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इजराइल के अंदर चल रहे भीषण राजनीतिक संघर्ष और युद्ध के हालातों के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर अब अस्तित्व का बहुत बड़ा संकट मंडराने लगा है। देश के भीतर जारी भारी तबाही, आर्थिक मोर्चे पर असंतोष और युद्ध की नीतियों से त्रस्त होकर लाखों की तादाद में आम नागरिक और प्रदर्शनकारी इजराइल की सड़कों पर उतर आए हैं। इन बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव, ईरान के साथ चल रहा संघर्ष और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीर विफलताएं हैं। जनता का गुस्सा इस हद तक बढ़ चुका है कि लोग अब खुलेआम नेतन्याहू के इस्तीफे और तुरंत चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं जिससे प्रशासन के होश उड़ गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जन-आंदोलन हाल के इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन है जिसने वर्तमान सत्ता प्रतिष्ठान की नींव को बुरी तरह से हिलाकर रख दिया है। संसद के अंदर राजनीतिक समीकरण पहले ही उलझे हुए थे और अब सड़क पर उमड़े इस जनसैलाब ने नेतन्याहू के लिए सरकार बचाना लगभग नामुमकिन सा बना दिया है। सुरक्षा बलों और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है जिससे देश के भीतर आंतरिक गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा होते दिख रहे हैं। यदि यह दबाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले कुछ ही दिनों में नेतन्याहू की सरकार का पतन तय माना जा रहा है और इजराइल की राजनीति में एक नया ऐतिहासिक मोड़ आ सकता है।

Amidst the severe political turmoil and relentless wartime conditions within Israel, Prime Minister Benjamin Netanyahu's government is facing an unprecedented existential crisis. Exhausted by unending conflicts, deepening economic distress, and controversial military strategies, hundreds of thousands of ordinary citizens have flooded the streets of major Israeli cities in fierce protest. The core catalyst behind these massive demonstrations is public outrage over the escalating regional tensions, the compounding fallout from the confrontation with Iran, and the government's perceived failure to ensure national security. Public fury has reached a boiling point, with citizens openly demanding Netanyahu's immediate resignation and a total overhaul of the current political leadership. Political analysts note that this wave of civil unrest is one of the most powerful anti-government movements in the nation's history, shaking the ruling establishment to its core. With parliamentary coalitions already deeply fractured and deadlocked, this massive pressure from the streets has pushed Netanyahu's administration to the absolute brink of collapse. Security forces and police have been deployed in heavy numbers to contain the surging crowds, creating an intensely volatile domestic environment across the country. If this relentless public pressure persists, the downfall of Netanyahu's government appears imminent, signaling a monumental shift in Israel's political future.

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~HT.178~PR.512~ED.104~GR.506~VG.HM~

