00:00शरत पूर्णिमा का पर्व आश्विन मास के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिति को मनाया जाता है इस बार इसकी तारीख को
00:06लेकर लोगों में असमंजस है
00:07पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिती 25 अक्टूबर को सुबा 11 बचकर बच्चमिन मिनिट से शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबा
00:269 बचकर 41 मिनिट तक रहेगी
00:30इस दोरान चद्धालू पवित्र नदी में स्तान कर सकते हैं इसके बाद पूजापाट और दानपुन्य करने की परंपरा है
00:35पंडित प्रवीन मिश्र ने बताया कि धार्विक माननेता की अनुसार शरत पूर्णिमा की राज चंद्रमा की केड़नों से अम्रत बरस्ता
00:42है इसलिए खीर को खुले आसमान के नीचे रखा जाता है
00:44अगले दिन भगवान विश्णू और मा लक्ष्मी को भोग लगाने के बाद इसी प्रसाद के रूप में ग्रण किया जाता
00:49है
00:49पंडित प्रवेंट मिश्ण ने ये भी कहा कि माननेता है कि इस राज चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है
00:55इसलिए चंद्रमा की पूजा मंतर जाप और भजन का विशेश महत्व बताया जाता है