Please Follow this channel
#webseries , #resmika #resmikamandana , #hindimovie, #bollywood, #bollywoodmovies, #hindicinema, #bollywoodsongs
Movie Publishing Permission Statement
I have received official permission from the movie publisher to publish and distribute the authorized film on Dailymotion. This permission has been granted in accordance with the terms agreed upon by both parties and allows me to upload the content to the platform.
The copyright and all intellectual property rights remain the property of the publisher and/or the original copyright owner. This authorization does not transfer ownership of the film; it only grants permission to publish the content as specified in the agreement. I will comply with all applicable copyright laws and the platform's content policies while publishing the movie.
#webseries , #resmika #resmikamandana , #hindimovie, #bollywood, #bollywoodmovies, #hindicinema, #bollywoodsongs
Movie Publishing Permission Statement
I have received official permission from the movie publisher to publish and distribute the authorized film on Dailymotion. This permission has been granted in accordance with the terms agreed upon by both parties and allows me to upload the content to the platform.
The copyright and all intellectual property rights remain the property of the publisher and/or the original copyright owner. This authorization does not transfer ownership of the film; it only grants permission to publish the content as specified in the agreement. I will comply with all applicable copyright laws and the platform's content policies while publishing the movie.
Category
🎈
FunTranscript
00:00:05एक बार भी सेखर ने हमारे बारे में नहीं सोचा अरे हमारे नहीं तो कम से कम उस बैचारी के
00:00:10बारे में सोचता जिसके साथ उसने कल ही फेरे लिए है
00:00:16उसे शायद इन बातों की परवा नहीं थी इसलिए वो कल आठ बजे की ट्रेंज से चला गया नहीं हमारे
00:00:23बेटा ऐसा नहीं कर सकता है ऐसा नहीं कर सकता है हमारे बेटा नहीं भगवणा पैदाती आया तुमने सुलेचना
00:00:32कि अरे भागना ही था तो फेरे क्यों लिए उसने चाचा जी यहां आप गलत हो वो हमारा दोस्त था
00:00:42उसने हमें बताया था कि इस साधी से उखुश नहीं फिर भी आप दोनों ने उसकी जबर जैसे साधी करवा
00:00:48दिए
00:00:51तुम जैसे अवारा दोस्त होंगे ना तो किसी का भी घर बरबाद हो जाएगा अरे जब वो कल भाग रहा
00:00:58था तो उस समय तुमने कुछ नहीं बोला और आज तुम घ्यान बाटने के लिए आये हो विवेक इन दोनों
00:01:05को धक्य मारके बाहर निकालो बस चलिए आप लोग चलि
00:01:10आओ निकालिये तुम अब अब अब अपना एक ये बेटा है विवेक
00:01:48आओ जी जब शेखर आट बजे रात को ही चला गया था
00:02:02तो अधिरात को मेरे साथ कौन था
00:02:46टेए
00:02:55बाओ जी खाना खाली जी
00:03:02तुम लोग खालो मुझे भूख नहीं है देखिए मेली बात तो सुनिये मैंने बोला ना बस
00:03:16बेटा अब तुम्हें घूंगा ट्रकनी की जरूत नहीं है मेरा बेटा तो नालायक निकला अब तुम्हें मेरा बेटा हो
00:03:31प्सक्त किरू इत किरुप अब तुम्हें महाँ कि बार बार क्याँ करें हौए
00:03:48बार बार
00:04:04भावी नास्ता लेकर आया हूँ
00:04:12क्या हुआ आप ऐसे मायूस क्यों खड़ी है
00:04:14जिसकी किस्मत ही सोई हो वो और क्या कर सकता है देवर जी
00:04:18आप परिसान मत होई हम सेखरवया को ढूंड रहे हैं
00:04:21और उन्हें जल्दी ही लेकर आएंगे
00:04:24देवर जी जब शेखर कल रात आट बचे ही घर से भाग गया था
00:04:29तो देर रात मेरे बिस्तर पर कौन था
00:04:32वो आप ही थी ना
00:04:37आपके कपड़ों की खुश्बू
00:04:39मैंने सुहागराद की रात को महसूस की थी
00:04:42ये आप क्या बोल रही है बिलजाम लगा रही हैं हम पर
