Skip to playerSkip to main content
NRI Income Tax Notice: विदेश में रहने वाले भारतीयों को भी Income Tax Department की ओर से नोटिस मिल सकता है, भले ही भारत में उनकी कोई कमाई न हो। आखिर ऐसा क्यों होता है? PAN से जुड़े ट्रांजैक्शन, NRO Account में पैसे ट्रांसफर करना, शेयर या प्रॉपर्टी बेचने पर Capital Gains की गलत रिपोर्टिंग और NRE-FCNR Account के ब्याज की जानकारी जैसे कई कारणों से टैक्स विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। इस वीडियो में जानिए NRI को Income Tax Notice मिलने की 5 बड़ी वजहें, Resident और Non-Resident के टैक्स नियमों में अंतर, विदेशी कमाई और संपत्ति से जुड़े नियम, ITR Filing में होने वाली गलतियां और नोटिस मिलने पर क्या करना चाहिए। साथ ही समझिए AIS, Form 26AS, PAN और बैंक स्टेटमेंट की जानकारी चेक करना क्यों जरूरी है। अगर आप NRI हैं या आपका परिवार विदेश में रहता है, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है। वीडियो को अंत तक देखें और टैक्स से जुड़े जरूरी नियमों को समझें।

#NRI #IncomeTaxNotice #NRIIncomeTax #IncomeTaxIndia #ITR #NROAccount #NREAccount #FCNR #AIS #Form26AS #TaxRules #NRIIndia #IncomeTaxReturn #CapitalGains #TaxNotice

