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  • 3 hours ago
साल 2009 में बेहद कम लागत से शुरू हुआ उनका यह सफर आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच चुका है. संवाददाता शहजाद आबिद की रिपोर्ट

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00:03यूवा का सपना होता है कि एक अच्छी नौकरी लगे जिसमें अच्छी सालरी हो ताकि भविश्य सुरक्षित हो सके लेकिन
00:12कुछ यूवा ऐसे भी होते हैं जो अपनी रुची को पहचान कर अलग रास्ता चुनते हैं और अपनी मेहनत के
00:19दम पर नई पहचान स्थाप्ट करत
00:21Gazeabad ke Rajendr Čudhari ki qaani bhi kuch aisi hiyay. Software engineering
00:27ki naukari karene waalere rajendr ne kheeti ki prati aapne lagaaf ko dhekhte hu вмoti
00:34yu ki kheeti shuru ka nne ka fesla kiya. Saal 2009 meh bhehat kkam lagat sse shuru
00:40huwa un ka ye safar aaj antaraashtriya bazaar tak puhut ciukai hain.
00:45I started working in 2019, and now 3-4 years later, we started working in our job together, and then
00:56we started working in our job together, and now we are a big and leading exporter of India.
01:05Raja Indra की कहानी सिर्फ एक नौकरी छोड़कर कारोबार शुरू करने की नहीं, बलकि पारंपरिक खेती को नई तकनीक और
01:15व्यवसाइक संभावनाओं से जोड़ने की भी है.
01:18सीमित पुंजी के साथ शुरू करने वाले Raja Indra आज मोतियों के निर्यात, विभिन प्रकार के मोतियों के उत्पादन और
01:27नई तकनीक पर शोध करने में जुटे हैं.
01:29Raja Indra के मुताबिक उनकी कंपनी करीब 15 देशों तक मोती निर्यात करती है.
01:35Raja Indra के में अगर बात करें तो मन में कुछ अलग करने का इशा थी क्योंकि मैं अगर प्रोफिशन
01:40अपने पारिवारिक जो बैग्राउंड है उसकी बात करें तो वो खेती बाड़ी से जुड़ा हुआ है.
01:46मेरे दादा जी खेती करते थे, मेरे पिता जी खेती करते हैं और उसके बाद कहीं न कहीं उन्होंने महनत
01:52की, मैंने भी महनत की और फाइनली सोफ्टेर इंजीनियर में बना उससे हटके, लेकिन फिर कहीं न कहीं समझ आया
01:58कि कुछ अलग हटके इसमें किया जा सकता है, किया �
02:01foreign
02:31राजींद्र चौधरी के मुताबिक जिस व्यवसाई की शुरुवात उन्होंने महस 21,600 रुपए में की थी उससे आज उनकी सालना
02:41आमदनी करीबन 25-30,000,000 रुपए तक पहुच गई है
02:45कम लागत से शुरू किये गए इस व्यवसाई को उन्होंने धीरे-धीरे विस्तार दिया और मोतियों की खेती को अंतराश्रिय
02:54बाजार से जोडने की दिशा में महनत की
02:57अगर हम बात करें चर इसमें अभी हम लोग 100 से दो से 3 वार मोति के संख्या खरें तो
03:14चार मोति से लेकर 10 मोति तक अभी हम लोग 60 से निकाल रहे हैं
03:27foreign
03:29foreign
03:34foreign
03:35foreign
03:35foreign
03:35which scientists are, we have to talk about the US,
03:38or Indonesia, Thailand,
03:41who are researchers,
03:42we are still working on the continuity of new technology
03:46and new technology,
03:47more and more quality,
03:49and more quality,
03:50we work on the other side.
03:54राजेंद्र चौधरी बताते हैं कि उनके व्यवसाय के माध्यम से 100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से
04:03रोजगार के अफसर मिल रहे हैं
04:05राजेंद्र स्वें मोतियों की खेती करने के साथ लगातार नई तकनीक पर शोध करते हैं
04:12और दूसरे लोगों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं
04:17ETV भारत के लिए शहजाद आबेद की रिपोर्ट

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