00:04:46देवर जी इस घर में सिर्फ दो ही मर्द हैं एक आप और दुसरे बाउजी तिसरा बाहर से तो कोई
00:04:53घर में आएगा नहीं तो क्या मैं ये सोचू कि वो आपके बाउजी
00:04:57बाउजी पर मत बोलियेगा वो हम ही थे थे
00:05:27अगल
00:05:28समग है
00:05:33ख़जी तो
00:05:44बाउजी
00:05:47बाउन
00:05:48झाल
00:05:48झाल
00:05:48झाल
00:05:49झाल
00:05:49झाल
00:05:53झाल
00:05:54झाल झाल
00:06:32जब सेखरभया का रिस्ता लेके आपके घर गए थे ना आप हमें तभी पसंद आ गई थी लेकिन साधी तो
00:06:37आपकी सेखरभया से होनी थी तो हम अपने आर्मान दबा के रह गए जब पता चला हमें सेखरभया भाग गए
00:06:44हैं तो सुहाग रात की रात हम खुद को रोक नहीं पा
00:06:59हम सेखरभया को खोज के रहेंगे और उन्हें लेकर आएंगे और तब तक आपका पूरा खयाल रखेंगे
00:07:30तुम फिर आए उस रात के लिए हमको अपसोस है आपका गुस्सा भी जायज है बस हम आज की रात
00:07:38यह जानना चाहते हैं कि आप सच में गुस्सा हैं मुझसे पाप वह अन जाने में पर तुम ने पाप
00:07:44किया है जान बुझकर और पूछ रहें कि भावी आप हमें अच्छी ल
00:07:54अग नहीं देखा जब भी आपको देखते हैं दिल इतना तेजी से धरकता है बतला नहीं सकते हैं
00:08:19आप एक देखते हैं आप आपका इतना खेल रखते हैं आप हमारा खैल नहीं रख सकती है
00:08:29ठीक है चलते हैं रुको पहले वादा करो आज के बाद तुम मुझे भाबी नहीं कहोगे और शेकर को खोजना
00:08:43भी बंद कर दोगे
00:08:46क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि वो हमारी जिन्दगी में वापस आए
00:08:59मुझे का में वहीं पीजन आएले खीजरłe, चाहते हैं मैं जर रहाहने हैं
00:09:26मेटा, वेवेक, कैसी लग रहे है, पसंद आई तुझे, तुझे तो इता शर्मा क्यों रहा है, तुझे, मेटा, मेरा बेटा
00:09:47पसंद है तुझे,
00:09:53बोलो बेटा, बेटा, आपको हमारी लड़की पसंद हना, मुझे पसंद है, मुझे पसंद है, बाद हाई हो,
00:10:22।
00:10:57अच्छा दो भी व्या चाहिए तुम्हें शादे के लिए मना करना चाहिए था ना फिर हां क्यों किया भाबी मजबूरी
00:11:05थी चाहकर भी मना नहीं कर सकता था अब आप ही बताओ मा बाबुजी के सामने कैसे मना करते था
00:11:31करे था नहीं कर दो भी तुम्हें रहा है तूब।
00:12:01मेदा कलाश गिरा कंदर आज है
00:12:26निर्फ सकती जर सिते हैं आज है ud
00:12:29आज है
00:12:30हुआ रेड़ा है
00:13:00कर दो कर दो कर दो कर दो कि उता है
00:13:59हुआ
00:14:19झाल झाल
00:14:56आपके बारे में सुनकर बुरा लगा पर कर भी कह सकते हैं
00:15:05मेरी किसमत पर तुम्हें तरस खाने की ज़रूत नहीं है
00:15:09हालाद बूरे हो सकते हैं किसमत नहीं
00:15:17हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ है ऐसा मैंने क्या कह दिया मैं तो बुस्त बात करना
00:15:28चाहती थी और उसे
00:15:29हुआ हुआ हुआ है बहुआ है आई माजी मैं माजी से मिलका हुआ हुआ है
00:15:57आपको वीना से इस तरीके से बात नहीं करने चाहिए थी अच्छा जैसे भी वह तरस खारी है
00:16:04मुझ पर वैसे तुमने भी तरस खाय था न सुःगराद की रात को और क्या कहा था शाधी के लिए
00:16:11हाँ नहीं बोलोगे इस बारे में पहले भी बोल चुका हूं वह मेरी मजबूरी थी
00:16:17मैं साधी के लिए कैसे ना बोल सकता था, यह साधी मैंने मा और बावजी के लिए की है, और
00:16:22मैं, मेरा क्या, मेरा सरफ जिसमचे ये था तुम्हे, मेरा अकेलापन, मेरी उदासी, वो नहीं दिप्की तुम्हे,
00:16:42चा करें, चा करूँ, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप जाओ,
00:17:06हुआ हुआ हुआ हुआ है
00:17:34हुआ हुआ है
00:18:04है भावी अगर हमारे रिस्ते के बारे में किसी को पता लग गया तो कितनी बार का है कि भावी
00:18:09बोलना बंद करो स्वाग्रत की बात से हमने तीन बार हद पार खड़ चुके हैं आप गिंती हो क्या है
00:18:17क्योंकि मेरे हालात का कभी कुछ भरोसा नहीं है पता नहीं कभी एक खूब
00:18:31किस बारे में आपकी और मेरे साधी के बारे में नहीं अगर ऐसा हुआ तो शायद उन्हें बुरा लगे तो
00:18:41कब तक पता नहीं
00:19:02क्या मुझे विवेक्स शादी कर ले नीचे ये थी क्या ये सही होता लेकिन उसके सब मेरा जो रिष्टा है
