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  • 35 minutes ago
दिल्ली के नामी रेस्टोरेंट्स में गंदगी का अंबार, आजतक की पड़ताल में खुलासा

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00:00तियोहारों के इस मौसम में आज बात करेंगे दिल्ली वालों की सिहत के साथ हो रही खुले खिलवार की
00:05आज हम एमसीडी के फूड इंस्पेक्टर के चेहरों को बेपर्दा करेंगे जो चंद नोटों की लालच में दिल्ली वालों की
00:13सिहत के दुश्मन बन बैटे हैं
00:15आज तक की टीम ने दिल्ली के बहुत से रेस्टरॉं और फूड आउटलेट की खूफिया कैमरे के साथ पड़ताल की
00:23हमारा मकसद था ये पता लगाना कि आपकी ठाली में जो खाना परूसा जा रहा है
00:28जिसने आप अपने परिवार के साथ मशूर दिकारनों में चाउस कहते हैं रेस्टरॉं में खाते हैं
00:33असल में उसे बनाते वरक रेस्टरॉं के कीचिन में साफसाई का कितना ध्यान रखा जाता है
00:37खाने में मिलावट से लेकर साथ सफाई की निगरानी करने वाले NCDK फूड इंस्पेक्टर अपना काम कितनी जिम्मधारी से निभा
00:44रहे है
00:45हमारी तहकीकात में दिल्ली के कई मशूर रेस्टरौं काईदे कारूनों की तज्जियां उड़ाते दिखे
00:51आज ऐसे रेस्टरौं की सचाई दिखाने का मकसद है दिल्ली वालों की सिहत के साथ हो रहे है किलवार को
00:56रोकना और जिम्मधारों की जवाब देही तह करलाना
01:42दिल्वालों की दिल्ली रेस्टरां से साथ हान
01:48कहीं आपका स्वाधी सिहत मा बिगार दे
01:52बड़े-बड़े फूड आउटलेट्स की टैस्टी का
01:58रेस्टरां होटेल का केचन बिमारियों का घर
02:08ओनलाइन खाना सोच समझ कर मगाना
02:14धंदा है पर इतना गंदा है
02:19त्योहार के सीजन में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के फूड आउटलेट्स में
02:23ग्राकों की भीड है
02:24खाने पीने में मिलावट और साफ सपाई के बानकों के उलगण पर सब सदा है
02:29जिन्मेदारों का दावा है कि दिल्ली में सब कुछ आल इस वेल है
02:37लिकिन जब आज तक के अंडरकवर रिपोर्टर नितिन जैन
02:40चमक धमक वाले फूड आउटलेट्स पर खूफिया कैमरे के साथ पहुँचे
02:44तो अंदर की सच्चाई आपके रोंटे खड़े कर देगी
02:48ग्राकों से मोटी रकम तो वसूली जा रही है
02:50लेकिन प्लेट में परोसे जा रहे खाने को बनाने में
02:53साफ सपाई के सभी कायदे कानूनों की धजजिया उडाई जा रही है
02:57ये पूरा खेल MCD के फूड इंस्पेक्टरों की मिली भगत के साथ खेला जा रहा है
03:03हमारे खुफिया कैमरे में दिल्ली के तमाम नाभी रेस्त्रा और फूड आउप्लेट की अंदेखी तस्वीरें खैद हुई
03:10ऐसी तस्वीरें जो पूरे सिस्टम पर सवाल उठाती है
03:16कहीं किचिन में कुट्ता
03:20कहीं किचिन में गंदगी
03:23कहीं गंदी जमीन पर खाने का सामान
03:27कहीं सीवन के उपर चल रही है द्रसोई
03:33कहीं किचिन में खुले आम खिलवा
03:37दिल्ली में सब कुछ चलता है
03:40तभी तो जिम्मेदार आखे बूल कर बैठे हैं और फूड आउटलेट्स चलाने वाले ग्राकों की आखों में धूल छोक रहे
03:47हैं
03:47हमारी तहकीकात में आज कई ऐसे रेस्त्रा और फूड आउटलेट्स की स्याह सच्चाई दुनिया के सामने आएगी
