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Fun
Transcript
00:00:05एक बार भी सेखर ने हमारे बारे में नहीं सोचा अरे हमारे नहीं तो कम से कम उस बैचारी के
00:00:10बारे में सोचता जिसके साथ उसने कल ही फेरे लिए है
00:00:16उसे शायद इन बातों की परवा नहीं थी इसलिए वो कल आठ बजे की ट्रेंज से चला गया नहीं हमारे
00:00:23बेटा ऐसा नहीं कर सकता है ऐसा नहीं कर सकता है हमारे बेटा नहीं भगवणा पैदाती आया तुमने सुलेचना
00:00:32कि अरे भागना ही था तो फेरे क्यों लिए उसने चाचा जी यहां आप गलत हो वो हमारा दोस्त था
00:00:42उसने हमें बताया था कि इस साधी से उखुश नहीं फिर भी आप दोनों ने उसकी जबर जैसे साधी करवा
00:00:48दिए
00:00:51तुम जैसे अवारा दोस्त होंगे ना तो किसी का भी घर बरबाद हो जाएगा अरे जब वो कल भाग रहा
00:00:58था तो उस समय तुमने कुछ नहीं बोला और आज तुम घ्यान बाटने के लिए आये हो विवेक इन दोनों
00:01:05को धक्य मारके बाहर निकालो बस चलिए आप लोग चलि
00:01:10आओ निकालिये तुम अब अब अब अपना एक ये बेटा है विवेक
00:01:48आओ जी जब शेखर आट बजे रात को ही चला गया था
00:02:02तो अधिरात को मेरे साथ कौन था
00:02:46टेए
00:02:55बाओ जी खाना खाली जी
00:03:02तुम लोग खालो मुझे भूख नहीं है देखिए मेली बात तो सुनिये मैंने बोला ना बस
00:03:16बेटा अब तुम्हें घूंगा ट्रकनी की जरूत नहीं है मेरा बेटा तो नालायक निकला अब तुम्हें मेरा बेटा हो
00:03:31प्सक्त किरू इत किरुप अब तुम्हें महाँ कि बार बार क्याँ करें हौए
00:03:48बार बार
00:04:04भावी नास्ता लेकर आया हूँ
00:04:12क्या हुआ आप ऐसे मायूस क्यों खड़ी है
00:04:14जिसकी किस्मत ही सोई हो वो और क्या कर सकता है देवर जी
00:04:18आप परिसान मत होई हम सेखरवया को ढूंड रहे हैं
00:04:21और उन्हें जल्दी ही लेकर आएंगे
00:04:24देवर जी जब शेखर कल रात आट बचे ही घर से भाग गया था
00:04:29तो देर रात मेरे बिस्तर पर कौन था
00:04:32वो आप ही थी ना
00:04:37आपके कपड़ों की खुश्बू
00:04:39मैंने सुहागराद की रात को महसूस की थी
00:04:42ये आप क्या बोल रही है बिलजाम लगा रही हैं हम पर
00:04:46देवर जी इस घर में सिर्फ दो ही मर्द हैं एक आप और दुसरे बाउजी तिसरा बाहर से तो कोई
00:04:53घर में आएगा नहीं तो क्या मैं ये सोचू कि वो आपके बाउजी
00:04:57बाउजी पर मत बोलियेगा वो हम ही थे थे
00:05:27अगल
00:05:28समग है
00:05:33ख़जी तो
00:05:44बाउजी
00:05:47बाउन
00:05:48झाल
00:05:48झाल
00:05:48झाल
00:05:49झाल
00:05:49झाल
00:05:53झाल
00:05:54झाल झाल
00:06:32जब सेखरभया का रिस्ता लेके आपके घर गए थे ना आप हमें तभी पसंद आ गई थी लेकिन साधी तो
00:06:37आपकी सेखरभया से होनी थी तो हम अपने आर्मान दबा के रह गए जब पता चला हमें सेखरभया भाग गए
00:06:44हैं तो सुहाग रात की रात हम खुद को रोक नहीं पा
00:06:59हम सेखरभया को खोज के रहेंगे और उन्हें लेकर आएंगे और तब तक आपका पूरा खयाल रखेंगे
00:07:30तुम फिर आए उस रात के लिए हमको अपसोस है आपका गुस्सा भी जायज है बस हम आज की रात
00:07:38यह जानना चाहते हैं कि आप सच में गुस्सा हैं मुझसे पाप वह अन जाने में पर तुम ने पाप
00:07:44किया है जान बुझकर और पूछ रहें कि भावी आप हमें अच्छी ल
00:07:54अग नहीं देखा जब भी आपको देखते हैं दिल इतना तेजी से धरकता है बतला नहीं सकते हैं
00:08:19आप एक देखते हैं आप आपका इतना खेल रखते हैं आप हमारा खैल नहीं रख सकती है
00:08:29ठीक है चलते हैं रुको पहले वादा करो आज के बाद तुम मुझे भाबी नहीं कहोगे और शेकर को खोजना
00:08:43भी बंद कर दोगे
00:08:46क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि वो हमारी जिन्दगी में वापस आए
00:08:59मुझे का में वहीं पीजन आएले खीजरłe, चाहते हैं मैं जर रहाहने हैं
00:09:26मेटा, वेवेक, कैसी लग रहे है, पसंद आई तुझे, तुझे तो इता शर्मा क्यों रहा है, तुझे, मेटा, मेरा बेटा
00:09:47पसंद है तुझे,
00:09:53बोलो बेटा, बेटा, आपको हमारी लड़की पसंद हना, मुझे पसंद है, मुझे पसंद है, बाद हाई हो,
00:10:22।
