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Saaya Episode 1 | Pakistani Horror drama | NEXT EPISODE

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Transcript
00:00खूँ आपको यह कुला आपको आपको आपको नहीं तो आपको आपको अधिया है आपको अधिया में पिस प्राम का खाए यह ज़ित अरे बेगम आए दिन तुम्हें सरदर्द की सिकायत रहती है
00:29मत तारी किया करो अपनी उपर इतना बोज है, खुश रहा करो, मेरी किस्पत में खुशिया है ही कहा, ना तुम से कुछ मेरा और ना ही तुम्हारे बेटे से, अब ऐसा भी नहीं है अतीखा बेगम, मेरी बदौलत तुम्हें दो हो नहार बेटे मिले हैं, एक प्यारी सी बेट
00:59वो बेटों को जनन दिया, अब इसे भाद तुम्हारा क्या कमाल है, हैं, भाते करते रो, चलो तुम्हारा ही कमाल सही, अब तो खुश हो जाओ, अफसूस होता है मुझे तुम्हे इसतरह तक्लीफ में देख आख, अब तुम्यारा सrière क्सक्त दर्द केसा है, मेरा सर्दत तो
01:29यह एपर जहन से सोने भी नहीं देढ़ी है, अरे भही आभी अभी बसुमर में यह बच्ची नहीं लड़ेंगे तो क्या हम और तुम लड़ेंगे?
01:37यह बच्ची नहीं है, आफथ की पुढ़ीया है
01:41जा के देखो मेंगा
01:45तूँँग!
01:46यह बड़ो का गेम है और अभी तुम छोटी हो
01:49नो, I am a big girl, तुम छोटी हो
01:51तुम्हें कुछ भी नहीं पता, तुम्हें अभी 5 प्रे आज की और मैं 7 अर्स की
01:55तुम्हें मुझे, तुम्हें, तुम्हें, तुम्हें होता है
01:59अरे यह क्या शवर मचा रखा है तुम्हें और ने, ऐसे तुमाशे, स कुछ मचाशने लगाए करो
02:04तुम्हें हो, Sualiah अरी ओुetry, मेरि और सुन्हें ंवास नही appreciative
02:09जी अम्मी, अगर को डांट नहीं है तो आप मुझे डांट लीजे, पर तेरी बेटी एंस घर को सुकून नहीं दे सकती, तो फिर मैं इनका क्या करूं।
02:33अम्मी, अगर को डांट नहीं है तो आप मुझे डांट लीजे, पर इनके सामने कुछ मत कहीं है, तर जाती है आपसे।
02:43अगर ये डरती है तो मेरी बला से, ये समझा दे इनको कि मुझे इनकी आवाज भी नाया करें।
02:49कौफ दूती है मुझे, उमर भर की मिनत पानी फिरती नजर आ रही है।
02:55अमी, मैं आपसे माफी मांगती हूं।
03:00आज के बाद गुडिया और पिंकी की वजा से आपको कोई शिकायत नहीं होगी।
03:05और अगर हो गई ना, तो इनकी खैर नहीं होगी और साथ में तुम्हारी भी।
03:10खाने लगाके तो मुझे, शेला हा रही है।
03:14गुए नहीं होगी।
03:32क्या हो गया?
03:33अम्मा, दाल में तो नमग है नहीं और आपको यह सालन भी ना?
03:37पस्लिए मा, क्या बथाओं।
03:39तेली तेले साई से भुना भी नियरा?
