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दिल्ली में वकील प्रशांत भूषण और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रशांत भूषण ने चुनाव आयोग के सामने 7 सवाल रखते हुए फैसले लेने की प्रक्रिया, फॉर्म-6 के साथ घोषणा-पत्र, अधिकारियों की शक्तियों और फॉर्म-7 व फॉर्म-8 के इस्तेमाल पर जवाब मांगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मामले दाखिल होने और वोटर लिस्ट में नामों के बदलाव की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। प्रशांत भूषण ने SIR में इस्तेमाल हुए सॉफ्टवेयर और जांच प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। ये आरोप और सवाल उनके बयान पर आधारित हैं।
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Transcript
00:01चुनाव आयोग का जबाब है हमारी एक प्रक्रिया है फैसला लेने की एक डिविजन से फाइल बंती है फिर उसके
00:08बाद पहले एलेक्शन कमिशनर के पास जाती है फिर दूसरे के पास फिर सीजी के पास मेरा प्रशन है बहुत
00:15शांदार बात है तो अब आप बता दीजिए न
00:29आपने 24 जून को ये फैसला लिया कि पूरे देश में S.I.E.O.R. होगा जिसकी शुरुआत बिहार
00:36में होगी बिहार के CEO को भी उस दिन पता नहीं था कि बिहार में होने वाला है आप क्रिपया
00:42200 पेज क्यों बरबाद कर रहे हैं जीरॉक्स मशीन को भी बहुत खर्चा होता ह
00:47एक पेज दिखा दो ना कि 24 तारीफ को वो फैसला किस ने लिया था किस डिवीजन ने शुरू किया
00:55था किस E.C. के पास कितने बजके कितने मिनिट पे गया था और कब फैसला हुआ था और ठीक
01:03वो नहीं उसके बाद दूसरा फैसला हुआ है जो कि चुनाव आयोग ने बाकी
01:16वो फैसला किस ने लिया था तो इधर उधर की बात ना कर सही बता ये क्या हुआ पहला सवाल
01:24दूसरा सवाल फॉर्म 6 सवाल ये पूछा गया आपने फॉर्म 6 कैसे बदल दिया कल तो सुप्रीम कोट ने भी
01:34कहा इस कास्ट इन स्टों चुनाव आयोग का जवाब है हमने बद
01:42सवाल नहीं हमने फॉर्म 6 के साथ एक दूसरी डिक्लेरेशन अटैच कर दी मेरा सवाल है कि क्या ये डिक्लेरेशन
01:53भरे बिना फॉर्म 6 एक्सेप हो सकता था अगर हो सकता था तो ठीक है फिरा सेपरेट डिक्लेरेशन थी
02:01क्रिपया चुनाव आयोग इसका उत्तर दे बिहार से लेके उसके बाद तक क्या ये जो डिक्लेरेशन थी जिसको पहले डिक्लेरेशन
02:11डी बोला जाता था फॉर्म डी और बाद में उसको कहा गया एनेक्स्चर 4 क्या वो तंपसरी थी या वॉलेटरी
02:19थी और अगर वॉलेट
02:29कर लिया जाए दिखा दीजिए दूसरा सवाल तीसरा सवाब कि आरो की पावर आपने डिली के इलेक्ष्षойд के आईटी सेल
02:43और इसको आईटी डिवीशन कहते है निके यहाजड आधा यहाजल 요 तो आपने आईटी की डिवीशन को कैसे पावर दे
02:52जी प्रश्न ये था उत्त
02:54पर इनका ये है कि ये पावर ERO के पास होनी चाहिए, अरे भाई ये आप सबी पूछ रहा होनी
03:00चाहिए, तो मुझे भी पता होनी चाहिए, ये पताईए कि उसके पास थी के नहीं थी, और मैं क्यों पूछता
03:06हूँ ये सवाल, क्योंकि गोवा के CEO ने आठ चिठियां लिखी, क
03:24है क्रिप्यास यह एरो को यह पावर दे देनी चाहिए क्यों कह रहे हैं वहीं क्योंकि नहीं है नहीं दी
03:32आपने दिखाई आपने पावर दी थी के नहीं यह मत बताइए होनी चाहिए कानून तो मुझे भी आता है
03:38तीस चौथा सवाल बंगाल में 16 लाक केस किसने दायर किये इलेक्शन कमिशन का जवाब है सुप्रीम कोट ने चुनाव
03:53आयोग को यह अनुमती दी थी कि वो दायर कर सके बिल्कुल दी थी आप बता दीजिये किसने किया कहते
03:59हैं लेकिन चुनाव आयोग ने फैसला नहीं लिय
04:02और चुनाव आयुक्त कहते हैं कि सी यो को भी पता नहीं है तो ना दिल्ली के औफिसर को पता