00:10:57अच्छा दो भी व्या चाहिए तुम्हें शादे के लिए मना करना चाहिए था ना फिर हां क्यों किया भाबी मजबूरी
00:11:05थी चाहकर भी मना नहीं कर सकता था अब आप ही बताओ मा बाबुजी के सामने कैसे मना करते था
00:11:31करे था नहीं कर दो भी तुम्हें रहा है तूब।
00:12:01मेदा कलाश गिरा कंदर आज है
00:12:26निर्फ सकती जर सिते हैं आज है ud
00:12:29आज है
00:12:30हुआ रेड़ा है
00:13:00कर दो कर दो कर दो कर दो कि उता है
00:13:59हुआ
00:14:19झाल झाल
00:14:56आपके बारे में सुनकर बुरा लगा पर कर भी कह सकते हैं
00:15:05मेरी किसमत पर तुम्हें तरस खाने की ज़रूत नहीं है
00:15:09हालाद बूरे हो सकते हैं किसमत नहीं
00:15:17हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ है ऐसा मैंने क्या कह दिया मैं तो बुस्त बात करना
00:15:28चाहती थी और उसे
00:15:29हुआ हुआ हुआ है बहुआ है आई माजी मैं माजी से मिलका हुआ हुआ है
00:15:57आपको वीना से इस तरीके से बात नहीं करने चाहिए थी अच्छा जैसे भी वह तरस खारी है
00:16:04मुझ पर वैसे तुमने भी तरस खाय था न सुःगराद की रात को और क्या कहा था शाधी के लिए
00:16:11हाँ नहीं बोलोगे इस बारे में पहले भी बोल चुका हूं वह मेरी मजबूरी थी
00:16:17मैं साधी के लिए कैसे ना बोल सकता था, यह साधी मैंने मा और बावजी के लिए की है, और
00:16:22मैं, मेरा क्या, मेरा सरफ जिसमचे ये था तुम्हे, मेरा अकेलापन, मेरी उदासी, वो नहीं दिप्की तुम्हे,
00:16:42चा करें, चा करूँ, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप, रुप जाओ,
00:17:06हुआ हुआ हुआ हुआ है
00:17:34हुआ हुआ है
00:18:04है भावी अगर हमारे रिस्ते के बारे में किसी को पता लग गया तो कितनी बार का है कि भावी
00:18:09बोलना बंद करो स्वाग्रत की बात से हमने तीन बार हद पार खड़ चुके हैं आप गिंती हो क्या है
00:18:17क्योंकि मेरे हालात का कभी कुछ भरोसा नहीं है पता नहीं कभी एक खूब
00:18:31किस बारे में आपकी और मेरे साधी के बारे में नहीं अगर ऐसा हुआ तो शायद उन्हें बुरा लगे तो
00:18:41कब तक पता नहीं
00:19:02क्या मुझे विवेक्स शादी कर ले नीचे ये थी क्या ये सही होता लेकिन उसके सब मेरा जो रिष्टा है
00:19:11वो भी तेक तरह से गलत है
00:19:32चाहे लिजिए क्या मैं आपसे एक बात बुलू हाँ हम लोगों को शेखर की तलाश करने चाहिए तुमसे कहा है
00:19:43ना वो मर गया हमारे लिए उसने एक लड़की की जिन्दगी बरबाद किये वो एक भगोड़ा है और भगोड़ों को
00:19:49तलाश नहीं किया जाता लेकर वहां हमा
00:19:51अगरो इसको
00:20:26भावी मैं समझ सकती हूं बिना पती के जीवन कैसे होता है आपकी उधासी देखिये नहीं जाती है अब एक
00:20:35उच म्मौछ दिक पहले मैंने तुमको समझाय था विना ज्यांद नहीं की आद्त है नहीं तकलीफ क्या है क्या है
00:20:40तुम्मारी अस्यारा मुझे बिना पती के जीव
00:20:43कैसा होता है यह तुम कैसे समझ सकती हो क्या तुम्हारे पती भी भाग गया था सुहाग रात की रात
00:20:48को आप तो बेवजे नाराज हो रही हो भावी मैं तो बस
00:20:52कि अपने काम से काम रखो वी ना कि लोगों के जखों को रेदना बंद करो
00:21:13तुमको क्या जरूत है उनके मूह लगने की अरे यार मैं तो बस मेल मिला बढ़ा रही थी एक ही
00:21:18घर में एक ही घर के छट के निचे रहना है तो दोस्ती यह सा महौल बना रही थी लेकिन
00:21:22जब वो नहीं करना चाहती दोस्ती तो क्यों बार बार अपनी बेज्जती करवाती हो
00:21:26पता नहीं क्यों ऐसे लगता है जैसे कि मैंने उनकी कोई बहुत ही प्यारी जीज़ छीन ली हो
00:21:36खेर कोई माने या ना माने मैं तो किस्मत मानती हूं कि तुम मुझे मिले हो
00:21:49यह लीजिये चाहे
00:21:58खुश रहो बेटी
00:22:03जी तीरा बेटा जा तु रही हो लेकिन वहाँ जादा दिन दुर्फुना बाद जी बाबोजी जल्दी वापस आ जाने जी
00:22:11आ बहुत तुम्हारे बीना घर सुना लगेगा जल्दी से आनो जी माजिस्टी ठीके बहुत
00:22:29जिस तरह इन दोलों के जिन्दगी सवर गई है ना उसी तरह हमारी बहु रतना की भी जिन्दगी सवर जाती
00:22:35ना तो कितना अच्छा होगा बिल्कुल सही कह रहे हैं आप बगवान ऐसा ही करेंगे