03:41अद्मजा, अब मा इस तरह का खाना के लागा था ना मुझे बता देती अपने घर से बेहतरीन खाना के लादिए
03:51अवी शैला, मुझे तो खाना बिख लाग रहा है, त्षैका भी बिल्कुल थेही है
03:57भजी नमग भी ठीक है और राय का अच्छा है
04:02वही हमारा दामाद है ही इतना अच्छा, मजाल है जो सोस्याल की किसी भी चीज़ को पुरा कहें
04:08शैला इस घर की लाडली बेटी है, थाने में मिम्यक निकालकर कुछ ना कुछ चटपटा बनवाना इसकी बच्पन की यारा थे
04:17अपको याद है अपको
04:20क्यों यार नहीं होगा तुम आखर इस घर के लौटी बेटी हो अरे शुकर करो के इन्हें भी कुछ याद है लेकिन मुझे अपनी बेटी की बच्पन की छोटी से छोटी बात याद है
04:33अज़ा याद है वसीन जब ये इतनी सी वाकत है किया तो किचब में छुटकर चोरी-चोरी आचार खाया करती थी
04:40अए अमाह इस तरह की बाते करके कर अज़को मस्रीम भीसानु अज़े शर्विदा तुना का है
04:46अरे भाभी आप से ठीक से चला भी जा रहा है आप बैठ जये हम ऐसाथ थाना है
04:55अरे भी क्यों बैठ जाए इसे हम बिठाने के लिए कर लाएं कोई तो सुप हमें पहुंचाए ये
05:02अधिका बेको सालिया के खाने का भी टाइम हो रहा है और इस हालत में इसका बुकर है अच्छा में अच्छा में जाए इसकी सहत बड़ी ही नमन्भूस लड़की है ये तुम देख लेना कि इस बार भी बेटी ही पैदा करेगी है
05:19मैं करम रोती लेकर आती हम
05:24अरी बीबी जाना है न तो हस्पिताल जाब जाके पूछ कि अपकी बार बेटा है ये इस बार भी बेटी लेकर ही आएगी
05:32अच्छाला है अच्छाल कराया है तुम्हें नहीं तुम्हें कि बेटा हो या बेटी मुझे और राशित को दोना ही को बूला
05:43और ये तो खुदा की मर्जी है न कि किसकी जोली में वो क्या डाले है वैसे भी कुछ महामलात में इंसान काव कोई बस नहीं चलिए
05:57नहीं चलिए
06:07अच्छा तुम लोगों ने कि मूख खोलकर फर फर जवाब देगेगे
06:12मुझे तो लगता है तुम्हें ये ब्लद प्रेशर की मरीज़ा बना के छोड़ेगी
06:18है है मेरे राशित की तो किसमत ही पूट गई है
06:24पिंकी गुढ या देखो ममा क्या लाएं नूडल्स ये लोगा आगो के बैठो
06:31इसे मामा को कहते पता चला हमारे नूडल्स काने को जिल चाह रहा था
06:36वो ऐसे क्योंकि ममा को अगने बेबी के बारे में सब कुछ पता होता है कि यूंका दिल क्या चाह रहा है
06:42अच्छा मामा, अगर आप भड़ी हैं, तो आपको यह भी बता होगा, किर दादी नहीं दोनों को क्यों डांटा हूँ?
06:49मामा, आपको पता है, हम दोनों को दादी बिल्कुल भी नहीं अच्छी लगती हूँ
06:54पुरी बात पिंकी, ऐसा नहीं बोलता हूँ
06:57और यदादी क्या होता है? दादी जान कहता हूँ
07:00तेखो, वह बड़ी है नहीं गुस्सा आ जाता है
07:02और आप दुनों को अच्छे तरीके से पता है कि नहीं आपको क्यों डांटा है
07:05इसले कि हमने कोई मिस्टेक कर दी होगी
07:07अरिवा, मेरी गुडिया तो बहुत इंटेलिजेंट हो गई है
07:11बिलकुल सही कह रही है
07:13आप दुनों चीख रहे थे चिला रहे थे तो को अच्छी बात नहीं होती ना
07:16बुरी बात है
07:17इसले नहीं आपको डांटे है
07:18तभी घुस्सा आ जाता है
07:19वो बड़ी है कोई बात
07:21मगर मामा आप तो नहीं लड़ रही थी
07:23तो जादी ने आपको क्यों डांटा
07:25वो
07:27अब वो
07:29इसले डांटा क्यूंके
07:31जैसे मैं आपकी मामा हूँ
07:33मैं आप दोनों को डांट सकती हूँ
07:35ठीक वैसे वो आपकी मामा की ममा है
07:37मामा इसलिए वो भी मुझे डाल सकती है
07:39यह तो में पते ही नहीं था मामा
07:41आपता चल गया ना चलो खाओ
07:43पिंकी खाओ
07:45मामा यह बदबफ क्यो होता है
07:53रखो उसे खाओ
07:55ठंडा हो रहे है
07:57अरे कहां रहे है वसीम
08:07अमा फोन नहीं उठा रहा में क्या करो
08:09वेगम आज तो बहुत प्यारी लग़ी हुता
08:13जी भर के देख लें आप फिर कभी ऐसा तयार नहीं होंगी
08:17रजब खुदा का अरे इतनी बुरी बात तो अपने मूँ से मत निकालो
08:21हाई हाई मैंने कौन सा कह दिया कि जी भर के देख लें क्योंके मैं मनने वाली हूं
08:27मैं तांग आगी हूं साल ग्राओं और हकीकों पर जा जाके और खाने खाका कर
08:31हर तरफ से यही आवाद आ रही है कि
08:33अतिका बहन आप कब कोते की खुशखबरी सुना रही है
08:36अरे मैं तो कहती हूं आग लगे इन तकरीबों को
08:39अरे अरे अब इस तकरीबात का क्या पुसूर है इसमें
08:43अब आपको यह बात है ना समझ में नहीं आएंगी
08:46लोग इतनी बातें बनातें पनाते हैं ना मा
08:49याद है मार, एहसन के बैदा होने से पहले, तबने मुझे क्या कहा था?
