00:00Do you have to be able to be able to live in the economic outcomes of your business or how
00:02much can you make money?
00:07Do you have to be able to find the income tax industry or make no money?
00:16It is a big question when you think you have to ask the tax-free tax-free tax-free tax
00:27-free tax-free tax-free tax.
00:46इन सवालों को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि income tax विभाग अब अलग-अलग वितिये जानकारियों का मिलान करके ऐसे
00:53मामलों की पहचान कर सकता है जिनमें transaction और tax return की जानकारी एक तूसरे से mail नहीं खाते हैं
01:00Annual Information Statement यानि की AIS Form 26 AS Banking जानकारी और निवेश से जुड़े record इस प्रक्रिया में एहम
01:08भूमिका निभाते हैं हाला कि किसी transaction का record दिखने का मतलब यह नहीं कि उस पर tax बनता ही
01:14है कई बार विभाग को सिर्फ उस रकम या लेन देन की जानकारी और उसका स्रोथ समझाने की जरूरत
01:20होती है ऐसे में नोटिस मिलने पर घवराने की वज़ा या समझना जरूरी है कि नोटिस किस वज़ा से आया
01:26है उसका जवाब कैसे देना है और भविष्य में ऐसी परिशानी से कैसे मचा जा सकता है सबसे पहले समझिए
01:32कि भारत में tax की चिम्मेदारी सिर्फ इस बात से तै �
01:35नहीं होती कि आप कहां रहते हैं बलकि आपकी tax residency और कमाई के स्रोथ से भी तै होती है
01:42अगर आप tax के लिहाज से non-regident है और आम तोर पर भारत में मिलने वाली या भारत में
01:48अरचित होने वाली आये पर tax लग सकता है पिदेश में कमाई गई हर रकम पर भारत में tax लगे
01:53ऐसा �
01:54भी जरूरी नहीं है लेकिन आपके पैन से जुड़ा कोई निवेश प्रोपर्टी की खरीद विक्री, बैंक में ब्याज या दूसरा
02:00बड़ा वितिये लेंदेन tax विभाग के record में दिखाई दे सकता है अगर इस जानकारी को आपकी ITR में अंतर
02:06है तो विभाग आपसे असप
02:21परमेशन स्टीटमेंट तथा फॉर्म 26S में दर्ज विबरन को ध्यान से देखें याद रखें केवल ट्रांजेक्शन दिखने से वह टेक्सेवल
02:29इंकम नहीं बन जाता आपको जरूरत पढ़ने पर उसके सुरोत और प्रकृति का परमान देना पर सकता है दूसरी बचा
02:35है �
02:36से टैक्स रेजिडेंट बन जाना कई एनराई नौकरी परिवार या किसी अपात इस्थिती के कारण भारत में लंबे समय तक
02:43रुख जाते हैं इसके बाद उन्हें लग जाता है कि उनका एनराई स्टेटस पहले जैसा ही रहेगा लेकिन टैक्स रेसिडेंसी
02:49के नियम हर वि�
02:54दिन या उससे जादा रहने पर विक्ती रेजिडेंट माना जा सकता है कुछ मामलों में मौझूदा साल में 60 दिन
03:00और पिछले 4 साल में कूल 365 दिन भारत में रहने की शर्ट भी लागू होती है वहीं भारत आने
03:06वाले भारतिये नागरिकों और भारतिये मुल्के लोगों के �
03:09अगर उनकी भारत से जुड़ी आय 15 रुपए से जादा है तो कुछ प्रिस्थितियों में 123 बाला नियम लागू हो
03:16सकता है इसलिए केवाल 182 दिन का हिसाब लगाना हर वेक्ती के लिए प्रयाप्त नहीं है रेजिडेंट बनने का मतलब
03:22भी या नहीं कि हर वेक्ती की पूरी
03:24बिदेशी आय अपनियाफ भारत में टैक्सेबल हो जाएकि रेजिडेंट औरोडिनारी रेजिडेंट के नियमों में अंतर है
03:39कुछ मामलों में विदेशी संपत्ती का खुलासा ना करना गंभीर मामला बन सकता है
03:44इसलिए भारत में बिताये दिनों का रिकॉर्ड रखे और जरूरत पढने पर टैक्स विशेश्यच्ग से सलाहले
03:49तीसरी वजा है एनारो खाते में विदेश से पैसा ट्रांसफर करना
04:03लेकिन सिर्फ जमा होने के कारण इससे नई कमाई नहीं माना जाना चाहिए
04:07अगर यह आपकी पहले से कमाई गई रकाम मिकाट ट्रांसफर है तो उसका प्रमान आपके पास होना चाहिए
04:12समस्या तब हो सकती है जब विभाग किसी बड़ी रकम का शुरोत पूछे और आप उसे समझाने वाले दस्तावेज ना
04:18दे पाए
