00:00नमस्कार मैं हूं शम्स काहरखान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03एक शक्स को लगता था कि ससुराल वालों की वज़ा से उसका घर तूट रहा है
00:08इसी वज़ा से उसकी बीवी उससे जगड़ा करती है
00:11बस इसी के बाद उसने खतरनाक फैसला किया
00:15फैसला पूरे ससुराल को खत्म कर देने का
00:19शुरुवात बीवी के गत्ल से की
00:21और इसके बाद अगले 15 से 20 दिनों में किष्टों में एक एक कर साथ लोगों का गत्ल किया
00:29और सभी की लाशे बैंगलूरू के अलग-अलग इलाकों में फेंक दे
00:38ये बैंगलूरू की एक कार है कार के अंदर बहुत सारे अखबार
00:44कार के पीछे शीशे पर प्रेस लिखा हुआ है
00:47दरसल इस कार का मालिक एक अखबार निकालता है
00:51अखबार का नाम है थाना वरादी
00:54अब इसी कार को एक बार फिर से आपको दिखाता है
00:57ये प्रिस या अखबार सब भूल जाए है
01:00अब आगे की कहानी ये है
01:02कि इसी कार में 15 से 20 दिन के अंदर
01:05किष्टों में एक एक करकुल साथ लाशों को
01:09शहर के अलग-अलग इलाखों में ठिकाने लगाया थे
01:14इन साथ लाशों को ठिकाने लगाने वाला
01:17कोई और नहीं इसी कार या कैप का ड्राइवर
01:20या इसी अखबार का मालिक इंदू-शेखर है
01:23ये है वो इंदू-शेखर
01:26इसे एक इंदू-शेखर ने पूरे 15 से 20 दिनों के अंदर
01:30अपनी पत्म, दो साले, दोनों सालों की भीविया
01:34एक साले के साथ साल के बच्चे और अपनी सास को
01:38इसी स्टोन ड्राइंडर यानि सिल्बटे से एक एक कर किष्टों में कतल कर दिया
01:47ये बैंगलूरू का 59 क्रॉस राजा जी इनगर इलाका है
01:51और इसी इलाके में ये एक घर है
01:54इस घर में इन्दु शेखर अपनी पत्नी सुनीता और एक बेटी के साथ रहता है
01:59इन्दु कुमार और सुनीता की शादी गरीब 20 साल पहले हुई थी
02:03लेकिन पिछले कुछ वक्त से पती पत्नी में जगड़ा चल रहा था
02:07इन्दु शेखर इस बात से नाराज रहता था
02:10कि उसकी पत्नी सुनीता के उपर उसके माइके का काफी असर है
02:14वो हमेशा अपनी माँ दोनों भाईयों और भावियों से बातें किया करती थी
02:19इन्दु शेखर को लगता था
02:21कि उसके ससराल वाले उसके घर के महौल को खराब कर रहे
02:25और उन्हीं की सिखाई बातों के चलते सुनीता उस से लड़ती है
02:30धीरे धीरे इन्दु शेखर को अब अपने ससराल वालों से नफरत होने लगता
02:34इसी के बाद उसने खतरना फैस्ला किया
02:41चार नवंबर को सुनीता की भावी नलनी की माने
02:44शेराम पूरा थाने में एक रिपोर्ट लिखाई
02:46रिपोर्ट नलनी की गुम्शुदगी की थी
02:49इसी मिसिंग रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जाच शुरू की
02:52जब जांच शुरू की तो पता चला कि सिर्फ नलनी ही नहीं बलके इंदू शेखर का पूरा ससुराल ही गायप
02:59ज़िए
02:59सिर्फ दो लोग मौजूद थे एक इंदू शेखर और उसकी नावालिक बेट
03:05जांच के दोरान जब पुलिस ने इंदू शेखर से पूचताच की तब उसने बताया
03:09कि उसकी पत्नी सुनीता अपनी कुछ दोस्त के साथ शहर के बाहर घूमने गई
03:14लेकिन पुलिस को ये बात हजम नहीं हुए क्योंकि सुनीता का फोन भी बन था
03:19इतना ही ने इंदू शेखर के ससुराल के हर सदस्से का मुबाइल पर था
03:24अब पुलिस ने इंदू शेखर सक्ती से पूचताच शुरू था
