehreen Raheel as Shahina: Naseeb's second wife
Sarmad Khoosat as Mehmood Alam: Shahina's ex-husband
Iffat Rahim as Saeeda: Shahab's step mother
Salman Shahid as Khuda Baksh: Saira's father (dead)
Minsa Malik as Sitara: Mehmood's daughter
Omair Rana as Iftikhar: Shahab's father
Hassan Mir as Kashif
Khalid Butt as the village's molvi sahab
Sabeena Syed as Bushra
Ali Tahir
Kashaf Ahmed
Usama Khan
Minsah Ahmed
Samama Arham
Meqaan Raza
Rashid Mehmood
Umar Khan
Iqra Inayat
Hamza Ishtiaq
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TVTranscript
00:00छोड़के नजा सहिया हूँ
00:50शाहिना आप विजह माफ करते हैं
00:58जो बहुत खलती हैं हम सब के लिए मुझे माफ करते हैं
01:04ना नसीब ऐसे मौके पे तु माफी ना माँग
01:10हमारी नएई जिन्दगी शुरू यह तेरी और मेरी
01:14जो हुआ से हुआ
01:17बस इसी घर में अब खुशियों से नही जिन्दगिया शुरू करें लिए
01:23तु अन्ने और हमारे बच्ची
01:26करें बच्ची
01:27कर्णाया
01:28प्रखा विए
01:45कर्णाया
02:05जल्दी कारना वैसे भुक्की पढ़ी हैं खुद का तो पेट भरा हुए जी बस अभी हो जाएगा वो नसीब है
02:12उसके कपड़े स्तिरिकार देना आता ही होगा
02:16जी अपी ये करके मैं वो इस्तिरी कर दूँगी तरा वकत तुम लोगो के काम करती रहती हुए सर मेदार्दो
02:23हो गया मेरे जल्दी आई ना आके सर दबादे यहां पुतर अठेटर ना शुरू हो जाएं जल्दी आई हां मैं
02:31चार पाए पे बैठ इंतजार कर रहे हूं चल शा
02:48क्या है माम्धू के यार वा कहिक नहीं आस ए अग जा जाल जाता है जां चाय प्लताः नहीं वह
03:07अज्छी आउंगा तो चाहें निए बैस तिरे से एक जरूरी काम था अच्छा अच्छा क्ए ठयूस्दी मोल्स इल्यों जा ना
03:15फाट नहीं आफिशाय फायर था
03:16अब दोस्ति काम आते हैं ना दोस्तों के अच्छा ये मेरी अमानत रख ले
03:25ये मेरी पेटी तक पहुचा दे ही जिस्तारा का आप है कि माँ को दे दे जा देगा
03:35कैसी बात कर रहा है यार दोस्तों अब इवरी आया ना पर देन से बैठके सारी बाते करूंगा जादी देगा
03:43रहा है जाब रख
04:09जिए आई जिए जिए आई चेटियाना ओक कबड़े पड़े इस तरी कार दे नसीबात योगा सिशयर जाना है
04:28जल्दी करना उजलाना दें छित्तर मारूंगी मैं
04:56हो सेरा जी कपड़े डाल देना थूप में नसीबाता ही होगा जी बस अभी करती हूँ
05:48अभी सेरा जी बस अभी आई
05:52कारेगी लड़की वाजन दे देखे मरंगला फट गे आजानी जी आई
06:00हाँ आजा इधर पे कमरदाद करी मेरी कंदेदाद करी जरा गोट दे मिन छोड़ी देर
06:10रसीब के लिए चाय बनाई थी तुन्ने जी बनाई थी अच्छा कपड़े ओगे इस्तरी जी
06:18हाँ ओजड़ी भेंस है न उसको खाना दिया था वो अभी देती में एक में अभी आई ने
06:34माँ पतानी गिटों में होता है कहां होता है इस लड़की का
06:41सेरा वे सेरा में माना इने चाहे ले किया
06:51जा जा के चाहे ले किया में माना के बैठे सुखे मुसलाम भी नहीं किया
06:56को तुमीश मीज है शिखा सिखा के मेरा भिजजा जो ए खराब हो गया जा जा चाहे ले किया
