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फ्रांस, इटली और स्पेन समेत यूरोप के कई देशों में राजनीतिक तनाव, विरोध प्रदर्शन और असंतोष की खबरें चर्चा में हैं। सड़कों पर बढ़ते विरोध और सरकारों के सामने खड़ी चुनौतियों ने यूरोप की स्थिरता को लेकर बहस तेज कर दी है। क्या यूरोप एक बड़े राजनीतिक संकट की ओर बढ़ रहा है? इस रिपोर्ट में जानिए फ्रांस में बवाल, इटली और स्पेन के हालात, यूरोप में बढ़ती राजनीतिक उथल-पुथल और 9 देशों में सत्ता परिवर्तन की आशंकाओं से जुड़ी पूरी कहानी। देखिए Europe Protest, France Riots Update और Europe Political Crisis पर यह खास रिपोर्ट।

Europe is witnessing growing political tensions, protests, and unrest, with France, Italy, and Spain at the centre of attention. Are these developments signalling a deeper political crisis across the continent? From street demonstrations and public anger to government challenges and fears of instability, this report examines the situation in Europe and the factors driving the unrest. Is Europe heading towards a wider crisis, and what could the consequences be for European governments? Watch this France Riots Update for the latest analysis of Europe protests, political turmoil, civil war fears, and the possibility of major political changes across nine European countries.

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~PR.540~HT.408~ED.110~GR.508~VG.HM~

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00:00व्यववव जी दुनिया भर में माइग्रेशन हो रही है अगर आप देखें भारत से भी illegal migrants कनाड़ा चले जाते
00:11हैं भारत से भी illegal migrants योरोप चले जाते हैं भारत से भी illegal migrants अमरीका चले जाते हैं
00:22इनके लिए अंतराश्ट्रिय तैप मापदंडों के हिसाब से नियम है
00:29नियम क्या उनको अलाव करना है या नहीं करना
00:32दूसरी चीज अगर अलाव नहीं करना है
00:35तो होस्ट नेशन उसके बाद क्या करवाई कर सकता है
00:40जहां तक फ्रांस की बात है
00:41फ्रांस ने सदियों से अफरीका के अलग-अलग देशों पर राज किया
00:47तो जब 1950 के बाद एक एक करके ये सारे मुलक आजाद होने लगे
00:58फ्रांस के कबजे से
01:00तो इन सब मुलकों में जो तबका फ्रांस के रूलर्स को मदद करता था
01:12या फ्रांस के जो एड्मिस्टेटर्स थे उनको मदद करता था
01:16अंग्रेजी शब्द है कोलाबरेटर्स
01:21उनको बहुत यातना और प्रताडना जहेडनी पड़ी
01:28मैं वहबब जी देखे भारत में ऐसा नहीं हुआ
01:31भारत में जब अंग्रेज भारत छोड़के जाने के लिए
01:35विवश्ट कर दिये गए 1947 में
01:39तो अंग्रेजों के जाने के बाद भारत में
01:43जो तबका एक था हमें मलूम है
01:46आप किसी भी शहर में चले जाएए
01:48किसी भी इनिवर्सिटी में चले जाएए
01:51भारत में भी एक तबका था भारतियों का
01:53या भारतियों परिवारों का
01:55जो की सौ साल से पचास साल से अंग्रेजों की सेवा में थे
02:00अंग्रेजों के साथ थे
02:04तो जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तो भारत में नाना कारणों से इन परिवारों को या इन लोगों को व्यक्तिक
02:16तोर पर प्रतराणना नहीं दी गई, इनका पीछा नहीं किया, इनका घर को आगनी लगाया गया
02:23दो-चार फैमिलीज का नाम में तो अभी बता सकता हूँ, जो कि अंग्रेजों के साथ थे, लेकिन अफरीका के
02:32दिशों में क्या हुआ कि जब फ्रांस उनको छोड़के गया तो बड़ी तदाद में ऐसे फैमिलीज जो कि फ्रेंच एडिमिस्टेशन
02:39के साथ थे उनको मार डाल
02:42गया, उनके घरों में आग लगा, उनकी संपत्ती लूट ली गई, कई जगा पर जो नया आजाद मुल्क था, उसने
02:48कानून बना कर इन लोगों की संपत्ती को सरकारी संपत्ती में मिला दिया, यानि इसंपत्ती को छीन ले, तो यह