08:57के शेला तयार हो जाओ, सारी जिन्दे की बातें सुन की कान पक जाएंगे तुम्हारे.
09:04लेकर अल्लाग का लाग लाग शुकर है, उसे मुझे बेटा दिया.
09:08फिर जब एहसन पैदा हुआ, मैं सीना तान के उन सब लोगों के सामने हासर हो गए, जलकर मर गए सारी अरे बहु ये औरतों की बातें तो मेरी समझ में ही नहीं आती है, बहु अल्लाग का शुकर है कि हम मर्दों को इन बातों की कोई टेंक्शन ही नहीं होती है, तो मैं भी उ
09:38प्रेशर हाय करती है, आज नहीं तो कल राशिद भाई को भी अंदाजा हो जाएगा, कि आप ठीक के अलेए, जब बेटियों के फराइज अदा करते-करते ठक जाएगा ना बो, तो फिर एक दिन खून के आंसू रोएगा, बिल्कुल सही बोल रही अमा, अच्छा तुम फो
10:08बेटा होगा तो आगे नसल बढ़ेगी, जब बेटियों के फराइज अदा करते-करते ठक जाएगा ना वो, तो फिर एक दिन खून के आंसू रोएगा, अमा, आस्वाले, बोलो, अब क्या कह दी अमी, आपको प्राइज अदा करते-करते थक जाएगा ना वो, तो फिर एक
10:38आपको कैसे पता है, जैसे तुम्हारी आखी मुझे सारी बातें करती है, ऐसे ही तुम्हारी खामोशी भी मुझे सब कुछ बता देती है, राशिद मुझ से अफसाह नहीं जा, जब की दरूरत है आप, आपक आएगे, मैं बस थोड़ी दिर में आ जाओगा, एक पार्टी �
11:08यह मेरा वादा है तुमसे, परोसा है ना मुझकी
11:30अब च्या बात है शैलभा अची, आपके इतने जल्दी आ गया गया इच अब घरियत है、 ना?
11:37यह तुम्हारी जो माह है वो बड़ी हसास हो गई लोगों की बाते इनसे सही ली जाए है
11:44मिस्स चालदा के पोते के अकीके पर गई थी मैं पता नहीं उन्होंने क्या कुछ सुना दिया मुझे
11:51कि अधिका भेहन आपकी किसपक पोते की खुशी है ही नहीं तो हमारे पोते से ही खुश को लें
12:01कि अधिक अधिक अधिका मुझे यह बात तो आजराह हमगर्दी की थी मगर उनकी यह बात तुम्हें तीर की तरह लगी वैसे एक लिहाज से तो ठीक ही कह रही थी जब अपने घर में खुशी मिल ली ही नहीं तो इंसान बाहर सा यह खुशी तलाश करेगा ना
12:16गरे-गाना यह सब तो गुटरत कमा तुम तो चुपि रहो साजित बडाया वाभी तरफदार प्रफडार नहीं मां क्या जानू किया इसे मेरे दोना भाईयों पर इंडी जा शेन आ भाशी बजा सिन अभी को संझे महीं को सच आप ही बढ़ी के साथ जाती कर रही है रिस्क
12:46अब ये दिन आगे हैं कि तु मां के साथ जबान चलाएगा, हैं, उस मां से पत्तमीजी करेगा जिसने तुझे बोला जखाया, और वो भी, वो भी इस बांज आउरत के लिए
12:55अब अपनी बहु को बांज तो नागवा जिता, कम से कम तुमारे बेटे को उसने बे आउलाद तो नहीं रखता है, ये जो हर दो मिनिट के बात आप इसकी हमायद में बोल पड़ते हैं न, मैं बता रही हूं कि इसका नतीजा अच्छा नहीं होगा, जो अब बेटा नहीं पै
13:25करात संपनी के बड़ते हैं, ये उर《र्चरी घटां》 सिक्षपड़।
13:55कर दो हुआ है
14:25जोड़े भावे, मट्टे डालें की बातों करें, बात को बढ़ानो और दुसरों को तक्रीफ मचाने इन दोगों की फिला बजे की आधा था था, आप संभाले खुटकों,