00:19:11वो भी तेक तरह से गलत है
00:19:32चाहे लिजिए क्या मैं आपसे एक बात बुलू हाँ हम लोगों को शेखर की तलाश करने चाहिए तुमसे कहा है
00:19:43ना वो मर गया हमारे लिए उसने एक लड़की की जिन्दगी बरबाद किये वो एक भगोड़ा है और भगोड़ों को
00:19:49तलाश नहीं किया जाता लेकर वहां हमा
00:19:51अगरो इसको
00:20:26भावी मैं समझ सकती हूं बिना पती के जीवन कैसे होता है आपकी उधासी देखिये नहीं जाती है अब एक
00:20:35उच म्मौछ दिक पहले मैंने तुमको समझाय था विना ज्यांद नहीं की आद्त है नहीं तकलीफ क्या है क्या है
00:20:40तुम्मारी अस्यारा मुझे बिना पती के जीव
00:20:43कैसा होता है यह तुम कैसे समझ सकती हो क्या तुम्हारे पती भी भाग गया था सुहाग रात की रात
00:20:48को आप तो बेवजे नाराज हो रही हो भावी मैं तो बस
00:20:52कि अपने काम से काम रखो वी ना कि लोगों के जखों को रेदना बंद करो
00:21:13तुमको क्या जरूत है उनके मूह लगने की अरे यार मैं तो बस मेल मिला बढ़ा रही थी एक ही
00:21:18घर में एक ही घर के छट के निचे रहना है तो दोस्ती यह सा महौल बना रही थी लेकिन
00:21:22जब वो नहीं करना चाहती दोस्ती तो क्यों बार बार अपनी बेज्जती करवाती हो
00:21:26पता नहीं क्यों ऐसे लगता है जैसे कि मैंने उनकी कोई बहुत ही प्यारी जीज़ छीन ली हो
00:21:36खेर कोई माने या ना माने मैं तो किस्मत मानती हूं कि तुम मुझे मिले हो
00:21:49यह लीजिये चाहे
00:21:58खुश रहो बेटी
00:22:03जी तीरा बेटा जा तु रही हो लेकिन वहाँ जादा दिन दुर्फुना बाद जी बाबोजी जल्दी वापस आ जाने जी
00:22:11आ बहुत तुम्हारे बीना घर सुना लगेगा जल्दी से आनो जी माजिस्टी ठीके बहुत
00:22:29जिस तरह इन दोलों के जिन्दगी सवर गई है ना उसी तरह हमारी बहु रतना की भी जिन्दगी सवर जाती
00:22:35ना तो कितना अच्छा होगा बिल्कुल सही कह रहे हैं आप बगवान ऐसा ही करेंगे
00:23:09करेंगे
00:23:28करेंगे
00:23:29कुष्रेबवाबू
00:23:30कुष्रे
00:23:39कुष्रे
00:23:44कि अच्छा हुआ तु आ गया बेटा तुझे पता है कि तेरे बावजी कितना परिशान थे
00:23:59कहां कहां नहीं तलाश किया उन्होंने ठीक किया तुझो आ गया
00:24:08कहां चला गया था तुझ और किस ले गया था हुँ देख तेरी पत्नी उससे नजरे मिला पाएगा तुझ
00:24:25कि अधाव जी कि मैं क्यूं गया था और किस ले गया थे सारे सवालों का जवाब अभी तो मेरे
00:24:30पास में नहीं है
00:24:33लेकिन हम एक वादा जरूर करते हैं कि अब हम कभी नहीं जाएंगे
00:24:43बाओ जी हो सके तो हमें माफ कर दीजिए
00:24:46मैंने आप लोगों का दिल बहुत दुखाया है बहुत परिशान किया है आप लोगों को
00:24:50लेकिन मैंने जो कुछ भी किया है कुछ भी जान मुझका नहीं किया है बाओ जी हो सके तो मुझे
00:24:57माफ कर दीजिए
00:25:07अचा थीक है चलो नहालो क्या हाल बना लिया है तुमने अपना
00:25:39कि है फसके बाओ लोगो रिया है तुमने आता चार आताओला लोगो
00:25:47कर दो कर दो
00:26:16रतना अभी तो अपनी स्वागरात भी बाकी है
00:26:25कैसी हो
00:26:42कैसी का दो स्वाट घ्डाय प्रॉब
00:26:45लग वला रतना भी तो कैसी
00:27:01कर दो कर दो
00:27:28कि कैसा बनाया खाना बहुत बढ़िया आपने बताया नहीं आप अचनक चले कहां गए थे
00:27:46कोई बात नहीं बाद नहीं बताईएगा वैसे अपने साधी मम आपको बहुत मिस किये बस खाली कुद का बता
00:27:56मा बाओ जी का भी बताना मेरा कितना बुरा हाल हुआ था
00:28:03छोटे सब ने सिपका खेल होता है जिसको जहां होना होता है वो वही होता है
00:28:10अगर इंसान के अपने हाथ में होता तो वो भगवान को कहे पूछता
00:28:15ठीक मिलकोई सही बात है
00:28:41पिर से भागने का इरादा है क्या
00:28:46पिर से भागने का इरादा है क्या
00:28:57रात काफी हो चुकी है तुम भी सोचाओ और मुझे भी सोने दो
00:29:01ठीक है फिर हम भी तुम से एक वादा करते हैं
00:29:06जब तक तुम दिल से पती हमें नहीं मानोगे तब तक हम तुम्हें नहीं छुएंगे
00:29:11जब तुम्हें तुम्हें तुम्हें
00:29:19सुखती है
00:29:19दुम्हें
00:29:19जब तुम्हें
00:29:21गक्राथ
00:29:26आप