00:23:09करेंगे
00:23:28करेंगे
00:23:29कुष्रेबवाबू
00:23:30कुष्रे
00:23:39कुष्रे
00:23:44कि अच्छा हुआ तु आ गया बेटा तुझे पता है कि तेरे बावजी कितना परिशान थे
00:23:59कहां कहां नहीं तलाश किया उन्होंने ठीक किया तुझो आ गया
00:24:08कहां चला गया था तुझ और किस ले गया था हुँ देख तेरी पत्नी उससे नजरे मिला पाएगा तुझ
00:24:25कि अधाव जी कि मैं क्यूं गया था और किस ले गया थे सारे सवालों का जवाब अभी तो मेरे
00:24:30पास में नहीं है
00:24:33लेकिन हम एक वादा जरूर करते हैं कि अब हम कभी नहीं जाएंगे
00:24:43बाओ जी हो सके तो हमें माफ कर दीजिए
00:24:46मैंने आप लोगों का दिल बहुत दुखाया है बहुत परिशान किया है आप लोगों को
00:24:50लेकिन मैंने जो कुछ भी किया है कुछ भी जान मुझका नहीं किया है बाओ जी हो सके तो मुझे
00:24:57माफ कर दीजिए
00:25:07अचा थीक है चलो नहालो क्या हाल बना लिया है तुमने अपना
00:25:39कि है फसके बाओ लोगो रिया है तुमने आता चार आताओला लोगो
00:25:47कर दो कर दो
00:26:16रतना अभी तो अपनी स्वागरात भी बाकी है
00:26:25कैसी हो
00:26:42कैसी का दो स्वाट घ्डाय प्रॉब
00:26:45लग वला रतना भी तो कैसी
00:27:01कर दो कर दो
00:27:28कि कैसा बनाया खाना बहुत बढ़िया आपने बताया नहीं आप अचनक चले कहां गए थे
00:27:46कोई बात नहीं बाद नहीं बताईएगा वैसे अपने साधी मम आपको बहुत मिस किये बस खाली कुद का बता
00:27:56मा बाओ जी का भी बताना मेरा कितना बुरा हाल हुआ था
00:28:03छोटे सब ने सिपका खेल होता है जिसको जहां होना होता है वो वही होता है
00:28:10अगर इंसान के अपने हाथ में होता तो वो भगवान को कहे पूछता
00:28:15ठीक मिलकोई सही बात है
00:28:41पिर से भागने का इरादा है क्या
00:28:46पिर से भागने का इरादा है क्या
00:28:57रात काफी हो चुकी है तुम भी सोचाओ और मुझे भी सोने दो
00:29:01ठीक है फिर हम भी तुम से एक वादा करते हैं
00:29:06जब तक तुम दिल से पती हमें नहीं मानोगे तब तक हम तुम्हें नहीं छुएंगे
00:29:11जब तुम्हें तुम्हें तुम्हें
00:29:19सुखती है
00:29:19दुम्हें
00:29:19जब तुम्हें
00:29:21गक्राथ
00:29:26आप
00:29:30तुम्हें
00:29:37प्रुज़
00:29:38घृ पना
00:29:41रतना
00:29:43रतना यू
00:29:45अठाव
00:29:47हम जरा बाजार जा रहे हैं थोड़ी देर हो जाएगी पता क्यों रहा है पैसे पिया आपका क्या भरोसा जा
00:29:55रहे तो वापस आएंगे भी या नहीं
00:30:00खैस मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
00:30:09बाईया
00:30:45बाईया
00:30:47भाईया यह हमारी पत्नी वीना है
00:30:57यह हमारे बड़े भाईया सेखर है
00:31:08वीना पैर चुओ भाईया के
00:31:18बस बस हम जड़ा बाजार होकर आते हुए
00:31:33वीना तुम पर चलो मैं समाल लेकर आता हुए
00:31:42लेकर चाहे can का झालब दिझे रहाँ
00:31:45के पर कि हम्तीी सरी है
00:31:46औरी को बस्तों हो करें बस्तों है
00:32:00अजिए
00:32:03कर दो
00:32:30लिए कर दोका लिए कर दो हुआ है
00:33:13कर दो अल्द कि बता तें सत्छाओ कि कर दो एफताल अपड़कर को तो हुआए और दो जो आपकर को
00:33:17जो हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ है
00:33:42वैसे हम कब तक छुप छुप के मिलेंगे अरे फिकर रखो हो ना हम जल्दी घर वालों से बात करेंगे
00:33:47बस थोड़ी से हिमत जुटा लेने दो फिर हम यह मेशा के लिए एक हो जाएंगे
00:33:51कहीं ऐसा ना हो जाए हमें कोई और उठा के लेके जाए फिर बैठना हाथ मलते हुए
00:33:58वीना, तुम्हारे तन और मन पर सिर्फ मेरा हक है
00:34:02कोई नहीं ले जाएगा तुम्हें
00:34:05क्यों मैं लेकर जाऊँगा
00:34:34आप से कुछ बात करनी है
00:34:37वीना, अब तुम इस घर की बहू हो
00:34:40हमारे ख्याल सब कोई फायदा नहीं कि ये सब जो कुछ भी हुआ वो क्यूं हुआ
00:34:43तुम हमारे छोटे भाई की पत्नी हो
00:34:47इसलिए अच्छा यही होगा कि अब अपनी मर्यादा मत भूलना
00:34:52हम बहुत अच्छे से जानते हैं कि तुम ने हमें धोखा नहीं दिया
00:34:57ये सब कुछ मेरी गल्तियों का नतीजा है
00:35:00हम हमेशा सच से भागे है