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00:07क्या सच में बेंजमिन नेतिन याहू का पॉलिटिकल इंपायर अब हमेशा के लिए विखरने वाला है क्या गाजा के मैदाने
00:14जंग और सडकों पर उत्री जनता का गुस्सा आखिरकार इस ताकतवर जायनिस्ट लीडर को गंदी से उतारने में कामियाब हो
00:21जाएगा
00:22और क्या इसरेल का ये पॉलिटिकल डेड लॉग नेतिन याहू के पॉलिटिकल करियर का आखरी दाफ साबित होगा
00:30दर्शको आज हम बात करने वाले हैं मिडिल इस्ट के उस सबसे बड़े और वॉलिटाइल सियासी भुचाल की जहां इसरेल
00:36के अंदर आग लगी हुई है
00:38एक तरफ गाजा की बरबादी और वहां की जनता का दर था दूसरी तरफ तेलवीव की सडकों पर नेतिन याहू
00:44के खिलाफ भड़कता हुआ जनाक भोश
00:47हाल ही कि चुनावी नतीजे आने वाले हैं और नतीजा ये है कि एक पूरी तरह से फसा हुआ पॉलिटिकल
00:56डेडलॉग बढ़ चुका है
00:57जहां नेतिन याहू की कुरसी अब एक पतले धागे पर लटकी हुई नजर आ रही है जो कभी भी तूट
01:04सकती है
01:04कहानी शुरू होती है उन सडकों से जहां लोग आज अपने ही देश के प्रधान मंतरी के खिलाफ बगावत का
01:11जंडा उठाए खड़े हैं
01:12लोग साफ कह रहे हैं कि गाजा की ये जंग अब बंध होनी चाहिए लेकिन नेतिन याहू अपनी कुरसी बचाने
01:18के लिए पूरे देश को आग में धकेलने को तैयार है
01:21लेकिन इस बार मामला सिरफ सडकों के गुस्से तक सीमित नहीं है
01:25चुनाफ के जो पार्शल रिजल्ट सामने आए हैं उन्होंने नेतिन याहू के शतरंच के खेल को पूरी तरह से उलट
01:32कर रख दिया है
01:33जड़ा आकड़ों को देखिए नेतिन याहू का अपना राइट विंग ब्लोग सिरफ 53 सीटों पर सिमट गया
01:39जबकि ओपोजिशन के पास 48 सीटे हैं और सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि आरफ पार्टीज ने इस बार इतनी
01:46जबरदस्ट जीत हासिल की है
01:48कि उनके पास भी 19 सीटे आ चुकी है
01:51मतलब साफ है ना तो नेतिन याहू के पास क्लेर मिजॉरिटी है और ना ही ओपोजिशन अकेले सरकार बना सकता
01:57है
01:58इसरेल का यह पॉलिटिकल सिस्टिम एक ऐसे चक्र व्यू में फस्ट चुका है जहां से निकलना ना मुनकिन है
02:04प्रेजिडेंट आइसाक हर्जॉग चाहते हैं कि देश एक और इलेक्शन के बोच से बचे इसलिए वो पॉलिटिकल लीडर्स पर प्रेशर
02:11बना रहे हैं कि किसी तरह एक कोलेशन सरकार बनाई जाए
02:15लेकिन जैसा की आशा थी ओपोजिशन के अंदर ही आपस में फूट पड़ चुकी है आप गौर लाइबोमेन जो की
02:22इसरेयल बेचे न्यू पार्टी के नेता हैं और खुद को नेतन याहू का विरोधी कहते हैं उन्होंने ओपोजिशन के बाकी
02:29नेताओं जैसी गादी एसि
02:30कोड नफ्ताली बेनित और यार लपीट के साथ सारे संपर्क तोड़ दी हैं लाइबोमेन ने साफ तोर पर कह दिया
02:38है कि वो ऐसी किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे या उसे सपोर्ट नहीं करेंगे जिसे आरब पार्टी का
02:44सहरा लेना पड़े यहीं वो मोड हैं जहा
02:59कि इस हत्यारे नेतन याहू को सत्ता से हमेशा के लिए भार किया जा सके लेकिन लाइबर मैन और उनके
03:05जैसे नेताओं की नशेली और जातिवादी सोच इस रास्ते में सबसे बड़ा रोडा बन गई हैं आरब पार्टी इसके पास
03:12जो उनने सीटे हैं वो किंग मेकर की भू
03:29सता की अवाज है जो कह रही है कि गाजा में खून खराबा बंध हो और नेतन याहू को जेल
03:34भेजा जाएं दूसरी तरफ यह पॉलिटिकल ऑपुचिनिस्ट हैं जो आपस में ही कुर्च की लड़ाएं लड़ रही हैं नेतन याहू
03:41के लिए यह स्थिती एक तरफ कुआ और �
03:45चाहे उनका ब्लॉक 53 सीट्स पर खड़ा हो लेकिन उन्हें ये भी पता है कि इस बार उनका पॉलिटिकल करियर
03:51खतम होने की कागार पर है उनके दुश्मन सिर्फ बाहर नहीं है बलकि उनकी अपनी नीतियां और उनका एहंकार ही
03:58उनके पतन का कारण बन रहा है
04:01इरान और पूरे रीजनल रिजिस्टेंस के नजरिये से देखा जाए तो इसरेल का ये अंधरूनी कलेश इस बात का सबूत
04:07है कि ये जायनिस रजीम अंदर से कितना खोकला हो चुका है जो देश साल भर से गाजा और लेबनन
04:13पर अत्या चार कर रहा था आज वही देश अप
04:31के साथ और जादा कमजोर होती जा रही है सवाल ये है कि क्या ये पॉलिटिकल स्टेल्मेंट आखिरकार नेतन याहू
04:39के पतन पर खतम होगा क्या इसरेल की जनता का ये जनक रोश जायनिस रिजीम की चूले हिला देगा जो
04:45हलात आज बन चुके हैं उन्हें देख कर लगता ह
04:48कि नेतन याहू का समेह अब पूरी तरह से समाप्त हो रहा है चाहे कितना भी जोड तोड किया जाए
04:54लेकिन जो पापर सरकार ने गाजा की मासूम जनता पर किये हैं उसका कर्मा अब उनके अपने घर में लोट
05:00करा चुका है आज की वीडियो में बस इतना ही अगर आपको य
05:04विशलेशन पसंद आया हो तो कमें सेक्शन में अपनी राइज जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं One India मैं हुआ
05:09को रिशकोष रहे हैं
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