03:55रॉयल फ्लेवर्स पहारगंज एक्सपोज पंजाब दाठाबा पहारगंज एक्सपोज फीर जी बलाई चाप शहाद्रा एक्सपोज राधे शाम छोले भटूरे करकर दूमा
04:12एक्सपोज
04:13मद्रास होटेल नई दिल्ली डेरो स्टेशन एक्सपोज
04:26और अब आपको दिल्ली के नामी ग्रामी रेस्टरोंट के अंदर लिए चलते हैं जहां खाने वालों की लाइने लगी होती
04:46हैं
04:46और जब आज तक निकारदवी बाग की चेकिंग को लेकर सवाल किये
04:49तो सब ने कि सुर में बूला, सब मैने जूच जाता है
04:54शहादरा दिली, वीर जी मलाई चाप वाले रेस्टरेंट
05:04ये है दिली के शहादरा के जोती नगर में वीर जी मलाई चाप वाले
05:09इनकी मलाई चाप खाने के लिए रोजाना लंबी लाइन लगती है
05:14वीर जी की मलाई चाप को देखकर जुबान फले ही चट्टारे लेने लगती हो
05:21लिकिन अब जो हम दिखाने जा रहे हैं उसे देखकर आपको शायद मलाई चाप से ही खिन हो जाए
05:27आज तक की टील जब वीर जी मलाई चाप वाले के रेस्टोरेंट के अंदर यानि किचिन तक पहुचती है
05:32तो समझ में आ जाता है कि ये धंदा कित्ता गंदा है
05:37जी हाँ खाने के नाम पर सेहत से सीधे खिलवा
05:40साफ सफाई का तो नाम ही लेना मना है
05:43जमीन पर पड़े बरतन, फर्च पर खाने का सामान, वही कुटा बैठा है
05:50यानि वीर जी मलाई चाप वाली रेसिपी फुल गंदगी के साथ तयार होती है
05:57आज तक की टीम इस रेस्टोरेंट का सत चानने के लिए एक रहक बन कर नहीं
06:02वलकि एक कारुबारी के तोर पर पहुशती है
06:04और रेस्टोरेंट के मैनेजर से पूचती है
06:07कि कोई रेस्टोरेंट या खाने पीने का काम शुरू करने के लिए
06:10लाइसेंस, पैस्ट कन्टोल और पानी की चांच जैसी जरूरी चीजों का इंदाम कैसे किया जाता है
06:16हमारी बात रेस्टोरेंट के मैनेजर से होती है
06:39मैंनिजर जो खुलासा करता है
06:41वो बेहद ही चौकाने वाला था
06:43जी हां मैंनिजर ने बताया
06:45कि पेस्ट कंट्रोल यानि चुहों
06:47और दूसरे कीरों से बचाव को लेकर
06:49शुरुआत में लाइसेंस की जरूरत नहीं होती
06:51और बाकी चीजें सब सेटिंग से हो जाती है
06:54जबकि FSS AI यानि खाद विभाग के नियमों के मताबिक
06:58किचिन का चुहों और कीरों से बचाव करना बहुत जरूरी होता है
07:03और तभी वीर जी मलाई चाप के किचिन में हमें चुहा दोड़ता हुआ दिखाई देता है
07:08फॉरण हमने रेस्टूरेंट के मैनेजर राजीव से सवाल किया
07:12अब वो क्या जवाब देता है सुनिए
07:34अब यह समझना करूं कैसे मैनेजर देता है
08:03खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाला पानी भी साफ और सुरक्षित होना ज़रूरी है
08:08और जब आज तक की टीम ने पानी की टेस्ट रिपोर्ट के बारे में सवाल किया
08:12तो फिर से मैनेजर ने सेटिंग की याद दिला दी
08:31करकर डूमा दिली राधे शाम छोले भटूरे रेस्टरेंट
08:39दिली के छोले भटूरे उपर से राधे शाम के छोले भटूरे सुनते ही दिली वालों की जुबान चटकारे लेने लगती
08:47हैं
08:47लेकिन राधे शाम छोले भटूरे रेस्टरेंट के मालिक से जब आज तक की टीम ने फूड सेटी के नियमों और
08:54साफ सफाई पेस्ट कंट्रोल को लेकर बात की