03:28जैसे ही पूचताच शुरू हो फिर इंदू शेखर ने जो कहानी सुनाए
03:32वो कहानी सीधे साथ लाशों पर जाकर खत्म
03:36पर अभी तक सरफ इंदु शेखर बोल रहा था
03:39कहानी के सक्या जूट की तहकीकात होनी बाकी थी
03:42पिर इंदु शेखर शेहर के बाहर एक पहाड़ी इलाके का पता देता है
03:47पुलिस इंदु शेखर के बताय ठिकाने पर पहुँचती है
03:50और कहानी के सच्छोने का पहला सबूत बलता है
03:54सबूत पहली लाश की शक्र
03:56ये लाश इंदू शेखर के साले
03:59शिफ कुमार के साथ साल के बेकर पुनित की थी
04:07स्रीरामपूरा पुली स्टेशन लिमिट्स में
04:10पैंगलोर सिटी में एक मिसिंग केस रिष्टर हुआ था
04:14तुंगमा कम्प्लेनेंट के दौरा
04:16उनके दौरा ये कहा गया कि हमारे घर के कुछ सदस
04:19कुछ दिन से नापता है
04:22और उनको वो नहीं मिल रहे हैं
04:24और एक-एक करके और नापता हो रहे हैं
04:25और हमें आप पता गर के दीजिए
04:27इस केस को
04:29जब हमारी पुलीस इंविस्टिकेट करने लगी
04:31तो एक आदमी के बारे में
04:33हमें पता चला कि ये इनका रिलेशन है
04:34उनसे हमने इंक्वारी किये
04:38वो हमारे वो जो है
04:39वो राजर जीनगर पुलीस टेशन में है
04:41लिमिट्स में है उसका घर
04:42ये एक्यूजड जो है
04:45वो अपने इंट्रोगेशन में
04:47उसने कभूला है कि
04:49अपनी वाइफ और उनके
04:51छे और रिलेशन्स
04:52को पंदर से बीस दिन के अंतर में
04:55एक एक करके उसने मार दिया है
04:58पहली लाश ने
04:59कहानी साफ कर दी थी
05:00अब दर इस बात का था
05:02कि इंदुशेखर की सस्वाल से गाय
05:04बाकी छे लोगों का हश्र भी
05:06सत्मुच ऐसा ही तो नहीं हुआ
05:09इंदुशेखर ने अब पुलिस को
05:11पूरी कहानी बताई
05:12कहानी इस मास मडर की
05:14यानि सामोहे खट ट्याकान की
05:16यानि साम गतले थी
05:22अंदुशेखर के मताबक सिदंबर के तीसरे हफते में
05:25सबसे पहले उसने अपनी पत्नी सुनीता का
05:28गतले किया
05:28सुनीता का कटले करना उसके لिए आसान था
05:32क्यूआगी वो उसी के साथ
05:33इसी घर में रहती थी
05:35एक रात उसने घर में रखे सिल्बटे से
05:38सुनीता के सिर पर हमला कर उसे मार डाला
05:40इसके बार लाश को कपड़ों में लटेट कर
05:43अपनी इसी गाड़ी में डाला
05:45फिर शहर से दूर पहाड़ी इलाके में ले जाकर
05:48लाश फैंके पिर पूरे घर की केमिकल से सफाई की खून के निशान मिटाए अगले दिन उसने पडोसियों और रिश्चेदारों
05:56को बताया
05:57कि सुनीता अपनी कुछ दोस्तों के साथ खूनने के लिए शहर से बाहर गई
06:01सभी ने मान लिया कि सुनीता बाहर गई और किसी ने इंदुशेखर पर शक तक नहीं किया
06:08अब इंदुशेखर कुछ दिन भी जाने का इंतिजार करने लग अगला शिकार करने के लिए
06:14फिर कुछ दिन बाद उसने अपने दोनों सालिक शिफकुमार और शंकर को एक शाम पाटी के नाम पर खर गुलाए
06:21दोनों के साथ शराब भी जानबूच कर दोनों को ज्यादा पिलाए
06:26फिर मौका पाते हैं इसी सिल्बटे से पलग जपकते ही दोनों के सिर पर जोड़दार हमला कर दिया
06:33फिर दोनों की लाश अलग अलग कपड़ों में लपेटी उन्हें इसी कार में डाला और फिर शहर के दूर एक
06:40दूसरी दिशाम सुनसान जिगे पर ले जाकर दोनों लाशें ठिकाने लगा थी
06:45वापस खर आया फिर से खूल साफ गिया केमिकल से घर के कौने कौने की सफाई थी अब तक तीन
