00:00जहां दिली के रामलीला मैदान में कॉंगस की महराली को लेकर तैयारिया जारी हैं, वहीं व्यपारियों की चिंता भी बढ़ती
00:06जा रही है।
00:07दिली के कारोबारी संगठन चेंबर ओफ ट्रेड एंड इंडरस्ट्री ने रहुल गांदी मलिक अरजुनकरगे के बाद सोनिया गांदी को भी
00:13पत्र लिखा है और एक नवंबर को होने वाली रैली टालने के अपील की है।
00:17CTI ने सोनिया गांदी से दो मांगे की हैं।
01:14दिली के विरोध नहीं कर रहे हैं।
01:19दिली के वेपारी बार बार दोहरा रहे हैं कि वो रैली के विरोध में नहीं है।
01:23CTI ने सोनिया गांदी को लिखे पत्र में चार बड़े संकट भी गिनाए हैं।
01:28रामलीला मैदान में पारकिंग का भाव 15-20,000 वहन कहां खड़े होंगे।
01:33रामलीला मैदान में 200 बड़ी बसों की भी पारकिंग नहीं है।
01:51जो 300 साल पुराने हैं और पूरे भारत को माल सप्लाई करते हैं।
01:5631 अक्टूबर से ही असर पढ़ना शुरू हो जाएगा।
01:5910 अक्टूबर को जंतर मंतर पर सिर्फ 5,000 से 7,000 लोग आये थे।
02:04तो 8 घंटे तक सेंट्र अफ दिल्ली जाम रही थी।
02:07CTI का कहना है कि बाजार सिर्फ बाजार नहीं दिल्ली की धड़कन है।
02:11यहां रोजाना 10-12,000 करोड का कारूबार होता है।
02:15CTI को अमीद है कि सोनिया गांधी उनकी वनिती सुनेंगी।
02:18CTI के चैर्मेन ब्रजेश गोयल का कहना है कि अब आखरी अमीद सोनिया सी है।
02:24वहीं BJP और उसके सयोगी दल वेपारियों के समर्थन में बोल रहे हैं और रैली की टाइमिंग पर सवाल उठा
02:29रहे हैं।
02:29BJP सांसद प्रविर्ण खंडेलवाल का कहना है कि इस रैली का अब कोई ओचत्य नहीं है।
02:50जो कुछ कहना है अगर तत्य हैं सबूत हैं तो आप सुप्रिम कोट में कहें और कोट जो निर्ने करेगा
02:57वो सब को मालने होगा।
02:58मुझे नहीं लगता है कि राहुल जी या सोनिया जी को वियापारियों या आम लोगों की कठिनाईयों से कोई लेना
03:06देना है।
03:07वो जबरन एक दवाव बनाने की कोशिस कर रहे हैं भारत की संसल और भारत की महान नयाय पाली कर
03:15के समझ और ये पूरी तरह से जो आराजक रवया है आने वाले समय में कॉंग्रिस का बेड़ा गर करने
03:22का काम करेगा।
03:23तो सरकार उनसे दवाव बना करके कह रही है। और GST से और नोटबंदी से ब्यापारी बरबाद हो गए तब
03:38ब्यापारी क्यों नहीं मुझ खोले।
03:41जहां दिली में कॉंग्रिस की रैली से पहले उस सियासत में तूफान है वही व्यापारियों की टेंशन भी बढ़ती जा
03:47रही है।