08:56तो सुनिए रेस्टरेंट के मालिक अमन कैसे सिहत से खेलबार करने वाली सचाई कबूल कर लेते हैं
09:49यानि एक बात तो साफ है कि रेस्टरेंट के मालिकों में फूड इस्टर या फिर खादे विभाग की चांच का
09:55कोई फूफ नहीं है
09:58करकर डूमा दिली, खड़क सिंग दढ़ाबा
10:03दिली में स्वाद के नाम पर कैसे खेलबा हो रहा है
10:06अब करक स्वाद का दवा करने वाले खड़क सिंग दढ़ाबा का सच भी आपको दिखाते है
10:12खड़क सिंग्ध ढढ़ाबा दिली के कड़क ब्रांट का हिस्सा है जिसके 110 अप्लेट्स है
10:18लिकिन रेस्टोरेंट की ये चेन साफ सफाई और हेल्दी खाने का कितना खयाल रखती है
10:23इसकी सारी पोल पक्ती रेस्टोरेंट के मैनेजर ने खुद ही खोल कर रख दी
11:04खड़क सिंग्ध ढढ़ा के मैनेजर ने ये भी खुलासा किया
11:07कि जाच के दोरान एकस्पाईडी, दस्पिन और कुछ सामाने बिंदूओं पर ध्यान दिया जाता है
11:12हर नियम को पूरी तरह लागू करना संभब नहीं है
11:16और किसी ना किसी स्थार पर लूप होल मिल जाता है
11:38इसी बाचीत के दोरान मैनेजर ने ये भी बताया कि पुलिस को भी रेस्टरेंट चलाने के लिए पैसे देने पड़ते
11:44हैं
12:01जोती नगर वेस्ट दिली खरक सिंग दा धाबा
12:05आज तक की टीन रेस्टरेंट में खाने की परताल करते हुए खरक सिंग दा धाबा की एक और ब्रांच पर
12:11पहुँची
12:12यहां हमारी बात मैनेजर सचिन से होती है हमने पैस्ट कंट्रोल के सर्टिफिकेट खाना बनाने में इस्तमाल होने वाले पानी
12:19की जांच के बारे में पूछा
12:20तो सुनिए उसने क्या कहा
12:29पेस्ट कंट्रोल के बाद हम बेपानी की जाँच से जूड़ी रिपोर्ट के बारे में सवाल किया
12:52पहाडगंज दिल्ली पंजाबी धाबा
12:54यह दिल्ली के पहाडगंज में आरक्षर रोट पर बना 50 साल पुराना पंजाबी धाबा
13:01यहां बिमारियां ग्रहत के आने का इंतजार करती हैं
13:04यहां ना सिर्फ FSS AI के नियमों की धचियां सर्याम उड़ाई जाती हैं
13:09बलकि सब को बीमार बनाने वाला खाना खुले में तयार होता है
13:13पंजाबी धाबे के पास खादि विभाग का लाइसेस तो है
13:17लिकिन यहां सरे नियम काईदे कोने में धरे रह जाते हैं
13:21हमारी बात पंजाबी धाबे के मैनेजर सचिन से होती है
13:24तो सुन्ये वो क्या कहता है
13:28यह पासाइक लेसें ने मोलता है
13:30एडनेट पहनना चाहिए या
13:32सब चोचले हैं जिस इंस्प्रेक्शन होती है ना
13:35उप्रिंटों में सब को एडन पना लेता है
13:38इंदुस्तान में ना सब चीज़े सेकेंडरी है
13:40ऐसा चलता है
14:03देश की राज़ठानी डिल्ली में खाने का ये धंदा कितना गंदा है
14:07आज तक के खुफिया कैमरे में सब कुछ पैद हो चुका है
14:11सोचे जब देश की राजधानी दिल्ली में ये हाल है छोटी मोटी जगों और रेस्टोरेंट्स में क्या होता होगा
14:18नितिन जैन स्पेशल इंवेस्टिएशन टीम आज तक
14:25तो ये का जा रहा है कि इस देश में सब कुछ चलता है
14:29रेस्टोरों और दूसरे फूड आउटलेट्स को लाइसेंस जारी करना
14:33खाने की गुरवत्ता सुरक्षा साफ सफाई के काईदे बनाने की जिमेदारी
14:38F.S.S.A.I. की है
14:41काईदे कानूं तो हैं लेकिन रेस्टोरों और फूड आउटलेट्स खुलम खुला इसका उलंगन करते हैं