14:48साजिद तुम तुम बैठों में तुम्हारे लिए खाना लेकर आती हूँ, मैं खुद ले रहूँ आप, आप सहमत करें, इसमें सहमत की कोई बात नहीं, तुम बैठों वहां पर मैं खाना लगाती हूँ, राशिद भी आने वाले हूँ,
15:18दूजए हूँ, शितना नहीं और की विए, हूँ हूँ, अए, है, हूँ आप सहँ।
15:41वाइदा रामान बिल्कुल कसम से अरे राशिद बेटा आओ ना बैठो बैठो बैठो आगे अगे अबी मुझे एक बाद समझ में नहीं हारे अब अब इजास से किसी को इस कदर अजियत देने के बाद इस तरह कैसे कैसे कहके लिगा सकी है और हम हम अमा अमा अमा समझ में आ�
16:11को सोला देन कान हदि एट अनके अव वह बैशारी मेरे कान क्या बहरी नहीं हमें जिस भकारत से अब मेरी बीजी को बांच बोल रही थी ना इक किन मानी टी मेरी अधारी उगिए कि मूल इस दाग पर कई अड़ा है कि मैरी बीबी से ता सुलुक कर एसे स hm ए अभ आ ए सकति ह
16:41क्यों जयाला बताएजे।
16:43हाँस सबसे जादामी मुझे डाकती है
16:46मैं तो किसी से चुटी नी करती
16:48और बदले मैं जयाला आपको क्या कुछ नहीं सुना देधी
16:51पर वो बजाणी तो किसी से कुछ कहती ही नहीं
16:56सेरफ वहीं पिचारी है ना इस घर में
17:01पेजबान, हम नहीं आमा हुआ नहीं बिल्कुल नहीं देखो जरा किसे इल्दाम लगा रहा है अप्राप में
17:13आप दोनों से बात करने का
17:17कोई फाइदा नहीं है
17:21इसलिए जिए जिए जिए जिए जिए आप आप
17:31कि अप्राइदा की जिए जिए इसा कि मेरे भी मुझे जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए आप
17:49लाओ मैं तुम्हेरी हल्प करता हूं
17:52मुझे यसा क्यों लगता है कि मेरी बीवी मुझसे कुछ कहना चाहती है लेकिन इंबत ने जुटा पारी है
18:03समझ नहीं आरा कि अगी बंद कर बात करूं या माँ बंद कर
18:10लगी
18:13मैं अभी सिर्फ और सिर्फ अपनी स्वाले को सुना चाहती है
18:19आपने कभी मुझसे एटे की ख्वायश नहीं की
18:24मैं आपको एक अकमबल सैंदी नहीं रे सकी तो क्या आपको इस बात का मनान है
18:36बिल्कुल नहीं तुमने मुझे अपनी पूरी जिंदगी दे लेगी
18:43जिंदगी के इस सफर में मैंने पुद को हमेशा
18:47तुम्हारे साथ मुकमल पाया है
18:50तुमने मुझे गुडिया और पिंकी जैसी सच्ची और अन्मोर खुशियां दी नहीं
18:55तो जब मेरे शोहर को मुझसे को शिकायद नहीं
18:59मेरी जिंदगी को जहान्रूं क्यों बनाया जाने
19:03राशित औलाद की पर्चियां मिलती है क्या
19:09जब दिल चाहा पेटे की पर्ची निकाली और पहदा कर दिया
19:14आज जानते हैं पिंकी ने मुझसे क्या पूचा कि ममा ये बदबख्त क्या होता है
19:28ये आज से पहले घुट को इतना वेबस कभी मैसूस नहीं किया
19:34आशित हमारी बेटियों के मूँ पर उनके पीट पीछे बहुत सारी बाते सुनाई जाती
19:42मैं एक बेवी के हैसित से सब कुछ सहलूंगी नाशिक है
19:47अगर अपनी बच्चियों के लिए एक मा खामोश नहीं रह सकते है
19:54कि शक्सियत पर भी बुरा सर पढ़ती है
19:59सुम ठीक कह रही हो