00:29:30तुम्हें
00:29:37प्रुज़
00:29:38घृ पना
00:29:41रतना
00:29:43रतना यू
00:29:45अठाव
00:29:47हम जरा बाजार जा रहे हैं थोड़ी देर हो जाएगी पता क्यों रहा है पैसे पिया आपका क्या भरोसा जा
00:29:55रहे तो वापस आएंगे भी या नहीं
00:30:00खैस मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
00:30:09बाईया
00:30:45बाईया
00:30:47भाईया यह हमारी पत्नी वीना है
00:30:57यह हमारे बड़े भाईया सेखर है
00:31:08वीना पैर चुओ भाईया के
00:31:18बस बस हम जड़ा बाजार होकर आते हुए
00:31:33वीना तुम पर चलो मैं समाल लेकर आता हुए
00:31:42लेकर चाहे can का झालब दिझे रहाँ
00:31:45के पर कि हम्तीी सरी है
00:31:46औरी को बस्तों हो करें बस्तों है
00:32:00अजिए
00:32:03कर दो
00:32:30लिए कर दोका लिए कर दो हुआ है
00:33:13कर दो अल्द कि बता तें सत्छाओ कि कर दो एफताल अपड़कर को तो हुआए और दो जो आपकर को
00:33:17जो हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ है
00:33:42वैसे हम कब तक छुप छुप के मिलेंगे अरे फिकर रखो हो ना हम जल्दी घर वालों से बात करेंगे
00:33:47बस थोड़ी से हिमत जुटा लेने दो फिर हम यह मेशा के लिए एक हो जाएंगे
00:33:51कहीं ऐसा ना हो जाए हमें कोई और उठा के लेके जाए फिर बैठना हाथ मलते हुए
00:33:58वीना, तुम्हारे तन और मन पर सिर्फ मेरा हक है
00:34:02कोई नहीं ले जाएगा तुम्हें
00:34:05क्यों मैं लेकर जाऊँगा
00:34:34आप से कुछ बात करनी है
00:34:37वीना, अब तुम इस घर की बहू हो
00:34:40हमारे ख्याल सब कोई फायदा नहीं कि ये सब जो कुछ भी हुआ वो क्यूं हुआ
00:34:43तुम हमारे छोटे भाई की पत्नी हो
00:34:47इसलिए अच्छा यही होगा कि अब अपनी मर्यादा मत भूलना
00:34:52हम बहुत अच्छे से जानते हैं कि तुम ने हमें धोखा नहीं दिया
00:34:57ये सब कुछ मेरी गल्तियों का नतीजा है
00:35:00हम हमेशा सच से भागे है
00:35:03इसलिए वीना, अब तुम से एक ही विंती है कि सब कुछ भूल कर
00:35:07विवेक के साथ एक नेज जिन्दगी की शुरुवात करूँ हम भी आपसे यही कहना चाहते हैं
00:35:14पुरानी बाते भूल जाओं जो हो गया सो हो गया आप बस रतना भावी का ध्यान रखिए
00:35:47हम
00:36:02रतना घर के बाकी लोग कहा है मा जी अर्बाव जी मंदिर गया है देवर देवराने जी घूमने गया है
00:36:09आप हात मों धोलीजिए मैं आपके लिए खाना दागते हैं
00:36:12सुनो तुम्हारे खातिर साड़ी लाए है
00:36:18शादी के बाद तुम्हारे लिए पहला तोफ़ा है
00:36:26और ये खुबसूरत अंगुठी तुम्हारे उंगली पर बहुत जचेगी
00:36:37अच्छा आपको ये शादी शादी लगती है
00:36:45हुबसूरत
00:36:48ये वेवारे खुम्हारे उप।
00:36:50लुम्हारा कि government बहुक्छा ये उविँ उना ये है
00:37:02हुबसूरत
00:37:03कि को हम ये खुम्हारत
00:37:03घाद ये ऑडुम्हारत
00:37:13रतना, हम आज भी अपने बात प्रकायल हैं, हम तुम से छुने की इजाज़त नहीं माम रहें, हम तो बस
00:37:19जो रसम अधुरी है, उसे पूरी करना चाहते हैं, तुम रोज का है उस सुहागरात वाली बात पुले कर अपना
00:37:26मूड खराब कर लेती हो, हां?
00:37:28तो बताओ, बताओ, क्यों अपनी नई नवेली दुलहन को छोड़ कर चले गए थे? हम बताते हैं, क्यों चले गए
00:37:37थे? क्योंकि तुम यह शादी करना ही नहीं चाहते थे, यह शादी जबरदस्ती हुई है, इसका मतलब तुम्हारे जीवन में
00:37:46कोई दूसरी लड़की है, जिस
00:37:58नवेली दुलहन को सुहरगात की सेच पर चोड़कर चले गए, बोलो, है कोई जवाब तुम्हारे पास?
00:38:35देख रहे हैं, आज कल आप हमें एग्णॉर कर रहे हैं, भाबी, क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो
00:38:44बबाल हो जाएगा, अच्छा, अब हम भाबी हो गए, बीबी क्या आई, आपने हमें एक अच्रे के दर निकाल ठिका,
00:38:53जिससे प्यार किया, जिसके साथ सुहागरात मन
00:38:56नहीं, वो सब क्या था, भर किसी ने इस्तमाल किया है, मेरा, कम से कम तुम तो असामात करो, भावी,
00:39:11देखो, हमारे बीच जो कुछ भी हुआ, वो बस ऐसे ही था, एक मस्ति थी, अब सेखर भया भी आ
00:39:20चुके है, हमारी पत्मी है, तो मेरे ख्याल से, अब हमें अपने अपने
