00:00E-20 के माईलेज और इंजिन विवाद के बीच सरकार का बड़ा फैसला
00:04E-100 और E-85 फ्लेक्स फ्यूल को मिली अधिकारिक मंजूरी
00:09जब पुरानी कारे होंगी बंद या जेब होगी ठीली
00:12देश में अभी E-20 पेट्रोल को लेकर घमसान थमा भी नहीं था
00:16लोग अपनी गाडियों का माईलेज खटने से परिशान थे
00:19पुराने बाहनों में इंजिन खराब होनी के शिकायतों पर
00:23ग्यारज से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मचा हुआ था
00:26और ठीक इसी माहौल के बीच केंदर सरकार ने एक ऐसा फैसला सुना दिया
00:30जुसमें पूरे आटो मॉबाइल सेक्टर में तहलगा मचा दिया है
00:33सडक परिवहम और राजमाग मंत्राले ने सेंट्रल मोटर वीकल रूल्स
00:381989 में अमेंडमेंट करके 100 प्रतीशत इथनॉल यानि E100 फ्यूल और E85 से चलने वाली
00:45इफ्लेक्स फ्यूल गाडियों को कानूनी मंजूरी दे दी
00:48एक तरफ जहां 20 प्रतीशत इथनॉल मिले पेट्रोल यानि E20 पर लोग पहस कर रहे थे
00:54वही अब सरकार 100 परसेंट इथनॉल से चलने वाली गाडियों का रास्ता साफ कर चुकी
00:59अब देश की सडकों पर गाडिया सिर्फ पेट्रोल या CNG से नहीं वर्की गन्ने, मक्के और चावल से बने शुद
01:06एथनॉल से दोड़ती दिखेंगी
01:08लेकिन इस कबर के आते ही हर उस शक्स के माथे पर चिंटा की लकी रिखिच गई है जुसके पास
01:13पेट्रोल कार या बाइक है
01:14क्या मेरी लाख, दो लाख या दस लाख की पुरानी गाड़ी रातो रात कबार हो जाएगी
01:18क्या सरकार मुझे जबरन नई एथनॉल कार खरीदने पर मजबूर करेगी
01:22E20 से माइलेज गिरा था तो क्या E100 से गाड़ी आधी दूर जाकर बंद पढ़ जाएगी
01:28और सबसे बड़ा सवाल कि एथनॉल के नाम पर तेल का आयात तो घटेगा लेकिन हमारी थाली से अनाज और
01:33फुजल से पानी खत्प हो जाएगा
01:35सबसे पहले पीछे चलते हैं और उस बवाल को समझते हैं जिसने E20 को लेकर देश भर में बहस छेड़ी
01:40जब सरकार ने देश भर के पेट्रोल पंपों पर 20% इथनॉल ब्लेंडेड यानि E20 पेट्रोल देना शुरू किया तो
01:46देखते ही देखते वाहन चालकों के शिकायते बाढ़ की तरह आने लगे
01:51माइलेज में सीधी गिरा लोगों का कहना था कि E20 दलवाते ही उनकी कार या बाइक का माइलेज 5%
01:58से 10% तक गिर गया
01:59यानि जो गाड़ी पहले 15 का माइलेज देती थी वो घटकर बार्या 13 पर आगे
02:03पुराने इंजनों में खराबी की आशनका, 2023 से पहले बनी गाड़िया E10 या नॉमल पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन थी
02:10एथनॉल ग्रबड के पाइप और फ्यूल सिस्टिम को नुकसान पहुचाता है
02:13हाला कि सरकार ने साफ किया था कि E20 से गाड़ियों को बड़ा नुकसान नहीं होता
02:18और संसद से लेकर प्रेस कॉंफरेंस तक में इथनॉल का बचात किया गया
02:22प्रंगा रेड़ी से लोकसभा सांसद, कॉंटा, विश्वेश्वर, रेड़ी ने तो दो कटोरियों में पेट्रोल और E20 जुला करें दिखाने की
02:29कोशिश की
02:29कि इसमें प्रदूर्शन कम होता है, लेकिन जनता का भरोसा कागजी दावोस नहीं अपने जेब के बजट से तैह होता
02:35है
02:35और E20 के इसी घमसान की बीच अब एंट्री हुई है E100 यानि 100% इथनॉल