02:57सब भागे, दोडे, जान बचाने के लि�
03:11इस तरह के हिस्टोरिकल कारण की वज़ा से अफरीका से, खास्तों से जिन देशों पर फ्रांस रूल करता था, तिनिशिया
03:19क्लासिक एग्जामपल है, इन देशों से जो पलायन करके फ्रांस पहुँच जाते थे, उन्होंने एक नियम बनाया कि इनको हम
03:29अपने हाँ शरण �
03:30देंगे, क्या ये लोग ही आज की तारीक में फ्रांस के सड़कों पर आख लगा रहे हैं, ये जरा सोचना
03:42पड़ेगा, फ्रांस की टोटल पॉपुलिशन में ये अश्वेत लोग कितने हैं, फ्रांस में अश्वेत लोगों की संख्या, टोटल अफरीका से
03:56जो हैं, उनकी सं
03:57क्या है आठ प्रतिशत क्या इतने जो हम देख रहे हैं कि फ्रांस की सड़कों पर हजारों लड़के आगजनी कर
04:06रहे हैं लड़के मिन्स बच्चे हजारों बच्चे आगजनी कर रहे हैं क्या ये सब अफरीका से आए हैं या ये
04:14अफरीका के मुस्लिम बच्चे हैं शायद नह
04:21जो वहांकी पुलिस है वो उनके नाम नहीं रिलीस कर रही है
04:26लेकिन अगर हम पुलिस के अंकलों पर देखेंगे
04:30टोटल जो एरेस्ट किये हैं काफी एरेस्ट किये हैं
04:33उन्होंने दो अजार चार अजार को एरेस्ट किया है
04:35उसमें ज्यादातर बच्चे कॉकेशियन बलड के हैं
04:41क्रिस्चियन हैं फ्रांस मूल के बच्चे हैं
04:46वो अश्वेत नहीं है ज्यादातर बच्चे ये जो 2000 या 4000 एरेस्ट हुए हैं
04:53ज्यादातर मुस्लिम नहीं हैं, लेकिन ठीक है, डोनाल्ड ट्रम्प, डोनाल्ड ट्रम्प हैं, इसको हमें इस तरह से दिखना पड़ेगा कि
05:02दुनिया के सारे दिशों में ये दिक्कत है, कुछ दिशों ने इस दिक्कत को एक अपर्चुनिटी बनाई है, अभी वैवववव
05:21बात है, हमारे यहाँ पर जो दिल्ली का लेबर है, यानि हरणया का जो लेबर है, हमारे यहाँ पर दिन
05:27में 800 रुपे में काम करता है, वो भी नहीं मिलता, हमारे यहाँ पर जो बिहार और पूर्वी उत्रप्रदेश से
05:36लेबर आते हैं, वो 600 रुपे में काम करते हैं, उनकी
05:40भी shortage है, हमारे यहाँ पर जो बंगाल से बंगादेशी आते हैं, वो महट 400 रुपए के लिए काम करने
05:50के लिए राजी हो जाते हैं, हमारे यहाँ पर मेरे गाव में जो रोहिंगिया है, रोहिंगिया बंगादेशी नहीं है, मियानमार
05:58से आये हैं, वेवबब जी ये कुछ भी �
06:02दे दो इनको, 300 रुपया दे दो, 200 रुपया दे दो, सारा दिन खेत में काम करने के लिए तयार
06:07है, इस फिनोमेना को काफी देशों ने अपर्चिनिटी में चेंज कर लिया है, फ्रांस में आज बताईए, फ्रांस के घर
06:15में कौन बरतंद होगा, फ्रांस की सड़कों पे कौ
06:22इसकर कौन गटर को साफ करेगा, जहां फीकल मेटर को प्रोसेस किया जाता है, पॉलिशन कंट्रोल एरियाज में, वहां पर
06:33कौन मास्क पहन के या बिना मास्क या घुजएगा, मैं फ्रांस की बात कर रहा हूँ, फ्रांस के जो गोरी
06:40चमडी वाले हैं, वो नहीं करेंगे य
06:47क्योंकि फस्ट जिनरेशन माइगरेशन में जब लोग आते हैं, वो जिन्दा रहने के लिए गटर में घुस कर काम करने
06:54के लिए तियार हो जाते हैं, हर देश को गटर में घुसने वाले लोगों की दरकार पड़ती है, जी
07:01बिलकुल, कोचर सर के पास सलते हैं, उससे पहले आपको बता दें कि टरम का पूरा बयान पढ़कर सुना देते
07:08हैं, कि उन्होंने क्या कुछ कहा है, उन्होंने कहा है कि फ्रांस का पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बनने जा
07:13रहा है, वहां भारी तादात में बाहरी लोग आ �
07:15मैंने राश्टपती मैकरों को आगाह किया था कि आप पहले से त्यार रहिए, सब कुछ हो सकता है, उन्होंने कहा
07:23है कि फ्रांस के प्रोटेस्ट के पीछे इसलाम की एक महान देश पर कबजा करने की चाहत है, ऐसा ट्रम
07:29का कहना है, कोचर सर बड़े जो परदर्शन हो रहे ह
07:42फ्रांस से इसकी शुरुआत हुई, बहुत सारे लोग इसे अरब स्प्रिंग से जोड रहे हैं कि कई सारे शास्कों को
07:48देशों के हटाया गया था जब विरोत बदर्शनों के जरिए, आप इसे कैसे देख रहे हैं, जो इस वक्त यूरोप
07:54में हो रहा है?