04:11है ना बंगाल के सी यो को पता है लेकिन अब ये लिख के कह रहे हैं कि सी यो
04:21के उफिस ने दायर किया द वायर ने ये बहुत शांदार रिपोर्ट इस पे दिया आप जरूर प�
04:30को एक मिनट में साथ बज़ के चौबिस मिनट पे लाखों केस फाइल हुए हैं भाई ऐसा महान अफसर कौन
04:41है इस देश में नाम तो पता लगे 26 जनवरी को आके उसको कई अवार्ड देना चाहिए जो की एक
04:47मिनट में लाखों केस फाइल करने का फैसला ले लेता मान लीजे फ
05:00ग्रपिया उसका नाम तो बताईए क्यों नाम नहीं बता रहे थींग को कि पता है यहess बैसे इसका चार सवाल
05:11जो चुनावायोग के एफिडेविट से उठते हैं
05:14तीन सवाल जो एफिडेविट के बाहर है
05:16जो पूछने बाकी है
05:18तो पांचमा सवाल है
05:20अब जब कि सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है
05:23कि भाई लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी पे
05:40कि किसको नोटिस मिला किसको नहीं मिला
05:44किसका रिप्लाई एक्सेप्ट किया गया
05:46किसका नहीं किया गया
05:47मुझे मिला लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी का नोटिस
05:51आपका नाम 2003 में योगेंद्र सिंग था
05:54और 2025 में योगेंद्र यादव है
05:57आप explain कीजिए मैंने किया मान लिया मैं तो शुक्र गजार हुई election commission का लेकिन बंगार में जब इफ्तेकारूल
06:06ने कहा कि मेरा नाम इफ्तेकारूल है और 2026-25 में K और H के बीच में space आ गया
06:13है मेरा exactly वही का वही नाम है मेरे पास passport है मेरे पास pen card है आपने उसका reject
06:22कर दिया यह य
06:26process क्या है जरा बता दीजिए छटा सवाल form साथ क्या बल्क में फाइल किया जा सकता है आप कहते
06:39हैं नहीं किया जा सकता तो फिर हजारों form कैसे फाइल हुए बल्क में कौन जुम्मेवार है आपका system उसको
06:47क्यों नहीं चेक कर सकता और इससे बड़ा सवाल जो जोहर सरकार ने क
06:52बल्कत्ता में उठाया है कि कोई अफसर form 7 कैसे फाइल कर सकता है form 7 केवल मैं object कर
07:02सकता हूं अगर अंजली भारतवाज के बूथ में मैं रहता हूं तो मैं कह सकता हूं यह मेरे बूथ में
07:09रहती है तो यह मेरे नाम पे रहती है अफसर कैसे form 7 फाइल कर सकता है यह उन्होंने क
07:16रहा है मुझे दिखा दीजिए सिगनेचर में जगए कहा जोहर सरकार स्वेंग दो बार मंगाल के सीओ रह चुके हैं
07:22और वो पूछ रहे हैं अपने आईएस ऑफिसर्स से इस फॉर्म पे सिगनेचर कैसे हुए आपके लिए तो जगए नहीं
07:28इस फॉर्म पे साइन करने के लि�
07:46फॉर्म एट जब चुनाव जब ऐसा यार पूरा हो चुका है फाइनल लिस्ट आ चुकी है उसके बाद फॉर्म एट
07:59कैसे भरे जा रहे हैं बिना उन लोगों की जानकारी के जिनके नाम पे भरे जा रहे हैं पिली भीत
08:05के अंदर ये कांड हुआ है और अगर पिली भीत में ह
08:14ऐसा हुआ एक कंप्यूटर ऑपरेटर को दरखास करने से कुछ नहीं हो जाता मुझे बताईए आपके सिस्टम में इसका कोई
08:24चेक क्यों नहीं है कि बिना एप्लिकेशन के बिना फिजिकल एप्लिकेशन के फॉर्म एट होता है कि मैं कहता हूँ
08:33कि कृपया मेरे नाम में ये
08:44मेरा नाम बदलवा दिया है ये कैसे संभव है आपके सिस्टम ये साथ सवाल है और देश इनका जवाब जानना
08:53चाहता है और इस किसम के जूट के पुलिंदे अर्द सत्य और ये चाला की करना अब उससे पार हो
09:03गया है अब वो समय नहीं कि आप कुछ भी जूटी बात कह द
09:11देगा और पबलिक उस पर विश्वास कर लेगी आज ये देश इन साथ सवालों का जवाब चाहता है और अगर
09:18जवाब नहीं है तो ग्यानेश जी नमस्ते कीजिए देश को मुट कीजिए
09:41झाल

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