04:19ऐसे में विदेशी बैंक के स्टेट्मेंट ट्रांसफर रिकॉर्ड, सैल्दी स्लेप या दूसरे प्रासंगिक दस्तावेज कामा सकते है
04:25या दि रकम किसी समपत्ती की विक्री उपहार या किसी अन्यशोत से आई है तो उस लेन देन के दस्तावेज
04:31भी संभाल कर रखे
04:32सेक्शन 68 के तहट कुछ परिस्थीतियों में असपष्ट क्रेडिट कार्ड पर सवाल उठ सकता है लेकिन हर बैंक ट्रांसफर को
04:38अपने आप छीपी हुई आयमान लेना सही नहीं है
04:41चोथी बचा है भारत में शियर वजार, म्यूचूल फंड या प्रोपर्टी वेचने के बाद टैक्स की गलत घड़ना या गलत
04:46जानकारी देना
04:47इनराई के लिए भारत में बेची गई संपत्ती से होने वाले कैपिटल गीन पर लागू नियम समझना जरूरी है
04:53टैक्स की दर इस बात पर निर्फट कर सकती है कि आपने कौन सी संपत्ती वेची उसने कितने समय तक
04:59रखा और उस पर कौन सा नियम लागू होता है
05:01लिस्टेड इक्विटी शेरो और इक्विटी म्यूच्वल फंड के मामले में 23 जुलाई 2024 के बाद लागू बदलाओ से पातर लॉंग
05:08टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% टैक्स की दर और 1.25 लाग रुपे की सलाना छूट सीमा लागू
05:15है
05:15शौट टर्म कैपिटल गेन पर पातर मामलों में 20% की दर लागू हो सकती है
05:19हलाकि हर तरह की संपत्ती पर यहीं दरे लागू नहीं होती
05:23ITR फॉर्म चुनते समय भी सावधानी जरूरी है
05:26कैपिटल गेन वाली आय के लिए आम तोर पर ITR 2 इस्तेमाल किया जा सकता है
05:30जबकि F&O ट्रेडिंग जैसे विजनेस इंकम वाले मामलों में ITR 3 की चरूरत पर सकती है
05:35NRI को Section 87A की रिवेट की भी समानने तोर पर उपलवध नहीं होती
05:40प्रपटी बेशते समय TDS कट सकता है
05:42पातर होने पर कम TDS के लिए Form 13 के चरिये आविदन किया जा सकता है
05:47गलत फार में या गलत Tax Claim से बचने के लिए Filing से पहले अपनी विबरन चाचे
05:51पाचवी बचा उन NRI से जुड़ी है जिनके पास NRI या FCNR खाते में ब्याज आता है
05:56कुछ शर्ते पूरी होने पर NRI और FCNR खाते का ब्याज Tax Free हो सकता है
06:01वहीं NRI खाते में ब्याज पर आम तोर पर भारत में Tax लगता है
06:05और उस पर TDS भी कट सकता है
06:07लेकिन यहाँ एक एहम अंतर समझे टैक्स प्री आए और रिपोर्ट करने की चरूरत
06:12दोनों अलग-अलग बाते हैं अगर आप ITR दाखिल कर रहे हैं
06:15तो लागू नियमों के अनुसार छूट बाली आय का विबरन भी सही चगा देना पड़ सकता है
06:20इसलिए NRI या FCNR खाते में ब्याज मिलने पर उसकी चानकारी और बैक के स्टेटमेंट संभाल कर रखें
06:26यह ना माने की टैक्स नहीं लगता इसलिए उसका रिकॉर्ड रखने या रिटर्न में लागू खुलासा करने की जरूरत भी
06:31नहीं है
06:32अगर इंकम टैक्स विभाग का नोटीस आता है तो उसे नजर अन्दाज न करें
06:35सबसे पहले आधिकारी की फाइलिंग पोर्टर पर लॉग इन करके नोटीस की कॉपी संबंधित सेक्षन जब आप देनी की समय
06:42सीमा और मांगी गई चानकारी पड़े
06:43इसके बाद बैंक स्टेट्मेंट AIS Form 26 AIS निवेश के रिकॉर्ड और पहले केश रोट से जुड़े दस्तावेजों का मिलान
06:52करें
06:52जब आप में वही जानकारी दें जिससे आप दस्तावेजों में साबित कर सकते हैं
06:56जरूरत हो तो भारत में किसी योगे चार्टर अकाउंटेट को अधिकृत करके सहायता लें
07:01आखिर में बस इतना ही कि हर NRI के लिए तीन बाते जरूरी है
07:05हर वित वर्स अपना Tax Residencial Status जाचे
07:08बड़े ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड रखें और ITR में सही जानकारी दे
07:12नोटिस मिलना अपने आप में टैक्स चोरी साबित नहीं करता
07:15लेकिन समय पर और सही जबाब देना बेहर ज़रूरी है
07:18या समाजने जानकारी है किसी खास नोटिस टैक्स देंदारी या कानूनी मामले में
07:23अपने दस्तावेज देखकर विश्यशद्य के सलाह ले उसके बाद ही कोई फैसला करे
07:27और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें
07:32गुड रेटरंस डिश्टल के साथ