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  • 1 minute ago

बाजार में 50 रुपए किलो बिक रहे अमरूद

सवाईमाधोपुर. रणथंभौर की पहचान बाघों के साथ-साथ यहां के रसीले और मीठे अमरूदों से भी है। सवाईमाधोपुर के अमरूदों की खुशबू और मिठास प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों तक पहुंचती है। अब एक बार फिर अमरूदों का मौसम शुरू हो गया है। बाजार में नए अमरूदों की आवक होने लगी है और ठेलों पर इनकी बिक्री भी शुरू हो गई है। फिलहाल बाजार में अमरूद 50 रुपए प्रति किलो के खुदरा भाव से बिक रहे हैं। हालांकि अभी शुरुआती दौर में होने के कारण अमरूदों में वह खास मिठास और स्वाद नहीं है, जिसके लिए सवाईमाधोपुर के अमरूद पहचाने जाते हैं। पिछले तीन दिनों से मौसम में आई ठंडक के बीच अमरूदों के पकने की प्रक्रिया तेज हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले एक पखवाड़े में सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही अमरूदों का स्वाद और मिठास भी बढ़ जाएगी। इसके बाद बाजार में रसीले और स्वादिष्ट अमरूदों की भरपूर आवक होने की उम्मीद है।

अभी छोटे आकार के, पकने के बाद बढ़ेगा स्वाद

बजरिया स्थित सब्जी मंडी और शहर के बाजारों में इन दिनों अमरूदों की बिक्री शुरू हो चुकी है। ठेलों पर अमरूद 50 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचे जा रहे हैं। सूरवाल, करमोदा सहित आसपास के गांवों से अमरूद बाजार में पहुंच रहे हैं। शुरुआती आवक होने के कारण इनका आकार भी अपेक्षाकृत छोटा है। वहीं, पूरी तरह पकने और मिठास आने में अभी कुछ समय लगेगा। अमरूदों की खेती से जुड़े लोगों के अनुसार करीब एक पखवाड़े बाद फसल में पकाव आने के साथ ही स्वाद में भी बदलाव नजर आएगा। इसके बाद बाजार में अमरूदों की आवक बढ़ने और ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता के फल मिलने की संभावना है।
15 हजार हैक्टेयर में फैली अमरूदों की बागवानी
जिले में अमरूद की खेती किसानों के लिए आय का प्रमुख जरिया बनती जा रही है। यहां करीब 15 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में अमरूदों के बगीचे फैले हैं। सूरवाल, करमोदा, दौंदरी, मथुरापुर, आटूनकला, घुड़ासी, शेरपुर-खिलचीपुर, श्यामपुरा, ओलवाड़ा, पढ़ाना, मैनपुरा, अजनोटी, भाड़ौती, सेलू और रावल सहित कई गांवों में बड़े पैमाने पर अमरूद की बागवानी की जा रही है। इसके अलावा गंगापुरसिटी और बामनवास क्षेत्र में भी अमरूद के बगीचे हैं। जिले में 20 हजार से अधिक किसान परिवार इस खेती से जुड़े हुए हैं। अमरूदों की तुड़ाई और बागवानी के काम के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित दूसरे राज्यों से भी ठेकेदारों को बुलाया जाता है।

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फैक्ट फाइल...
- जिले में करीब 15 हजार हैक्टेयर में अमरूद के बगीचे।

- 20 हजार से अधिक किसान परिवार जुड़े हैं अमरूद की खेती से।
- इस बार 800 हैक्टेयर में नए बगीचे तैयार किए गए।

- बाजार में 50 रुपए प्रति किलो है खुदरा भाव।
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इनका कहना है...
इन दिनों मौसम में ठंडक रहने से अमरूद जल्दी पक रहे है। हालांकि इनमें सर्दी में तेजी आने के बाद ही मिठास घुलेगी। इस बार जिले में 800 हैक्टेयर में नए बगीचे लगे है।

बृजेश मीना, सहायक निदेशक, उद्यान सवाईमाधोपुर

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