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Diwali Puja Muhurat 2026: हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. दीपावली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है. दीपावली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली आती है. आइए जानते हैं दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन मुहूर्त और पूजा सामग्री...Diwali Puja Muhurat 2026: Diwali Lakshmi - Ganesh Puja Me Kya Kya Saman Lagta Hai ?

Diwali holds special religious and spiritual significance in Hinduism. This festival is celebrated with great joy and devotion every year on the new moon day of the month of Kartik. Diwali is also known as the festival of lights. There is a special ritual for worshipping Goddess Lakshmi and Lord Ganesha on Diwali. According to religious beliefs, performing the rituals on this day brings happiness, prosperity, wealth, and well-being to the home. Let's learn about the auspicious time and method for worshipping Lakshmi and Ganesh on Diwali...Diwali Puja Muhurat 2026: Diwali Lakshmi - Ganesh Puja Me Kya Kya Saman Lagta Hai ?

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Transcript
00:02हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास की अमावस्यातिती को दीपावली मनाई जाती है
00:08साल दोहजार चब्रस में भी अमावस्यातिती आठ नवंबर को सुबह 11 बचकर 27 मिनट से शुर होकर 9 नवंबर को
00:16दोपहर 12 बचकर 31 मिनट तक रहेगी
00:19आठ नवंबर को प्रदोशकाल के दोरान अमावस्यातिती मौजूद रहेगी इसलिए इस साल दीपावली आठ नवंबर को मनाई जा रही है
00:27आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि दीपावली के दिन लक्ष्मी गनेश की पूजा का शुब मुहरत क्या है
00:35और साथ ही साल इस पूजा में आपको किन किन चीजों की जरुवत पड़ेगी
00:39गनेश लक्ष्मी पूजन का शुब मुहरत शाम पांच बचकर चोवन मिनेट से रात साथ बचकर पचास मिनेट तक रहेगा
00:47इस दोरान प्रदोशकाल और व्रशब काल का सयोग है
00:51इस समय पूजा करना सबसे शुब रहेगा
00:53खासकर के ग्रिहस्त परिवारों के लिए
00:56वही अगर बात करें व्यापारियों इवन संस्थानों की
00:59तो वहां वही खाता और चोपड़ा पूजन होता है
01:02जो कि कुम्ब लगन में होना चाहिए
01:04उसका समय दोपहर एक बचकर 27 मिनट से
01:07दोपहर दो बचकर 54 मिनट तक रहेगा
01:10वही जो सादक और तांतरिक अनुष्ठान करते हैं
01:12और मिशीत काल में पूजा करना चाहते हैं
01:15उनके लिए रात 11 बचकर 38 मिनट से
01:18देर रात 12 बचकर 31 मिनट तक का समय शुब रहेगा
01:22अब बात केरते ही दिवाली पूजन में किनकिन चीजों की आपको ज़रुत पड़ेगी
01:27मातालक्ष्मी और भगवान गनेश की प्रतिमाय तस्वीर
01:30रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, गंगाजल और शुदजल, मिट्टी वं धातु के दीपक, रुई की बत्ती, देशी घी या तेल,
01:39दूप बत्ती अगर बत्ती कपूर मार्चस, कमल का फूल, गेंदे के फूल, फूल माला दूर्वा, आमका पत्ता, कील बताशे
01:47मिठाईया, मौसमी फल, जैसे सिंहाडा, सेव केला, कलर, तांबेया पीतल का, जटावाला नारियल, पान के पत्ते, सुपारी लोंग लाईची, मॉली,
01:57दूद दही, घीर शहद शक्कर, चोकी पर बचाने के लिए लाल या पीला कपडा, चांदी का सिक्का, आर्ती कि थाली
02:04घंटी और शवक, फिलाल इस विडियो में इतना ही, विडियो को लाईक और शेर करे, साथ ही चानल को सब्सक्राइब
02:11करना ना भूले

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