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  • 6 years ago
प्रधानमंत्री के पोर्टल पर भ्रष्टाचारियों की शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है क्यों की भ्रष्टाचारी पीएम के पोर्टल पर किए गए शिकायत की ऑफिस में बैठे और मौके पर बिना गए ऐसी रिपोर्ट लगा दे रहे कि मानो शिकायतकर्ता ने शिकायत करके बहोत बड़ी गलती कर दिया हो, और फर्जी रिपोर्ट लगाकर प्रधानमंत्री को भी भ्रष्ट अफसर ठगने में माहिर है, जिले के एक ब्लॉक के सेक्रेटरी ने ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया है,
गांव के घोटाले मामला पिछले एक साल से लटका हुआ है, और गौर ब्लॉक के चनईपुर गांव में प्रधान द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार पर्दा डाल रहे, इस गांव के भ्रष्ट प्रधान ने एक अदृश्य सड़क बनाई और सरकार से 4 लाख का बजट भी खारिज कर लिया, मगर गांव की जनता है कि उन्हें यह सड़क ढूंढे नहीं मिल रही अलबत्ता सरकार की वेबसाइट पर ये सड़क जरूर बनी मिल जाती है, ब्लॉक की ऑडिट टीम ने एक साल पहले गांव में जाकर सड़क को खोजा था मगर उन्हें भी सड़क नहीं मिली थी इसके बाद जिला प्रशासन को प्रधान के खिलाफ कार्यवाही के लिए रिपोर्ट भी भेजा मगर आज तक इस घोटालेबाज प्रधान के ऊपर कार्यवाही की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका, थक हारकर शिकायतकर्ता प्रवेश पांडे ने प्रधानमंत्री के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत किया जहां से जिला प्रशासन को एक हफ्ते के अंदर कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रेषित करने को आदेश हुआ, अब अपना गला फसता देख ब्लॉक के भ्रष्ट सेक्रेटरी ने बिना मौके पर गए बीडीओ की मिलीभगत से ऑनलाइन रिपोर्ट लगाकर भेज दी और शिकायतकर्ता व ऑडिट की रिपोर्ट को ही झूठा साबित कर दिया, जैसे ही इस बात की जानकारी शिकायतकर्ता को हुई तो उन्होंने डीएम से बात की और इस मामले से अवगत कराया, फिर पीएम के बाद डीएम के निर्देश पर गांव में जांच करने एडीओ पंचायत पहुंचे, उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की, जिस जगह सड़क बनने की बात की का रही है वहां भी एडीओ पंचायत कि टीम पहुंची लेकिन उन्हें वहां कोई सड़क दिखी ही नहीं। बहरहाल एक सड़क की जांच एक साल से हो रही लेकिन जांच पूरी नहीं हो पा रही, पीएम, सीएम और डीएम तक को शिकायत हुई बावजूद नतीजा सिफर रहा, अब देखना यह होगा कि सड़क का बजट गटकने वाले प्रधान पर कब और क्या एक्शन होता है।

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