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  • 1 minute ago
सवाईमाधोपुर. शहर में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की एक बड़ी योजना भवन के अभाव में लंबे समय से अटकी है। वर्ष 2021 की बजट घोषणा में जिला अस्पताल के लिए स्वीकृत 150 बेड का नया अस्पताल अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के संचालन के लिए करीब 70 कार्मिक अपनी ड्यूटी भी ज्वाइन कर चुके हैं, लेकिन अस्पताल भवन उपलब्ध नहीं होने से न तो मरीजों को इसका लाभ मिल पा रहा है और न ही स्वीकृत चिकित्सा संसाधनों का उपयोग हो रहा है। अब इस अटकी हुई योजना को शुरू कराने के लिए पुराने शहर में विकल्प तलाशने की पहल की गई है।

इस संबंध में राजेश गोयल (राजू चक्की) और भाजपा प्रवक्ता विष्णु अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल को पुराने शहर में स्थापित कराने की मांग उठाई है। इसमें बताया कि पुराने शहर में तहसील के पास कई पुराने और क्षतिग्रस्त सरकारी भवन मौजूद हैं। इन भवनों का नवीनीकरण और आवश्यक मरम्मत करवाकर यहां अस्पताल संचालित किया जा सकता है। इसके लिए पूर्व में स्वीकृत 150 बेड के अस्पताल का स्थान और नाम परिवर्तन कर इसे पुराने शहर में स्थापित कराने का सुझाव दिया है।
70 कार्मिक तैयार, लेकिन मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
अस्पताल की स्वीकृति के बाद चिकित्सा विभाग की ओर से इसके संचालन के लिए करीब 70 कार्मिकों की नियुक्ति और कार्यग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद भवन की व्यवस्था नहीं होने से अस्पताल शुरू नहीं हो सका। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अस्पताल के लिए बजट में घोषणा हो चुकी है और कार्मिक भी उपलब्ध हैं तो आखिर भवन के अभाव में इतनी महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा कब तक अटकी रहेगी।
पुराने शहर को मिल सकती है बड़ी चिकित्सा सुविधा
पुराने शहर में अस्पताल स्थापित होने से यहां के लोगों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में पुराने शहर के निवासियों को चिकित्सा सुविधाओं के लिए अन्य अस्पतालों तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में तहसील के पास उपलब्ध पुराने भवनों का उपयोग कर अस्पताल शुरू करना एक विकल्प हो सकता है। इससे आसपास के मोहल्लों के लोगों को राहत मिलने के साथ क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
विधायक ने भी विभाग को लिखा पत्र
मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री व विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। अब देखना होगा कि विभाग पुराने शहर में उपलब्ध सरकारी भवनों की स्थिति का आकलन कर इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है। यदि पुराने भवनों का नवीनीकरण कर अस्पताल शुरू करने का रास्ता निकलता है तो वर्षों से अटकी 150 बेड की चिकित्सा सुविधा को धरातल पर उतारने में मदद मिल सकती है।

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