00:39:26से राश्ते हो लेना चाहिए, एक भाई भाग जाता है, और दूसरा जिनके से भगा देता है, तुमने इस्तमाल किया
00:39:34है, सिर्फ मेरा, और यह तुमने सही नहीं किया,
00:40:07किया भाई प्राओन थारे तुमने तुमने अपने फस someone देंसे हो ले दो के भाई जाता है, तो मेरे भाई
00:40:14तुमने जा दे किया है, एक भाई तुमने से, किया हổiाए जाई पहाए भाईो गभाई से, तुमने और आक परी
00:40:26away
00:40:26तब आपको सब कुछ पता चल गया, लेकिन मैंने ये सब कुछ जानमुछ कर नहीं किया, अपने बारे में कोई
00:40:32सफाई देने की ज़रूत नहीं है, हमारे यहां से जाने के बाद तुम्हारे साथ इस घर में जो भी हुआ,
00:40:39उसका जिम्मोर कोई और नहीं, हम खुद हैं, सिर्फ
00:40:44और सिर्फ हम खुद हैं, और जब हम खुद ही उपर से लेकर नीचे तक गलत हैं, तो हम तुम्हें
00:40:49क्या बोलें, वो लड़की कोई और नहीं, वीना है, उसके पिता ने शादी से साफ इंकार कर दी, वो हमसे
00:41:07पूछते रहें कि हम कौन है, हमारे पिता कौन है, हमारे खानदा
00:41:09लेकिन हमने उनको कुछ नहीं बताया, लेकिन आज हम पूरी तरह से बदल चुके हैं, जो भी था, हमें अपने
00:41:23सचाई तुम्हारे सामने रखते, हम यहीं उमिद करेंगे ये बाद तुम अपने तक ही ही रखोगी, और हां, एक वादा
00:41:30भी करते हैं आस दिल से, बने तुम हम
00:41:34जीवन में अपने पास आने दो या मत आने दो, इसके बाद भी सिर्फ और सिर्फ तुम से ही महपत
00:41:40करेंगे।
00:42:05करेंगे बाद आने पास आने दो, जीवन में अपने दो, ये दो करेंगे।
00:42:37कि देख क्या रहे हैं भूल गये अपनी सुभागरा पाकी है
00:43:05अरे आधा हमको भी देना चाहिए था ना हम तो भूले गये हमको अनुभा नहीं है रुक हम तुम्हारे लेकर
00:43:12आते हैं
00:43:13रुकिये बस चाकर दर्वाजा बनकर दी छिए अहां
00:43:46कि दो अपनी सुभाजा बनकर दर्वाजा बनकर दो भूले अच्छाए नहीं है
00:44:20बहुत को प्सरत लगए अच्छाए बहुत को प्सरत लगए यहां
00:44:24देखो
00:44:50अरे लता मेरा तोलिया कहा है यार
00:45:21अच्छा
00:45:22क्या
00:45:22और पढ़ाई कैसे चल रही है
00:45:24पढ़ाई तो बहुत अच्छी चल रही है
00:45:26कुछ दिनों की हमने छुट्टी ली है तुमसे मिलने के लिए
00:45:33पुराना बाजार चलोगे
00:45:37अरे मैडम जी पुराना बाजार में किधर जाएगा
00:45:41वो मिश्रा जी जिनकी कपड़ों की फैक्टरी है
00:45:44अच्छा अच्छा वो मिश्रा जी कपड़े वाले
00:45:47हाँ हाँ वही वाले मिश्रा जी
00:45:49वही जो घंटा घर के सामने रहते हैं
00:45:51जी जी वही वाले मिश्रा जी
00:45:53आईए बैठिये
00:46:32गाउं में पहले टांगे चला करते थे और घुड़ों के आखों में चम्रा लगा होता था
00:46:37जानते हो क्यूं?
00:46:39नहीं जानते मैडम जी क्यूं?
00:46:41ताकि वह इधर उदर देखके ना भटके
00:46:43सीधे अपने रास्ते पर चले
00:46:47समझ गये मैडम जी
00:46:48समझ गये हो तो ये शीशा घुमा लो
00:46:50नहीं तो हमको देखने के चक्कर में तुम किसी को ठोक दोगी
00:47:10लेजे मैडम जी आगया मिश्रा जी का गयर
00:47:41ये लो पैसी
00:47:42आपको आपको आपको
00:47:43सबरे सबरे बहनी से पहले चुट्टा दया तो हमारा सारा दिन खराब चला जाएगा
00:47:50तो ये दे दीजी
00:47:56ये तो सो रुपे की है
00:47:57चलेगा
00:48:13ये लो
00:48:186 रुपे चुट्टे हैं या वो भी नहीं है
00:48:21अरे देखते हैं ना
00:48:24हाँ ये लो 6 रुपे
00:48:48काना चै बाबू?
00:48:51ये लो
00:48:52ये लो
00:49:08दीदी
00:49:09अरे रानी
00:49:12तुम आ गई?
00:49:13त्याभी मैं बोलू बबलू किसे देखकर इतना खुश हो रहा है
00:49:17हाँ आज मुझे देखकर खुश हो रहा है
00:49:18ये सबको देखके ऐसे ही खुश होता है
00:49:21एक काम कर
00:49:22तुझा जाके मुहात दोले
00:49:24तब तक मैं बाब को खाना खिला देती हो ठीक है
00:49:26फिर हम दोने एक साथ नाश्ता करेंगे
00:49:28हाँ दीदी फटा-फट नाश्ता बना दीजे
00:49:31क्योंकि मुझे बहुत तेज भूक लग रही
00:49:32ठीक है
00:49:35क्योंकि है
00:49:39कि नहादी सुर्णार का इसके साथ सुर्णार कर फूल
00:50:01अचर बादी ?
00:50:04है?
