00:00वेवाब जी दुनिया भर में माइगरेशन हो रही है अगर आप देखें भारत से भी इलीगल माइगरेंट्स कनाड़ा चले जाते
00:11हैं भारत से भी इलीगल माइगरेंट्स यूरोप चले जाते हैं भारत से भी इलीगल माइगरेंट्स अमरीका चले जाते हैं
00:22इनके लिए अंतराश्ट्रिय तैप मापदंडों के हिसाब से नियम है नियम क्या उनको अलाव करना है या नहीं करना है
00:32दूसरी चीज अगर अलाव नहीं करना है तो होस्ट नेशन उसके बाद क्या करवाई कर सकता है
00:40जहां तक फ्रांस की बात है फ्रांस ने सदियों से अफरीका के अलग-अलग देशों पर राज किया तो जब
00:501950 के बाद एक-एक करके ये सारे मुलक आजाद होने लगे फ्रांस के कबजे से
01:00तो इन सब मुलकों में जो तब का फ्रांस के रूलर्स को मदद करता था या फ्रांस के जो एड्मिस्टेटर्स
01:14थे उनको मदद करता था
01:16अंग्रेजी शब्द है कोलाबरेटर्स उनको बहुत यातना और प्रताडना छेड़नी पड़ी मैं वहबब जी देखे भारत में ऐसा नहीं हुआ
01:31भारत में जब अंग्रेज भारत छोड़के जाने के लिए विवश्ट कर दिये गए 1947 में
01:39तो अंग्रेजों के जाने के बाद भारत में जो तबका एक था हमें मलूम है आप किसी भी शहर में
01:48चले जाईए किसी भी इनिवर्सेटी में चले जाईए भारत में भी एक तबका था भारतियों का या भारतियों परिवारों का
01:55जो की
02:04तो जब अंगरेज भारत चुड़कर गए तो भारत में नाना कारणों से इन परिवारों को या इन लोगों को व्यक्तिक्यत
02:16तोर पर्तारणना नहीं दी गई, इनका पीछा नहीं किया, इनका घर को आगणी लगाया गया
02:23दो-चार फैमिलीज का नाम में तो अभी बता सकता हूँ ओफ हैंड जो कि अंग्रेजों के साथ थे
02:31लेकिन अफरीका के दिशों में क्या हुआ कि जब फ्रांस उनको छोड़के गया तो
02:36बड़ी तादाद में ऐसे फैमिलीज जो कि फ्रेंच एडमिस्टेशन के साथ ने उनको मार डाला गया
02:42उनके घरों में आग लगा उनकी संपत्ती लूट ली गई कई जगा पर जो नया आजाद मुल्क था उसने कानून
02:49बना कर
02:50इन लोगों की संपत्ती को सरकारी संपत्ती में मिला दिया यानि की संपत्ती को छीन ले तो यह सब भागे
02:58दोड़े जान बचाने के लिए किस तरफ जाएंगे फ्रांस की तरफ जाएंगे
03:03यह एक हिस्टॉरिकल साइकल है तो उसके बाद से फ्रांस जो है इस तरह के हिस्टॉरिकल कारण की वज़ा से
03:13अफरीका से खास्तों से जिन देशों पर फ्रांस रूल करता था
03:19तिनिशिया फ्लासिक एग्जामपल है इन देशों से जो पलायन करके फ्रांस पहुँच जाते थे उन्होंने एक नियम बनाया कि इनको
03:29हम अपने हाँ शरण देंगे
03:33क्या ये लोग ही आज की तारिक में फ्रांस के सड़कों पर आख लगा रहे हैं ये जरा सोचना पड़ेगा
03:43फ्रांस की टोटल पॉपुलिशन में ये अश्वेत लोग कितने हैं
03:52फ्रांस में अश्यूट लोगों की संख्या टोटल अफरीका से जो है उनकी संख्या है आठ प्रतिश्चत
04:00क्या इतनी जो हम देख रहे हैं कि फ्रांस की सड़कों पर हजारों लड़के आगजनी कर रहे हैं
04:06लड़के मिन्स बच्चे, हजारों बच्चे आगजनी कर रहे हैं, क्या ये सब अफरीका से आए हैं, क्या ये अफरीका के
04:15मुस्लिम बच्चे हैं, शायद नहीं, जो वहां की पुलिस है, वो उनके नाम नहीं रिलीस कर रही है, लेकिन अगर
