00:03क्या साच में अमेरिका के सबसे बड़े डिप्लोमाच में से एक यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो बिना दिल्ली गए
00:10सीधा गुजुरात के एक छोटे से शहर जामनगर क्यू जाप पहुंचे
00:14क्यों डॉनल्ड ट्रम्ब की सरकार के सामने ऐसी कोई अचानक मजबूरी आ गई थी जिसके लिए उन्हें एक इंडस्ट्रियल टाउन
00:22का दोरा करना पड़ा
00:24बर्चको आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी डिप्लोमाटिक और जियो पॉलिटिकल घटना की जिसने पूरी दुनिया की
00:31मीडियो और पॉलिटिकल कॉरिडोस में हलचल मचा दी है
00:33जब अमेरिका के Secretary of State मारको रूबियो भारत आते हैं और वो देश की राजधानी डेली को पूरी तरह
00:41स्किप कर देते हैं तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है
00:45लेकिन इस दौरे का असली मकसद ना सिरफ भारत और अमेरिका के रिष्टों को समझना है बलकि इसके पीछे छिपा
00:53है एक बहुत बड़ा एनरजी आंगल
00:56यूएस के डुमेस्टिक इलेक्शन का प्रेशर और रिलाइंस के जामनगर का रिफाइनरी का वो जलवा जो आज पूरी दुनिया के
01:04ओएन मार्किट को कंट्रोल कर रहा है
01:06आईए इस पूरी कहानी को शुरुवात से समझते हैं कि आखिर मार्को रूबियो के जामनगर जाने की पीछे की असली
01:14सच्चाई क्या है
01:15काहनी की शुरुवात होती है इस साल के दूसरे बड़े दोरे से जब मारको रूबियो मुंबई आते हैं वहां उनकी
01:22मुलाकात होती है इंडिया के फॉरण मिनिस्टर एस जैशंकर से और देश के टॉप बिस्मिस लीडर्स के साथ लेकिन इस
01:29ट्रिप का जो सबसे बड़ा हा�
01:32होता है मुंबई के बाद उनका जामनगर पहुचना सवाल यह उठता है कि आखिर जामनगर ही क्यों इसका जवाब जोड़ा
01:39है डॉनल्ड ट्रम्प आड्मिनिस्ट्रेशन की डिमेस्टिक कंपाल्शन से जैसा कि आप सभी जानते हैं अमेरिका में नवेंबर के मिड्टर्म
01:48इलेक्शन बहुत नस्दीक है और वहां की सरकार पर फ्यूल प्राइस यानि पेट्रोल और डीजल के दामों को काबू में
01:55रखने का जबरदस दवाब है उपर से मिडल इस्ट में बढ़ते हुए तनावों ने ग्लोबल एनरजी सप्लाइस को खत्रे में
02:03डाल दिया है अमेर
02:18और वो है इंडिया और मुकेश हमवानी की रिलाइंस इंडस्ट्रीज का जामनगर रिफाइनरी कॉंपलिक्स जामनगर की ये फिसिलिटी कोई आम
02:26जगा नहीं है ये दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉंपलिक्स में से एक है जो अकेले लगभग 14 लाक बैरल
02:33कु
02:44कि एक बहुत बड़ी एक्सपोर्टर है जब रूबियों ने स्पेशलिटी का दौरा किया और मुकेश हमानी के साथ बैठक की
02:52तो दुनिया को समझ आ गया कि यूएस अब अपनी एनर्जी की जरूरतों के लिए कितना जादा भारत पर निर्बर
02:59हो रहा है रूबियों ने प
03:12पर एक बहुत बड़ा जियो पॉलिटिकल टूस्त आता है कि आपको पता है कि भारत और अमेरिका के रिष्टे इस
03:17वक्त किस दौर से गुजर रही है दोनों देशों के बीच टारिफ्स ट्रेड डील्स और सांक्शन्स को लेकर एक ट्रस्ट
03:24ग्याप बना हुआ है हमें भरो
03:40लेकिन इसके बावजूद जब रूबियों ने दिल्ली नहीं जाने का फैसला किया तो कई पॉलिटिकल ओपोजिशन लीडर ने इस पर
03:47सवाल उठाए कुछ आनलेस्स का कहना है कि दिल्ली वो जगह है जहां डिप्लोमेटिक और तनाव सबसे जादा है इसलिए
03:54रूबियों
03:55होने एक स्ट्राटेजिक बाइपास लिया हाला कि फॉर्मर इंडियन अंबासडर टु दे यूएस मीरा शंकर का मानना है कि हमें
04:03इसमें बहुत जादा नहीं सोचना चाहिए क्योंकि यह विजिट चुरू से ही एनरजी फोकस था और रूबियों ने मुंबाई में
04:10फॉरन मि
04:23रशिया युक्रेइन वार के बाद से इंडिया ने रश्यन ओयल खरीद कर अपनी एकॉनमी को संभाला है और 2022 से
04:30जुलाई 2026 के बीच रशिया के क्रूड ओयल एक्सपोर्ट्स का 37% अकेलिया भारत में लिया है वहीं अब वेनेजवेला
04:38का एंगल भी सामने आ रहा है वेने�
04:50से एक बार फिर से वेनेजवेलन क्रूड का बड़ा इंपोर्टर बन गया है रूबियो का जामनगर आना और यह कहना
04:57कि वेनेजवेला को ओयल ग्लोबल मार्किट्स को लीफ दे सकता है यह दिखाता है कि अमेरिका को अपनी इलेक्शन की
05:03नाव पार लगाने के लिए भारत क
05:06कि कितनी जरूरत पड़ रही है ट्रंप को अब भारत की कितनी जरूरत पड़ रही है यह दोरा सिरफ एक
05:12इंडस्ट्रियल विजिट नहीं है बलकि यह इस बात का सबूत था कि आने वाले समय में ग्लोबल इनरजी की पावर
05:18सेंटर कहां शिफ्ट हो जाएगी एक तरफ जहा
05:32इनरजी पार्टनर्शिप आने वाले दुनों में इंडिया यूएस चेट डील को मुकम्मल कर पाएगी या फिर तनाव ऐसे ही बढ़ते
05:39रहेंगे हमें अपनी राए कॉमें सेक्षन में जरूर बताईएगा अब देख रहे हैं वान इंडिया मैं हुआ कोर्श कौशेक