00:03हिंदुधर में करवाचौत का व्रत महतपुन माना जाता है
00:06हिंदी पंचांग के अनुसार ये व्रत कार्थिक मास के कृष्ण पक्ष की चतूर्ती तिथी को रखा जाता है
00:13इस साल करवाचौत का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को है
00:17इस समय धनसंपदा के कारक ग्रे शुक्र अस्थ है जो कि करवाचौत के बाद उधित होंगे
00:23ऐसे में शुक्रास्थ के समय करवाचौत व्रत को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है
00:28कुछ लोगों का मानना है कि सुक्रास्त के समय नव विवाहित को पहला करवाचौत वरत नहीं रखना चाहिए जबकि कुछ
00:36इसे सामान ने घटना बता रहे हैं
00:38ऐसे में चली आपको बताते हैं इसे वीडियो में कि अगर सुक्रास्थ है और आप पहला करवाचोट रखने जा रहे
00:45हैं तो रखना चाहिए या नहीं
00:46दरसल पंडितों का कहना है कि सूरे, बुद्ध और शुक्र ये तीनों ग्रे बहुती नस्दीक रहती हैं
00:54इसलिए सूरे के करीब या पास पहुसते ही अस्द की स्थिती बन जाती हैं शुक्र का दो तीन महीने में
01:01अस्द होना बहुती समाने घटना है शुक्र एक शुग्रे हैं और इनके अस्द का किसी भी तरह का खराब प्रभा
01:09नहीं होता
01:09वहीं करवाचौद वरत में भगवान शिव और माता पारवती की पूजा की जाती है करवाचौद वरत में चंदर्मा की पूजा
01:17की जाती है चंदर दर्शन के बाद ही करवाचौद वरत तोड़ा जाता है इसलिए करवाचौद वरत में चंदर्मा की स्थिती
01:24देखने जरू
01:39ये सिर्φ एक भ्रहम फील आने वाली बात है। पहली बार अगर करवा चौत व्रत करने वाली है तो किसी
01:46बी तरह की कोई अच्चर या परिशानी नहीं है।
01:49क्योंकि करवाचोत वरत में शुक्र के पूजा नहीं होती इसलिए इसके अस्त का कोई महत्व नहीं रह जाता
01:56शुक्रस्त एक खगोली एगटना है जो की बहुती समाने है
02:01शुक्रस्त में केवल शादी विवाह और मांगले कारें नहीं करने चाहिए
02:06लेकिन वरत पूजा कर सकते हैं अगर आप पहला करवाचोत वरत रखना चाहते हैं
02:12तो आप रख सकते हैं उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:16फिलाल अमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेरें चैनल को सब्सक्राइब करने ना भूले