07:57देखें वहबो जी, ये खास तोर पे हमने फ्रांस की बात करी, हम इसको अलबेनिया की बात करेंगे, स्पेन की
08:06बात करेंगे, चिली की बात करेंगे, और ये सारे कंट्रीज में इस टाइप के जो है, कोई इसमें एक आपको
08:14कॉमन फैक्टर नहीं दिखा ही दे, और इसको अ
08:24तो वो एक opportunity cost बोलते हैं, कि आपकी अंदूलन स्टार्ट होती है, फ्रांस की इसको अंदूलन कहां से स्टार्ट
08:36होई थी, एक glass room से स्टार्ट होई थी, एक education issue पे स्टार्ट होई थी, equality के issue पे
08:44स्टार्ट होई थी, और फिर जब ये mobs आ जाती है, तो वो इसमें ये लोग आ
08:52आपके mix हो जाते है, opportunity ढूलते हैं, अपने showrooms को और इस तरीके की आपकी चीज़ों को लूट ते
08:58लगते हैं, तो बहुत important है, सबसे पहले जो डॉनल्ड ट्रॉप की भी statement मैं आपको जिकर किया, तीन distinguishing
09:08factors मैं आपके सामने रखता हूँ,
09:13why France admitted immigrants, why Muslim immigration became substantial means, बहुत मात्रा में इसको Muslims आगे, और बाद में जो
09:29integration हुआ इनका, वो politically बहुत strong हूँग है,
09:36because इसमें अगर आप Great Britain में भी देखें, आप उनकी Parliament भी देखें, तो आप देखेंगे, मुसलिम MPs हैं
09:42वाप, और एक मुसलिम population ये, जैसे इसको देवनात सर्थन ने बताया,
09:50कि ये जो white collar jobs हैं, ये जो आपके white चम्री के लोगे local जो अपने उस वहां के
09:59रियाशी हैं, वो ये लेना चाहते हैं, और जो menial jobs हैं, जैसे के driver हो गया, labor हो गया,
10:06इस टेकन जवल से staff हो गया, अब ये इनको, इसको immigrant manpower इनके लेट चाहिए, और यूसी आस्ता आस्ता
10:18actually क्या हुआ, और इसको फ्रांस की तो बात अलग है, अगर आप इन बाकी देशों में देखें, तो Albania
10:25में क्या हुआ,
10:25corruption was a issue, unemployment was a issue, अब ये unemployment जो issue है, ये common जाता है, अगर आप
10:37देखें, common होगा, सब के लिए पर इसका ये ज़रूरी नहीं है के लोग इसके ओपर protest करें,
10:46Spain में क्या हुआ के, education के लिए जो budget इनको देना था, वो लोग ने कम दिया, तो लोग
10:52सड़क पे आगे, तो different different parameters हम देख रहे हैं, हार एक जगह मुस्लिम का इसमें वो नहीं है,
11:00जो Trump मुले की कोशिश कर रहे हैं,
11:03France में इसलिए, अब France ने World War II से पहले जब इसको आफरिका में इसको French rulers थे, खास
11:13दोर पे आपकी Algeria में, मौरका में और Tunisia में, बाद में जब ये निकले वहाँ से,
11:23तो ये लोग भी उनके साथ France आ गए, और एक जो इनके जो इको सिस्टम में वो अच्छली मिक्स
11:32कर गए,
11:40तो इसलिए ये लोग वहाँ पर मंटिप्लाइ करते गए, मंटिप्लाइ करते गए, और इनकी पॉपुलेशन अब इतनी ज़्यादा हो गई
11:47कि ये अब France में एक Lord Order situation बन गए तो इसको ultimately lesson क्या है,
11:54because I think most important part of the discussion is that what are the lessons to be learned, और इसको