07:02हम में लेकर आती
07:04से लड़की को तो मैंने इतना समझा है बात इनी समझती है
07:09रहने तो शाहिना, एक घर की तो बात है, कोई फरक नहीं बढ़ता, एक दफ़ा की चाहे नहीं प्योंगी तो
07:15कोई हर्ज दी हो जाएगा
07:16तो बैठ जाना, ले क्या रहे हैं ना चाहे
07:20नसीब इतना अच्छा कमाता है, फिर तो साइरा को ऐसे क्यों रखती है
07:25यू समझ नहीं आई तो क्या कह रही है
07:27उसे कोई ने कपड़े दिला दे, उसका हुलिया ठीक करवा दो
07:30है बाजी तुझे तो पता है, इसके पीछे भी एक वज़ा है
07:34त्यास यारों के नसीब के सामने आई, नसीब की आख मटकी
07:38तु तो जानती इनका क्या रिष्टा है
07:40नहीरा तो यहां पे राज खतम हो जाएगा
07:43नसीब की नजरों में आ जाएगी लड़की
07:46खेर, एक मिन्ट तु ठैर चाहे पी के जा
07:50वे लड़की, और असमास भी पढ़ें, वो भी लेके अपपे पहने
08:01मैं अच्छी तरह जानती हुए तेरी सासिश है, महले में तुने मुझे वदनाम करना है न पुरे गाओं में
08:07क्या बिगाड़ा है मैंने तेरा, कितना मैं तेरा ख्याल रखती हूँ
08:11लेकिन तु मेरे पीछे पता नहीं क्यों पढ़ी है
08:15मैं जान बूच के तो नहीं किया वो मैं जल्दी में ला रही थी तो
08:19वे मैं इतनी कोशिश करती हूं तुझे सिखा सिखा के सिखा सिखा के अदी रहेंगी हूं लेकि तरी जूनी रिंग
08:25ती कान पे
08:26ना तुझे मैं अच्छा खाने को देती हूँ, लोग कहेंगे ना तुझे मैं अच्छा पेनने को देती हूँ, सड़ी भी
08:30तो मैं ही हूँ ना, तू बिलकुल ठीक है
08:33आइंदर नहीं करूंगी
08:35आइंदर एक से नहीं करूंगी
08:36चलो वे पकड़िये चाहे तो सारी गिरा दिये ले के जा अंदर
08:41वाली समझ नहीं आता मैं इस लड़की का क्या करूँ
08:45परिशान करके रख दिये सिखा सिखा के मेरा तुदबा खतम हो गया
08:48नहीं सीखती है
08:50अच्छा मेरे घर चाई पी लेते हैं
08:52ये भी हो सकत है
08:53वैसे भी मेरे याँ बैठ बैठ के ना दमा खराब हो गए
08:57चल चलिए
08:58वे सहरा
08:59हम जड़ा जा रहे हैं
09:01आते हैं
09:02सब कुछ साम लेना सहरा
09:04मैं जा रही हूँ
09:05रोटी शोटी बना लेना
09:06नसीब ने आके खरना खरना है
09:11ये तब ये तब ये तब ये वहारा वोगी
09:39मैं जा खरना है
10:09लाजी में झाले हैं
10:14लाजी में झाले हैं
10:28लाजे हैं
10:30लुष लग कर दो लाजे हैं
10:34लेखन हैं
10:39झाल झाल
11:16झाल झाल
11:39बड़ी सुर्की शुर्की लाई है
11:41मैं भी कमूँ के नए कपड़े सवाई सी कि थे गए
11:45मैंनू क्या पता था कि पापा के फार दिये लड़की ने
11:49हलत पुरी कर दिये
11:50लोग मुझे ऐसे तान नहीं देते के घरीबनी की तरह तुझे रखती हूं
11:54है दिखा हो तो सही ज़रा दो साल चिलाने थे दो साल इत में पहनने थे
12:00फिल्म स्टार बनी फिरती है अपने आपको ऐसे ऐसे मटका मटका के घूमती है
12:05ना स्कूल ही जाती है ना काम कराती है बदे एक लोड़ फैसर नहीं खतम होते हैं
12:09है की समझे निये तू अपने आपनों नो कर समझे मुझे बता नहीं है मैं
12:14अरे चल ले देख चल ले दर तब यह तेरी दुरुसका नहीं लेकर एरती हमें चाड़ू