04:27हम पुलिस के अंकलों पर देखें
04:31हैं, काफी अरेस्ट की है, हमने 2000-2000-2000 को edis की आए, उसमें ज्यादातर बच्चे, मुस्लिम नहीं है,
04:47वो अश्वेत नहीं है ज्यादातर बच्चे ये जो 2000 या 4000 एरेस्ट हुए वो ज्यादातर मुस्लिम नहीं है लेकिन ठीक
04:56है डोनाल्ड ट्रम्प डोनाल्ड ट्रम्प है इसको हमें इस तरह से दिखना पड़ेगा कि दुनिया के सारे दिशों में ये
05:04दिक्कत है कुछ दिशों �
05:06इस दिक्कत को एक उपर्चुनिटी बनाई है अभी वहववव जी देखी भारत की बात कर देता हूं मैं तो यहां
05:14गाओं में रहता हूं दिल्ली में ये गाओं में रहता हूं लाल डोरा में घर बना लिया है मैंने वहववव
05:20जी अद्बूत बात है हमारे यहां पर जो दि
05:35भी उत्रप्रदेश से लेबर आते हैं, वो 600 रुपय में काम करते हैं, उनकी भी शौटेज है, हमारे यहाँ पर
05:43जो बंगाल से बंगादेशी आते हैं, वो महच 400 रुपय के लिए काम करने के लिए राजी हो जाते हैं,
05:53हमारे यहाँ पर मेरे गाउ में जो रोहिंगिया है, रोहिंगिया बंगादेशी नहीं है, मियानमार से आये हैं, वेवब जी ये
06:01कुछ भी देदो इनको, 300 रुपया देदो, 200 रुपया देदो, सारा दिन खेत में काम करने के लिए तयार है,
06:08इस फिनोमेना को काफी देशों ने
06:10अपर्चिनिटी में चेंज कर लिया है, फरांस में आज बताइये, फरांस के घर में कौन बर्तन्द होगा, फरांस की सड़कों
06:18पे कौन जभारू लगायेगा, फरांस के यहां, गटर के अंदर खुसकर कौन गटर को साफ़ करेगा, जहां फीकल मेटर को
06:26प्रोसेस किया जात
06:29है पॉलिशन कंट्रोल एरियाज में वहां पर कौन मास्क पहन के या बिना मास्क या घुज़ेगा मैं फ्रांस की बात
06:37कर रहा हूं
06:39फ्रांस के जो गोरी चमडी वाले हैं वो नहीं करेंगे ये सब कामों को
06:43तो आपको बहार से माइग्रेशन की जरौत पड़ती है
06:46क्योंकि फस्ट जिनरेशन माइग्रेशन में जब लोग आते हैं
06:50वो जिन्दा रहने के लिए गटर में घुज़ कर काम करने के लिए तियार हो जाते हैं
06:56हर देश को गटर में घुज़ने वाले लोगों की दरकार पड़ती है
06:59जी
07:01बिल्कुल कोचर सर के पास सलते हैं
07:04उससे पहले आपको बता दें कि ट्रम का पूरा बयान पढ़कर सुना देते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा है
07:09उन्होंने कहा है कि फ्रांस का पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बनने जा रहा है
07:14वहां भारी तादात में भारी लोग आ रहे हैं
07:16मैंने राश्टपती मैकरों को आगाह किया था कि आप पहले से त्यार रहे हैं सब कुछ हो सकता है उन्होंने
07:22कहा है कि फ्रांस के प्रोटेस्ट के पीछे इसलाम की एक महान देश पर कबजा करने की चाहत है ऐसा
07:28ट्रम का कहना है कोचर सर बड़े जो प्रदर्शन हो रहे हैं व
07:44बहुत सारे लोग इसे अरब स्प्रिंग से जोड़ रहे हैं कि कई सारे शास्कों को देशों के हटाया गया था
07:50जब विरोत बदर्शनों के जरिए आप इसे कैसे देख रहे हैं जो इस वक्त यूरोप में हो रहा है
07:57देखें वेबो जी ये खास तोर पे हमने फ्रांस की बात करी हम इसको अल्बेनिया की बात करेंगे स्पेन की
