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  • 12 minutes ago
जानिए महाभारत की सबसे रहस्यमयी मयसभा का सच, जिसका निर्माण असुर आर्किटेक्ट मय दानव ने पांडवों के लिए किया था और जहाँ दुर्योधन पानी को थल समझकर गिर गया था।
Transcript
00:00Isis Mace Abhay ka voh khaufnaak dham jisne duryodhan ko Maha Bhark Yudh ke liye mazburu kiya.
00:06Khandav 1 dehen ke baad, Asur Shilpi Maidhanav ne paandavon ke liye is Adbhut Maayabhi mehal ka nirmand kiya tha.
00:13Jahan mehal saadharan nahi tha, yahaan pani aur jamine ka aisa khayel tha ki bade-bade gyani bhi dhokha kha
00:20jate thae.
00:21Jab Hastinapur ke Rajkumar duryodhan is bhavya raja sui yagya me pahunche, to inki aaakhye chondhiyya gahi.
00:28पर्ष इतना चमकदार और साफ था कि दुर्योधन को भ्यम हुआ कि वहां ठोस जमीन है या गहरा पानी। जहां
00:35पानी था वहां उन्होंने पैर बढ़ा दिया और जहां सूखी जमीन थी वहां अपने वस्त्र समेट लिये। अचानक धडाम से
00:42गिरते ही महल के गलियारों में �
00:45गूंज उठा एक उफास और हसी का जोरदार शोर। तभी द्रॉपदी की एक टिपणी ने मानों उनके जलते हुए अहंकार
00:52मिघी का काम कर दिया। कहा जाता है कि अंधे का पुत्र अंधा जैसी उस प्रसिध टिपणी ने कुरुक्षेत्र के
00:59बीज बोदिये थे। एक ध्
01:00अंधे चक्रवियो और विनाश की ऐसी आग जलाई जिससे पूरा आर्यावर्थ धर्रा उठा। ऐसी ही अनसुनी पौरानेक रहसियों की गाथाओं
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