12:23यह है जहाँ यह तरी पिछेटी है नहीं है जोरुक सा टार जा एरती तरी पिछे पिछेटी किस्ते चलिए ए
12:32है
12:32है
12:34है
12:34है
12:35है
12:37है
12:42कर दो
13:08कर दो
13:38कर दो
13:38कर दो
13:40कर दो
13:43हुआ हुआ हुआ है
14:11हुआ है
14:43शाबू
14:47शाबू
14:49हाँ
14:50मैं ही हुँ तेरा शाबू
14:55क्यों
14:56यकिन नहीं हा रहा
15:00मैं तुझे कहा था ना
15:02जब भी तु जील के पास आकर मुझे याद करेगी तो मैं आचाओंगा
15:09तुझे पता चल गया
15:25हाँ
15:26राशाबू तुझे वड़ा साबजी बन गया
15:29सब के लिए पतल किया
15:30पढ़ते लिए वही पुरायन जैसे
15:36पक्का
15:38अचा तुब बता
15:39यहां के लिए क्यों बैठी है
15:40और तुझे खानावाना नहीं खाती
15:46देख मेरे कितने बत्रे कटे की है
15:48तुल खेलते हैं ना
15:51देख
15:53मैं तुझे जो पूछ रहो ना
15:54मुझे उसका जवाब दे
15:57क्या
15:57क्या नसीब तेरा खयाल ही रखता
16:01रखता है रखता है
16:03तु तब जूट बोलेगे ना
16:05तब मुझे सब कुछ पढ़ा चल रहेगा
16:07अच्छा कैसे
16:10यह जो तेरी आखे हैं ना
16:12यह मुझे कभी जूट नी बूलती
16:14सब कुछ सच-चच बता देती है
16:18अच्छा तु
16:19तु बचाना तु शेहर में क्या क्या पढ़ता है
16:24किती सोनी है तु
16:28तु तुझे अपने जरा भी खयाल नहीं है
16:30किल किला के हसा कर
16:33मुस्कराया कर
16:33अच्छे अच्छे कपड़े पहना कर
16:40तु
16:41तु खुश तो है ना
16:45सब कुछ मेरे बारे में पूछता राएगा या अपने बारे में कुछ बताएगा
16:50चल ठीक है
16:51मैं अब तुस्ते कोई सावाल नी करूँगा
16:53तु जो मुझे सावाल करेगी मैं तुझे उसी का जवाब तूँगा
16:56अच्छा तो
16:59यूट्टों और। हुए हो ना
17:01दो लोग तो यहां पर भी होते हैं
17:03पर वहाँ पर ना
17:04आतना काह हैं से कुछ अरएग छीजा होती है
17:08यूँ मिंटों मिंटों में होता है
17:11मशीनों पर?
17:13काहा मशीन पर करेगे तो पर तो
17:15किसी के हाथ ही नहीं दूखते होंगे
17:21तू बहुत काम करती है ना
17:25शाहिना खाला तुझसे सारा काम करवाती है
17:27शाबू में तुझसे क्या पोचिए तू मुझे क्या जवाब दे रहे
17:32ठीक अगर तू मुझे अपने हालात नहीं बताना चाहती है तो ना बता
17:40धकन
17:42क्या तूने में धकन बोला
17:44धकन
18:05है है घट गई मैं तो खाला की बाते ने खतामों रहें थी
18:15सेरा, ओ सेरा, भूख लगी है रोटिला, अम्मा कुछ नहीं पगाया, हमें भूख लगी है, क्यों, कमरे में सो रही
18:27है, बंद किया अपने आपको, बता नहीं बता के नहीं गई हमें,
18:32है, कहाँ चलेगी यह वारा लड़की, है, है, है, सितारा पुत्तर, मुझे भुक लगी है, जा जा के खाना तो
18:47बना दे, को रोटी-शोटी, को सालन-शालन, जब देखो घर से बाहर निकली होती है, लड़की अवारा बन गी
18:58है, तो मैं कमरसी दी करूँ अपने लेट के जरा �
19:30थोड़ी देर,
19:34बाजी, थोड़ी देर के लिए बस बार गई थी, गंटा हो गया मुझे आये वे, बाजी लेकिन मैं तो सिर्फ
19:40थोड़ी देर के लिए गई थी, हाँ हाँ, मैं जुटी ठेरी, तू सची ठेरी, मैं जालिम, मैं तुझ को बंद
