00:00एक तरफ जेल की उची दुवारें, दूसरी तरफ उत्तपरदेश की सियासत, एक तरफ आजम खान का नाम और दूसरी तरफ
00:07अखलेश यादफ का वो बयान जिससे एक बार फिर राजनेतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
00:30और सबसे बड़ा सवाल जिस 15 सीटों की मांग को लेकर राजनेतिक चर्चाएं हो रही थी, उस पर अखलेश यादफ
00:36ने क्या कहा? कि आजम खान और समाजवादी पार्टी के बीच सब कुछ समाने हैं? और कुछ आने वाले उत्तपरदेश
00:43विधान सुबा चुनाफ के लिहा�
00:45मुलाकात के बयान के क्या माइने हैं? इन तमाम सवालों का जवाब जानेंगे इस वीडियो में, इसलिए वीडियो में आखिर
00:52तक बने रहेगा. नमस्कार मैं हूँ अक्षांश और आप देख रहे हैं Asianet Hindi. दोस्तों, उत्तरप्रदेश की राजनीती में रामपुर
00:59का नाम �
00:59लंबे समय तक चर्चा में रहा है. और जब बात आजम खान की हो तो मामला सिर्फ एक नेता की
01:05मुलाकात तक सेमित नहीं रहता. इसमें पार्टी का संगठन, स्थानी राजनीती और आगमी चुनाव से जोड़े सवाल भी शामिल हो
01:13जाते हैं. इसी राजनीतिक प्रस्ट भ�
01:27अपने वरिष्ट नेता से मिलने पहुंचता है तो राजनीतिक गलियारों में सवाल उठना सोभाविक है. आखेर बातचीत किन मुद्दों पर
01:35हुई? क्या संगठन को लेकर चर्चा हुई? क्या आने वाले चुनाव की रननीती पर बात हुई? और क्या पार्टी के
01:41बीतर च
01:53चर्चा के केंदर में ले लिया है. अखलेश यादम ने आजम खान दो उनके परिवार के साथ वहवार को लेकर
01:58सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने ये कहा कि समाजवादी पार्टी आजम खान के परिवार को नयाय दिलाने के लिए पहले
02:04से काम करती रही है और आगे भी कर
02:20में शामिल हैं. रामपूर से कई बार विधायक चुने गए आजम खान की राजनीतिक भूमी का लंबे समय तक उत्तप्रदेश
02:27की राजनीती में एक महत्पुन रही है. ऐसे में अखलेश यादव की उन्सी मुलाकात और सरवजनिक स्थानों पर पार्टी के
02:34रिष्टों के स
02:34अंदर्ब में देखा जा रहा है. लेकिन इस पूरी कहानी में एक बड़ा मुद्दा है जिसने काफी चर्चा बटोरी है.
02:41और वो है पंदरा सीटों की मांग का दावा. दोस्तों कई दिनों से खबरें और चर्चाएं सामने आई थी कि
02:47आजम खाने आगमी विधान सभा चु
03:02कि आजम खान ने उनसे कोई सीट नहीं मांगी है बलकि अपने सुझाव दिये हैं. यानि अखलेश यादफ के सरजनिक
03:09बयान के मताबिक 15 सीटों की मांग वाली चर्चा के पुष्टी नहीं हुई. लेकिन यहां एक बास समझना बहुत जरूरी
03:15है. इस बयान के बास सीटों क
03:17बटवारे से जुड़ी सभी सवाल खतम हो जाते हैं. ऐसा कहना भी जल्दबाजी होगी क्योंकि किसी राजनितिक दल में सीटों
03:24का बटवारा उमीदवार का चयान और सुनावी रननीती अलग-अलग चर्णों में तैह होते हैं. जब तक पार्टी की तरफ
03:31से कोई अपचार
03:45की इस मुलाकात का महत्यों कहां तक जाता है. आदम खान का राजनितिक सफर कई दश्कों में फैला हुआ है.
