00:00इसराइल जहांपर 27 अक्टूबर को आम चुनाफ होने वाले जो ये फैसला करेंगे कि मौजूदा प्रधानमंतरी यानि नितनेहू की सरकार
00:06रहेगी या उनकी सत्ता से बाहर हो जाएगी पूरी दुनिया की नजरे इस समय इसराइल की ओर है क्योंकि 7
00:12अक्टूबर 2023 के बाद ह
00:14अमास के हमलों के बाद ये पहला चुनाफ होगा शुरुआती नतीजे अगले दिन यानि उमीद की जा रही है कि
00:20अगले दिन आ जाएंगे लेकिन अंतिम फैसले या पर जो पर बढ़नाम है वो चार नमंबर को ही चारी किये
00:25जाएंगे
00:34इसराइल के तमाम शेहरों की सड़कों पर हुजूम है जन सैलाब है चुनाव में मतदान से पहले का उत्सा है
00:4627 अक्टूबर 2026 को इसराइल में आम चुनाव के लिए वोटिंग है दाओं पर है मौजूदा प्रधान मंत्री बेंजमिन नेतनियाहू
00:54की सियासी किस्मत
00:55क्योंकि इस बार टककर जबरदस्त है
00:57सामने खड़े हैं प्रमुक्ष विपक्षी नेता गादी आईजन कोट
01:01जी हाँ वही गादी आईजन कोट जिन्हें नेतनियाहू ने ही अपने कारेकाल में इसराइली सेना का चीफ आफ जनरल स्टाफ
01:08नियुक्त किया था
01:08नेतनियाहू के सामने मुकाबले में पूर्व पीम नफ्ताली बैनेट भी है
01:14इसराइल में चार साल बात चुनाओ हो रहा है जिसमें संसत यानी 69 की 120 सीटों के लिए मतदान होगा
01:20बेंजमिन नेतनियाहू के नित्रत वाला दक्षडपंथी गटबंधन इस वक्त सत्ता पर काबिज है लेकिन इस बार माना जा रहा है
01:27टककर काटे की है
01:31इसराइल में बहुमत का आंकड़ा 61 सीटों का है और चुनाओ प्लचार में हर पार्टी के समर्थक अपने अपने दल
01:38की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं
01:40इस भरोसे के साथ कि जीत में उनकी भागेदारी जरूर रंग दिखाएगी
01:46इसराइल में अब की बार चुनाओ में घाजा और हमास पर आक्शन बड़ा मुद्दा रहने वाला है
01:51साथ ही सुरक्षा को लेकर भी लोगों के अलग-अलग मत हैं
01:54अतीर उड़िवादी और अरब समुदायों के लिए सैन्य सेवा भी एक एहम चुनाओी मुद्दा है
02:14जो इसराइल की द्रण इच्छ शक्ती को दर्शाता है
02:17जनता भी तैयार है अपने सबसे बड़े अधिकार के उप्योग के लिए जो उनका भविश्य भी तै करने वाला है
02:25तेल अवीव से प्रणय उपाध्याय के साथ आज तक ब्यूरो
02:32जो दो चुनाओ इसराइल में हो रहे हैं लेकिन भारत में भी इसके नतीजे को लेकर खासा उत्सा है
02:37ऐसा इसलिए क्योंकि मौझूदा नितनेहू सरकार के साथ भारत के निश्टे बहुत ज़्यादा खास है
02:42खास वापे ब्रधानमंत्री मोधियों नितनेहू के बीज पसनल केमिस्ट्री देखने को ही मिलती है
02:46हाला कि ये देखना भी दल्चस्प होगा कि अगर किसी और पाटी की सरकार बनती है तो भारत का कूटनीतिक
02:52रिष्टा क्या रहता है
03:28अगर नेतनियाहू जीत गए तो क्या होगा
03:31अगर नेतनियाहू हार गए तो क्या होगा
03:35इस्राइल के चुनावी नतीजों का क्या होगा भारत पर असर
03:40अमेरिका, इरान और इस्राइल के लिए इन नतीजों की एहमियत कुछ और हो सकती है
03:44लेकिन भारत की निगाहें इस क्षेतर की शान्ती और द्विपक्षिय रिष्टों पर टिकी है
03:49जहां तक भारत और इस्राइल के संबंधों की बात है
03:52दोनों देशों के बीज 1992 से ही पूर्ण राजनाईक संबंध है
03:56जिन तीन मुख्यक शेतरों में भारत और इस्राइल की दोस्ती लगातार गहरी होती गई है
04:01उनमें रक्षा, खुफिया और तकनीक शामिल है
04:05जानकारों का मानना है कि नेतनियाहू इन चुनाव में हारें या जीतें
04:09दोनों देशों के रिष्टों में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा
04:12क्योंकि ये साजहदारी दोनों देशों के रणनीतिक हितों पर टिकी है
04:16ना कि सिर्फ व्यक्तिगत रिष्टे पर
04:55भारत इसराइल से हथियार, ड्रोन, मिसाइल डिफेंस, साइबर सहयोग और खुफिया सहयोग लेता है
05:01ये सहयोग मौजूदा मोदी सरकार से पहले भी था, अब भी है और आगे भी रहने की पूरी उम्मीद है
05:07मौजूदा हालात में मोदी और नेतनियाहू की दोस्ती मजबूत होने से दोनों देशों के रिष्टे भी और गहरे होते दिखें
05:37मैं। इन factor in Africa में पूरी ग्सूनि कि ये से डुदाइं एपा संट सूनियाहरा है
05:45मैं उत्माली स्वेजिक अधिया कुछा लेहरा है
05:48मैं ये सव습�hakन स्ट्स्स्तूनारा 방辑े इस्त्नियाहिश क्वैता एड माहरे है
06:07वैसे भी भारत संतुलन की नीती अपनाता रहा है फिर वो चाहे इसराइल के साथ रिश्टे रहे हो या फिर
06:13उसके दुश्मन एरान के साथ या फिर अमेरिका के साथ भारत की विदेश नीती सपष्ट रही है तेश की जरूरतें
06:20और सुरक्षा सबसे उपर सबको साथ लेकर च
06:26अगर ये चुनाव हारते भी हैं तो हो सकता है कि कूट नीतिक स्तर पर इसराइल का कुछ बदला हुआ
06:31अंदास देखने को मिले लेकिन भारत के हिद से जुड़े मुद्दों पर बदलाव की आशंग का कम ही है तेल
06:37अभीव से प्रणय उपाध्याय के साथ आज तक ब्यूर
06:40झाल झाल झाल झाल झाल