19:52करके रखती हूँ, तुझ पे पैरा लगा के,
19:56बाजी, मैंने यह तो नहीं का, मैं बस थोड़ी देर के लिए बार गई थी, थोड़ी देर होगी शायद, तू
20:04क्या समझती है, मुझे नहीं पता के तू कहा गई थी, बेवकूफ नहीं हूँ मैं, जील पे गई थी ना,
20:12तुझे और कॉन मूह लगाएगा,
20:18अब आगई हूना बाजी, आगई है तो मेरे सर पे ऐसान किया है तूने, थोड़ी देर के लिए तुझे कहा
20:24था, के मैं घर से बाहर जा रही हूं, मेरा कोण है, ना कोई सुस्राल वाला, ना मैं का, बच्चो
20:28को छोड़ूं, तो कहा छोड़ू मैं, अगमी जद, आगई है,
20:34कैसा है तो, मुझे तो लगा कि तू मुझे देखेगा तो पेचाने का भी नहीं, पूछेगा कि मैं कौन, मलिकों
20:43का खून है मेरे अंदर, हम लोग इसी से एक दफार दोस्ती कर ले ना, तो उसके लिए जान दे
20:48देते हैं, बर दगानी करते हैं, क्या बात है तेरी, यार त�
20:56तुझे क्या, सारे प्रिंट को बहुत याद्या है, ये दरख, ये पौदे, जील, कची-पकी सड़के, इनके हुसन का मज़ा
21:05ही को चवा रहे है, सही कह रहे है, चल बैठ,
21:11सिरह इतना ही मैं कह रही हूँ, बच्चे संभाल लिया कर, शरम है या, तो बिल्कुल ही बेज खामा रही
21:16है तुने,
21:21बाजी मैं भी सितारा जितनी थी, जब टी-पी को मज़े संभालने को दे दिया था,
21:29चल जा, जा के सितारा की मदद करा, रोटिया पका पका के वो भी ठाक गई होगी,
21:36सारा का मजू है, कुछी ना कुछी को करना पड़ता है, महारा नी जी, कभी कहीं नी के लिए होती
21:41है, कभी कहीं नी के लिए होती है,
21:42वे सितारा चाहे लेग या सिर्फ फटी जा रहे है
21:46अच्छा ये बता कब तक है यहां पर?
21:49यार अभी तो आया हूँ जाने के बारे में कुछ सोचा नहीं है
21:55यहां पर रहके अपने बश्मन को महसूस करना चाहता हूँ
21:58जो मैं यहां छोड़ के किया था
22:00तो जिकर घूम फिर आयाशी कर गाओं देख अपने घार वालों को टाइम दे और टाइम मिले तो अपने दोस्तों
22:09को भी थोड़ से टाइम दे
22:09हाँ हाँ क्यों नहीं अभी तो आया हूँ सबसे मिलना मिलाना तो चलता रहेगा और जैसे भी वापसी की बारे
22:17में मैंने कुछ सोचा नहीं है
22:20वे अभी तो आया है पुछड़ने की बाते ना कर
22:38मेरी प्यारी अमीजी अब क्यों आया है अब क्यों आया है मैरे क्यों नहीं आया अब मी घरी तो आ
22:52रहता है
22:54पस रास में दोस मिल गए तो उनके साथ बैट किया
22:57दोस मिल गए तो मा भूल गए
23:04अब मैं आगे हमाँ अब मैं आपके पास से कहीं नहीं चाओंगा
23:09बाते ना बना
23:12मुझे बता तुझे खाने पीने को कुछ नहीं मिलता मां पे
23:15इतना दूबला पतला क्यों बन किया है?
23:17छे खासा तो खाता हूँ
23:19अब ठीक हूँ
23:21हाँ, ये बात अलग है कि
23:24आपके हाथ के खाने की याद बहुत आती थी
23:28अब आगी है ना, रोज तेरी फेवेज़े बनाया करूगी
23:32ठीक है
23:34अमी, आपने शाहिना खाला को मेरे बारे में नहीं बताया था
23:38छोड़ दिया है उसने मुझे
23:40बस अब मैं इस जंजट में नहीं पड़ सकती
23:45चलो शुकर है तुम तो आगए हो
23:46हम, भूक लगी है?