08:06बात करेंगे चिली की बात करेंगे और ये सारे कंट्रीज में इस टाइप के जो है
08:12कोई इसमें एक आपको कॉमन फैक्टर नहीं दिखा ही दे और इसको अगर बोलना कि ये मुस्लिम है या इसकी
08:22वज़े से ये हो रहा है
08:24वो एक एक एक उपरिचुनिटी कॉस्ट बोलते है न कि एक आपकी अंदूलन स्टार्ट होती है फ्रांस की इसको अंदूलन
08:35कहां से स्टार्ट हुई थी एक ग्लास नूम से स्टार्ट हुई थी बिलकुर एक एजुकेशन इशू पे स्टार्ट हुई थी
08:43एक क्वालिटी के
08:43इश्यू पे स्टार्ट हुई थी और फिर जब ये मॉब्स आ जाती है तो इसमें ये लोग आपके मिक्स हो
08:52जाते हैं ऑपरचुनिटी ढूलते ही अपने शोरूम्स को और इस तरीके की आपकी चीज़ों को लूटे लगते हैं तो बहुत
09:00इंपॉर्टेंट है सबसे पहले जो �
09:03डॉनल्ड ट्रॉप की भी स्टेट्मेंट में आपको जिकर किया तीन डिस्टिंग्विश निंग फैक्टर्स अब मैं आपके सामने रखता हूं
09:11कि वाइफ्रांस एड्मिटेड इमिग्रिट्स हुआइज वाइफ्लिम इम्मिग्रेशन बिकेम सब्स्टैंशल मीन्स बहुत मात्रा में इसको मुसलिम्स आगे और बात में जो
09:29इंटेग्रेशन हुआ इनका वो पोलिटिकली रहे बहुत प्रॉट वहुए बिकर इसमें
09:36अगर आप Great Britain में भी देखें, आप उनकी Parliament भी देखें, तो आप देखेंगे, इसको Muslim MPs हैं वाप,
09:42और एक Muslim population ये, जैसे इसको देवनात सर्थ ने बताया, कि ये जो वाइट कॉलर जॉब्स हैं, ये जो
09:55आपके जो वाइट चम्री के लोगे लोकल जो आपने उस वहां के रिया
10:06हो गया, इस टेकन जवल से स्टाफ हो गया, अब ये, इनको इसको immigrant manpower इनके लिए चाहिए, और यूसी
10:17आस्ता आस्ता, एक्छिली क्या हुआ, और इसको फ्रांस की तो बात अलग है, अगर आप इन बाकी देशों में देखें,
10:24तो Albania में क्या हुआ,
10:26corruption was a issue, unemployment was a issue, अब ये unemployment जो issue है, ये common जाता है, अगर आप
10:37देखें, common होगा, सब के लिए पर इसका ये, ज़रूरी नहीं है कि लोग इसके उपर प्रोटेस्ट करें,
10:46Spain में क्या हुआ कि, education के लिए जो budget इनको देना था, वो लोग ने कम दिया, तो लोग
10:52सड़क पे आगे, तो different different parameters हम देख रहे हैं, हार एक जगह मुस्लिम का इसमें वो नहीं है,
11:00जो Trump मुले की कोशिश कर रहे है,
11:03France में इसलिए, अब France ने World War II से पहले जब इसको Africa में, इसको French rulers थे, खास
11:13दोर पे आपकी Algeria में, मौरका में और Tunisia में, बाद में जब ये निकले वहां से,
11:23तो ये लोग भी उनके साथ France आ गए, और एक जो इनके जो eco system में वो अच्छली mix
11:32कर गए,
11:40तो इसलिए ये लोग वहां पर multiply करते गए, multiply करते गए, और इनकी population अब इतनी ज़्यादा हो गई,
11:47कि ये अब France में एक Lord Order situation बन गई है,
11:51तो इसको ultimately lesson क्या है, because I think the most important part of the discussion is that what are
11:58the lessons to be learned,