06:52पतल हो चुटे थे पर अभी गिंती बढ़ने वाली थी
06:57इंदुशेखर को मालूम था कि पहले सुनीता और अब उसके दोनों भाईयों की गमशुदगी की बात ज्यादा वक्त तक घरवानों
07:04से छुपी नहीं रहेगी
07:05इसलिए दोनों सालों की गमशुदगी के बात करने के लिए अब उसने बहाने से शिफकुमार और शंकर की पत्न दिव्या
07:14और नल्नी को अपने इसी घर में बुलाया
07:17फिर मौका देखते ही इसी सिल्वट्टे से एक एक कर दोनों को माढ डारा फिर लाश घर से निकली और
07:24इसी गारी से होते हूँ बैंगलूरू के एक अलग सुल्सान ठिकाने पर पहुंचे लाश को ठिकाने लगाया वापस घर आया
07:32फिर वही सफाई और सबूतों की धुलाई
07:47जाना मुजची और सबीटल को मुझने और शोज़ खूर उडशी एक के प analogy टोन Use of murder is prepland
07:49and murdered close to around seven people who are relatives of his wife from the wife side. So the investigation
07:59is on its too early to say, but it appears to be that he has been he claims to have
08:06been subjected to humiliation from his wife side, but it's definitely a twisted mind that is done the job.
08:30अब इन्दू शेखर की सास रूपवती और शिपकुमार का बेटा पुनित बचा था परिवार के सदस एक एक कर गायब
08:39हो रहे थे
08:39रूपवती भी परिशान थी उसी परिशानी का फाइदा उठाकर इस बार इन्दू शेखर ने रूपवती को अपने घर बुलाया
08:48रूपवती साथ साल के अपने पोते पुनीत के साथ आ गए अन्जाम फिर मही
08:53इसी सिल्बटे से इस बार रूपवती और पुनीत का कतल होता है
08:58फिर इसी घर से रात के अंधेरे में दो लाशे निकलती है
09:01फिर ये गाड़ी शहर के बाहर सुनसान जगे के चक्कर काटती है
09:05और फिर दो लाशे बैंगलूरू के बाहर ठिकाने लगा दी जाती है
09:10इस तरह अब तक साथ पतल हो चुके थे
09:13इंदुशेखर की पत्मी सुनीता का पूरा खांदा खत्म हो चुका था
09:19यह क्यों मारा है कैसे मारा है इसके बारे में पूछता जारी है
09:23बट सारे अंके रिलेशन्स है जिसमें एक माईनर भी है
09:28अभी के प्रोलिस के दो पॉर्गरेश के हिसाब से एक माईनर का डेट वोड़ी वह में मिला है
09:37बैंगलोर के आउट्सकर्ट्स लिमिट से और छे डिड़ बाड़ी मिलने बाकी है
09:41एक्यूस्ट बता रहा है कहां पे है उसको हमारी टीम ले जाएगी वहाँ वहाँ
09:46क्योंकि पुलिस कस्टडी में लेके वह एविडेंस हमारा क्रूशल एविडेंस रहेगा
09:50ये क्यों हुआ हादसा क्यों इस तरह का इतना बड़ा अन्जाम में उसने दिया बड़े क्राइम को
10:00इसके बारे में अभी इंवेस्टिकेशन बहुत बाकी है
10:04हमारी क्राइम टीम सोको टीम और पॉस्मॉर्टम के अनलिसेस के बादी
10:19है इक हैरानी की बात ये थी कि और साथ के साथ قतल अपने इसी घर में गिया एफूरिया अपने
10:39मगा दूस करे घूना है
10:39है भीया भी थी है
10:39और हर कतल के वक्त उसकी नावालिक बेटी घर में मौजूद थी यानि वो हर कतल की चश्मदीत थी पर
10:46क्या सिर्फ चश्मदीत थी या फिर वो भी इस मास मडर में अपने पिता के साथ शामिल थी फिलहाल अभी
10:53ये साफ नहीं हो पाया लेकिन पुलिस इस एंगल से भी इंद�
11:09इसकोज करने में या कहां तक उसका रूल है कुछ अभी पता चले क्योंकि उस घर में केवल पहले उसने
11:15अपनी वाइफ को मारा कुछ दिन के बाद ये दोनों अकेली रहते थे तो वो भी इसमें हेल्प क्योंकि वो
11:21माइनर है और इतना बड़ा हाथसा हो गया है तो उससे हम
11:39हर लाश को एक दूसरे से अलग और दूर शहर के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा है इसलिए एक
11:46बड़े हिस्से में लाश की तलाश में वक्त लग रहा है पर पुलिस को उमीद है कि लाश की खोज
11:52के लिए जितनी बड़ी टीमें लगाई गई है उससे बहुत जल्�
11:57उन लाशों का सुराम मिल जाएगा पुलिस इंदू शेखर के इतिहास में भी ज्हांकने की कोशिश कर रही है ये
12:05भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठाने की रिपोर्ट छापने वाला अख़बार यानी ठाना वरादी निकालने
12:12वाला इंदू शेखर कैड ट्रै�
12:26साथ कतल करने का ख्यार उसे सबसे पहले कब और कैसे आए
12:31एक बार सभी लाश बरामत हो जाए
12:34इंदु शेखर की बेटी का सच सामने आ जाए
12:37तब कहीं जाकर इस संसनेखे सामोही खत्याकान
12:41यानि मास मडर की सारी छोटी छोटी जानकारिया सामने आपाएगी
12:46तब तक इंतिजार कीज़े सगैराच बैंगलूरू आज तक
12:54बैंगलूरू में कुछ वक्त पहले एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर
12:59माबाब और अपनी बहन का कतल कर दिया
13:02उसने ये तीनों कतल इसलिए किये ताकि घर के सारे पैसे उसके हिससे आ जाए
13:08तीनों कतल करने के लिए उसने एई आई की मदद दी थी
13:12सीसी टीवी कैमरे में कैद इस लड़की का नाम शोयता है
13:1624 साल की शोयता के साथ आगे आगे चल रहे इस लड़के का नाम कैनेट
13:2125 साल का कैनेट और शोयता दोनों पिछले काफी वक्त से बैंगलूरू के
13:26इसी साई ग्रीन होम अपार्टमेंट में रह रहे दोनों ही अच्छे परिवार से हैं
13:31शोयता के पिता सोमा सुंदर एक मल्टी नेशनल आई टी कमपनी में नौकरी करते हैं
13:37जबकि कैनेट के पिता एरक्राफ्ट बनाने वाली एक पी एस यू में नौकरी करते हैं
13:42खुद शोयता बैंगलूरू के एक आई टी कमपनी में काम करती थी जबकि कैनेट भी टेक कमपनी से जुड़ा हुआ
13:48था
13:48बीच में शोयता की नौकरी चली गए तब उसने अपनी मां मुथू लक्षमी से 50 लाख रुपए उधा लिये थी
13:55ये पैसे उसने अपने लिविन पार्टनर केनित पर खर्च कर दी अब शोयता को लगा कि उसकी मां पैसे वापस
14:02मांगेगी पर पैसे उसके पास थे नहीं और वो उसे लोटाना भी नहीं चाहती थी
14:07बस इसी 50 लाख रुपए के लिए एक बेटी ने अपने लिविन पार्टनर के साथ मिलकर अपने पूरे परिवार को
14:14ही मां डालने का फैसला किया
14:16परिवार में मां मुथू लक्षमी के अलावा शोयता के पिता सूमा सुन्दर और छोटी बहन सुपरिया थी
14:27माबाप और बहन को मारने का फैसला शोयता और केनत छे महीने पहले किया था
14:33इसके बाद पिछले छे महीने से दोनों इस बात की प्लैनिंग कर रहे थे
14:37कि एक साथ तीन तीन कतल कैसे किया जाना
14:41अब चुकि दोनों टेकनलोजी के माहिट थे लहाजा फुल प्रूफ ट्रिपल मडर के लिए
14:46उन्होंने टेकनलोजी की ही मडर लेने का फैसला किया
14:49और इसी के बाद इनकी साज़श में AI की एंट्री होती है
14:54AI इसलिए कि वो राज़दार बन सकता था
14:57जो इनसानों की तरह धोका नहीं देता