00:35:03इसलिए वीना, अब तुम से एक ही विंती है कि सब कुछ भूल कर
00:35:07विवेक के साथ एक नेज जिन्दगी की शुरुवात करूँ हम भी आपसे यही कहना चाहते हैं
00:35:14पुरानी बाते भूल जाओं जो हो गया सो हो गया आप बस रतना भावी का ध्यान रखिए
00:35:47हम
00:36:02रतना घर के बाकी लोग कहा है मा जी अर्बाव जी मंदिर गया है देवर देवराने जी घूमने गया है
00:36:09आप हात मों धोलीजिए मैं आपके लिए खाना दागते हैं
00:36:12सुनो तुम्हारे खातिर साड़ी लाए है
00:36:18शादी के बाद तुम्हारे लिए पहला तोफ़ा है
00:36:26और ये खुबसूरत अंगुठी तुम्हारे उंगली पर बहुत जचेगी
00:36:37अच्छा आपको ये शादी शादी लगती है
00:36:45हुबसूरत
00:36:48ये वेवारे खुम्हारे उप।
00:36:50लुम्हारा कि government बहुक्छा ये उविँ उना ये है
00:37:02हुबसूरत
00:37:03कि को हम ये खुम्हारत
00:37:03घाद ये ऑडुम्हारत
00:37:13रतना, हम आज भी अपने बात प्रकायल हैं, हम तुम से छुने की इजाज़त नहीं माम रहें, हम तो बस
00:37:19जो रसम अधुरी है, उसे पूरी करना चाहते हैं, तुम रोज का है उस सुहागरात वाली बात पुले कर अपना
00:37:26मूड खराब कर लेती हो, हां?
00:37:28तो बताओ, बताओ, क्यों अपनी नई नवेली दुलहन को छोड़ कर चले गए थे? हम बताते हैं, क्यों चले गए
00:37:37थे? क्योंकि तुम यह शादी करना ही नहीं चाहते थे, यह शादी जबरदस्ती हुई है, इसका मतलब तुम्हारे जीवन में
00:37:46कोई दूसरी लड़की है, जिस
00:37:58नवेली दुलहन को सुहरगात की सेच पर चोड़कर चले गए, बोलो, है कोई जवाब तुम्हारे पास?
00:38:35देख रहे हैं, आज कल आप हमें एग्णॉर कर रहे हैं, भाबी, क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो
00:38:44बबाल हो जाएगा, अच्छा, अब हम भाबी हो गए, बीबी क्या आई, आपने हमें एक अच्रे के दर निकाल ठिका,
00:38:53जिससे प्यार किया, जिसके साथ सुहागरात मन
00:38:56नहीं, वो सब क्या था, भर किसी ने इस्तमाल किया है, मेरा, कम से कम तुम तो असामात करो, भावी,
00:39:11देखो, हमारे बीच जो कुछ भी हुआ, वो बस ऐसे ही था, एक मस्ति थी, अब सेखर भया भी आ
00:39:20चुके है, हमारी पत्मी है, तो मेरे ख्याल से, अब हमें अपने अपने
00:39:26से राश्ते हो लेना चाहिए, एक भाई भाग जाता है, और दूसरा जिनके से भगा देता है, तुमने इस्तमाल किया
00:39:34है, सिर्फ मेरा, और यह तुमने सही नहीं किया,
00:40:07किया भाई प्राओन थारे तुमने तुमने अपने फस someone देंसे हो ले दो के भाई जाता है, तो मेरे भाई
00:40:14तुमने जा दे किया है, एक भाई तुमने से, किया हổiाए जाई पहाए भाईो गभाई से, तुमने और आक परी
00:40:26away
00:40:26तब आपको सब कुछ पता चल गया, लेकिन मैंने ये सब कुछ जानमुछ कर नहीं किया, अपने बारे में कोई
00:40:32सफाई देने की ज़रूत नहीं है, हमारे यहां से जाने के बाद तुम्हारे साथ इस घर में जो भी हुआ,
00:40:39उसका जिम्मोर कोई और नहीं, हम खुद हैं, सिर्फ
00:40:44और सिर्फ हम खुद हैं, और जब हम खुद ही उपर से लेकर नीचे तक गलत हैं, तो हम तुम्हें
00:40:49क्या बोलें, वो लड़की कोई और नहीं, वीना है, उसके पिता ने शादी से साफ इंकार कर दी, वो हमसे
00:41:07पूछते रहें कि हम कौन है, हमारे पिता कौन है, हमारे खानदा
00:41:09लेकिन हमने उनको कुछ नहीं बताया, लेकिन आज हम पूरी तरह से बदल चुके हैं, जो भी था, हमें अपने
00:41:23सचाई तुम्हारे सामने रखते, हम यहीं उमिद करेंगे ये बाद तुम अपने तक ही ही रखोगी, और हां, एक वादा
00:41:30भी करते हैं आस दिल से, बने तुम हम
00:41:34जीवन में अपने पास आने दो या मत आने दो, इसके बाद भी सिर्फ और सिर्फ तुम से ही महपत
00:41:40करेंगे।
00:42:05करेंगे बाद आने पास आने दो, जीवन में अपने दो, ये दो करेंगे।
00:42:37कि देख क्या रहे हैं भूल गये अपनी सुभागरा पाकी है
00:43:05अरे आधा हमको भी देना चाहिए था ना हम तो भूले गये हमको अनुभा नहीं है रुक हम तुम्हारे लेकर
00:43:12आते हैं
00:43:13रुकिये बस चाकर दर्वाजा बनकर दी छिए अहां
00:43:46कि दो अपनी सुभाजा बनकर दर्वाजा बनकर दो भूले अच्छाए नहीं है