12:01भारत क्या सीख सकता है यहाँ से,
12:02because most important of course भारत के मुद्धे अलगे इनके साथ अब compare नहीं कर सकते,
12:08लोग बगलादेश का भी loosely compare करते हैं भारत से, उसका कोई commonality नहीं है जो बगलादेश में हुआ, नेपाल
12:15में हो और जो भारत में हो रहा है,
12:18दो थीन important इसके aspect से, जो भी government होती है पावर में, लोगों के अगर मुद्धे उनके सामने आते
12:28हैं,
12:29कुछ भी मुद्धे अगर सामने आते हैं, तो उनको एक कदम आगे इसको बढ़के उन मुद्धों को resolve करने की
12:36जुरूत पड़ती है, और वो भी जल्दी से जल्दी, अब जैसे कि Gen Z का आप एक lose example अब
12:43देते हैं, आज भी सुपरीम कोर्ण ने बोला कि Gen Z नाम की कोई चीज �
12:49जैसे नाम की चीज, इस नोड अमेरिकन वर्ड, इसको सोल सेट को मैं एक्षरी सुन्ना था भी प्रोग्रम में जया
12:55टू ने, उसको बुलना थे के इस अमेरिकन वर्ड विच इस अमेरिकन वर्ड विच जैसे कॉमन तो अल कंट्रीस तोने,
13:04और इसको Gen Z का मतलब हैं, इसको �
13:09आप उसको कोई भी नाम दे लिए, you can call it Gen Z, you can call it Gen Alpha, you
13:15can call it anything, but यूथ अगर आपका सड़त पे आएगा, तो डेफिनिटली जो इशूस वो लेके आएगा, स्पेन में,
13:26चिली में, अलमेनिया में, फ्रांस में, वो इशूस को आपको अड्रेस करना ही है, और अगर आप अड्र
13:35आपको अड्रेस नहीं करेंगे, तो बाहर की तार्गिटें तो आईगी आएगी, हम इसको एक्स्टरनल भी, हम इसको डिफ्लेक्ट करने के
13:42लिए कोगरों जंता पार्टी फंडेट बाई, यूएस, एक्सवाइस, हम बोलते रहे हैं, इस बुद्धे को अगर आप एड्रेस
13:50अपना करेंगे, देश के अंदर ही तो आपको इसको एक्स्टरनल फोर्सेस को ब्लंट करने के, आप उनका जो भी इसका
14:00इंफ्लेंस है, आप उसको कम कर सकते हैं, और ये इसको लेसन आपको हरे जगे हैं, और इसका दूसरा लेसन,
14:09इक्वालिटी, बिलकुल, जो भी रिलि�
14:20तरीके से ट्रीट करना है, बिकाज बोमेंट आप इक्वालिटी नहीं लेके आएंगे, फ्रांस में ये जो इसकी प्रॉब्लम आई है,
14:28और अगर हम इसको इक्वालिटी में, जो इनको एक, एक ही तराजू में नहीं तो लेंगे, देन यू विल फाइंड
14:38के सोशल अड्रेस
14:39होगा कंट्री. तो आई तिंग ये दो तीन इंपोर्टन लेसंज हैं, हमको भी इसमें सीखना है, बिकाज हर एक देश,
14:49दूसरे देशों से सीखता है, भारत को भी चकणना रहना है, मैं बोलता हूँ, भारत को भी इसको चकणना रहना
14:57है कि अभी तो हमने इसको सभाल लिया
15:00इसमें लोगों को इन प्रोटेस को गौर्णमेंट ने बहुत अच्छी तरीके देश अबाला है, बढ़ाने वाले वक्त में ये और
15:06भी एक नया मूर ले सकते हैं, फामर्स इनके साथ मिल सकते, इसको बाकी प्रोटेस में भी हमने देखा, प्रोटेस
15:16एक तबका स्टार्ट क
15:30अच्छी शुरू हुआ नीट का जो प्रोब्लम थी, उसके बाद आपके प्लिटिकल पार्टीस आ गई, उसके बाद आपके फार्मर्स भी
15:37अभी इसको थेटेन अपने करने लगे हैं कि हम भी जॉइन करेंगी, तो ये बहुत इंपॉर्टेंट है, देश के जो
15:45एक वाइड
15:46फाइल की तरह ये जो बुद्धे आपके स्पेट नहीं होने चाहिए.

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