20:02पिकन अब मुझे बताओ कि इन तमाम असाल का हल क्या है
20:07आपका काम लोगों को घर दे लाना है
20:11तो एक घर अपनी बीवी को भी दिलादी है
20:15मैं अब इस घर में एक दिन और नहीं रह सते
20:19आशीड नहीं रह सकती जए अब मुझे मैं
20:23अजर ठीक है मैं मैं और जार्वान से बात करताम
20:31हाएै अल्लाह मैं तो दूँख गई बर्माद हो गई
20:37हाए मेरा को करेजा मूख कुआ रहा है यह हो कागा
20:40मेरे कान ऐसी बादे सुनने के लिए रह गए थै जान नगा अमीद क्या हो कि आप रो क्यों रही है
20:47क्या हो अमा अमा बताओ क्या है तुम है क्या बताओं शेहला मैं तो हाथ जोड़ दर्स के सामने अपनी मुहपत का इसाहिद दलाने गई थी
20:55लेकिन मेरी तो अमत मारी गई थी मैं उस और चली गई जब जे राशिद के साथ अलग घर में रहने का प्रोगराम बना रही थी
21:02अरे मैंने तो राशिद के सामने कभी इसकी बुराई नहीं की लेकिन बदले में बदले में ये हमारे खलाफ शिकाइटों का परंबे खूल के रही थी अरे कैसी मेरी मुहपत को जहर की तरह उगल रही थी ये
21:15सॉलिया मुझे बिटा तुम से यह उमीद नहीं थी
21:19है तुम हमसे हमारी दी और अच्छी को अमी आपकी अपनी महपत में कितना जहर है मैं अच्छे तरीके से लाए जजदिन सबाभी इस गर में आई है को एक दिन ऐसा नहीं गुज़रा जजदिन इंके साथ कोई बुरा सुलुक ना हुए
21:33अच्छी कि तुमने देख लिया किस तरह ये मां के खिलाफ गेंची कितरा जबान चला रहा है इस और अच्छी तुम्हारी तुम्हारी सुलिया से अलाइद की में इस घर का स्कून है
21:58कर दो अब अच्छी कि अच्छी कि अच्छेएं आप क्ट्रों की तलाह करादेना जाते हैं अरे नहीं बीबी तुम अपने मिया की बीवी बन करे रहो लेकिन इस घर से तुम्हें अकेले ही जाना पड़ेगा हां तुम्हें मैं और मेरी बच्छी एं इनके बगए अकेले र
22:28वेखाने बच्चों को क्यों अमा?
22:29वाफ!
22:30कोई मेरी भी सुनेगा के मैं क्या चाहता हूँ!
22:33बोलो गटाज
22:36वेखाला पोई जाए
22:38मैं अभी इसी वक्त
22:39अपने बीवी बच्चों के साथ इस घर को छोड़ जाए एक गाए
22:42पाज़ बस्टाज में अभी किसा अभी साथ इसका को पसुदागों हो सब्सक्राइब जाए
22:50देके उकाने यादि है तरही में अपने जाए जाए
22:52आंसे बाद भुस हीना है ये किसरे सब्सक्राइब है इसका
23:12वेगर मगर राशिद ला गया तो हमारा क्या होगा हमारा तो एक ही कमाउपूत है अपर साजित की तो आमदनी ही कितनी है ठीक कह रहे हो तुम ये सब आश्वार आम खत्म हो जाएंगे
23:40बैसे भी सालिया ये बात अच्छी तरह जानती है कि ये घर उसके शोहर के पैसो से चलता है तब ही तो अकड़कर वो इतनी बड़ी बात करके चली गई है
23:49देखो कुछ भी करके तुम्हें उसे रोगना होगा और फिर मैंने तुम्हें कितनी बार समझाया कि उसे इतना बुरा भला मत कहो
24:01लेकिन मेरी यहां सुनता ही कौन है अरे मुझे क्या पता था कि उसकल मुही के मुह में जबाना जाएगी
24:08अम्मी अम्मी वसीम आ गया है मैं हस्पिताल जा रही हूँ राश्ट भाई ने कुछ चीजें मंगाई थी ना इसलिए
24:15चली जाओ लेकिन उस सौलिया को ज्यादा मू लगाने की जरूवत नहीं है
24:20हाँ हाँ अम्मी ठीक है अच्छा ये बताएं कब तक आएंगी आप हस्पिताल अगर पोता हुआ तो आउंगी
24:28वरना मुझे क्या पड़ी अपनी नेंद खराब करने की
24:31अच्छा प्रद की जा रही हुए और देरो रही है
24:34काम होने से पहले में तुम एतनी बुडी रखन नहीं दे सकता
24:37श्ग कामात में लिया बाग है ना है अच्छा नर्स तुमारा कभी कोई काम नी करीगी
24:42आज इसको पहले वे डिवास दे चुका हूँ, पहले बेटे को बंदुबस करो, बागी रिकम बादों मिलेगी
24:48सर्फ, देखती हैं, अगर टॉक्टर नाज्य को इस पारे में ख़ब भी लग गई ला, तो हम सिता जेल जाएंगे
24:55अर्यासी कैसे थी, डॉक्टर मेरा प्लान खराब कर सकती है, मैं पहुंचे यह चीज़ हो है
25:01पौट की यह चीज़ होना का फायता है गया, तब बेटा पैदा नहीं कर सके
25:05कर सके पैदा नहीं कर सको तो क्या है अगर इतना ही पैसे है ना तो मुझे भी मेरे काम को हिस्सा मिलना चाहिए
25:15आगर मैंने भी तेरी दुपता लगने नहीं है कि उसके यह बेटी क्यों मिल है
25:20हाँ हाँ, कर दोंगा तुझे भी खुश तो बहले मेरा काम करते
25:24करते हैं अच्छा ठीक है मैंस्ता डॉक्टर नाजिय को लिकाम में अच्छा पराती हूँ इससे हमारे कम और असान हो जाएगा
25:31जागा
25:33तुमने हिम्मत से काम लेना है
25:45मैं हर कदम पे तुम्हारे साथ हूँ
25:48मेरा दिल कहता है राशिद कि इस दफ़ा हमारा लड़का ही होगा
25:52और फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा ममी
25:55मुझे कबूल कर लेगी
25:58अगर बेटी भी हुई ना
26:01तो मुझे दिल औ जान से कबूल है
26:04राशिद अगर मुझे कुछ हो गया ना
26:07तो आप हमारी मच्चियों का ख्याल रखिएगा
26:09उने कभी मा की कमी महसूस मत होने दीजेगा
26:13क्या आप वसूल बाते करी है तो
26:20डॉक्टर नाजिय के पास एक एमर जंजी केसा गया है
26:23तो आपकी वाइफर केस से हमारी सेनियर संभालेंगी
26:26लेकिन स्वालय केस तो शुरू से ही दॉक्टर नाजिया देख रही थी
26:30कोई कोई कॉम्टिकेशन ना हो जाया थी
26:33देखिए मिस्टर आशिद आप परिशान मत हो
26:35मैं भी बहुत सीनियर हूँ
26:36बातों में बग्जाया करके अपनी वाइफ के केस को
26:39कॉम्टिकेटिड ना बनाएं प्लीज फिलहाला बाहर चले जाएं
26:42और हमें अपना काम करनेते
26:49मैं ता बाहर
27:09राशिद का फोन आगया पता निया क्या ख़ब सुनाएगा यह
27:19अर्य भाई उठाओगी तो पता चलेगा ना
27:21हैलो राशिद क्या हाले सॉालिया का
27:26अब इस वालिया क्या हाले तो मुझसे देखिने लिया गए
27:29लो भाई इसमें परिशाने वाली कॉनसी बात है
27:32तीसरी बार इस महले से गुजर रही है वो एक बात पुछो आपसे अगर बेटी हुई तो आप
27:41आप सॉल्हा को कबोल कर लेंगे लिए अब चाहें बेटा हो या बेटी इससे क्या फरक पड़ता है लेकिन
27:50मा की महबबत का यह हर्गेज मतलब नहीं है कि मैं तीसरी पोती पर भी भागी चलिया हूं इस्पताल
28:05मुबारा को आप क्या बेटा हुआ है विए साथ पॉन का
28:14कोई इंपोमेशन तो नहीं दी पेशेंट को
28:16नहीं सिर भी यह पता है क्या बेटा हुआ है
28:19क्यों बता दिया
28:25आचा चलो वात बेशी के आलद में इसको कुछ बतानी चलेगा
28:30तुम एक महीने के चुट्टी लो और वारण चली चौँ बाकी मैं यह सब सभाव मूरी
28:34जाओ
28:45राशित
28:49राशित
28:51राशित
28:53राशित
28:55राशित
28:57राशित
28:59राशित
29:01जिए ने लिए वाले आँ
29:05स्वाल
29:07राशित
29:09राशित
29:10जब उन्हादो का
29:11घर पे सब कितने खुश होंगे ना राशिद
29:14काश में अम्मी से मिल पाती
29:20मैं उनकी आगों में अपने लिए प्यार तेख पाती
29:25क्या मतलब सॉल्यम है अज़ाने
29:30राशिद
29:33राशिद
29:34जब अम्मी अपने बोते को अपनी गोद मिलेंगी उसे
29:40प्यार करेंगी तो
29:42कि सारी शिकायते दूर हो जाएंगी ना
29:44सॉल्यम होता नहीं
29:49कुटी
29:52अशिद
29:55आप यह क्या कह रहें
29:58हमारा बीटा हुआ है ना
30:01सॉल्यम हुआ तुम्हें क्या खरत्स रहनी ही हुए
30:04इसा कुछ नहीं है
30:07हमारे घर तीसरी भी बेटी कादा होगी है
30:12राशिद आप आप आप कैसी बाते करें आप वोस्ट में नहीं है
30:17हमारा बेटा हुआ है राशिद आपको कोई धोका हुआ है
30:21मेरा बेटा कहा है बेटा थोड़ी देर में नर्स आपकी बेटी को ला रही है
30:33तुम लोग सब जूट क्यों बोल रहे हो
30:36मेरा बेटा हुआ है ना बेटी क्यों कह रहे हो उसे
30:39जी मैं कुछ समझी नहीं
30:42मैं क्यों जूट बोलूँगी
30:44मैंने तो बस इतना काया के नर्स थोड़ी देर में आपकी बेटी को ला रही है
30:48तुम अच्छे तरीके से जानती हो ना
30:50मैंने बेटे को पैदा किया है
30:53तुम लोग सब यह जूट क्यों बोल रहे हो
30:56राशेट यह क्यों ऐसी बाते कर रहे है
30:58नर्स ने खुद मुद से कहा है
31:00नर्स थो आपसे कोई बात ही नही किये
31:02बेगुशी की आलत में इनको कोई गलत खैमी हो गई है
31:05और राशे साब इनका यह इस तरह से इस्प्रेस लेना चीक न चिलाना
31:09इनकी सेहत के लिए मुदर साबित हो सकता है
31:12इनकी बेटी को कॉट में लिटाओ
31:14राशे मेरी बीवी को इतनी बली घलत खैमी कैसे हो सकती है
31:21नाजिया का है उझे अभी इससी वक्त उनसे बाहत है
31:24वो तो अभी दुस्रे केस में बिजी है
31:28देखें हम इनके जजबास समझ सकते है
31:31लेकिन यू इस तरह से डिप्रेशन लेना इनके लिए खतरनाक साबित हो सकते है
31:35आप इनका महत खयाल रखें
31:38राशेद राशेद मैं सच पोल रहे है वहारा बीटा हुआ था
31:43आप पता, राशेद दीयवाइ पीटि, यह राशेद आ पुझजझे रूचे ने, यह राशेद, माम पोसेते जूलेए ने, यह राशेद
32:01अलम, वो वारत्तमी
32:08माशालला, कितना प्यारा बच्चा है
32:17इसको देख के तो लगी नहीं था कि इस तुम दोनों का बेटा है
32:20कितनी प्यारी सूरत है, किस पे चलागे बच्चा?