00:50:09रानी का गुम हो तुम? क्या हुवा? क्या हो गया तुम्हें? कुछ नहीं? क्यों परिशान हो तुम नहीए
00:50:24क्या है तुमह सोच रहा है तुम रानी? कुछ भी नहीं दीदी. अरे मैं बताता हूं यह सोच रही है
00:50:33मैं कि अधीर कील आजह रुछ बढाया है व्याद है शादी पर कितनी चोटी छोटी सी थी गोध में बिठार
00:50:37इसे
00:50:37खाना सबस्कूर अ Calvin हो गी कि अधीश सोच चे रहे हैं कि लड़की और काकेडि अंति जल्दीस जाजती है
00:50:49बिलकुल सही
00:51:03दीदी हम खाच चुके हैं और हम बहुत थक गए हम जाके कमरे में आराम करते हैं ठीक है
00:51:20अच्छा ये बताओ कि ये चश्मा काय पहने हो जानती हैं आज ना हमारे आटो में एक सवार ही आई
00:51:30थी बहुत ये खूबसूरत लड़की थी उसको देखते ही हम दिसाइड कर लिये
00:51:37अब हम ये चश्मा तभी उतारेंगे जब उस लड़की को दुबारा देखेंगे अच्छो हमसे भी जादा खूबसूरत है क्या अरे
00:51:51फू लड़की का आपसे खूबसूरत लड़की तो है ये नहीं पूरी दुनिया में नहीं आप तो पूरी दुनिया की सबसे
00:51:58खूबसूर
00:52:07कि यहां हूआ जब से आये हो खोई-खोई से रहती हो ठीक से तुमसें खाना भी नहीं खाया है
00:52:13कि होस्टल में कुछ हुआ है
00:52:15क्या नहीं कि तो फिर क्या बात है देखो अपने दीडी से क्या दिव में देर हुआ है कि फिल
00:52:25आ fais का यह HC यह गुडिफर को तो दौइर है
00:52:27इसे में लोग ऐसे करते हैं खोई-खोई से रहते हैं नहीं दीदी हमको प्यार व्यार में कोई इंट्रेस्ट नहीं
00:52:34है हमको ना मन में बुरे-बुरे अजीब और गरीब विचार आ रहे हैं कैसा विचार वह हम तुमको नहीं
00:52:45बता सकते बस तुम हमको इतना बताओ कि अगर मन म
00:52:49यह नहीं बुरे बुरे वीचार आए तो असका पश्याता आप कैसे किया जाता है।ב�ặt
00:52:53यह तो तो नुट कोई ग्यानी ही तुमको बता सकता है। तो
00:52:56इस गाप में कोई ग्यानी है। हाँ
00:52:58है ना है। अपने
00:52:59मास्टर जी .
00:53:00अरे ये तलया के पास ही तो रहते हैं
00:53:04तलया के पास
00:53:17अरे मैडम जी कहां जा रहे है आईए छोड़ देते हैं
00:53:23तुम तुम यहां क्या कर रहे हो
00:53:25अरे मैडम जी सवारी का इंतिजार कर रहे थे ससुरा एक भी सवारी नहीं मिला सभेरे से
00:53:30आईए बैठी है ना
00:53:32वो तलया वाले मास्टर जी का घर जानते हो
00:53:34लो मैडम जी अरे इस गाव में ऐसा कौनो घर नहीं है जो पप्पू जी नहीं जानते हैं
00:53:39आईए बैठी है
00:53:55तो रानी के साथ है हम क्यों पढ़ने लगया इसी किताब अच्छा-च्छा ठीक है पढ़ लीजिए गाइज अगाइज
00:54:10अगाइज अगाइज यहां क्यों रुक गया मैडम जी मास्टर जी का घर आ गया ना
00:54:25अच्छा तुम यहीं रुको हम बाबा से मिलके आ रहे हैं तो बताओ आज के कहानी में आप लोगो को
00:54:47क्या ग्यान मिला
00:54:55बहुत अच्छा नमस्कार मास्टर जी नमस्कार आईए जी कहिए मास्टर जी हमें आप से कुछ जरूरी बात करनी है
00:55:08हाँ बोलिये वह क्या है मास्टर जी हम इन बच्चों के सामने आपसे वह बात नहीं कह सकते हैं बच्चों
00:55:18आज आप लोगों के छुट्टी
00:55:22कल सब लोग टाइम पर आना आया नमस्ते नमस्ते बैठे जी कहिए
00:55:38मास्टर जी बात ऐसी है अब आप बताईए मास्टर जी कि मैं अपने पाप का कैसे प्राश्चित करूं तुम्हारे मन
00:56:00में उत्पन ये वास्तना वरे विचार का एक प्राश्चित तो है
00:56:05जल्दी बताईए मास्टर जी क्योंकि जब से हमारे मन में ऐसे वीचार आने लगे हैं हमें अपने आप से घ्रेना
00:56:12होने लगी है एक काम करो घर जाकर अस्नान करो और एक गोरी मिट्टी की हांडी में खीर बनाओ और
00:56:20उसमें वर्षा का जल मिला दो वर्षा का जल अतलब बर
00:56:34इसमें भी मिलता है वो शुद्ध हो जाता है और उस खीर की हांडी को अपने सर के ऊपर से
00:56:41तीन बार घुमाना आधी खीर तुम खा लेना और आधी उसे खिला देना जिसे लेकर तुमारे मन में गंदे विचार
00:56:49आयत है एक बात बताईए मास्टर जी ये खीर ही क्यों और आ�
00:57:03मास्टर जी कोई बात समझ में ना आए तो परिशान तो करेंगे ही आखिर पता तो चले कि जो मैं
00:57:10करने जा रही हूं उसका लाब मुझे मिलेगा या नहीं मिलेगा खीर शेतल होती है
00:57:16खीर खाने से मन को शान्ती मिलती है और जब मन शान्त होता है तो मन में बुरे विचार नहीं
00:57:24आते हैं जब तुम खीर की हांडी को अपने सर के उपर से तीन बार घुमाओगी तो तुम्हारे अंदर जो
00:57:31भी गंदे विचार चल रहे हैं वो खीर के शितलता के साथ शान्त हो �
00:57:36जाएंगे और आधर तुम खुद खा ले न और आधी खीर उसे खिला दे न जिसे ले कर तुम्हारे मन
00:57:46में गंदे विचार आये थे
00:57:49क्योंकि सपने में ही सही तुमने उसे अपवित्र तो किया है न और खीर में पड़ा वर्षा का जल उसे
00:57:59पवित्र कर देगा
00:58:04क्या परिशानी है?