02:40तो अखे सरकार ने नई नियम में क्या बदला है और ये फ्लेक्स फ्यूल वीकल क्या बला है
02:45मंत्राले के ओर से जारी नई नोटिफिकेशन के तहट अब वीकल क्लासिफिकेशन और उचसरजन नियमों में 85% इथनॉल और
02:53E100 को अधिकारिक जगा दे दी गई
02:56इसके साथ ही हलके डीजल पेट्रोल वाहनों के वजन की सीमा 3000 किलो से बढ़ा कर साड़े 3000 किलो कर
03:03दी गई
03:03आप समझे फ्लेक्स फ्यूल तकनीक कैसे काम करती है
03:06साधारन गाडियों में अगर आप गलत इंधन डाले तो इंजन ठप हो जाता है
03:10लेकिन फ्लेक्स फ्यूल गाडियों की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इनमें केवल एक फ्यूल टान खुटा है
03:16चाहे आप उसमें 100% पेट्रोल डाले या 85% एथनॉल वाला E85 डाले
03:21या फिर पूरी तरह से शुद 100% एथनॉल यानि की E100 भरवाए
03:25इस गाड़ी का स्मार्ट इंजन, फ्यूल इंजेक्टर और सेंसर्स अपने आप इंधन के मिश्रण को पहचान लेते हैं
03:32और बिना किसी जटके या रुकाबट के गाड़ी को चलाते हैं
03:35अब सबसे बड़ा सबाद, क्या बंद हो जाएंगी आपकी पुरानी पेट्रोल या डीजल वाली गाड़िया?
03:39अब आते हैं आम आदमी के सबसे बड़े डर पर अगर आपके गारज में कोई पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी
03:57खड़ी है
04:05उसे हटाना या बंद करना बिल्कुल नहीं है
04:07आपके पास जो भी पेट्रोल डीजल गाड़ी है आप उसे बिना किसी डर के आने वाले सालों तक अराम से
04:12चला सकते हैं
04:13लेकिन या एक बहुत बड़ी चेतावनी है
04:15गलती से भी अपने पुरानी या मौजूता साधारन पेट्रोल कार में E85 या E100 फ्यूल मड़ डलवाली जेगा
04:22वर्तमान में सड़क पर दोड़ ही साधारन पेट्रोल या E20 गाड़िया हाई एथनॉल के लिए नहीं बनी है
04:27E100 फ्यूल केबल उनहीं नहीं गाड़ियों में इस्तिमाल होगा जिन्हें आटो कम्पनिया OEMS खास तोर पर E100 सर्टिफाइड करके बजार
04:35में बेचेंगी
04:36कि E100 बाली गाड़िया कब आएंगी और क्या इन्हें चुलाना सस्ता पड़ेगा
04:40मारूति सुजुकी, टोएटा, टाटा मोटर्स और होंडे जैसी दिगज कम्पनिया फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों पर काम कर रही है
04:47मारूति ने वैगनार फ्लेक्स फ्यूल का प्रोटो टाइप भी दिखाया था जो E20 से E100 तक पर चल सकता है
04:53अनुवान है कि 2026 के अंतिया 2027 की शुरुआत से ऐसी कारे और बाइक्स शोरूम में मिलने लगी
04:59सरकार का लक्षय है कि दिसंबर 2027 तक देश में 5000 आउटलिट्स पर ऐसा इंधन उपलब्द कराया जाने
05:06लेकिन अब ज़रा जेब का हिसाब किताब समझते है
05:09इंधन की कीमत में रह दिल्ली में जहां रेगलर E20 पेट्रोल करीब 102 रुपए प्रती लीटर है
05:16वही E85 फ्यूल का भाव करीब 82 रुपए प्रती लीटर है
05:19यानि करीब 20 रुपए प्रती लीटर की सीधी बचल
05:22माइलेज में बड़ा चलिका
05:24इधनौल की इनर्जी डेंसिटी पेट्रोल से 33% कम होती है
05:28विग्यानिक रूप से एक ग्यलन पेट्रोल में जितनी ताकत होती है
05:32E85 में उसका 73 प्रतीशत से 83 प्रतीशत ही होता है
05:36यानि E85 ये E100 पर चलने से आपकी गाड़ी का माइलेज 25% to 30% तक गिर सकता है
