00:00मेरे वीर जवानों, इस बार मैं दिवाली मनाने बस्तर की जंगलों में आया आप, आप सब के बीच आया, ये
00:17वो भूमी है जहां कभी नक्सली आतं का कहर था
00:25और आप सब की त्याग तपस्या के कारण, उसी भूमी पर, आज नक्सली आतं का कहर खत्म हुआ, विकास की
00:41बाहर शुरू हो गए
00:46और साथियों, सान दोजार चब्विस के दिवाली बाकई विशेश हैं, चालिस पचास सान के बाद आपके लिए ऐसी दिवाली आई
01:00हैं, ये पहली दिवाली हैं,
01:03जब देश, नक्सलवात, माववादी आतं के खिलाप, दशों को पुरानी लड़ाई, जीत चुका है, ये पहली दिवाली हैं, जब देश
01:22का हर जिला, नक्सलवात से मुक्त है,
01:29ये पहली दिवाली हैं, जब करोडों देश वासी, नक्सलवात के भय को परास्त कर चुके हैं, ये एक असाधर उप्लब्दी
01:47हैं,
01:49इसका बहुत बड़ा स्रे आपका है, आप जैसे लाखों बीरों का, जमानों का, बेटे बेटियों का, सुरक्षा कर्मियों का है,
02:06इसलिए आज मैं आपके साथ दिवाले मना देहाया हूँ,