सवाईमाधोपुर. शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे करीब 200 अस्थायी सफाईकर्मी पिछले छह माह से वेतन के लिए परेशान हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे कई बार नगर परिषद आयुक्त को मौखिक और लिखित रूप से अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में रविवार को सवाईमाधोपुर दौरे पर आए विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के समक्ष भी कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा रखी और बकाया वेतन दिलाने की मांग की। विधायक ने जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया है।
ठेके पर कार्यरत सफाईकर्मियों को छह माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का करीब 7 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान अटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलवर के ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान भी जमा नहीं कराया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को वेतन के साथ-साथ पीएफ की राशि को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद आयुक्त को अवगत करा चुके हैं। मौखिक शिकायतों के साथ लिखित में भी भुगतान की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। छह माह तक मेहनताना नहीं मिलने से कर्मचारियों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अब कर्मचारियों को विधायक के आश्वासन से बकाया वेतन मिलने की उम्मीद जगी है। इस दौरान अस्थायी सफाईकर्मी रामजीलाल, घनश्याम, शंकर, दीपक कलोसिया सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
इनका कहना है...
छह माह से ठेके पर लगे सफाईकर्मियों को वेतन नहीं मिला है। भुगतान के लिए कई बार नगर परिषद प्रशासन को मौखिक और लिखित रूप से शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। रविवार को सवाईमाधोपुर दौरे पर आए विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को कर्मचारियों की समस्या से अवगत कराकर बकाया वेतन दिलाने की मांग की। जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया है।
बुद्धिप्रकाश कलोसिया, अध्यक्ष, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस