00:00Isis Mace Abhay ka voh khaufnaak dham jisne duryodhan ko Maha Bhark Yudh ke liye mazburu kiya.
00:06Khandav 1 dehen ke baad, Asur Shilpi Maidhanav ne paandavon ke liye is Adbhut Maayabhi mehal ka nirmand kiya tha.
00:13Jahan mehal saadharan nahi tha, yahaan pani aur jamine ka aisa khayel tha ki bade-bade gyani bhi dhokha kha
00:20jate thae.
00:21Jab Hastinapur ke Rajkumar duryodhan is bhavya raja sui yagya me pahunche, to inki aaakhye chondhiyya gahi.
00:28पर्ष इतना चमकदार और साफ था कि दुर्योधन को भ्यम हुआ कि वहां ठोस जमीन है या गहरा पानी। जहां
00:35पानी था वहां उन्होंने पैर बढ़ा दिया और जहां सूखी जमीन थी वहां अपने वस्त्र समेट लिये। अचानक धडाम से
00:42गिरते ही महल के गलियारों में �
00:45गूंज उठा एक उफास और हसी का जोरदार शोर। तभी द्रॉपदी की एक टिपणी ने मानों उनके जलते हुए अहंकार
00:52मिघी का काम कर दिया। कहा जाता है कि अंधे का पुत्र अंधा जैसी उस प्रसिध टिपणी ने कुरुक्षेत्र के
00:59बीज बोदिये थे। एक ध्
01:00अंधे चक्रवियो और विनाश की ऐसी आग जलाई जिससे पूरा आर्यावर्थ धर्रा उठा। ऐसी ही अनसुनी पौरानेक रहसियों की गाथाओं
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