00:44:20बहुत को प्सरत लगए अच्छाए बहुत को प्सरत लगए यहां
00:44:24देखो
00:44:50अरे लता मेरा तोलिया कहा है यार
00:45:21अच्छा
00:45:22क्या
00:45:22और पढ़ाई कैसे चल रही है
00:45:24पढ़ाई तो बहुत अच्छी चल रही है
00:45:26कुछ दिनों की हमने छुट्टी ली है तुमसे मिलने के लिए
00:45:33पुराना बाजार चलोगे
00:45:37अरे मैडम जी पुराना बाजार में किधर जाएगा
00:45:41वो मिश्रा जी जिनकी कपड़ों की फैक्टरी है
00:45:44अच्छा अच्छा वो मिश्रा जी कपड़े वाले
00:45:47हाँ हाँ वही वाले मिश्रा जी
00:45:49वही जो घंटा घर के सामने रहते हैं
00:45:51जी जी वही वाले मिश्रा जी
00:45:53आईए बैठिये
00:46:32गाउं में पहले टांगे चला करते थे और घुड़ों के आखों में चम्रा लगा होता था
00:46:37जानते हो क्यूं?
00:46:39नहीं जानते मैडम जी क्यूं?
00:46:41ताकि वह इधर उदर देखके ना भटके
00:46:43सीधे अपने रास्ते पर चले
00:46:47समझ गये मैडम जी
00:46:48समझ गये हो तो ये शीशा घुमा लो
00:46:50नहीं तो हमको देखने के चक्कर में तुम किसी को ठोक दोगी
00:47:10लेजे मैडम जी आगया मिश्रा जी का गयर
00:47:41ये लो पैसी
00:47:42आपको आपको आपको
00:47:43सबरे सबरे बहनी से पहले चुट्टा दया तो हमारा सारा दिन खराब चला जाएगा
00:47:50तो ये दे दीजी
00:47:56ये तो सो रुपे की है
00:47:57चलेगा
00:48:13ये लो
00:48:186 रुपे चुट्टे हैं या वो भी नहीं है
00:48:21अरे देखते हैं ना
00:48:24हाँ ये लो 6 रुपे
00:48:48काना चै बाबू?
00:48:51ये लो
00:48:52ये लो
00:49:08दीदी
00:49:09अरे रानी
00:49:12तुम आ गई?
00:49:13त्याभी मैं बोलू बबलू किसे देखकर इतना खुश हो रहा है
00:49:17हाँ आज मुझे देखकर खुश हो रहा है
00:49:18ये सबको देखके ऐसे ही खुश होता है
00:49:21एक काम कर
00:49:22तुझा जाके मुहात दोले
00:49:24तब तक मैं बाब को खाना खिला देती हो ठीक है
00:49:26फिर हम दोने एक साथ नाश्ता करेंगे
00:49:28हाँ दीदी फटा-फट नाश्ता बना दीजे
00:49:31क्योंकि मुझे बहुत तेज भूक लग रही
00:49:32ठीक है
00:49:35क्योंकि है
00:49:39कि नहादी सुर्णार का इसके साथ सुर्णार कर फूल
00:50:01अचर बादी ?
00:50:04है?
00:50:09रानी का गुम हो तुम? क्या हुवा? क्या हो गया तुम्हें? कुछ नहीं? क्यों परिशान हो तुम नहीए
00:50:24क्या है तुमह सोच रहा है तुम रानी? कुछ भी नहीं दीदी. अरे मैं बताता हूं यह सोच रही है
00:50:33मैं कि अधीर कील आजह रुछ बढाया है व्याद है शादी पर कितनी चोटी छोटी सी थी गोध में बिठार
00:50:37इसे
00:50:37खाना सबस्कूर अ Calvin हो गी कि अधीश सोच चे रहे हैं कि लड़की और काकेडि अंति जल्दीस जाजती है
00:50:49बिलकुल सही
00:51:03दीदी हम खाच चुके हैं और हम बहुत थक गए हम जाके कमरे में आराम करते हैं ठीक है
00:51:20अच्छा ये बताओ कि ये चश्मा काय पहने हो जानती हैं आज ना हमारे आटो में एक सवार ही आई
00:51:30थी बहुत ये खूबसूरत लड़की थी उसको देखते ही हम दिसाइड कर लिये
00:51:37अब हम ये चश्मा तभी उतारेंगे जब उस लड़की को दुबारा देखेंगे अच्छो हमसे भी जादा खूबसूरत है क्या अरे
00:51:51फू लड़की का आपसे खूबसूरत लड़की तो है ये नहीं पूरी दुनिया में नहीं आप तो पूरी दुनिया की सबसे
00:51:58खूबसूर
00:52:07कि यहां हूआ जब से आये हो खोई-खोई से रहती हो ठीक से तुमसें खाना भी नहीं खाया है
00:52:13कि होस्टल में कुछ हुआ है
00:52:15क्या नहीं कि तो फिर क्या बात है देखो अपने दीडी से क्या दिव में देर हुआ है कि फिल
00:52:25आ fais का यह HC यह गुडिफर को तो दौइर है
00:52:27इसे में लोग ऐसे करते हैं खोई-खोई से रहते हैं नहीं दीदी हमको प्यार व्यार में कोई इंट्रेस्ट नहीं
00:52:34है हमको ना मन में बुरे-बुरे अजीब और गरीब विचार आ रहे हैं कैसा विचार वह हम तुमको नहीं
00:52:45बता सकते बस तुम हमको इतना बताओ कि अगर मन म
00:52:49यह नहीं बुरे बुरे वीचार आए तो असका पश्याता आप कैसे किया जाता है।ב�ặt
00:52:53यह तो तो नुट कोई ग्यानी ही तुमको बता सकता है। तो
00:52:56इस गाप में कोई ग्यानी है। हाँ
00:52:58है ना है। अपने
00:52:59मास्टर जी .