12:00और इसको भारत क्या सीख सकता है यहां से, because बहुत important of course, भारत के मुद्धे अलगे इनके साथ
12:06अब compare नहीं कर सकते,
12:08लोग बगला देश का भी loosely compare करते हैं भारत से, उसका कोई commonality नहीं है, जो बगला देश में
12:14हुआ, नेपाल में हो और जो भारत में हो रहा है,
12:18दो थीन important इसके aspect से, जो भी government होती है power में, लोगों के अगर मुद्धे उनके सामने आते
12:28हैं, कुछ भी मुद्धे अगर सामने आते हैं, तो उनको एक कदम आगे इसको बढ़के उन मुद्धों को resolve करने
12:36की जुरूत पड़ती है, और वो भी जल्दी से जल्दी, अब जैसे क
12:41जैंजी का आप एक loose example अब देते हैं, आज भी इसको supreme kron ने बोला के जैंजी नाम की
12:47कोई चीज नहीं है फ्लाना, जैंजी नाम की चीज, इस नोट अमेरिकन वर्ड, इसको सोहल सेट को मैं एक्शली सुद्धा
12:54था भी प्रोग्राम में जैंट तो नहीं है, उसको बोलना थे
13:10आप उसको कोई भी नाम दे लिए, you can call it Gen Z, you can call it Gen Alpha, you
13:15can call it anything, but youth अगर आपका सड़त पे आएगा तो definitely जो issues वो लेके आएगा,
13:25स्पेन में, चिली में, अपका अलमेनिया में, फ्रांस में, वो issues को आपको address करना ही है, और अगर आप
13:35address नहीं करेंगे तो बाहर की target तो आईगी आएगी, हम इसको external भी, हम इसको deflect करने के लिए
13:43कौकरों जंता party funded by US, XYZ, हम बोलते रहें,
13:48इस बुद्धे को अगर आप address अपना करेंगे देश के अंदर ही तो आपको, इसको external forces को blunt करने
13:56के, आप उनका जो भी, इसका influence है आप उसको कम कर सकते हैं, और ये इसको lesson आपको, हर
14:06एक जंगे है, और इसका दूसरा lesson, equality, बिलकुल,
14:12जो भी religions हैं हमारी country में, चाहिए वो आपके Muslim हैं, इंदू हैं, जो भी हैं, उनको आपको बिलकुल
14:20एक तरीके से treat करना है,
14:22because moment आप equality नहीं लेके आएंगे, फ्रांस में ये जो इसकी problem आई है, और अगर हम इसको equality
14:30में, जो इनको एक, एक ही तराजू में नहीं तो लेंगे,
14:36then you will find a social unrest होगा country, तो I think ये दो-तीन important lessons है, हमको भी
14:44इसमें सीखना है,
14:46because हर एक देश, दूसरे देशों से सीखता है, भारत को भी चकणना रहना है, मैं बोलता हूँ, भारत को
14:56भी इसको चकणना रहना है,
14:57कि अभी तो हमने इसको समाल लिया, इन लोगों को, इन प्रोटेस्ट को government ने बहुत अच्छी तरीके दे समाला
15:03है, बढ़ाने वाले वक्त में ये और भी एक, एक, एक नया मूर ले सकते हैं, फार्मर्स इनके साथ मिल
15:10सकते, बहुत बड़ा एक्लिप प्रोटेस्ट में भी ह
15:29स्टुडेंट से एक्चली शुरू हुआ नीट का जो problem थी, उसके बाद आपके political parties आ गई, उसके बाद आपके
15:37farmers भी अभी इसको थेटेन अपने करने लगे हैं, कि हम भी जॉइन करेंगी, तो ये बहुत इंपॉर्टेंट है, एक
15:44wildfire की तरह ये जो बुद्धे आपके spread नहीं
15:57India app now.