00:58:06मस्तर जी खीर बनाने का सामान तो मिल जाएगा
00:58:08जैसे दूद, शक्कर, चावल, पर, वर्षा का पानी और मिट्टी का हांडी कहां से लाए हम?
00:58:16वर्षा का जल मेरे पास है
00:58:17और मिट्टी की हांडी, पास के गाउं में कुमार टोला के पास तुम्हें मिट्टी की हांडी मिल जाएगी
00:58:24अपने गाउं में कहीं नहीं मिलेगा?
00:58:27नहीं है, अपने गाउं में कोई भी दुकान नहीं है
00:58:32कुमार खुदी यहां आता है और घर घर बेच कर जाता है
00:58:39हैं मेरे पास कियुंकि हम मिट्टि के बर्तोनों में ही खाना पकाते हैं
00:58:45मिट्टि के प्लेट में खाते हैं ह और मिट्टि से ही बने कुलर में पानी पीते हैं तुम रुको मैं
00:58:52लेकर आता हो
00:59:05इसमें वर्षा का जल है और ये मिट्टी की हांडी है धन्यवाद मास्टर जी आपने हमें गंभीर पाप से बच्चा
00:59:14लिया
00:59:18नमस्कार मास्टर जी
00:59:30आज कल के युवाओ के मन में ऐसे विचार कहां से आते हैं
00:59:34हम बता
01:00:01अरे रानी
01:00:03अरे रानी तू कब आई
01:00:07अरे युवाद आज के मास्टर जी से अहां मिली यह क्या बना रहे है मिट्टी के बरतन में वह खीर
01:00:14मास्टर जी खीर बना रही है यह दी अच्छा यह
01:00:27इसमें खीर स्वादिष्ट बनता है इसलिए अच्छा अच्छा सुन मैं तुरे जीजा जहना जारा मार्किट जा रहे है थोड़ा कुछ
01:00:34काम है सामान लाना है घर का अरी दीदे अब चिंता मत कीजिए हम बना लेंगे अच्छा थीक है मैं
01:00:40आतू हूं
01:01:04आज मेरे सारे पाप दूल जाएंगे आज देखते हूं बबलु कैसे मेरे ख्वाब में आता है
01:01:09ख्वाब छोड़ो वो तो मेरे रूम में भी नहीं आ पाएगा
01:01:33बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु
01:01:39बबलु पूदे गफ आता है
01:01:46बबलु दσιा।
01:02:08बढ़ल
01:02:12बढ़ल
01:02:35देखो मैं तुम्हारे लिए खीर लाई हूँ बबलू
01:02:41खीर कैसी है बबलू खीर कैसी है बबलू एक और यह लीची खीर ची लटा
01:03:08खीर कहा पर आरे हां रानी जा खीर ले क्या जबसे तेरे जीजा को पता चला है कि आज तुमने
01:03:15खीर बनाया है तो तेरे हाथों के खीर खाने के लिए तब से बेताब हैं
01:03:27जा खीर लेकिया वो दीधी बिल्डी खीर खा गई है क्या इस घर में काँची पिल्ली आती है आरे वह
01:03:36आ गी खीर के खुश्मुसे आधी ऐसे हुआ खीर की सुगन से बिल्डी आई और सारी खीर चटकर के चली
01:03:44गई
01:03:45कि चलो कोई बात नि कभी और तुम अपने हाथ की खीर मुझे किला देना
01:03:56झाल झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल,
01:04:16झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल,
01:04:17झाल, झाल, झाल, झाल, झाल
01:04:29अरे रानी तु यहां है और में तुजе पुरेग घर में डून रही हूँ आ दीदी तो शाहिपनेर बहुत पसंद
01:04:38है ना मैंने तिरे लिए शाहिपनेर्स बनाया
01:04:42जी दी आपके हाथ की शाही पनी मुझे बहुत पसंद है तुझे पता है रानी तेरे जीजा जी कल राद
01:04:48क्या कह रहे थे वह कह रहे थे कि जब से रानी घर आई है तब से उन्हें ऐसा लगता
01:04:56है जैसे उनकी बहन मुन्नी लोट आई हो
01:05:01कि बहुत प्यार करते थे वो अपनी बहन से क्या हुआ था मुन्नी को मुन्नी तलाप से कमल का फूल
01:05:08तोड़ने गई थे और वहीं डूब के मर गए खैर वो छोड़ तेरे जीजा जी कह रहे थे कि अब
01:05:15रानी को जब तक रक्षा बंदा नहीं आ जाता तब तक यहीं रोक लेते
01:05:18हैं अब वो तेरे से राखः बनवाने के बादि तुछे होस्टल जाने रहेंगे जीजाजी मुझे बेहन मान रहीं और हम
01:05:27है की पापी पापी
01:05:30का ऐसा क्या कर दिया तूने खीर जीजाजी को मैंने खीर बना कर नहीं खिला इसलिए मैं पापी hell rani
01:05:41॥म लिएयर नां टीक
01:05:46इसे क्या हो गया है लगता है इसे भी कोई मिल गया है चलो अच्छा है इसकी बिशाधी करवानेंगे ठीक
01:05:57है समझ में आ गया ना कल टाइम पर आना नमस्ते नमस्ते नमस्ते बेटा एस वुद तुम इदर आओ
01:06:07ये इतना असान है चार बार तो तुमको समझा चुका हो तुमको समझ में नहीं आ रहा है देखो ये