00:53:00अरे ये तलया के पास ही तो रहते हैं
00:53:04तलया के पास
00:53:17अरे मैडम जी कहां जा रहे है आईए छोड़ देते हैं
00:53:23तुम तुम यहां क्या कर रहे हो
00:53:25अरे मैडम जी सवारी का इंतिजार कर रहे थे ससुरा एक भी सवारी नहीं मिला सभेरे से
00:53:30आईए बैठी है ना
00:53:32वो तलया वाले मास्टर जी का घर जानते हो
00:53:34लो मैडम जी अरे इस गाव में ऐसा कौनो घर नहीं है जो पप्पू जी नहीं जानते हैं
00:53:39आईए बैठी है
00:53:55तो रानी के साथ है हम क्यों पढ़ने लगया इसी किताब अच्छा-च्छा ठीक है पढ़ लीजिए गाइज अगाइज
00:54:10अगाइज अगाइज यहां क्यों रुक गया मैडम जी मास्टर जी का घर आ गया ना
00:54:25अच्छा तुम यहीं रुको हम बाबा से मिलके आ रहे हैं तो बताओ आज के कहानी में आप लोगो को
00:54:47क्या ग्यान मिला
00:54:55बहुत अच्छा नमस्कार मास्टर जी नमस्कार आईए जी कहिए मास्टर जी हमें आप से कुछ जरूरी बात करनी है
00:55:08हाँ बोलिये वह क्या है मास्टर जी हम इन बच्चों के सामने आपसे वह बात नहीं कह सकते हैं बच्चों
00:55:18आज आप लोगों के छुट्टी
00:55:22कल सब लोग टाइम पर आना आया नमस्ते नमस्ते बैठे जी कहिए
00:55:38मास्टर जी बात ऐसी है अब आप बताईए मास्टर जी कि मैं अपने पाप का कैसे प्राश्चित करूं तुम्हारे मन
00:56:00में उत्पन ये वास्तना वरे विचार का एक प्राश्चित तो है
00:56:05जल्दी बताईए मास्टर जी क्योंकि जब से हमारे मन में ऐसे वीचार आने लगे हैं हमें अपने आप से घ्रेना
00:56:12होने लगी है एक काम करो घर जाकर अस्नान करो और एक गोरी मिट्टी की हांडी में खीर बनाओ और
00:56:20उसमें वर्षा का जल मिला दो वर्षा का जल अतलब बर
00:56:34इसमें भी मिलता है वो शुद्ध हो जाता है और उस खीर की हांडी को अपने सर के ऊपर से
00:56:41तीन बार घुमाना आधी खीर तुम खा लेना और आधी उसे खिला देना जिसे लेकर तुमारे मन में गंदे विचार
00:56:49आयत है एक बात बताईए मास्टर जी ये खीर ही क्यों और आ�
00:57:03मास्टर जी कोई बात समझ में ना आए तो परिशान तो करेंगे ही आखिर पता तो चले कि जो मैं
00:57:10करने जा रही हूं उसका लाब मुझे मिलेगा या नहीं मिलेगा खीर शेतल होती है
00:57:16खीर खाने से मन को शान्ती मिलती है और जब मन शान्त होता है तो मन में बुरे विचार नहीं
00:57:24आते हैं जब तुम खीर की हांडी को अपने सर के उपर से तीन बार घुमाओगी तो तुम्हारे अंदर जो
00:57:31भी गंदे विचार चल रहे हैं वो खीर के शितलता के साथ शान्त हो �
00:57:36जाएंगे और आधर तुम खुद खा ले न और आधी खीर उसे खिला दे न जिसे ले कर तुम्हारे मन
00:57:46में गंदे विचार आये थे
00:57:49क्योंकि सपने में ही सही तुमने उसे अपवित्र तो किया है न और खीर में पड़ा वर्षा का जल उसे
00:57:59पवित्र कर देगा
00:58:04क्या परिशानी है?
00:58:06मस्तर जी खीर बनाने का सामान तो मिल जाएगा
00:58:08जैसे दूद, शक्कर, चावल, पर, वर्षा का पानी और मिट्टी का हांडी कहां से लाए हम?