32:26शुरू के चार महीने तो बच्चे अपनी शकल पदलते हैं
32:29बाद में ही पता चलेगा कि किस पे गए
32:31मैं बड़ी नसीबों वाली हूँ
32:33खुदा ने मुझे तीन बेटियों के बाद एक बेटा दिया
32:35और मैंने तो इसका नाम भी सोच लिए
32:37अकबर बाद्शाँ
32:40और क्या, हमारा बेटा किसी बाद्शाँ से का मैं कै
32:44राहिला, अब आपके तेपक बिल्कु ठीक है
32:49अगर आप चाहें तो कल थो बड़ी स्टाँच हो सकती है
32:51शुक्रिया
32:53बाजी, अगर आज की राद आप यहां गुजार लेती हैं तो क्या चला जाता
33:08पिंक्य और गोडिया इतनी डरी हुई
33:09इतनी मुश्किलों सो सुलाए मैंने दोनों
33:11देखो साजद, तुम्हें तुम्हें तुम्हें बाई, भावी और बतीजियों के इलाव और कुछ सूचता नहीं
33:16मेरा एक अधर सुलाद है
33:17एक सास है, मिया को देखना पड़ता है, एसन के सौन अखरे होता है
33:22कहां तक मैं देखू मैंके को
33:23पाजी मैं भी सिर्फ आज का ही कह रहा हूँ, कौन सा में रोज रोज आपकी ज़रूरत होती है
33:27अच्छा ठीक है ना, देखो साजद में तुम्हें बेकार की बहस में नहीं पड़ना चाहती है
33:31अब तुम्हें उनको सुलाया दिया ना, कब सुभा नार्सा भी करा जा ना
33:34और देखो यो बात-बात में मुझे और अम्मी को तंग मत किया करो तुम
33:38बड़े अफसोस की बात है
33:39भाई के बच्चों के लिए बहन के दिल में जगा नहीं है
33:48चाचू
33:49मुझे अम्मी के पास लेचल है
33:53मुझे अम्मी के बहर बिल्कल भी नहीं अच्छा रगता
33:56बेटा बस आज रात की बात है
33:57अमा आपके लिए एक बहन लेने गई
33:59सट चाचू?
34:00हाँ, और
34:02कल मैं आप दोनों को ममा से मिल्वाने लेचल है
34:05आप सोचो
34:06गुट नाइट
34:20अपता है अपता है
34:22कि मां बेटी के लवज से नफरत है
34:25भी कंबख्त मुझे फोन करके कहता है
34:27अम्मी मुबारिक हो बेटी होई है
34:30यह जह क्यों नहीं समझता कि बेटीों का घर मुसलसल पैदा होना
34:33सोग का मंजर होता है
34:35अरे तुम भी हद करती हो अतिका है
34:39अब तुम्हारी खुशी की खादिर वो बेटी को बेटा तो कहने से रहा
34:42खुशी?
34:43अरे मेरी खुशी तो इस सौलय के बची ने जलाकर राख कर दिये
34:47एक दफ़ा बहुरानी घर आ जाए
34:49इसका जीनाना हराम किया मैंने
34:51तो मेरा नाम अतिका नहीं
34:53अरे भाई ऐसा क्या करोगी तुम?
34:55ये तो वक्ती बताएगा कि मैं क्या करूंगी
34:57अरे इन दुनों के घर आते ही ना
34:59मैं कुरान खुआनी करवाओंगी
35:01ताकि घर में ये जो नहुसर पहली होई ना
35:03ये खतम हो जाए
35:05अरे भाई जो चाहे करवा ले ना
35:07लेकिन अब मुझे तो सोने तो
35:09हाँ
35:11तुरान खानी करवाओ चाहे जोड़ी करवाओंगी
35:21राशित मुझे
35:23फुरा भरोसा है कि आप
35:27मेरी इस बात पर जरूर सोचेंगे
35:31मैं अब
35:33मैं अब उस गर में नहीं रहोंगी
35:35तो फिर कहाँ जाओगी
35:37अपने गर में राशित
35:41जहां मेरी और
35:43मेरी बेटियों की इज़त हो जहां
35:45जहां में इज़त से रह सके
35:47मुझे अन्हादा है कि
35:51इस बच्ची को देखके अमी का बताउता होगा
35:57देखके
35:59सॉल्या हमें हिमत से काम देदा होगा
36:01आखिर को इनका खोन है उए अपनाना ही होगा इसे
36:05राशिद
36:07पुझे यकीन है कि यह
36:09यह
36:11यहारी बेटी नहीं है
36:13सॉल्या है
36:15तुम इस बात को मान क्यों नहीं को थी
36:17कि तुम्हे घलत हैमी है
36:19राशिद
36:21एक माह का दिल कभी घलत नहीं हो सकता
36:25तुम इस सच से भाग दीज़ती शॉल्या हो
36:29अभरे उना तुम्हे सच को और एस इस वच्छी जो टोना को कबोल दूना होगा
36:37अगर मैं इसे कबोल कर भी लूँ तो क्या तो क्या आपकी अम्मी इसे कबोल कर लिंगी
36:44अगर आपको आपकी अम्मी और बीवी में से किसी एक को चुनना पड़े
36:57तो आप क्या करेंगे
37:00अम्मी के कहने पर मुझे तलाग दे देंगे
37:14अम्मी करेंगे

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