00:28Israel
00:29तो चलिए इस वीडियो में बताएंगे सब कुछ इसलिए अंतक्त चरूर बने रहीएगा।
00:59चेहरों में शामिल है चुनाव से पहले हुए सर्वेक्षणों और मद्दान के बाद सामने आए एक्चिट पोल में किसी भी
01:05खेमे को संसद में इसपष्ट पहुमत नहीं मिलता दिख रहा है इजरायल की संसद में कूल 120 सीटे हैं और
01:12सरकार बनाने के लिए 61 सीटों के समर्थन
01:15की चरूरत है हाला कि शुरुवाती रुजानों में नितन्याहु को गठबंधन मिलती हुई दिख रही है अगर किसी को इस
01:21पष्ट पहुमत नहीं मिलता तो ऐसे में चुनाव के बाद गठबंधन बनाने की बादचीत हो सकती है अंतिम नतीजे आने
01:27और सरकार की तस्वीर सा
01:41अत्रिये देशों के साथ संबंध भी उतने ही महत्पून होंगे इस राजनिति घटना करम के बीच कच्चे तेल की कीमते
01:47वाजार की चिंता बढ़ा रही है
02:02बलकि पश्ची मेसिया में जारी संघर्स, तेल की सप्लाई बाधित होने की अशंका और सौधी अरब की रिफायंडी पर हमले
02:09की खबरों ने भी मार्केट की चिंता बढ़ाई है
02:11दूसरी तरफ शेत्रिये देशों की कुटनितिक बादचीत से तनाव कम होने की उम्मीद भी बनी हुई है
02:17यानि तेल वाजार में इस समय तेजी और गिरावट दोनों की संकेत मौचूद है
02:22निवेशकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में तनाव बढ़ता है या बाचीत के जरिये हालात
02:28सुधरते हैं
02:29भारत के लिए कच्चे तेल का महंगा होना खास तोर पर महत्पूर्ण है क्योंकि भारत अपनी उर्जा चरूरतों के लिए
02:35बड़े पैमाने पर आयात पर निर्फार है
02:37अंतराश्टिये वाचार में कच्चे तेल की कीमते लंबे समय तक उची बनी रहती है तो देश का आयात विल बढ़
02:44सकता है
02:44इससे चालू खाते के घाटे पर दबाव पढ़ने और रुपए की चाल प्रभावित होने का जोखिम रहता है
02:50रुपए में कमजोरी आने पर विदेश चे आने वाला कच्चा तेल और दूसरी वस्तूएं भारतिये कमपनियों के लिए महंगी हो
02:57सकती है
02:57इसका असर परिवाहन लोजिस्टेक्स बिनिर्मान और रोचमर्रा की कई वस्तूओं की लागत पर पढ़ सकता है
03:03हाला कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू पेट्रोल डिजल की कीमतों पर कितनी चल्दी और कितना
03:10पढ़ेगा यह सरकारी नीतियां तेल कमपनियों के फैसलें और अन्य लागतों पर भी निर्भर करता है
03:15शियर वाजार के लिए भी यह घटना करम महत्पून है अगर कच्चे तेल की कीमती लगतार उची रहती है तो
03:21एरलाइन्स, पेंट, टायर और परिवहन से जुड़ी कमपनियों की लागत बढ़ सकती है
03:27इन कमपनियों के मुनाफे पर दबाव पढ़ने की आशंका रहती है खास कर तब जब वे बढ़ी हुई लागत का
03:32पूरा बोज कराकों पर नहीं डाल पाती
03:35दूसरी ओर तेल और गैस शेतर की कुछ कमपनियों पर असर उनके कारोबार के प्रकार कच्चे तेल की लागत और
03:42कीमतों में बदलाव के मुताबिक अलग हो सकता है
03:45इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि तेल महगा होने से सभी उरज़ा कमपनियों को फायदा ही होगा
03:51निवेशकों को कमपनियों के नतीजे, लागत और कमाई के अनुमान को भी ध्यान में रखना चाहिए
03:56गच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर महंगाई और ब्याज़तरों की उम्मीदों पर भी पढ़ सकता है
04:01यदि उर्जा लागत लंबे समय तक उची रहती है तो उत्पादान और परिवहन महंगा हो सकता है
04:06इस कमपनियों के मुनाफे पर दबाव और ग्राहकों की खरीदारी की शमता पर असर पढ़ने की आशंका रहती है
04:13ऐसे माहौल में निवेशक कमपनियों के भविशे के मुनाफे और ब्याज़तरों की दिशा को लेकर अधिक सतर्क हो सकते हैं
04:20हाला कि भारतिये वाजार की चाल केवल इजरायल के चुनाव या कच्चे तेल से तैन नहीं होगी
04:25बिदेशी निवेशकों की खरीद विक्री, अमेरिके फेडरल इजब की नीतियां, घरेलू आर्थिक आंकड़े और कमपनियों के तिमाही नतीजे भी एहम
04:33भूमिका निभाएंगे
04:34अब सवाल यह है कि निवेशकों और आम लोगों को इन सेनेरियों में क्या करना चाहिए
04:39मतलब की जिस तरीके का महौल चलता है इस महौल में आम निवेशकों को क्या करना चाहिए
05:00आम लोगों के लिए भी जरूरी है कि वे पेट्रॉल डीजल, यात्रा और दूसरी जरूरतों के खर्च का बजट बनाते
05:05समय संभावित महंगाई को भी ध्यान में रखें
05:08अगर तनाव कम होता है और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताए घटती है तो कीमतों में राहत मिल सकती
05:14है इसके उलट संघर्स बढ़ने या सप्लाई बाधित होने का जोकिन गहराने पर तेल की कीमतों में फिर से बड़ी
05:21तेजी देखने को मिल सकती है फिलहाल इजरायल की रा�
05:36or PM.
05:37Yeah.
05:38Yeah.
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05:40Yeah.
05:50Yeah.
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