01:06:13देखो ये किया ये किया ये किया और ये रहा इसका आंसर इजी है तुमको समझ में नहीं आ रहा
01:06:21है जाओ
01:06:27नमस्ते मास्टर जी नमस्ते अब किसको अब अवित्र कर दिया क्या बताए मास्टर जी कल रात हमसे बहुत बड़ा पाप
01:06:37हो गया जो इंसान हमें अपनी बहन मानता है हम उसी के साथ
01:06:45हांडिया और जल लेने आई हो जी हम रुको मैं लाता हूं जी
01:07:00कि खीर बनाना तो याद है ना जी मास्टर जी शुक्रिया मास्टर जी नमस्ते नमस्ते
01:07:29कि बन गई खीर हां दीदी बन गई
01:07:36सुगन तो बहुत ही बड़िया आ रही है वो मिट्टी के हंडी में बनाई है न तो खुश्बू तो आएगी
01:07:45अरे ये खीर लेकर तुम कहां चली जीजा जी के दुकान पर आरे तो तुम जीजा जी के लिए
01:07:50रुक सकती हो वो रात में आएंगे तब खिला देना पाप जितने जल्दी दोल जाए उतना अच्छा है क्या मतलब
01:08:02बिल्ली इस सुगन से फिर से आ गई तो इस पार तो हम उसकी जानी ले लेंगे तो बिल्ली को
01:08:08मारने का पाप तो लगेगा ना दीदी ये बात तो है तो मैं
01:08:14ये खिर खिला के आती हो जीजाजी को सुन संभाल कर जाना ठीक है जी दीदी जा थी ये लड़की
01:08:24भीना सच में
01:08:31आज तो चमका देंगे हमारे ओटो रानी को अरे आईये मैडम जी आईये एक बात हमको समझ में नहीं आती
01:08:43हम
01:08:43जब भी कही बहार जाने क्ली निकलते हैं तुम अपनी आटो लेकर यहां आ जाते हो
01:08:48का है न मैडम सुन्दर सवारी इधरी मिलता है इसलिए हम और हमारा आटो सवारी के इंतिजार में खड़ा रहता
01:08:57है क्या समझे संजे मिश्रा का दुकान पता है
01:09:00अरे मैडम जी इस गाओं में ऐसा कोई दुकान मकान नहीं है जो पपू जी नहीं जानते हैं
01:09:05हां तो चलो अच्छा एक बात बताईए बहुत बढ़िया खुसबू आ रहा है का है इसमें खीर अरे तो खेर
01:09:15हमें भी खिलाईए तुमारे लिए नहीं है हमारे जीजाजी के लिए जीजाजी के लिए ठीक है खुसबू बहुत बढ़िया है
01:09:22वैसे हमें भी खिलाएगा कभी
01:09:23सेैंने चलते हैं
01:09:27रुको रुको रुको रुको रुको किया है यह क्ला इस आपके लिए खीर बनाई है
01:09:39वहां कрем मखना एक बद शक्ड़ लीजियों बहुत पिजा वन्युन स्बाएं आपके लिए
01:09:50हुर्म
01:09:51बधी स्वाद केरहे हुशy
01:09:53जो एंदर चलका और घैफ
01:09:54जो
01:09:59जब
01:10:00जूट
01:10:00भाई
01:10:00अ
01:10:00अ
01:10:11हा
01:10:18अरे पापरी अब मैं क्या करूंगी अब तो वो पपो भी मेरे सपने में आ गया
01:10:27लगता है हमें मास्ट्या जी के पास जाना पड़ेगा अगर ऐसा ही चलता रहा तो तो मुझे बहुत लोगों को
01:10:35खीर खिलाना पड़ जाएगा
01:10:38हाहाई अ हाहाई अ
01:11:08लो
01:11:14जी भर के खालो खीर
01:11:49सबजी मंदी चलोगे नहीं जाएंगे सबजी मंदी जाओगे नहीं जाएंगे सबजी मंदी जाओगे
01:12:09मास्टर जी वो जल जरा अधिक दे दीजेगा और वो हांडी भी मत दीजेगा हम कुमार से खरीद लेंगे बार
01:12:16बार आपसे मांगना हमें अच्छा नहीं लगता
01:12:19इस जल की एक बूंद भी ना खीर में डालोगी तो वो शुद्ध हो जाएगे
01:12:26अच्छा तो ठीक है ये लो हांडी भी ले जाओ ले लो धन्यवाद मास्टर जी
01:12:38अच्छा ये बताओ तुम्हें ऐसे वास्तना भरे विचार आते कहां से है अब क्या बताए मास्टर जी हमने किताब खरी
01:12:49दिये
01:12:49मन चली रात रानी के साथ हम जब भी उसे पढ़ते हैं हमें ऐसे ऐसे सपने आते हैं तो फिर
01:12:57एक काम क्यों नहीं करते हैं उस किताब को नश्ट क्यों नहीं कर देती ना रहेगा बास ना बज़ेगी बासरी
01:13:06हां हां ठीक है मास्टर जी मैं आज ही उसे नश्ट कर दूंगी धन्यवाद मास्टर जी धन्यवाद
01:13:16कि ऐसा गंदा साही ते लिखता कौन है और लिखकर उसे प्रकाशित कौन करता है
01:13:42कि थाइब नश्ट
01:14:17जड़े पुड़े पुड़े पुड़े लें लेगा सहां है
01:14:57अरे बताओ
01:15:04अरे बताओ
01:15:15कमापीन
01:15:17करेके एकाप लेन
01:15:17Internet
01:15:20अरूपन
01:15:21की शलबन
01:15:41झाल झाल