00:00बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मुरासू दक्षिन भारत के तट्या इलाकों के लिए बड़ी मुसीबत बन कर आया
00:06है।
00:07आंद्रप्रदेश के तट पर स्तूफान ने दस्तक दी जहां हवा की रफ्तार 110 किलोमेटर प्रती घंटे तक पहुँच गई।
00:37मुसम विभाग ने आंद्रप्रदेश के तटिया इलाकों के साथ तमिलनाडू, ओडिशा और आसपास के राजियों में भी भारी बारिश को
00:44लेकर अलर्ड जारी किया था।
00:46दरसल चक्रवाती तूफान मुरासू बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मद्ध हिस्से में सक्रिया हुआ था।
00:52दो नेविंबर को ये गंभीर चक्रवाती तूफान यानि की सीवियर साइकलोन स्टॉम में तबदील हो गया।
01:27इसके बाद 3 नवंबर की तड़के मुरासू ने अंदरप्रदेश के उंगोल की तड़ पर लैंडफॉल किया।
01:33लैंडफॉल के दौरान तेज हवाउं और बारिश ने तड़िया इलाकों को प्रभावित किया।
01:37तूफान का असर सबसे पहले परिवहन व्यवस्था पर दिखाई दिया।
01:41इस खबर पर देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।
02:11और तिरुपती से तीन उड़ाने रद की गई।
02:13यात्रियों को एरलाइन से संपर्क करके अपनी उड़ान की स्थिती की जानकारी लेने की सलह दी गई।
02:19चेन्नाई एरपोर्ट पर भी खराब मौसम के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ और कुछ फ्लाइट्स रद करनी पड़ी।
02:26अब बात चेन्नाई की जहां चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी थी।
02:56के लिए नगर निगम की टी में तैनात की गई ताकि जरूरत पढ़ने पर पानी निकालने का काम तीजी से
03:02किया जा सके।
03:03मुरासो का खत्रा केवल आंद्रप्रदेश और तमिलनाडू तक सीमित नहीं था।
03:07ओडिशा की दक्षणी जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई।
03:10गंजाम, गजपती, रायगडा, कोरापुट और मलकान गिरी जैसे जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया।
03:17खास बात ये थी कि ओडिशा के कुछ इलाके इससे पहले आय चक्रवात अर्नब के असर से उभरने की कोशिश
03:23कर रहे थे।
03:24ऐसे में एक और चक्रवाती तूफान की चेतावनी ने प्रशासन और स्थानिये लोगों की चिंता बढ़ा दी थी।
03:30निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों कर पहुँचाने की तैयारी की गई और आपदा प्रबंधन की टीमों
03:36को सतर्क रखा गया।
03:38आंध्रप्रदेश सरकार ने भी तूफान से निपटने के लिए बड़े स्तरपर तैयारियां की थी।
03:43मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नाइडू ने अधिकारियों को अलोट रहने और जानमाल की नुकसान को कम से कम रखने के निरदेश
03:49दिये थे।
03:50बिजली व्यवस्था को लेकर विशेश तैयारी की गई, अधिकारियों के मुताबिक बिजली के खंबो और जरूरी उपकरणों को प्रभावित होने
03:57वाली इलाकों में भेजा गया था, ताकि तेज हवाओं से बिजली के पोल गिरने या सप्लाई बाधित होने की स्थिती
04:03म
04:03जल से जल मरमत की जा सके, तमिलनाडू और करनाटक की ओर से भी बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए
04:09करमचारियों और आपातकालीन सहायता की पेशकश की गई, मुरासों के दोरान सबसे बड़ा खत्रा निचले तटिये इलाकों में रहने वाले
04:17लोगों के लिए था, �
04:29तेज हवाओं के कारण पेड, बिजली के खंबे और कमजोर निर्मान गिरने का खत्रा भी रहता है। इसी वज़ा से
04:35प्रशासन ने लोगों से समुद्र के किनारे जाने और अनावश्यक यात्रा करने से बचने की अपील की थी, मचवारों को
04:41भी समुद्र में न जाने की सल
05:12दी गई थी।
05:14इस पूरे घटना क्रम ने एक बार फिर दिखाया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान किस तरह
05:20कुछी घंटों में कई राज्यों की जिंदगी प्रभावित कर सकते हैं।
05:42प्रभावित इलाकों में बिजली और यातायात विवस्था बहाल करना, जल भराव दूर करना और लोगों को सुरक्षित रखना है।
05:49ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखना और प्रशासन की सलाह का पालन करना बेहत जरूरी है।
05:56बार लोगों की चेतावनियों प्रशासन की चेतावनियों प्रशासन की चेतावनियों तो अजर रखना है।
06:17Download the OneIndia app now