05:43गाड़ी के शुरुवाति की फ्लेक्स फ्यूल इंजिन का मेकेनिजम थोड़ा अलग होता है
05:47उधार्ण के लिए मारूति वैग्नार का रेगुलर ZXI मॉडल अगर 6.5 लाग का है
05:51तो उसका फ्लेक्स फ्यूल वर्जिन गरीब 7.5 लाग का है
05:54यानि 83,000 रुपे का अतिरिक्त बोज
05:57सस्ते इंधन का फायदा का माइलेज और महेंगी गाड़ी की वज़़ से काफी हद तक बराबर हो जाता है
06:03ये सिर्फ गाड़ी और पेट्रोल पंपों की लड़ाई नहीं है
06:05ये देश की उर्जा सुरक्षा, किसानों की आई और पानी और अनाज के संकट के बीच संतुलन की लड़ाई है
06:11सरकार की दलील बिलकुल जायज है
06:13भारत अपनी जरुरत का 85% कच्चा तेल बहार से खरीदता है
06:17अगर हम देश में ही गन्य, मक्य और चावल से एथनॉल बनाकर गाड़ियों में डालेंगे
06:22तो अर्बो डॉलर का विदेशी मुद्रा कोश बचेगा
06:24तेलायाद घटेगा और हमारे किसानों की जेब में पैसा जाएगा
06:27लेकिन इस चमकीली तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है
06:30पानी का भयंकर सलकर
06:32गन्य से एक लीटर एथनॉल बनाने में खेट से लेकर फाक्टरी तक करीब 2800 से लेकर 3000 लीटर पानी लगता
06:38है
06:38और अगर चावल से एथनॉल बनाया जाए तो एक लीटर एथनॉल के लिए करीब 10,000 लीटर पानी की खपत
06:44होती है
06:44जहां देश के कई राजिस फूंखा और भूजल संकट छेल रहे हैं वह एथनॉल के लिए लाकों लीटर पानी बहाना
06:50कितना सही
06:52अगर किसान ख़दान उगाने के बजए फ्यूल फैक्ट्रियों के लिए गन्ना और मक्का उगाने लगेंगे तो बजार में आटा चावल
06:58और चीनी के दाम बढ़ सकते हैं
07:00अलाकि सरकार का कहना है कि वो तूटे चावल और अतिरिक्त बचयानास का ही इस्तिमाल करेगी लेकिन सूखा पढ़ने या
07:06फसल खराब होने की स्थिती में क्या होगा
07:08यानी चुनौती सिर्फ पेट्रोल का विकल्प धूनना नहीं है चुनौती ये भी है कि पेट्रोल से अजादी की कीमत कहीं
07:14हमें प्यासे खेतों और महंगी थाली से न चुकानी पड़े
07:16तो E-100 और Flex Fuel Technology भारत को उजा के छेत्र में आत्म निर्भर बनानी की दिशा में एक
07:22बेहद साहसिक और इतिहासिक कदब है
07:24ये प्रदूशन घटाने और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने का एक मजबूत जरिया बन सकता है
07:30लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार पानी के संरक्षन, खाद सुरक्षा और आम राह के भरोसे
07:36के बीच संतुलन कैसे बनाती है
07:38अब जाने से पहले एक सवाल आपकी लिए अगर कल को आपको सामने शूरूम में दो गाड़िया खड़ी दिखे
07:44एक साधारन पेट्रोल कार जो 102 रुपए प्रती लीटर का पेट्रोल पिएगी लेकिन जादा मायलेस देगी
07:49और दूसरी तरफ 80,000 महंगी फ्लेक्स फ्यूल कार जो 82 रुपए प्रती लीटर के थनॉल पर चलेगी लेकिन मायलेस
07:56थूड़ा कम देगी
07:57तो आप देश की उज़ा आत्म दिखरता के नाम पर कौन सी चावी उठाना पसंद करेगी
08:01अपने राए नीचे कॉमें सेक्षिन में जरूर बताएगी क्या आपको लगता है कि थनॉल क्रांती भारत का भवश्य बदलेगी
08:07क्या हम आत्मी की जेप पर एक और प्रयोग है