00:00। हमारे देश के प्रधान मंत्री मोदी जी कहते हैं कि आज प्रतेक बच्चे को अधिकार है उसको शिक्षा मिलनी
00:08चाहिए और वो तभी संभव है उसके लिए हम सब मिलकर काम करें तो ऐसे में दिल्ली नगर निगम ने
00:17अपने सभी शिक्षा अधिक्षों को और सभी विभा
00:29स्कूल के अंदर कम से कम एक महिने के अंदर तीस बच्चों को भरती करें इसी परकार से प्रतेक टीचर
00:36कम से कम 15 नुवंबर तक तीन बच्चों की एडमिशन वो लेकर आए यह इसलिए जरूरी है कि इस परकार
00:45की जगरुकता बहुत से लोगों में भ्रांतिये हैं कि हमारे
00:59व्रांतियों को खतम करेंगे और उन्हें बताएंगे कि आपके किसी डाकुमेंट की जरूरत नहीं है जरूरत है तो आपके केवल
01:06स्कूल में आने की हम स्कूल में आप जब आऊगे आपको फ्री में शिक Warum gebaut मिं फृमें आप
01:13free में आपको ड्रेस मिलेगी और आपके बिल्कुल साथ में लगते हैं स्कूल में आपके
01:19admission कराया जाएगा तो ऐसे में उन लोगों की ब्रहांतियों को खतम करते हुए यह केवल
01:25शिक्षक ही जाकर convince कर सकते हैं बच्चों को तो यह परियास हम जल्दी से जल्दी करने
01:30करना शुरू कर दिया है कि हम चाहते हैं कि अगले एक महिने के अंदर हम पचास
01:37जार का target को achieve करें कि पचास जार बच्चे नई भरती हो जाएं ताकि हमारे देश के
01:44अंदर निरक्षर्ता खतम हो बच्चे पढ़ाई में रुची ले स्कूलों में रुची ले आज हमारे निगम के स्कूल
01:52पहले से बहतर हो रहे हैं हमारे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुपता जी ने भी आज भरपूर फंट दिया है
01:58प्रधान मंत्री जी का युपूरुन अशीरवाद है हमारे दिल्ली नगर निगम के मेर वो भी चिंतित हैं कि हमारे स्कूलों
02:05में जच्ची से अच्ची ववस्ता हो तो हम सब मिलकर इसके लिए एक परियास कर रहे हैं
02:10आने वाले दिनों के अंदर आपको हमारे स्कूलों के अंदर बदला हुआ महौल मिलेगा बदली हुई हवा मिलेगी और जिस
02:18परकार से आज हमने स्कूलों को PM शरी CM के बाद देखे थे तो अब हमने निगम शरी भी बना
02:26दिया है
02:26आज ऐसे स्कूल हम लोग बनाने जा रहे हैं जो कि प्राइविट स्कूलों से भी बेतर है
02:31सर आपको लगता नहीं है कि इस तरह के का जो आदेश है ये दवाव एक तरह से टीचर को
02:38पर है कि वो इस तरह से स्कूल से बाहर जाके गली मौले में जाके बच्चे डूने
02:43ये किसी प्रकार का कोई दवाव नहीं है देखिए हमारा काम और शिक्षिकों का काम शिक्षा का परसार करना है
02:51वो कब हो पाएगा क्या हम स्कूल के बाउंडरी के अंदर अपने आपकी लिमिट मानकर ये सोचेंगे कि हम बच्चों
02:57को शिक्षित कर पाएंगे
02:58सबसे पहले तो जुरूरत है उन सब बच्चों को स्कूल में लाने की जो की शिक्षा से दूर भाग रहे
03:04हैं या किसी कारण से स्कूलों से दूर हैं अगर हम ये काम कर पाएंगे शिक्षिक का काम केवल शिक्षा
03:12देना प्रिमिसिस के अंदर नहीं है वो एक जन सेवक भी है
03:18हम लोग मिलकर जब तक परियास नहीं करेंगे तो देश के अंदर से हम अपने शिक्षा का परचार परसार नहीं
03:25कर पाएंगे
03:45हैं तो यह सब स्पाफ जो है हमने दिली की जंता की सेवा के लिए तो रखा है यह अगर
03:51हम इन लोगों से हमारे स्कूलों में बच्चे नहीं होंगे तो स्कूल खोलने का फाइदा क्या है तो हमें तो
03:57अपने बच्चों के अंदर जादा जादा
03:59को