00:00अमेरिका में 3 नवंबर को चुनाव होने हैं, चुनाव अभी हुए नहीं हैं, लेकिन अमेरिका में नतीजों पर सियासी संग्राम
00:07शुरू हो गया है, डोनाल्ड ट्रॉम्प से पूछा गया, अगर आपकी पार्टी हार गई, तो क्या आप चुनाव के नतीजे
00:13मानेंगे, ट्
00:29इरोधियों पर दवाब बनाने की रणिती है, मैं हूँ पूजा मेर उत्राव और समझते हैं, क्या है मिट्रम का चुनावी
00:36गणित, तीन नवंबर को अमेरिका में मिट्रम के चुनाव होने है, प्रतिनिदी सभा की 435 सीटों और सीनेट की 35
00:43सीटों पर मुकाबला होगा, इस
00:58के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है, हाल या सरविक्षणों में डेमोक्रेट्स को प्रतिनिदी सभा में बढ़त मिलती दिख रही है,
01:05महेंगाई, रोजमर्रा के खर्च और इरान के साथ युद्ध से जुड़े, आर्थिक दवाब ने भी रिपबलिकन पार्टी की चिंता
01:12बढ़ा दी है, अगर डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिदी सभा पर कबजा कर लिया, तो ट्रम्प की नीतियों को आगे बढ़ाना मुश्किल
01:19हो सकता है, उनके प्रशाशन के फैसलों की जाच भी तेज हो सकती है, यही वज़ा है कि ट्रम्प खुद
01:25रिपबलिकन उमिद्वारो
01:26के प्रचार में चुटे हैं, टेकसस में उन्होंने केन पैक्स्टन के लिए प्रचार किया, जिसका मुकाबला डेमोक्रेटिक उमिद्वार जेम्स टालरीकों
01:35से है, लेकिन ट्रम्प के बयान पर लोटते हैं, उन्होंने सीधे तौर पर नतीजे खारिश करने की बात नहीं क
01:42उन्होंने कहा वे नतीजे स्विकार करेंगे अगर चुनाव इमानदारी से हुए, अब सवाल है चुनाव इमानदार हुए या नहीं, इसका
01:49फैसला किसा अधार पर होगा, सिर्फ हार जीत के अंतर से, किसी ठोस सबू से या राजनीतिक आरूपों से, अमेरिका
01:56में चुना�
02:09उससे पहले ही एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, कि नतीजे आने पर वे अपने बयान पर काइम रहेंगे,
02:15तीन नवंबर को अमेरिकी मदाता फैसला सुनाएंगे, उसके बाद पता चलेगा, कि टरंप के लिए सबसे बड़ा इंतिहान चुनाव जीतना
02:23होगा, या नती
02:27वोट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताएं और देखते रहें आज तक डिजिटल