~HT.178~PR.470~ED.472~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00Do you have to be able to be able to live in the economic outcomes of your business or how
00:02much can you make money?
00:07Do you have to be able to find the income tax industry or make no money?
00:16It is a big question when you think you have to ask the tax-free tax-free tax-free tax
00:27-free tax-free tax-free tax.
00:46इन सवालों को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि income tax विभाग अब अलग-अलग वितिये जानकारियों का मिलान करके ऐसे
00:53मामलों की पहचान कर सकता है जिनमें transaction और tax return की जानकारी एक तूसरे से mail नहीं खाते हैं
01:00Annual Information Statement यानि की AIS Form 26 AS Banking जानकारी और निवेश से जुड़े record इस प्रक्रिया में एहम
01:08भूमिका निभाते हैं हाला कि किसी transaction का record दिखने का मतलब यह नहीं कि उस पर tax बनता ही
01:14है कई बार विभाग को सिर्फ उस रकम या लेन देन की जानकारी और उसका स्रोथ समझाने की जरूरत
01:20होती है ऐसे में नोटिस मिलने पर घवराने की वज़ा या समझना जरूरी है कि नोटिस किस वज़ा से आया
01:26है उसका जवाब कैसे देना है और भविष्य में ऐसी परिशानी से कैसे मचा जा सकता है सबसे पहले समझिए
01:32कि भारत में tax की चिम्मेदारी सिर्फ इस बात से तै �
01:35नहीं होती कि आप कहां रहते हैं बलकि आपकी tax residency और कमाई के स्रोथ से भी तै होती है
01:42अगर आप tax के लिहाज से non-regident है और आम तोर पर भारत में मिलने वाली या भारत में
01:48अरचित होने वाली आये पर tax लग सकता है पिदेश में कमाई गई हर रकम पर भारत में tax लगे
01:53ऐसा �
01:54भी जरूरी नहीं है लेकिन आपके पैन से जुड़ा कोई निवेश प्रोपर्टी की खरीद विक्री, बैंक में ब्याज या दूसरा
02:00बड़ा वितिये लेंदेन tax विभाग के record में दिखाई दे सकता है अगर इस जानकारी को आपकी ITR में अंतर
02:06है तो विभाग आपसे असप
02:21परमेशन स्टीटमेंट तथा फॉर्म 26S में दर्ज विबरन को ध्यान से देखें याद रखें केवल ट्रांजेक्शन दिखने से वह टेक्सेवल
02:29इंकम नहीं बन जाता आपको जरूरत पढ़ने पर उसके सुरोत और प्रकृति का परमान देना पर सकता है दूसरी बचा
02:35है �
02:36से टैक्स रेजिडेंट बन जाना कई एनराई नौकरी परिवार या किसी अपात इस्थिती के कारण भारत में लंबे समय तक
02:43रुख जाते हैं इसके बाद उन्हें लग जाता है कि उनका एनराई स्टेटस पहले जैसा ही रहेगा लेकिन टैक्स रेसिडेंसी
02:49के नियम हर वि�
02:54दिन या उससे जादा रहने पर विक्ती रेजिडेंट माना जा सकता है कुछ मामलों में मौझूदा साल में 60 दिन
03:00और पिछले 4 साल में कूल 365 दिन भारत में रहने की शर्ट भी लागू होती है वहीं भारत आने
03:06वाले भारतिये नागरिकों और भारतिये मुल्के लोगों के �
03:09अगर उनकी भारत से जुड़ी आय 15 रुपए से जादा है तो कुछ प्रिस्थितियों में 123 बाला नियम लागू हो
03:16सकता है इसलिए केवाल 182 दिन का हिसाब लगाना हर वेक्ती के लिए प्रयाप्त नहीं है रेजिडेंट बनने का मतलब
03:22भी या नहीं कि हर वेक्ती की पूरी
03:24बिदेशी आय अपनियाफ भारत में टैक्सेबल हो जाएकि रेजिडेंट औरोडिनारी रेजिडेंट के नियमों में अंतर है
03:39कुछ मामलों में विदेशी संपत्ती का खुलासा ना करना गंभीर मामला बन सकता है
03:44इसलिए भारत में बिताये दिनों का रिकॉर्ड रखे और जरूरत पढने पर टैक्स विशेश्यच्ग से सलाहले
03:49तीसरी वजा है एनारो खाते में विदेश से पैसा ट्रांसफर करना
04:03लेकिन सिर्फ जमा होने के कारण इससे नई कमाई नहीं माना जाना चाहिए
04:07अगर यह आपकी पहले से कमाई गई रकाम मिकाट ट्रांसफर है तो उसका प्रमान आपके पास होना चाहिए
04:12समस्या तब हो सकती है जब विभाग किसी बड़ी रकम का शुरोत पूछे और आप उसे समझाने वाले दस्तावेज ना
04:18दे पाए
04:19ऐसे में विदेशी बैंक के स्टेट्मेंट ट्रांसफर रिकॉर्ड, सैल्दी स्लेप या दूसरे प्रासंगिक दस्तावेज कामा सकते है
04:25या दि रकम किसी समपत्ती की विक्री उपहार या किसी अन्यशोत से आई है तो उस लेन देन के दस्तावेज
04:31भी संभाल कर रखे
04:32सेक्शन 68 के तहट कुछ परिस्थीतियों में असपष्ट क्रेडिट कार्ड पर सवाल उठ सकता है लेकिन हर बैंक ट्रांसफर को
04:38अपने आप छीपी हुई आयमान लेना सही नहीं है
04:41चोथी बचा है भारत में शियर वजार, म्यूचूल फंड या प्रोपर्टी वेचने के बाद टैक्स की गलत घड़ना या गलत
04:46जानकारी देना
04:47इनराई के लिए भारत में बेची गई संपत्ती से होने वाले कैपिटल गीन पर लागू नियम समझना जरूरी है
04:53टैक्स की दर इस बात पर निर्फट कर सकती है कि आपने कौन सी संपत्ती वेची उसने कितने समय तक
04:59रखा और उस पर कौन सा नियम लागू होता है
05:01लिस्टेड इक्विटी शेरो और इक्विटी म्यूच्वल फंड के मामले में 23 जुलाई 2024 के बाद लागू बदलाओ से पातर लॉंग
05:08टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% टैक्स की दर और 1.25 लाग रुपे की सलाना छूट सीमा लागू
05:15है
05:15शौट टर्म कैपिटल गेन पर पातर मामलों में 20% की दर लागू हो सकती है
05:19हलाकि हर तरह की संपत्ती पर यहीं दरे लागू नहीं होती
05:23ITR फॉर्म चुनते समय भी सावधानी जरूरी है
05:26कैपिटल गेन वाली आय के लिए आम तोर पर ITR 2 इस्तेमाल किया जा सकता है
05:30जबकि F&O ट्रेडिंग जैसे विजनेस इंकम वाले मामलों में ITR 3 की चरूरत पर सकती है
05:35NRI को Section 87A की रिवेट की भी समानने तोर पर उपलवध नहीं होती
05:40प्रपटी बेशते समय TDS कट सकता है
05:42पातर होने पर कम TDS के लिए Form 13 के चरिये आविदन किया जा सकता है
05:47गलत फार में या गलत Tax Claim से बचने के लिए Filing से पहले अपनी विबरन चाचे
05:51पाचवी बचा उन NRI से जुड़ी है जिनके पास NRI या FCNR खाते में ब्याज आता है
05:56कुछ शर्ते पूरी होने पर NRI और FCNR खाते का ब्याज Tax Free हो सकता है
06:01वहीं NRI खाते में ब्याज पर आम तोर पर भारत में Tax लगता है
06:05और उस पर TDS भी कट सकता है
06:07लेकिन यहाँ एक एहम अंतर समझे टैक्स प्री आए और रिपोर्ट करने की चरूरत
06:12दोनों अलग-अलग बाते हैं अगर आप ITR दाखिल कर रहे हैं
06:15तो लागू नियमों के अनुसार छूट बाली आय का विबरन भी सही चगा देना पड़ सकता है
06:20इसलिए NRI या FCNR खाते में ब्याज मिलने पर उसकी चानकारी और बैक के स्टेटमेंट संभाल कर रखें
06:26यह ना माने की टैक्स नहीं लगता इसलिए उसका रिकॉर्ड रखने या रिटर्न में लागू खुलासा करने की जरूरत भी
06:31नहीं है
06:32अगर इंकम टैक्स विभाग का नोटीस आता है तो उसे नजर अन्दाज न करें
06:35सबसे पहले आधिकारी की फाइलिंग पोर्टर पर लॉग इन करके नोटीस की कॉपी संबंधित सेक्षन जब आप देनी की समय
06:42सीमा और मांगी गई चानकारी पड़े
06:43इसके बाद बैंक स्टेट्मेंट AIS Form 26 AIS निवेश के रिकॉर्ड और पहले केश रोट से जुड़े दस्तावेजों का मिलान
06:52करें
06:52जब आप में वही जानकारी दें जिससे आप दस्तावेजों में साबित कर सकते हैं
06:56जरूरत हो तो भारत में किसी योगे चार्टर अकाउंटेट को अधिकृत करके सहायता लें
07:01आखिर में बस इतना ही कि हर NRI के लिए तीन बाते जरूरी है
07:05हर वित वर्स अपना Tax Residencial Status जाचे
07:08बड़े ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड रखें और ITR में सही जानकारी दे
07:12नोटिस मिलना अपने आप में टैक्स चोरी साबित नहीं करता
07:15लेकिन समय पर और सही जबाब देना बेहर ज़रूरी है
07:18या समाजने जानकारी है किसी खास नोटिस टैक्स देंदारी या कानूनी मामले में
07:23अपने दस्तावेज देखकर विश्यशद्य के सलाह ले उसके बाद ही कोई फैसला करे
07:27और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें
07:32गुड रेटरंस डिश्टल के साथ

Recommended