15:00वो राज़ फाश करता ना अपना मूँ खुलता
15:03और बस यहीं से AI से तीन कतल के तरीके
15:06और फिर पुलिस से कैसे बचा जाए
15:09उसके जवाब पूछने शुरू कर दिये
15:13जानते हैं शुहता और केनित
15:14ने AI से कौन कौन से सवाल पूछे थे
15:17तो सुनिए
15:18तीन लोगों का मडर एक साथ कैसे किया जाए
15:21वो कौन सा केमिकल है
15:23जो खून के धबों को मिटा देता है
15:25कतले के बार लाश की पैकिंग कैसे की जाती है
15:29लाश को घर के बाहर कैसे ले जाया जाता है
15:32घर के अंदर कोई हमला करे
15:34तो उसका सामना कैसे किया जाए
15:35क्या क्लाउट किचन के लिए बनाई गई भट्टी में
15:39लाशों को जला कर सबूर मिटाए जा सकते है
15:45पूरे छे महीने तक AI टूल की मदद से
15:47शोयता और केनिट कतले के तरीके सीचे रहे
15:50फिर AI के बताए जवाब के हिसाब से ही
15:53केनिट ने इसी अपाटमेंट के अपने घर में
15:56एक आइच लाउट किचन तयार किया
15:58AI की मदद से ही उसने खुद से लोहे की भट्टी तयार किया
16:02दरसल केनित खुद अपना क्लाउट केचर शुरू करने की सोच रहा था
16:06जब सारी तैयारी मुकमल हो गए तब कतले की बारी आए
16:1322 जून को शोयता ने सबसे पहले अपनी मा को बहाने से
16:17साई गिरीन होम के सी अपार्टमेंट में मिलने के लिए गुलाया
16:20इस अपार्टमेंट के फ्लैट नमबर G03 में शोयता और कैनित साथ रहते थे
16:25इसी फ्लैट में मा के दाखिर होते ही कैनित और शोयता ने अचानक चाकूँँओं से मा पर हमला बोल दिया
16:32शोयता की मा पर दोनों ने चाकू के कुल 26 वार किये थे
16:38मा की मौत के थोड़ी देर बाद अब शोयता के पिता और चोटी बेहन को इसी फ्लैट में बुलाया जाता
16:44है
16:44इसके बाद अब उन दोनों पर भी उसी तरह चाकूँओं से अर्गिनत वार किये जाते है
16:50चाकू के वार के बाद शोयता और केनित को लगता है कि तीनों मर चुके है
16:54इसी के बाद घर में तीन लाशे छोड़ कर फ्लैट को बंद कर अब शोयता और केनित शोयता की मा
17:00के घर पहुँचते है
17:01वहां से जो भी कैश या जेवर मिलते हैं उन्हें समेट कर दोनों एक बैग में सारा सामान डाल पुडूचरी
17:09के लिए निकल जाते है
17:10बाइक पर ये तस्वीर उसी वक्त की है केनित और शोयता और शोयता के हाथों में एक बैग है
17:17लेकिन उधर शोयता और केनित के घर में होता ये है कि शोयता के पिता चाकू के अंगिनतवार के बावजूर
17:23जिन्दा बच जाते हैं
17:24किसी तरह रेंगते हुए वो घर के बाहर सीड़ियों तक पहुँचते हैं
17:29तब तक कुछ पड़ोसियों की नजर पड़ती है फिर वो पुलिस को खबर देते हैं
17:33पुलिस जब मौके पर पहुँची तो शोयता के पिता सूमा सुंदर जिन्दा थे
17:37वो सूमा सुंदर ही थे जिन्होंने पुलिस को पहली बार बताया
17:41कि उनकी पत्नी मुदूलक्षमी और बेटी सुप्रिया फ्लैट के अंदर है
17:45और उन तीनों पर उनकी अपनी ही बेटी शोयता और उसके दोस्त कैनित ने हमला किया
17:51बाद में पुलिस तीनों को फॉरण अस्पताल ले गे
17:54मुदूलक्षमी और सुप्रिया पहले ही दम तोड़ चुके थे
17:57अस्पताल पहुचने के बाद सोमा सुन्दर की भी मौत हो गए
18:04सगायराच पैंगलूरू आज तक
18:07तो वारदात में फिलाल इतना ही
18:09मगर देश और दुनिया की बाद की खबरों के लिए
18:11आप देखते रहे हैं आज तक