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  • 3 hours ago
सुप्रीम कोर्ट में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर हुई सुनवाई में चुनाव आयोग ने अपने 248 पन्नों के हलफनामे में प्रक्रिया का पूरी तरह बचाव किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कानूनी दायरे में है और इसे तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। साथ ही, फॉर्म-6 में बदलाव के आरोपों को भी खारिज किया गया। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को इस हलफनामे पर 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान सांसद डोला सेन की नई याचिका पर भी नोटिस जारी किए गए। यह विवाद चुनाव आयुक्तों के कथित आपत्तियों वाले दावों के बाद और गहरा गया है, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट में आगे की जांच की जाएगी।

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00:03S.I.A.R.
00:33चुनावायोग ने अपने 248 पन्नो के हलफ नामे में S.I.A.R. की प्रक्रिया का बचाव किया है।
01:12चुनावायोग ने अपने हलफ नामे में इन आरोपो को खारिच करते हुए कहा कि मतदाता पंजी करण के लिए इस्तमाल
01:25होने वाले कानूनी फॉर्म 6 में कोई बचाव नहीं किया गया।
01:29C.G.I. ने कहा कि सभी मुद्दो की जाचकी जाएगी। ये विवाद उस रिपोर्ट के बाद बढ़ा जिसमें दावा
01:36किया गया था कि चुनावायोगत सुखबीर सिंग संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में S.I.R. से
01:43जुड़े कम से कम 14 फैसलों और आदेश
01:58चुनावायोगत ग्यानेश कुमार को पच्चे हटाने की मांग भी उठाई। हाला कि चुनावायोग ने अपने हलफ नामे में कहा कि
02:04S.I.R. से जुड़े आदेशों को आयोग के तीनों सदस्यों की सर्वसमती से मन्जूरी दी गई थी।

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