00:58:16वर्षा का जल मेरे पास है
00:58:17और मिट्टी की हांडी, पास के गाउं में कुमार टोला के पास तुम्हें मिट्टी की हांडी मिल जाएगी
00:58:24अपने गाउं में कहीं नहीं मिलेगा?
00:58:27नहीं है, अपने गाउं में कोई भी दुकान नहीं है
00:58:32कुमार खुदी यहां आता है और घर घर बेच कर जाता है
00:58:39हैं मेरे पास कियुंकि हम मिट्टि के बर्तोनों में ही खाना पकाते हैं
00:58:45मिट्टि के प्लेट में खाते हैं ह और मिट्टि से ही बने कुलर में पानी पीते हैं तुम रुको मैं
00:58:52लेकर आता हो
00:59:05इसमें वर्षा का जल है और ये मिट्टी की हांडी है धन्यवाद मास्टर जी आपने हमें गंभीर पाप से बच्चा
00:59:14लिया
00:59:18नमस्कार मास्टर जी
00:59:30आज कल के युवाओ के मन में ऐसे विचार कहां से आते हैं
00:59:34हम बता
01:00:01अरे रानी
01:00:03अरे रानी तू कब आई
01:00:07अरे युवाद आज के मास्टर जी से अहां मिली यह क्या बना रहे है मिट्टी के बरतन में वह खीर
01:00:14मास्टर जी खीर बना रही है यह दी अच्छा यह
01:00:27इसमें खीर स्वादिष्ट बनता है इसलिए अच्छा अच्छा सुन मैं तुरे जीजा जहना जारा मार्किट जा रहे है थोड़ा कुछ
01:00:34काम है सामान लाना है घर का अरी दीदे अब चिंता मत कीजिए हम बना लेंगे अच्छा थीक है मैं
01:00:40आतू हूं
01:01:04आज मेरे सारे पाप दूल जाएंगे आज देखते हूं बबलु कैसे मेरे ख्वाब में आता है
01:01:09ख्वाब छोड़ो वो तो मेरे रूम में भी नहीं आ पाएगा
01:01:33बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु बबलु
01:01:39बबलु पूदे गफ आता है
01:01:46बबलु दσιा।
01:02:08बढ़ल
01:02:12बढ़ल
01:02:35देखो मैं तुम्हारे लिए खीर लाई हूँ बबलू
01:02:41खीर कैसी है बबलू खीर कैसी है बबलू एक और यह लीची खीर ची लटा
01:03:08खीर कहा पर आरे हां रानी जा खीर ले क्या जबसे तेरे जीजा को पता चला है कि आज तुमने
01:03:15खीर बनाया है तो तेरे हाथों के खीर खाने के लिए तब से बेताब हैं
01:03:27जा खीर लेकिया वो दीधी बिल्डी खीर खा गई है क्या इस घर में काँची पिल्ली आती है आरे वह
01:03:36आ गी खीर के खुश्मुसे आधी ऐसे हुआ खीर की सुगन से बिल्डी आई और सारी खीर चटकर के चली
01:03:44गई
01:03:45कि चलो कोई बात नि कभी और तुम अपने हाथ की खीर मुझे किला देना
01:03:56झाल झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल,
01:04:16झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल, झाल,
01:04:17झाल, झाल, झाल, झाल, झाल
01:04:29अरे रानी तु यहां है और में तुजе पुरेग घर में डून रही हूँ आ दीदी तो शाहिपनेर बहुत पसंद
01:04:38है ना मैंने तिरे लिए शाहिपनेर्स बनाया
01:04:42जी दी आपके हाथ की शाही पनी मुझे बहुत पसंद है तुझे पता है रानी तेरे जीजा जी कल राद
01:04:48क्या कह रहे थे वह कह रहे थे कि जब से रानी घर आई है तब से उन्हें ऐसा लगता
01:04:56है जैसे उनकी बहन मुन्नी लोट आई हो
01:05:01कि बहुत प्यार करते थे वो अपनी बहन से क्या हुआ था मुन्नी को मुन्नी तलाप से कमल का फूल
01:05:08तोड़ने गई थे और वहीं डूब के मर गए खैर वो छोड़ तेरे जीजा जी कह रहे थे कि अब
01:05:15रानी को जब तक रक्षा बंदा नहीं आ जाता तब तक यहीं रोक लेते
01:05:18हैं अब वो तेरे से राखः बनवाने के बादि तुछे होस्टल जाने रहेंगे जीजाजी मुझे बेहन मान रहीं और हम
01:05:27है की पापी पापी
01:05:30का ऐसा क्या कर दिया तूने खीर जीजाजी को मैंने खीर बना कर नहीं खिला इसलिए मैं पापी hell rani
01:05:41॥म लिएयर नां टीक
01:05:46इसे क्या हो गया है लगता है इसे भी कोई मिल गया है चलो अच्छा है इसकी बिशाधी करवानेंगे ठीक
01:05:57है समझ में आ गया ना कल टाइम पर आना नमस्ते नमस्ते नमस्ते बेटा एस वुद तुम इदर आओ
01:06:07ये इतना असान है चार बार तो तुमको समझा चुका हो तुमको समझ में नहीं आ रहा है देखो ये