03:52वह रामपूर से कई बार विदायक चुने गए हैं और समाजवादी पार्टी के प्रमुक चेहरे में शामिल रहे हैं. उनकी
03:58भूमिका को सबजने के लिए रामप
04:14का पूरा संधर्ब समझना बड़ा मुश्किल होगा. इसके अरावा समाजवादी पार्टी की राजनीती में पिछले दलित और अल्प संक्यक समुदाओं
04:23से जुड़े मुद्दे भी एहमियत देते हैं. पार्टी की पीडिये रननीती इस व्यापक राजनीतिक संधर्ब का
04:42है. इसके लिए चुनावी आंकडे, इस्थानी परिस्तितियां, मद्दाताओं से जोड़े विश्वनी आध्यानों को देखना जरूरी है. अब सवाल उठता है
04:50कि क्या अखिलेश याजव की इस मुलाकात से समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं
05:12चुने के लिए अतरिक्ट प्रमार्ण के अवशकता होती है. इस मुलाकात का एक अहम पहलू और है आज़म खान और
05:18उनके परिवार से जोड़े कानुनी मामलों पर अख्लेश यादव का रुख्ख्यी आजवादव ने आजवगा और इस मामले में Сरकार के
05:28भूमिका पर भ
05:41होता है आजम खान से जुड़े अलग-अलग मामलों की इस्थिती को समझने के लिए संबंदित अडालिती आदेशों उपलब्द दस्तावेजों
05:49और सरकार के पक्ष को भी देखना चाहिए लोगतंत में विपक्ष के सवालों को उठाने का अधिकार है और इन
05:56सवालों का आकल
06:10मुलकात के अधार पर चुनावी नतीजों या मद्दाताओं के रुजहान का अनुमान लगाना भी सही नहीं होगा। चुनाफ में पार्टी
06:18का संगठन, उमीद बारों का चैयन, इस्थाने मुद्दे, सरकार का कामकाज और मद्दाताओं की परतिक्रियाओं जैसे कई कारक
06:25भूमिका निभाते रहे हैं। इसलिए इस मुलकात का वास्तविक राजदितिक अतर समझने के लिए आगे के घटनाप्रम पे नज़र डालनी
06:32होगी। क्या समाजवादी पार्टी के तरफ से कोई अधिकारिक खोशना होती है। क्या सीटों के बटवारों पर इश्पष्ट
06:55है तपून बात यही है कि अखलेश यादम ने आजम खान से मुलकात की और सरदनिक रूप से उनके समर्थन
07:01में बयान दिया। 15 सीटों की मान को लेकर उठी चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि आजम खान एक कोई सीट
07:07नहीं मागी है बलकि सुझाव दिये हैं। और इस मुलका
07:10के बाद समाजवादी पार्टी के संगठन आजम खान की भूमी का आगमी चुनाफ को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई
07:15हैं। लेकिन अभी कई सवाल के जवाब आने बाकी हैं। सीटों को लेकर आगे क्या फैसला होता है। पार्टी अपनी
07:23चुनावी रननीतिक किस तरह
07:24तैयार करती है और इस मुलाकात का रामपूर की राजनीति पर कितना आसर दिखाई देता है। इन सब का जवाब
07:30आने वाले समय में सामने आने वाले फैसलों और घटनकरम से ही मिलेगा। फिलाल अखलेश यादव के शब्द एक बार
07:36फिर चर्चा में हैं। आजम थे, आज
07:39हैं और आजम रहेंगे। राजनीति में किसी मुलाकात का महत्व सिर्फ उसके दौरान हुई बातचीश से नहीं बलकि उसके बात
07:48उठाये जाने वाले कदमों से भी समझा जाता है। अब देखना होगा कि यह मुलाकात आगे चलकर समाजवारी पार्टी की
07:55राजनीति और उ
08:09लगता है या फिर इसका वास्तविक महत्व पार्टी के आगमी फैसलों से तैह होगा। अपनी राइक कमेंट बॉक्स में जरूर
08:15लखें। वीडियो पसंद आये हो तो वीडियो को लाइक करें। चैनल को सब्सक्राइब करें। और इस वीडियो को उन लोग
08:20के शेयर करें�
08:23करें। मैं आपसे मिलूँगा अगली वीडियो में एक नए मुद्य और राजनीतिक विशलेशन के साथ तब तक के लिए नमस्कार।