00:04नबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सहीद दंसारी स्वागत है आपका कूट नेती में
00:17क्या हो जब अमेरिका या दुनिया के किसी विदेश में चुनाफ कोई और लड़े और लोगों के दिमाग में हवा
00:24कोई और भर रहा हो
00:25सोचिए अगर किसी राजनितिक कैंपें में रैलियों भाषनों से अधिक खेल फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स जूटे विडियो गुपत विज्यापनों से
00:33खेला जा रहा हो
00:34और इसे करने वाले लोग वहां से हजारों किलोमीटर दूर भारत में बैठकर ऑपरेट कर रहे हैं
00:55केनिया से लेकर अमेरिका तक नकली सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर गुपत पेमेंट तक आईए बताएं आपको इस ग्लोबल शेडो
01:03इलेक्शन के खेल का पूरा सच
01:06अल जजीरा की एक बड़ी इन्वेस्टिगेशन ने इस बात का परताफाश किया कि कैसे कुछ भारती राजनितिक ऑपरेटर भारत के
01:15बाहर के देशों में चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं
01:17इनके तरीके खुले में नहीं होती, कोई बड़ी रैली नहीं होती, कोई आधिकारी घोशना नहीं, इनके जगहा होती है, गुमनाम,
01:27सोशल मीडिया, आकाउंट्स, एडिट किये गए वीडियो, ब्रामक, पोस्ट्स और चुपचाप पहलाई जाने वाली खबरे, उदेश �
01:33साफ, वोटर्स जो देखे और माने, उसे अपने हिसाब से मोर दो, खेल सिर्फ अमेरिका का नहीं, अफरीका तक पहला
01:41है, केनिया से एक चौकाने वाली खबर आई, 22 साल के एक डिजिटल कुरियेटर ने कहा, वो विलियम रूतो के
01:482022 के रज़पती कैंपेन के लिए, सोशल म
02:02निताओं की भाशनों को इस तरह से काटना चाटना कि उनका मतलब बदल जाए, और रूतो के समर्तन में जूटे
02:08दावे वाले पोस्टर भी बनाना, विलियम रूतो चुनाफ जीत गए, लेकिन इस दोरान महिला निताओं की छवी खराब करने के
02:14लिए भी ऐसे ही फरजी अक
02:30अकाउंट्स शक के घेरे में, और इस बार फोकस है मिशिगन, अगस्त की प्राइमरी से पहले, डेमोक्रेट नेता हैले स्टीवन्स
02:40के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक कॉडिनीटिट कामपेइन चलाया गया, एक्स यानि की ट्विटर पर कम से कम 28
02:46अकाउंट्स ऐसे मिले
02:47जो लगातार स्टीवन्स के समर्थन में वीडियो शेयर कर रहे थे, जिनें साथ मिलियन सैदिक व्यूज मिले थे, जाच में
02:53पता चला कि इन में से कम से कम 15 अकाउंट्स सीधे भारे से चल रहे थे, क्लैमसन यूनिवरसिटी के
03:01रिसरचर्चर्स ने इसकी पुष्टी कर दी
03:02हालां कि इसके बावजूद हैली स्टीवन्स चुनाव हार गई, लेकिन इस खुलासे ने अमेरिका की राज़नीती में विदेशी डिजिटल आपरेडियोस
03:11के दखल पर एक बड़ी बहत छोड़ दी
03:14और ये कहानी सिर्फ एक देश या चुनाव की नहीं, बलकि एक ऐसे ग्लूबल इंडस्ट्री की है जो अफ्रीका, साउथ
03:21अबेरिका, नेपाल, श्रिलंका, आस्ट्रिलिया से लेकर जर्मनी तक फैला है
03:26हमारे देश का चुनाव तंत्र दुनिया के सबसे बड़े और जटल तंत्रों में से एक हमारे देश के चुनाव प्रबंधों
03:34के पास डिजिटल रीच और बड़े पैमाने पर कंटेंट तैयार करने का जो अनुभव है वही आज विदेशों में सबसे
03:40बड़ा सेलिंग पॉ
03:54छिपे हुए निट्वोर्क, फर्जी पहचान, भामक सामगरी के तम पर जन्नता को ये बताए बिना चल जाते हैं कि इसके
04:02पीछे असल में है कौन
04:04और सबसे मज़िदार बात तो ये है कि सोशिल मीडिया कंपनीज की कड़े नियम है, मेटा, गूगल, फर्जी आईडी या
04:11बिना वेरिफिकेशन के विग्यापन पर रोक लगाते हैं लेकिन कंसल्टेंट से इसका भी तोड़ निकाल लेते हैं
04:16कैसी?
04:19लोकेशन चिपाने के लिए वीपियन का इस्तमाल, विग्यापन ऐसे दिखाए जाते हैं जैसे वो किसी दूसरे देश से चल रहे
04:25हूं
04:25और बात पैसों की तो बिना ये बताए कि फंड कहां से आ रहा है हवाला या दिली के चानी
04:31चौक जैसी जगों से कैश कलिक्शन के द्वारा पैसा आप तक पहुँच गया
04:35लेकर इस पूरी कहानी का सबसे डरावना पहलू ये है कि केनिया में रूतों के कैमपेंड के लिए काम करने
04:41वाले दू भारती कंसल्टेंट्स जुलाई 2022 में संदिक दवस्था में गायब होएं
04:47औक्टोबर में उनकी लाश्य मिले
04:49रिपोर्ट के अनुसार उनने केनिया पुलिस नहीं पकला या अपहरन किया
04:55आलांकि बाद में अदालत में मामला बंद कर दिया
04:58ये घटना उन छिपे हुए ऑपरेशन्स के जोखिम को बया करती है
05:02जहां काम करने वालों को ये नहीं पता होता कि उनका असली आका उनका बॉस उनकी कमपनी कौन है
05:11अमेरिका में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच भी सबसे बड़ा सवाल यही
05:14कि क्या लोकतंत्र अब जनता के नेने से चलेगा
05:17या पर्दे के पीछे बैठी इन अद्रिश शक्तियों से जो स्क्रीन के पीछे से पूरी दुनिया की राजनीती चला रही
05:25जब चुनाव ग्लोबल हो तो पारदर्शिता पर सबसे बड़ा खत्रा मंटराने लगता है
05:31लेकिन इस तरह के जो क्रियेटर्स हैं उनकी जान पर उससे भी बड़ा खत्रा जैसे इन दो भार्दियों की हत्या
05:40या इनका खायब होना और बाद ने इनकी लाशे में लाशे में
05:45मेरीत में आज के लिए बस अतना ही आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रहिए आज तक