बस्ती जनपद मे राम जानकी मार्ग एनएच-227 ए पर किसानों की भूमि का बिना मुआवजा दिये जबरिया सड़क निर्माण करा लेने का मामला अब गरमाता जा रहा है। किसानों की गिरफ्तारी को लेकर भी क्षेत्रीय लोगो मे आक्रोश बढ रहा है। सैकड़ो किसानों संग सपा नेता सिद्धार्थ सिह अब धरने पर बैठ गयें है और उनकी माँग है कि यदि बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण कार्य नही रूकावाया गया तो यह धरना अनवरत यैसे ही चलता रहेगे, सिद्धार्थ नाथ सिह ने बताया की जिलाधिकारी के आदेश का पालन भी प्रोजेक्ट मैनेजर नही कर रहे है यदि बिना किसानों के जमीनों का मुआवजा दिये सडक बनाई जायेगी तो आने वाले दिनो मे स्थितियां विस्फोटक हो सकती है। फिलहाल जिले के उच्चाधिकारी अभी तक किसानों के प्रतिनिधिमण्डल से वार्ता तक नहीं करने आये हैं ऐसे में किसानों का कहना है कि दुबौलिया क्षेत्र में मुण्डेरवा काण्ड जैसे इतिहास की पुनरावृत्ति हो सकती है।
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आवास विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो किसानों ने एनएच-227 ए के प्रोजेक्ट मैनेजर के विरूद्ध किसानों की आराजी भूमि पर जबरन कब्जा करने के कारण धरने पर बैठे हुए है और जिन किसानों को जेल भेजा गया है उनकी रिहाई की माँग कर रहे है, वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर के ऊपर मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अडे हुये है, सिद्धांत नाथ सिह ने बताया कि हमने जो ज्ञापन दिया है उसमे रामजानकी मार्ग पर किसानों की आराजी भूमि पर एनएच-227 ए के किलोमीटर संख्या 0.00 से 55 किलोमीटर के मध्य जबरिया कब्जा किया जा रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट मैनेजर के विरूद्ध किसानों की जमीन पर जबरिया कब्जा की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर किसानों के आराजी भूमि की सुरक्षा किया जाय।
किसानों ने कहा है कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिया है कि किसानों को मुआवजा देने के बाद ही सड़क निर्माण कराया जाय किन्तु इसका खुला उल्लंघन जारी है। यदि किसानों को बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण कराया गया तो स्थितियां विस्फोटक हो सकती है। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।