01:06:13देखो ये किया ये किया ये किया और ये रहा इसका आंसर इजी है तुमको समझ में नहीं आ रहा
01:06:21है जाओ
01:06:27नमस्ते मास्टर जी नमस्ते अब किसको अब अवित्र कर दिया क्या बताए मास्टर जी कल रात हमसे बहुत बड़ा पाप
01:06:37हो गया जो इंसान हमें अपनी बहन मानता है हम उसी के साथ
01:06:45हांडिया और जल लेने आई हो जी हम रुको मैं लाता हूं जी
01:07:00कि खीर बनाना तो याद है ना जी मास्टर जी शुक्रिया मास्टर जी नमस्ते नमस्ते
01:07:29कि बन गई खीर हां दीदी बन गई
01:07:36सुगन तो बहुत ही बड़िया आ रही है वो मिट्टी के हंडी में बनाई है न तो खुश्बू तो आएगी
01:07:45अरे ये खीर लेकर तुम कहां चली जीजा जी के दुकान पर आरे तो तुम जीजा जी के लिए
01:07:50रुक सकती हो वो रात में आएंगे तब खिला देना पाप जितने जल्दी दोल जाए उतना अच्छा है क्या मतलब
01:08:02बिल्ली इस सुगन से फिर से आ गई तो इस पार तो हम उसकी जानी ले लेंगे तो बिल्ली को
01:08:08मारने का पाप तो लगेगा ना दीदी ये बात तो है तो मैं
01:08:14ये खिर खिला के आती हो जीजाजी को सुन संभाल कर जाना ठीक है जी दीदी जा थी ये लड़की
01:08:24भीना सच में
01:08:31आज तो चमका देंगे हमारे ओटो रानी को अरे आईये मैडम जी आईये एक बात हमको समझ में नहीं आती
01:08:43हम
01:08:43जब भी कही बहार जाने क्ली निकलते हैं तुम अपनी आटो लेकर यहां आ जाते हो
01:08:48का है न मैडम सुन्दर सवारी इधरी मिलता है इसलिए हम और हमारा आटो सवारी के इंतिजार में खड़ा रहता
01:08:57है क्या समझे संजे मिश्रा का दुकान पता है
01:09:00अरे मैडम जी इस गाओं में ऐसा कोई दुकान मकान नहीं है जो पपू जी नहीं जानते हैं
01:09:05हां तो चलो अच्छा एक बात बताईए बहुत बढ़िया खुसबू आ रहा है का है इसमें खीर अरे तो खेर
01:09:15हमें भी खिलाईए तुमारे लिए नहीं है हमारे जीजाजी के लिए जीजाजी के लिए ठीक है खुसबू बहुत बढ़िया है
01:09:22वैसे हमें भी खिलाएगा कभी
01:09:23सेैंने चलते हैं
01:09:27रुको रुको रुको रुको रुको किया है यह क्ला इस आपके लिए खीर बनाई है
01:09:39वहां कрем मखना एक बद शक्ड़ लीजियों बहुत पिजा वन्युन स्बाएं आपके लिए
01:09:50हुर्म
01:09:51बधी स्वाद केरहे हुशy
01:09:53जो एंदर चलका और घैफ
01:09:54जो
01:09:59जब
01:10:00जूट
01:10:00भाई
01:10:00अ
01:10:00अ
01:10:11हा
01:10:18अरे पापरी अब मैं क्या करूंगी अब तो वो पपो भी मेरे सपने में आ गया
01:10:27लगता है हमें मास्ट्या जी के पास जाना पड़ेगा अगर ऐसा ही चलता रहा तो तो मुझे बहुत लोगों को
01:10:35खीर खिलाना पड़ जाएगा
01:10:38हाहाई अ हाहाई अ
01:11:08लो
01:11:14जी भर के खालो खीर
01:11:49सबजी मंदी चलोगे नहीं जाएंगे सबजी मंदी जाओगे नहीं जाएंगे सबजी मंदी जाओगे
01:12:09मास्टर जी वो जल जरा अधिक दे दीजेगा और वो हांडी भी मत दीजेगा हम कुमार से खरीद लेंगे बार
01:12:16बार आपसे मांगना हमें अच्छा नहीं लगता
01:12:19इस जल की एक बूंद भी ना खीर में डालोगी तो वो शुद्ध हो जाएगे
01:12:26अच्छा तो ठीक है ये लो हांडी भी ले जाओ ले लो धन्यवाद मास्टर जी
01:12:38अच्छा ये बताओ तुम्हें ऐसे वास्तना भरे विचार आते कहां से है अब क्या बताए मास्टर जी हमने किताब खरी
01:12:49दिये
01:12:49मन चली रात रानी के साथ हम जब भी उसे पढ़ते हैं हमें ऐसे ऐसे सपने आते हैं तो फिर
01:12:57एक काम क्यों नहीं करते हैं उस किताब को नश्ट क्यों नहीं कर देती ना रहेगा बास ना बज़ेगी बासरी
01:13:06हां हां ठीक है मास्टर जी मैं आज ही उसे नश्ट कर दूंगी धन्यवाद मास्टर जी धन्यवाद
01:13:16कि ऐसा गंदा साही ते लिखता कौन है और लिखकर उसे प्रकाशित कौन करता है
01:13:42कि थाइब नश्ट
01:14:17जड़े पुड़े पुड़े पुड़े लें लेगा सहां है
01:14:57अरे बताओ
01:15:04अरे बताओ
01:15:15कमापीन
01:15:17करेके एकाप लेन
01:15:17Internet
01:15:20अरूपन
01:15:21की शलबन
01:15:41झाल झाल