23:49है ना, ना, ना, पुच्चा
24:00मैं तुझ से कहा था ना
24:02जब भी तुझ जील के पास आकर मुझे याद करेगी
24:05तो मैं आ चाहूंगा
24:08ये जो तेरी आखे हैं ना
24:10ये मुझे कभी जूटनी बूलती
24:12सब कुछ सचसच बता देती है
24:14किती सुनी है तो
24:17तो तुझे अपना जरा भी ख्याल ने
24:20किल किला के हसा कर
24:21मुस्कराया कर
24:22अच्छे अच्छे कपड़े पैना कर
24:33बाजी आप क्यों मुस्करा रही हैं
24:35च्पकर सोजा तू
25:03अच्छे अच्छे
25:06आहिए लेक थे लाए लूगिए आपका क्यों
25:25क्यों आत्रा प्ली रहां
25:31मैंह समय थे ना किलुए
25:37चल हात मुझ दो ले चल ना शराथ दिकेंगा खाना गरम है आजा ठंडा हो जाएगा मैं अब भी लगाते
26:01हूं
26:06कर दो अब ना दो कि दोको जाएगा वा हो दो एंडा खाना जिकेंगा दो कि दो दो एंडा वो
26:19गो जो फो हो एंडा है आएगा यहा हो ताना-।
26:26येले
26:50येले
26:54येले
26:58बलान वाला तुगा
27:22।
27:30बॉसकाले
27:43झाल झाल
28:07नसीब, अब भी उठ्छी में तेरे आने पे
28:12क्या होगे, खेर है? खेर है? जला दिया उसने मुझे आजा
28:21सर भट रहा था मेरा दर्द से, उससे कहा के बावची खाने में जाके मेरे लिए चाए बना दो
28:27ना जानी क्या करने गई वो, मारानी जी वाँ जाके रहे गई
28:30मैंने सुझा कि जाके देखो तुसे कि क्या कर रही है? देखने गई तो मेरे उपर दूद गिरा के मुझे
28:35जला दिया
28:39जानवुची किया उसने तेरे साथ ऐसा? और नहीं तो क्या?
28:43किसी दिन जला कर मुझे मार देगी, जहर लगती है उसको मेरी नोक टोक
28:48उसको अगर मैं रोकू बाहर जाने से तो सारा दिन अपना मुझ भूला कर कमरे में अपने आपको बन कर
28:54लेती है
28:56अच्छा चल रखा तो सही, जला, कुछ जादा तो नहीं चला, यह ड़क्टर के पास ले चलता हूँ मैं
29:03अगर तुने मेरे लिए कुछ करना है ना, तो उसको समझा दूने करते जील पे निकल जाती है वो
29:09बला जील पे कोई अकेला जाता है, किसी ने देख लिया तो क्या समझेगा
29:15अच्छा चल ठीक है, मैं उसको समझा दूँगा, तो अपना दिल ना खराब कर, चल
29:20बहुत बात किये मैंने उसे, सारे घर का काम में अकेले करती हूँ
29:25एक तिनका नहीं तोड़ती वो, पलंग पर बिठा के खिला रहे हैं, बस इतना कहती हूँ कि बच्चों का ख्याल
29:31रख ले
29:31तो तू उसको क्यों नहीं कहती कि तेरे साथ काम में हाथ बटाए
29:36लो, मैं क्यों कहूं, मैं क्यों पुरी बनू, उसकी अपनी आखें नहीं हैं, वो नहीं देख सकती
29:43घर का ख्याल भी रखो सफायां भी करो, बच्चों का भी ह्याल रखो और उसकी गुलावी भी करो
29:48तू भी दूसरों के चक्कर में पड़ी रहती है अपना ध्यान रखती नहीं है तू रख लोंगी मैं अपना ध्यान
29:59तू उसको समझा कि अगर वो मेरा हाथ नी बटा सकती तो मेरे लिए काम ना बढ़ाए बस बच्चों के
30:06उपर दिहान करें अच्छा प्रक्न सिपान कर पाऊ
30:10अधिल मान चला हो तू चल कमरे में ना आती है
30:56हुँँँँँच झां
30:58अ ने करेंगल मेचा न और का बभ्रोंगी मुदक्ता कर दो दूनेंगी
31:03ने उटते है उना पाऊ ना को दो हुँँँँच्टाए
31:08अगा बढ़ाए ुँटाए
31:13पूर्सा थाले
31:24साहरा
31:30चाहिना कह रही है कि तू घर के काम में उसका हाथ में बटाती
31:36चल सारा काम नहीं कर सकती तो आदा काम ही कर ले
31:41मैं ते कम कर दिया
31:48वो जूट बोल रही है
31:50हम?
31:52वो जूट बोल रही है कि मैं जुटा हूँ
31:58अब बोल भी
32:02मैं तो घर का सारा काम करती हूँ
32:24लेकिं सितार औटीपु को तो संभाड सकती हैं टीपू तो पहली देरे साथ रहते हैं
32:32मुझे उसे कोई मासला नहीं
32:33तो तु पर बच्चों को क्यों ही सुवालती तू
32:37साड़ा दिन मूँ घर काम अकेले करती है
32:39तेरा ख्याल रखती है बच्चों का ख्याल रखती है
32:43तूठके पानी तक नहीं पीती
32:47तो पारा ये हड हरामी दिखाई ना
32:52जब बुरा को इनियोना
33:21जब बुरा को इनियोना