14:48वज़ा है जाच जैंसी और फूड आउटलेट्स के मालिकों के बीच साथगाड
14:53दिल्ली में M.C.D. के फूड इंस्पेक्टर फूड आउटलेट्स के निगदानी करते हैं
14:57लेकिन वही फूड इंस्पेक्टर चद नोटों के लालच में अपनी आखें बंद कर लेते हैं
15:04और फूड आउटलेट्स को लोगों की सिहत से खिलबार करने का लैसेंस मिल जाता है
15:51हमारी इंवेसिगेशन में फूड आउटलेट्स का सच सामने आ गया
15:54अब बारी थी सरकारी महकमे के उन चेहरों को एक्सपोज करने की जो इस काले धंदे के अस्वी खिलाडी है
16:01हमारे अंडरकवर रिपोर्टर नितिन जैन ने नए फूड आउटलेट खोलने के लिए जरूरी लाइसन्स के लिए
16:06MCD के फूड इस्पेक्टर मीठा लाल वीना से संपर्ट किया
16:10फोन पर हुई बाचीत के बाद मीठा लाल वीना ने हमारे रिपोर्टर को करूल बाग में MCD के दफ्तर में
16:16बुलाया
16:17थोड़ी सी बाचीत के बाद मीठा लाल वीना ने हमें उस जगे पर मिलने को कहा
16:21जहां फूड आउटलेट खोले जाने की बाद हमने कही थी
16:24चुकि हमें पूरे खेल से परदा उखाना था लेहाजा मीठा लाल को हमने एक दुकान पर बुला लिया
16:30बाचीत के दौरान मीठा लाल ने नई लाइसंस का सरकारी सिस्टम समझा दिया
16:35जिसमें लाइसंस दिलवाने के बदले खूस की रखम शामिल थी
16:38मतलब पैसा दो लाइसंस लो
17:05साथ जार रुपए हर साथ चलते रहेंगे ये चाहिते हैं
17:07चुटिस लिया लाइसंस लिश्टम सरकारी फीस हैं लिकिन फूड इंस्पेक्टर ने मांगे
17:24पचास हजार जानी एक लाइसंस के बदले मीठा लाल 14,000 रुपए अपनी जेब में रखता है
17:30चौकाने वाली बात ये है कि लाइसंस के बाद आगे कैसे वियमों को ताथ पर रखकर ठंदा चलाना है
17:36ये भी फॉर्मूला समझा दिया
18:16सरकारी मुलाजिमों की जेब गर्म तो तमाम काईदे कानूनों के उन्लंगन का लाइसंस खुद M.C.D. के फूड इस्पेक्टर
18:23बाट रहे हैं
18:24हमारी परताल में फूड इस्पेक्टर मीठा लाल मीना का चेहरा बेनकाब हो गया
18:29लेकिन M.C.D. का एक और फूड इस्पेक्टर प्रवीन राठी हमारे स्टिंग ऑपरेशन में खैद हो गया
18:35हमारे अंडरकवर रिपोर्टर नई लाइसंस के बहाने फूड इस्पेक्टर प्रवीन राठी से मिले
18:40हमने राठी से यही कहा कि फूड आउटलेट्स के लिए बराए गया कायदे कानूनों के मारकों को तूरा करना बहुत
18:46मुश्किल है
18:47बस फिर क्या था ग्राठी ने अपनी ड्रेट लिस्ट नहीं बताई लेकिन हमें ग्रीन सिग्नल दे दिया यानि काम हो
18:54जाएगा
18:56क्यों रफयान सिग्ती खूट आप जितनी करना भी रहेंगे ने मैं तो यहर है कि कमिया रहें
19:35हमारे खुफिया कैमरे में गैद MCD के दो फूड इंस्पेक्टरों ने लोगों की सेहत से हो रहे खिलबार का राज
19:41उगल दिया
19:42अगर दिली के फूड आउटलेट्स में हमारी और आपकी सेहत से खिलबार हो रहा है तो जिम्मेदार सिर्फ रेस्टोरेंट और
19:49फूड आउटलेट्स चलाने वाले रहीं बल्कि MCD के फूड इंस्पेक्टर भी हैं जिनका काम है फूड आउटलेट्स में साफ सफाई
19:57की निग
19:57जानी करना लेकिन वही जिम्मेदार आखें मूंद कर बैठे हैं क्यूंकि दिश्वत वाले नोटों ने उनकी आखों पर परदर डाल
20:04रखा है

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